इंतजार प्यार का - भाग - 37 Unknown Writer द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इंतजार प्यार का - भाग - 37

लेकिन फिर भी उनको कुछ समझ नहीं आता हे फिर वो उन लोगों को समझते हुए और पूरी बात को एक्सप्लेन करते हुए बोलता हे की वो बात ये हे की,“ यहां पर बहुत ज्यादा संख्या में बंदर रहते हैं, जिस कारण इस प्राचीन मंदिर को बंदरों का मंदिर भी कहा जाता है। यहां पर रहने वाले बंदर मंदिर के परिसर में ही घूमते रहते हैं, मगर वो कभी भी यात्रियों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। आप यहां पर जाकर इन बंदरों को खाना भी खिला सकते हैं, इन बंदरों के लिए ये जगह बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है।”
तभी बिक्रम उससे पूछता हे की तुम ने इस वजह से हम काफी सारे फ्रूट खरीदने के लिए बोला था। तो पवन उसको बोलता हे की हां मेने उसी वजह से आप लोगों को फ्रूट्स खरीदने के लिए बोला था।
फिर वो उन लोगों को उस एरिया में लेकर चला जाता हे। जहां पर बहुत सारे बंदर थे। और काफी सारे लोग भी उनके साथ खेल रहे थे। यह देख कर उन लोगों को वह ज्यादा काफी इंटरेस्टिंग लगी। जिस वजह से सब लोग जल्दी से वहां पर जाने लगे। यहां पर पहुंचने के बाद पवन उन लोगों को एक केला मांगता है। और आगे बढ़ जाता हे। थोड़ी और आगे बढ़ने के बाद वो लोग चारो तरफ देखते हे। तो वहा पर काफी सारे और अलग अलग तरीके के बंदर दिखाई दे रहे थे। तभी पवन एक बंद के पास जाकर उसको वो केला देता हे। और वो बंदर भी उससे केला ले लेता हे। ये देख कर आस पास वाले बंदर भी वहां पर पवन के चारों तरफ घेरा बना कर देते जाते हे। इतने सारे बंदरों को देख कर sirisha काफी डर जाती हे। जिस bajah से वो सनाया को कस के पकड़ लेती हे। तो सनाया समझ जाति हे की जरूर ये दर गई है। जिस वजह से इस तरह से रिएक्ट कर रही हे। तो वो उसको समझाते हुए बोलती हे की sirisha तुम्हे डरने की बिल्कुल जरूरत नही है देखो वो बंदर पवन को कुछ नही कर रहे हे। तो sirisha सामने देखती हे की पवन के चारों तरफ सारे के सारे बंदर घेरा बना कर बैठे हुए थे। और एक छोटा सा और प्यार सा बंदर पवन के साथ खेल रहा हे। तो ये देख कर उसके दिल से डर कम होता हे और वो सामने की तरफ देखने लगती हे।
तभी पवन उन सब को भी वहां पर आने के लिए बोलता है। तो सब लोग थोड़ा सा डरते हुए उसकी और देखते हैं। और तभी नैना बोलती हे की नहीं वह बंदर हमें कुछ कर दिए तो क्या होगा। तो पवन उन को समझाते हुए बोलता है आप फिकर मत कीजिए यह सब बंदर आप लोगों को कुछ नहीं करेंगे। तो वह लोग भी उसके बात मान जाते हैं। और डरते हुए ही सही लेकिन आगे बढ़ने लगते हैं। वहीं उन लोगों को आगे बढ़ता हुआ देखकर वहां पर बैठे सारे सारे के सारे बंदर अजीब के अजीब आवाज निकालने लगते हैं। और वहां से भागने लगते हैं। वो लोग बंदरों का इस तरह भागते हुए देख कर वो लोग काफी डर गए थे। और पीछे की और कदम बढ़ाने लगे। कि तभी पवन उन लोगों को देखते हुए बोलता है जल्दी आओ यहां तो वह लोग भी जल्दी से वहां पहुंच जाते हैं। और पहुंचने के बाद नैना से पवन बोलता है कि अपना बैग मुझे दो। तो नैना उसकी और घूरते हुए पूछते हैं की मेरा बैग क्यों चाहिए। तो पवन बोलता है कि आप के बैग में जो फ्रूट हे इन सबको मैंने इनके लिए ही खरीदने को बोला था। तो नैना उसकी और अपने आंखों को बड़े करते हुए उसकी और घूरने लगती हे। लेकिन फिर थोड़ी देर बाद वो हां मैं अपना सर हिला देती है। और अपना बैग उसको दे देती है। पवन भी सबको एक-एक फल देता है और बंदर को वहां पर बुलाने लगता है। तो सारे के सारे बंदर फिर वहां पर आ जाते हैं। पर इस बार वह लोग आकर सिर्फ पवन नहीं उन सब के चारों तरफ घेरा बनाकर बैठ जाते हैं। और उनके हाथों की तरफ देखने लगते हैं तभी पवन उन सबको फ्रूट्स un बंदरों को देने के लिए बोला। और वो लोग भी एक एक कर के सारे के सारे बंदरों को वह फल देने लगते हैं। तो सारे के सारे बंदर उनके पास आकर उनके हाथों से फल लेने लगते हैं। और कुछ छोटे छोटे बंदर जो कि अभी बहुत कम उम्र के हैं और दिखने में काफी ज्यादा प्यारे लग रहे थे। वह लोग उन सब के साथ खेलने लगते हैं। और उन लोगों को भी उन बंदरों के साथ खेलना और उनके साथ टाइम स्पेंड करना काफी अच्छा लगा तो वह लोग पवन से बोलते हैं वाह यार तुमने तो हमें बहुत ही ज्यादा अच्छे जगह पर ले कर आए थे और बहुत अच्छा लगा हमें। तो वह बोलता है जी मेरा काम तो यही है कि आप लोगों को अच्छे-अच्छे जगह दिखाओ। तो तभी सूरज उससे पूछता है तो बोलो