भंवर द्वारा  Anil Kundal in Hindi Novels
़ं एक ़ं मैंने कब चाहा था कि उससे मिलूँ? और मिल ही गया था वह किसी यायावर की तरह एकाएक एक अनजाने सफ़र पर निकले हुए, तो मै...