​मेरा प्यार द्वारा  mamta in Hindi Novels
​एपिसोड 1: दरिया, परिंदे और वो अजनबी​अज़ीम …. वह ज़ोया को जाते हुए देखता है और सोचता है— "यह कैसी अजनबी थी जो आई तो...
​मेरा प्यार द्वारा  mamta in Hindi Novels
​एपिसोड 2  खामोश दूरियाँ और बेनाम खटक​ज़ोया की गाड़ी जैसे-जैसे दरिया से दूर जा रही थी, उसे लग रहा था जैसे वह खुद का एक ह...
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​अध्याय 3: सुकून की कीमत​ज़ोया ने पैसे तो दे दिए थे, लेकिन उसके कदम अपनी गाड़ी की तरफ नहीं मुड़े। वह वहीं खड़ी रही, उस छ...
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​अध्याय 4: खामोशियाँ और कड़वा सच​ज़ोया के जाने के बाद, अज़ीम की दुकान पर सन्नाटा पसर गया। परिंदे अब भी आते थे, पर अज़ीम...