हमें आज कुछ क्या प्लान है तुम्हारा और आगे का और कहां घुमाने ले कर जाने वाले हो तो अभी पवन उन लोगों को कुछ बोलता कि तभी पीछे से नैना बोलती है अबे यार मुझे बहुत जोर से भूख लगी है और इन बंदरों को तो सारे के सारे खाने दे दी हमने। अब हमें कौन खाना खिलाएगा उसकी यह बात सुनने के बाद सब उसकी और देखने लगते हैं। तो फिर नैना सबको अपनी और घूरते हुए देख कर बोलती है। अबे यार दोपहर के 1:30 बज चुके हैं और हम लोगों ने अभी तक सिर्फ ब्रेकफास्ट किया हुआ है। तो सब लोग घड़ी में देखते हैं तो सच में 1:30 बज चुके थे। तो सूरज पवन से पूछते हुए बोलता है कि भाई यहां पर कुछ खाने को मिलेगा। तो पवन उन लोगों को बोलता है। आप फिकर मत कीजिए यहां पर ही पास में ही एक बहुत ही अच्छा होटल है जहां पर आपको शुद्ध राजस्थानी खाना एकदम टेस्टी मिलेगा। और आप लोग मेरे साथ चलिए मैं आपको वहां पर खाना खिला कर लाता हूं। फिर नैना एक्साइटेड होकर बोलती है क्या सच्ची में क्या-क्या मिलेगा जरा मुझे बताना प्लीज प्लीज तो पवन उन लोगों को बताता है कि वहां पर चूरमा दाल बाटी टमाटर की सब्जी ऐसी कहीं चीजें हैं। जो आप लोगों को मिलने वाले हैं तो वह लोग बोलते अच्छा ठीक है चलो हम लोगों को वहां पर ले चलो फिर वह उन लोगों को वहां पर ले कर जाने लगता है।
तकरीबन 15 मिनट चलकर जाने के बाद वह लोग बड़े से होटल के सामने रुकते हैं जो कि दिखने में काफी ओल्ड टाइप का लग रहा था तो वह लोग पवन से पूछते हैं कि क्या यही वह होटल है तो पवन उन सबको बताता है कि हां यही वह होटल है जहां पर आपको बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट और सुधर राजस्थानी खाना मिलने वाला है। तो सब लोग चारों और देखना लगते हैं कि देखते हैं कि वहां पर के सारे के सारे वेयर और डोर पर खड़ा हुआ इंसान भी राजस्थानी रिवाज में खड़ा हुआ है। और लोगों का स्वागत कर रहा है तो वह लोग बोलते वाह यह तो बहुत ही मस्त जगह है क्या तुम्हें हमें इस बारे में कुछ बता सकते हो। तो पवन बोलता है हां मैं जरूर बता सकता हूं। तो फिर वह बोलना शुरू करता है कि यह होटल आज से तकरीबन डेढ़ सौ साल पहले खोला गया था उस वक्त राजस्थानी खाने इतना फेमस नहीं था। और यहां का जो मालिक था ना मतलब जिस ने ये होटल को शुरू किया था। वह यहां के राजा का रसोइया था। जो कि कुछ निजी कारण की वजह से वहां से अवसर ले लिया था। तो उसने यहां पर अपना खुद का एक होटल खोल लिया और यहां पर अपना काम चलाने लगा। और तब से यह होटल उनके परिवार के द्वारा चला जाता है। और यह होटल यहां पर काफी ज्यादा फेमस है। यहां काफी बड़े-बड़े पॉलीटिशियन और कितने बड़े बड़े राजा भी आकर यहां पर खाना खाए हैं और आप लोगों को एक बात बता दूं कि यहां का जो ऑनर है वो काफी अच्छा इंसान है। लेकिन नियम और क़ानून का एकदम सख्त है। तो आप लोग यहां के नियम और कानून के खिलाफ कुछ भी मत करना। और आप लोगों को पता हे यहां पर जितना भी खाना बच जाता हे, वो सब खाना गरीबों के बीच में खुद ऑनर लेकर बांटता हे। और अगर कोई एनजीओ या फिर समाज सेवी संथा इनको free में खाना मांगे तो ये लोग बिना एक भी पल गवाए या फिर बिना कुछ सोचे सीधे उनको खाना सप्लाई करते हे। जिस वजह से ऑनर का सिर्फ यहां नहीं पूरे के पूरे राजस्थान में काफी इज्जत हे। और आप लोगों को पता नही है अगर ये ऑनर एक बार लोगो को कोई भी बात के खिलाफ खड़े होने को बोले तो लोग भी बिना कुछ सोचे पूरे के पूरे rajasthan के लोग इसके साथ खड़े हो जाएंगे। और पूरे के पूरे राजस्थान का सरकार भी इस आदमी से काफी डरती हे। उसके मुंह से ये सब सुन कर वह लोग शॉक होकर उससे पूछते हैं। क्या सच में क्या सच में पूरा गवर्नमेंट इस आदमी से डरता हे। तो पवन हैं बोलता हे। तभी वहां पर वेटर आता हे। और उन सबका आर्डर ले कर चला जाता है। उनके लिए खाना लाने चला गया फिर थोड़ी देर बाद उन लोगों के लिए खाने की थाली लेकर आते हैं। और उन लोगों के सामने परोस देते हैं। जब वह लोग देखते हैं खाने की प्लेट में क्या-क्या है तो उनके मुंह से पानी आने लगता क्योंकि उन लोगों को खाने के लिए काफी सारे भेज दिए गए थे। तभी नैना पवन से पूछता है क्या पवन तुम हमें इस बारे में कुछ बता सकते हो कि यहां पर क्या क्या हम लोगों को खाने को मिला है। और इसमें क्या क्या चीज हुई हे तो पवन बोलता है हां ठीक है मैं बता रहा हूं इतना बोलने के बाद वह बोलना शुरू करता है, “ पहले वो दाल बाटी और चूरमा की और देखते हुए बोलता हे की दाल बाटी चूरमा राजस्थान का प्रसिद्ध खाना में से एक है।

