Samraditya Mahakatha book and story is written by Kapil Jain in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Samraditya Mahakatha is also popular in आध्यात्मिक कथा in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. समरादित्य महाकथा - उपन्यास Kapil Jain द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा 7.5k Downloads 17.7k Views Writen by Kapil Jain पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें उपन्यास विवरण समरादित्य महाकथा एक 2 आत्माओ की कहानी है कि कैसे 2 जीव अपने अपने व्यवहार में बदल जाते है और सिर्फ एक छोटी गलतफहमी के कारण दोनो आत्माओ को 9 भव का सफर करना पड़ता है उसमे से एक आत्मा अपने शोध पर कार्य करती है और दूसरी आत्मा सिर्फ पहली वाली आत्मा से प्रतिशोध लेना चाहती है। More Interesting Options लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी Load More Best Novels of 2026 Best Novels of 2026 Best Novels of January 2026 Best Novels of 2025 Best Novels of 2025 Best Novels of January 2025 Best Novels of February 2025 Best Novels of March 2025 Best Novels of April 2025 Best Novels of May 2025 Best Novels of June 2025 Best Novels of July 2025 Best Novels of August 2025 Best Novels of September 2025 Best Novels of October 2025 Best Novels of November 2025 Best Novels of December 2025 //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?> Novels समरादित्य महाकथा - 1 New समरादित्य महाकथा यह कहानी 2 आत्माओ की कहानी है कि कैसे 2 जीव अपने अपने व्यवहार में बदल जाते है (अच्छा व्यक्ति बुरा और बु... Read Free Novels समरादित्य महाकथा - 2 New महाराज, प्रजा में काफी विक्षोभ एवं असंतोष पैदा हो गया है।'नगरश्रेष्ठि प्रियमित्र ने महाजन की ओर से बात का प्रारंभ कि... Read Free Novels समरादित्य महाकथा - 3 New दुःख में से द्वेष पैदा होता है ... और दुःख में से वैराग्य भी पैदा होता है। अग्निशर्मा के चित्त में वैराग्यभाव पैदा हो गय... Read Free Novels समरादित्य महाकथा - 4 New ब्रह्म मुहूर्त मे यज्ञदत्त ने निद्रा का त्याग किया। सोमदेवा भी जग गई। जगने के साथ उसकी दृष्टि अग्निशर्मा के बिछौने पर गई... Read Free //= $best_novels_links; ?> //= $best_novels_prev_links; ?> //= $best_novels_two_yr_ago_links; ?>