कलावती द्वारा  Ajitrf in Hindi Novels
शाम का वक्त है। कुछ कुछ सूरज अभी नज़र आ रहा है। जबलपुर शहर की तूफानी शाम में जंगल के एक छोर पर बनी एक तीन मंजली आलीशान ह...
कलावती द्वारा  Ajitrf in Hindi Novels
पुजारी यानी की नकली ड्राइवर के बिलकुल बगल में तांत्रिक सिंघाड़ा खड़ा था जिसे देखकर वो थर थर कांपने लग गया और बदन जवाब दे...
कलावती द्वारा  Ajitrf in Hindi Novels
एक बेहद ही खूबसूरत औरत जो मर्दों को अपना शिकार बनाती है।।कमरे के बिल्कुल बाहर कबीर के सामने विनय खड़ा था जिसका माथा पसीन...