बता से दाल बाटी चूरमा में आटे से बनी बाटी को पकाने के बाद उसे घी में डुबोया जाता है, जो इसे घी के तडके का काम करता है।

इसके अलावा इस बाटी के साथ खाने के लिए चना तुअर, मूंग, उड़द से मिलकर दाल होती है जिसे पंचमेल दाल कहा जाता है।

फिर वो दूसरी कटोरी की तरफ देखते हुए बोलता हे की आपको गट्टे की सब्जी को अवश्य टेस्ट करना चाहिये, कहा जाता है राजस्थान की शाही खाने की थाली भी गट्टे की सब्जी के बिना पूरी नही होती है।
गट्टे की सब्जी में गट्टे के छोटे छोटे पकोड़े जैसे होते है जिन्हें फ्राई करके मसालेदार करी में डाला जाता है और गट्टे की सब्जी रेडी हो जाने के बाद इसे रोटी या राइस के साथ सर्व किया जाता है।
कढ़ी राजस्थान के साथ साथ पूरी इंडिया के फेमस फ़ूड में से एक है, लेकिन यदि आप कढ़ी के असली स्वाद को चखना चाहते है तो यह आपको राजस्थान के अलावा और कही नही मिल सकता।

राजस्थान की कढ़ी तीखे और मसालेदार टेस्ट का कॉम्बिनेशन प्रदान करती है जिसे बेसन के पकोड़े, छाछ, बेसन और घी से तैयार किया जाता है।

