Jyotsana Singh लिखित उपन्यास सुलोचना.

Episodes

सुलोचना. द्वारा  Jyotsana Singh in Hindi Novels
भाग-१ सुलोचना! जैसा नाम वैसा ही रूप बड़ी-बड़ी आँखे गेहुँआ रंग लम्बे काले बाल, उसके रूप को और भी निखार देते थे। उसकी गहरी...
सुलोचना. द्वारा  Jyotsana Singh in Hindi Novels
भाग-२ एक शाम मणि के साथ उसकी पिशि के बेटे उसके हम उम्र बड़े भाई एम. के. दादा आए। एम.के. दादा और मणि की बहुत गहरी दोस्ती...
सुलोचना. द्वारा  Jyotsana Singh in Hindi Novels
भाग-३ एम.के. जब-तब उसकी तारीफ़ करके उसके मन को गुदगुदा देता। वह भी शाम को क्या स्पेशल बनाए यही सोचने में दिन बिता देती।...
सुलोचना. द्वारा  Jyotsana Singh in Hindi Novels
भाग-४ सासू माँ उसे ऐसे कटाक्ष करती ही रहती हैं। आज न जाने क्यों उसे बहुत बुरा लगा उसकी आँखे डबडबा आईं न जाने कौन सा दर्द...
सुलोचना. द्वारा  Jyotsana Singh in Hindi Novels
भाग-५ तीन चार साड़ी लाल और पीले रंग में पसंद कर चुकी तो एम.के.बोला- “आप को बस दो ही रंग पसंद हैं क्या?” वह स...