Man Ki Baat book and story is written by Kusum Agarwal in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Man Ki Baat is also popular in सामाजिक कहानियां in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मन की बात - उपन्यास Kusum Agarwal द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 7k 6.5k Downloads 21.3k Views Writen by Kusum Agarwal पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें उपन्यास विवरण अचानक से शुरू हुई रिमझिम ने मौसम खुशगवार कर दिया था। मानसी ने एक नजर खिड़की के बाहर डाली। पेड़ -पौधों पर झर-झर गिरता पानी एक कुदरती फव्वारे सा हर पेड़-पौधे को नहला कर उसका रूप संवार रहा था। इस मदमाते मौसम में मानसी का मन हुआ कि इस रिमझिम में वह भी अपना तन-मन भिगो ले। मगर उसकी दिनचर्या ने उसे रोकना चाहा। मानो कह रही हों, ‘हमें छोड़ कर कहां चली? पहले हमसे तो रूबरू हो लो।’‘रोज वही ढाक के तीन पात। मैं ऊब गई हूं इन सबसे। सुबह शाम बंधन ही बंधन। कभी तन के, कभी मन के। More Interesting Options लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी Load More Best Novels of 2026 Best Novels of 2026 Best Novels of January 2026 Best Novels of 2025 Best Novels of 2025 Best Novels of January 2025 Best Novels of February 2025 Best Novels of March 2025 Best Novels of April 2025 Best Novels of May 2025 Best Novels of June 2025 Best Novels of July 2025 Best Novels of August 2025 Best Novels of September 2025 Best Novels of October 2025 Best Novels of November 2025 Best Novels of December 2025 //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?> नए एपिसोड्स : Every Saturday Episodes Novels मन की बात - 1 - वहां आकाश और है........ New अचानक से शुरू हुई रिमझिम ने मौसम खुशगवार कर दिया था। मानसी ने एक नजर खिड़की के बाहर डाली। पेड़ -पौधों पर झर-झर गिरता पान... Read Free Novels मन की बात - 2 - अभी जिंदगी और है..….. New सुबह का 5:00 बजे का अलार्म लगा कर सोने की आदत पुरानी हो चुकी थी। अब तो विभा की नींद अलार्म बजने से पहले ही खुल जाती थी औ... Read Free Novels मन की बात - 3 - मेरे भैया New सावन का महीना था। दोपहर के 3:00 बजे थे। रिमझिम शुरू होने से मौसम सुहावना पर बाजार सुनसान हो गया था।एक साइबर कैफे में काम... Read Free //= $best_novels_links; ?> //= $best_novels_prev_links; ?> //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?>