कढ़ी राजस्थान का एक पारंपरिक भोजन है, जो स्थानीय लोगो के साथ साथ इंडियन और फॉरेनर टूरिस्ट को भी खूब पसंद आता है।
राजस्थान कचौरी और मावा के लिए प्रसिद्ध है इसीलिए कचोरी राजस्थान का फेमस खाना की लिस्ट में टॉप पर है।
मावा कचौरी को सूखे मेवों और खोये से बनाया जाता है, जिसे डीप फ्राई किया जाता है, और फिर चीनी की चाशनी में डुबाया जाता है। जबकि प्याज़ कचौरी में प्याज, आलू और मसालों की ग्रेवी भरी जाती है।

मावा कचोरी और प्याज कचोरी दोनों ही राजस्थान के स्ट्रीट फूड के रूप में बेहद प्रसिद्ध हैं जिन्हें ब्रेकफास्ट में पसंद में किया जाता है।
जब आप राजस्थान का फेमस फ़ूड की बात करते हैं, तो लाला मास नॉन-वेज लवर्स के लिए राजस्थान का फेमस नॉन – वेजिटेरियन खाना की लिस्ट में सबसे टॉप पर आता है। फेमस नॉन – वेजिटेरियन लाल मास को मटन, लाल मिर्च और गर्म मसालों के ग्रेवी के साथ पकाया जाता है।
राजस्थान के फेमस फ़ूड में से एक मेथी बाजरा पुरी राजस्थान के हेल्थी भोजन है जिसे ब्रेक फ़ास्ट में खूब पसंद किया जाता है।
मेथी बाजरा पुरी बाजरा के आटे और ताजा मेथी को मिक्स करके तेल में तला जाता है, जिसे कढ़ी / सब्जी के साथ भी परोसा जा सकता है, जिससे यह पूरी तरह से स्वादिष्ट हो जाती है।


बादाम का हलवा राजस्थान की एक शाही मिठाई है जिसे बादाम शीरा के नाम से भी जाना जाता है। छिलके वाले बादाम, दूध, चीनी, घी और इलायची पाउडर से मिलकर तैयार होने वाला बादाम का हलवा राजस्थान की फेमस मिठाईयां में से एक है।
इस लाजवाब स्वीट्स को शादीयों, बर्थ डे पार्टी जैसे बिभिन्न अवसरों पर सर्व किया जाता है। कहा जाता है बादाम के हलवा बिना कोई फंशन अधुरा रहता है।
घेवर आटे, दूध और चीनी की चाशनी से बना एक गोल आकार का मीठा व्यंजन है, जो राजस्थान की फेमस मिठाईयां में से एक है। घेवर विशेष रूप से तीज और रक्षा बंधन के दौरान तैयार किया जाता है और इस मिठाई की बिना यह त्यौहार बेरंग होते है। यदि राजस्थान टूर पर जाने वाले है और राजस्थान की फेमस स्वीट्स को सर्च कर रहे है तो आपको घेवर को अवश्य आजमाना चाहिये। बता दे घेवर भी तीन टाइप के होते है,मलाई घेवर, मावा घेवर, और प्लेन घेवर।”
उसकी मुंह से इतनी सारी बात सुन ने के बाद सबके मुंह से पानी बह रहा था। जब उसने अपना बोलना खतम किया तभी वो उन सबसे खाना शुरू करने को बोलता हे। तो सब लोग एक एक कर के अपना खाना खाना शुरू कर दिए। खाना को खाते वक्त उन सबके फेस में स्माइल दिल्ली जाति हे। 30 मिनट बाद उन सबका खाना खत्म हो गया था। सब लोग एक एक कर के वहां से उठ कर हाथ धोने लगे। फिर खाना का बिल पे करने के बाद वहां से बाहर चले गए। बाहर जाने के बाद सूरज बोलता हे पवन तुमने तो हमें बहुत अच्छा खाना खिलाया और अब हमारा पेट पूरी तरह से फुल हो गया था। आगे हम कहां जाने वाले हे जरा बताना प्लीज में तो अभी से बहुत एक्साइटेड हो रहा हूं वहां जाने के लिए। तो सब लोग उसकी और क्यूरियोसिटी के साथ देखने लगते हे।
तो क्या होता हे आगे। कहां जाने वाले हे ये लोग जान ने के लिए पढ़ते रहिए मेरा ये कहानी इंतजार प्यार का.........
To be continued
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