Ragini to Raghavi book and story is written by Asfal Ashok in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Ragini to Raghavi is also popular in लघुकथा in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. रागिनी से राघवी - उपन्यास Asfal Ashok द्वारा हिंदी लघुकथा 775 3.3k Downloads 8.7k Views Writen by Asfal Ashok पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें उपन्यास विवरण आश्रम में प्रातःकालीन ध्यान-धारणा के बाद जब सूर्य की पहली किरणें जिनालय के श्वेत संगमरमर पर पड़तीं, तब पंच-परमेष्ठी की पूजा आरंभ होती। घंटियों की मधुर ध्वनि, दीपों जा प्रज्ज्वलन, फूलों की सुगंध, और मंत्रों का सामूहिक उच्चारण वातावरण को पवित्र बना देता।राघवी पूजा के बाद अन्य साध्वियों के साथ दिनचर्या में लग जाती। दोपहर में थोड़ा विश्राम, फिर ग्रंथ-पठन, सेवा-कार्य, और शाम को प्रवचन-श्रवण। इस तरह दिन भर व्यस्तता बनी रहती और खासा थकान के कारण रात में वह गहरी नींद सो जाती। More Interesting Options लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी Load More Best Novels of 2026 Best Novels of 2026 Best Novels of January 2026 Best Novels of 2025 Best Novels of 2025 Best Novels of January 2025 Best Novels of February 2025 Best Novels of March 2025 Best Novels of April 2025 Best Novels of May 2025 Best Novels of June 2025 Best Novels of July 2025 Best Novels of August 2025 Best Novels of September 2025 Best Novels of October 2025 Best Novels of November 2025 Best Novels of December 2025 //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?> Novels रागिनी से राघवी (भाग 1) New आश्रम में प्रातःकालीन ध्यान-धारणा के बाद जब सूर्य की पहली किरणें जिनालय के श्वेत संगमरमर पर पड़तीं, तब पंच-परमेष्ठी की प... Read Free Novels राघवी से रागिनी (भाग 2) New उस रात रावी तट के उस गाँव में शिशिर की खुली बयार बह रही थी, और मंजीत और रागिनी अपने घर की छत पर बरसाती में बैठे नदी का स... Read Free Novels राघवी से रागनी (भाग 3) New आश्रम में सन्नाटा पसरा था। साध्वी विशुद्धमति, जिनकी उम्र अब पिचासी को पार कर चुकी थी, अपने कक्ष में लकड़ी की चौकी पर बैठी... Read Free Novels राघवी से रागिनी (भाग 4) New राघवी दी का आश्रम से बहिर्गमन देख काव्या का मन अस्थिर हो गया था। क्योंकि उसने भी प्रेम में धोखा खाकर आश्रम की शरण ली थी।... Read Free Novels राघवी से रागिनी (भाग 5) New बाहर लगे सार्वजनिक हेण्डपम्प से पानी भरकर लौटने के बाद मंजीत ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। बाल्टी उसने रसोई के पास कच्ची... Read Free //= $best_novels_links; ?> //= $best_novels_prev_links; ?> //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?>