Dev Kumar Rawat लिखित उपन्यास अनाथ.

अनाथ. द्वारा  Dev Kumar Rawat in Hindi Novels
"जिस दिन इंसान नहीं, किस्मत रोई थी..." रात के ठीक बारह बजे... आसमान जैसे अपना सारा दर्द धरती पर उँडेल रहा था। बिजली की ह...