Shree Kriti लिखित उपन्यास किघकन्या

किघकन्या द्वारा  Shree Kriti in Hindi Novels
यह कहानी बहुत समय पहले की है ... करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले की ...................................... नेपाल के सरहद...
किघकन्या द्वारा  Shree Kriti in Hindi Novels
जैसे - जैसे रोहिणी के रूप - लावण्य का जादू टूटने लगा वैसे - वैसे हसीन रूमानी रातों का सिलसिला छूटने लगा और वीर सिंह का आ...
किघकन्या द्वारा  Shree Kriti in Hindi Novels
अमावस की घनघोर काली अॅंधेरी रात थी, रोहिणी ने इस रात को चुना हवेली से भागने के लिए ... उस रात उसने वही दुल्हन का लाल जोड...
किघकन्या द्वारा  Shree Kriti in Hindi Novels
कुछ दिन बाद कुछ लकड़हारे उसी घाटी में लकड़ियाँ काटने गए। वहाँ उनकी नजर जमीन से निकले हुए हाथ पर ग‌ई, हाथ में हड्डियां थी...
किघकन्या द्वारा  Shree Kriti in Hindi Novels
कुछ दिनों में ही वीर सिंह का हाल भयावह हो गया था ... आॅंखें खुन सरीखी लाल ... कांपती देह  ... आवाज धीमी, ऐसी मानों कोई फ...