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  • अहंकार का पोस्टमार्टम - भाग 9

    दोहा:१७साईं इतना दीजिए, जामे कुटुम समाय।मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय॥कथा:...

  • पहली बारिश, पहला प्यार - 1

    Chapter 1 — पहली बारिश, पहला प्यारशाम धीरे-धीरे शहर पर उतर रही थी।आसमान बादलों स...

  • अकथ - भाग 3

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  • तेरी चाहत में - 1

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  • Ishq ka Ittefaq - 2

    दिल्ली के सबसे महंगे इलाके में खडा आलीशान मेहरा मेंशन. कबीर मेहरा की आँखों में स...

  • नया युग - 1

    वर्ष 4999 की बाद है, जब मानवता ने अपनी मानवता खो चुका था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की...

  • ज़ख्मों की शादी - 19

    सृष्टि शॉवर के नीचे फर्श पर बैठी थी। पानी लगातार उसके सिर, कंधों और शरीर पर गिर...

  • अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश - 24

    आर्यन के सीने के पार सरिया निकलते ही अयान का शरीर एक जख्मी शेर की तरह पलटा। उसने...

  • भक्त को भय नहीं

    ऋगुवेद सूक्ति--(२५) की व्याख्या मंत्र (ऋग्वेद १/१४७/३)“दिप्सन्त इद्रिपवो नाहदेभु...

  • दुश्मनी के दरमियान इश्क (भाग-19)

    Title: दुश्मनी के दरमियान इश्कPart 19: आखिरी टकरावकमरे में खामोशी थी…मगर उस खामो...

अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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ज़ख्मों की शादी By Sonam Brijwasi

लेकिन ठंडी हवेली, मंडप सजाया गया है, गुलाबी और सुनहरी डेकोर के बीच शहनाई की हल्की धुन।

समय: रात 11 बजे।

लाल और सुनहरे फूलों से सजी जगह में शहनाई बज रही है। फूलों की खुशबू के...

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अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

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दुश्मनी के दरमियान इश्क By Shivraj Bhokare

वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ

उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था।
हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो।
शह...

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हमराज By Gajendra Kudmate

खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...

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दीवाने की दिवानियत By kajal jha

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट
दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर स...

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अंतर्निहित By Vrajesh Shashikant Dave

आठ वर्ष पूर्व :-

दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई By Ramesh Desai

15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जम्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी.मुझे देखकर मेरे माता पीता खुश हो गये थे.

मैं काफ़ी शरारती थी. नर्स ने मुझे प...

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अधुरा प्यार By iqbal Raj

उत्तर प्रदेश की वो सर्द रात और दिल में सुलगती नफरत... इकबाल राज के लिए अब अपना कहने को कुछ भी नहीं बचा था। सगी पत्नी के धोखे ने उसे रातों-रात बेघर और 'लावारिस' कर दिया। शहर...

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प्रेम न हाट बिकाय By DrPranava Bharti

कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी न जाने कितनी बार नीचे गिरी, कितनी बार खुली, कितनी बार बिखरी और समेटी गई लेकिन गठरी की गाँठ बड़ी कमज़ोर रही फिर चिंदी बनकर उड़ने से उसम...

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