Ek Cup Coffee.. द्वारा  Kapil in Hindi Novels
चैप्टर 1: हरी आँखों का सन्नाटाशाम के ठीक 6 बज रहे थे। बाहर बारिश की हल्की बूंदें गिर रही थीं, वैसी ही जैसी किसी पुराने ज़...