×

ऐमिलियो डोरा को मैं आज भी अपनी पत्नी ही मानता हूं। वह आज भी मेरे हृदय के इतने करीब है, मुझमें इतना समायी हुई है कि मैं उसकी महक को महसूस करता हूं। मुझे अब भी ऐसा लगता है ...और पढ़े

ऐसे ही एक बार नार्थ इंडिया के एक शहर में ड्यूटी खत्म करके रुका। हालात ऐसे बने कि दो दिन रुकना पड़ा। वहीं एक कर्मचारी के साथ शाम को घूमने निकल गया। मस्त-मौला, खाने-पीने वाला वह आदमी बड़ा दिलचस्प ...और पढ़े

सुबह नींद खुली तो आठ बज गए थे। एसी फुल स्वींग में चल रहा था। उसकी ठंड से ही मेरी नींद खुली थी। नींद खुलते ही ऐमिलियो की याद आई। याद आते ही नजर बगल में गई। तो दिल ...और पढ़े

आने के एक दिन पहले उसने यह बात अपने अच्छे वाले सौतेले पिता को बताई तो उन्होंने कहा था कि ‘मैं तुम्हें रोक तो नहीं सकता। लेकिन मेरी सलाह है कि तुम्हें इस तरह किसी दूसरे देश में नहीं ...और पढ़े

ऐमिलियो ने अलग होते हुए कहा ‘ठीक है रोहिट। हम दोनों शादी करेंगे। लेकिन इसके पहले मुझे एक बार अपने देश जाना ही पड़ेगा।’ ऐमिलियो की हां ने मेरी खुशियों को एक झटके में सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। ...और पढ़े