trisha लिखित उपन्यास एक अनजाना सा इश्क

एक अनजाना सा इश्क द्वारा  trisha in Hindi Novels
लखनऊ, नवाबों का शहर। शाम के सात बज रहे थे। हजरतगंज की रौशनी, चौक की चाट की खुशबू और गोमती नगर की ठंडी हवा, सब कुछ रोज की...
एक अनजाना सा इश्क द्वारा  trisha in Hindi Novels
पापा के मुंह से "हां बेटा मजबूरी थी" सुनते ही आयशा का दिल टूट गया।वो भागकर हॉस्पिटल के कॉरिडोर में आ गई। पीछे अव्यांश खड...
एक अनजाना सा इश्क द्वारा  trisha in Hindi Novels
पिछले भाग का सार - आराधना अपने पिता के कर्ज़ की वजह से रेयांश की नफरत भरी दुनिया में आ गई थी। रेयांश ने सबके सामने कहा थ...