Main bikhra nahi ....Bas badal gaya book and story is written by vikram kori in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Main bikhra nahi ....Bas badal gaya is also popular in प्रेम कथाएँ in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मैं बिखरा नहीं......बस बदल गया - उपन्यास vikram kori द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 380 3.4k Downloads 7.5k Views Writen by vikram kori पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें उपन्यास विवरण सूरज हमेशा से एक साधारण लड़का था— दिल का सच्चा, बातें कम और एहसास ज़्यादा… ज़िंदगी में बहुत कुछ नहीं था उसके पास, लेकिन जो था, वो दिल से दिया हुआ था। उसकी दुनिया छोटी थी, लेकिन उस दुनिया में एक लड़की थी — माहीं जिसने उसकी ज़िंदगी को रंगों से भर दिया था। More Interesting Options लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी Load More Best Novels of 2026 Best Novels of 2026 Best Novels of January 2026 Best Novels of 2025 Best Novels of 2025 Best Novels of January 2025 Best Novels of February 2025 Best Novels of March 2025 Best Novels of April 2025 Best Novels of May 2025 Best Novels of June 2025 Best Novels of July 2025 Best Novels of August 2025 Best Novels of September 2025 Best Novels of October 2025 Best Novels of November 2025 Best Novels of December 2025 //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?> पूर्ण उपन्यास Episodes Novels मैं बिखरा नहीं......बस बदल गया - 1 New PART — 1 :सूरज हमेशा से एक साधारण लड़का था—दिल का सच्चा, बातें कम और एहसास ज़्यादा…ज़िंदगी में बहुत कुछ नहीं था उस... Read Free Novels मैं बिखरा नहीं......बस बदल गया - 2 New PART — 2 :रात बहुत लंबी थी…पर उस रात सूरज सो नहीं पाया।उसके कमरे में अंधेरा था, पर उसके अंदर उससे भी गहरा अंधेरा... Read Free Novels मैं बिखरा नहीं......बस बदल गया - 3 New PART — 3 : माहीं की आंखों में डर था…वो पहले वाली माहीं नहीं थी —जो हँसती थी, खिलखिलाती थी, खुद को हसीन समझती थी।... Read Free Novels मैं बिखरा नहीं......बस बदल गया - 4 New PART — 4 : उस रात सूरज जब घर पहुँचा…उसकी चाल शांत थी, पर दिल में एक नई आग जल चुकी थी।वो अब टूट चुका प्रेमी नहीं थ... Read Free Novels मैं बिखरा नहीं......बस बदल गया - 5 (लास्ट पार्ट) New PART — 5 : final part कॉलेज कैंटीन में वो पल जहाँ माहीं टूटकर सवाल पूछ रही थी—और सूरज पहली बार मजबूत, खड़ा, और स्प... Read Free //= $best_novels_links; ?> //= $best_novels_prev_links; ?> //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?>