इंतजार प्यार का - भाग - 32 Unknown Writer द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इंतजार प्यार का - भाग - 32

सूरज बिक्रम के मुंह से माफी मांगना सुन कर उसको कुछ नहीं कहता हे। और सीधे जाकर कार में बैठ जाता है। वहीं ये चीज जब बिक्रम ने देखा तो उसने एक राहत की सांस लेता हे। और फिर घूर घूर कर मेघा की और देखने लगता हे। थोड़ी देर बार वो भी कार में जाकर बैठ जाता हे। फिर मेघा भी जाकर कार में बैठ जाती हे। कार को बिक्रम आगे बढ़ाने लगता है। थोड़ी देर आगे जाने के बाद बिक्रम मेघा की और देखने लगता हे। जो की अभी भी अपना सर नीचे किए हुए बैठी हुई थी। और उसके आंखों से आंसू मोती के जैसे एक एक कर के टपकते रहते हे। ये देख कर बिक्रम को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता। लेकिन फिर भी वो कुछ नही कहता। बस उसको एक नजर देखता हे। और फिर गाड़ी चलाने लगता है। वहीं पूरी की पूरी गाड़ी में काफी शांति थी। थोड़ी देर तक संत रहने के बाद सूरज बिक्रम से पूछता है की तू क्या सोच रहा था। जिस वजह से कार का एक्सीडेंट होने वाला था। ये सुन ने के बाद बिक्रम को फिर से वो किस याद आ जाती हे। फिर वो थोड़ा sak paka जाता हे और कार के ऊपर से वो अपना ध्यान खोता है। और कार फिर से रोड में लहराने लगती हे। ये देख कर सूरज चिलाता हे। जिस वजह से बिक्रम जल्दी से होश में आ जाता हे। और कार को संभाल लेता हे। और फिर सूरज से बोलता हे की अरे यार ये सब छोड़ चल कुछ सुना। लेकिन सूरज कुछ नही कहता। बिक्रम भी सूरज को ज्यादा फोर्स नहीं करता। और बस एक नजर मेघा की और देखता हे फिर अपने ड्राइविंग पे ध्यान देने लगता है।
वही आगे वाले कार में वह चारों एक दम मजे करते हुए जा रहे थे। तभी आर्यन आरव से बोलता है यार जरा गाना लगा सुनते हैं। तो आरव भी हां बोलता है। फिर वह गाड़ी का म्यूजिक सिस्टम ऑन कर देता है। और रेडियो का चैनल डाल देता है। लेकिन रेडियो में कुछ अच्छा ना आने के वजह से वह जल्दी से रेडियो को ऑफ कर देता है। और सामने की ओर देखकर गाड़ी चलाने लगता है। सब लोग भी अब बात करना बंद कर चुके थे। और शांति से आरव और आर्यन के और देखने लगें। वही आर्यन ने जब उन लोगों को अपने और देखते हुए देखा तो वो समझ गया की वो लोग उसको गाना लगाने को बोल रहे ही। तो वो जल्दी से अपने मोबाइल फोन को पॉकेट से निकाला हे। और आरव से बोला आरव जरा म्यूजिक सिस्टम ऑन करना फिर फिर उसके राइट साइड में क्लिक करना और वहां पर तुझे bluetooth का icon मिलेगा तो उसको on कर देना। तो अरब ने हां बोला और ब्लू टूथ को on कर दिया। फिर आर्यन ने भी म्यूजिक सिस्टम से ब्लूटूथ के द्वारा कनेक्ट किया और फिर अपने फोन में कुछ चुनिंदा और एकदम मजेदार गाने लगाए। गाना सुनते हुए और एक दूसरे के साथ हसी मजाक करते हुए जा रहे थे। की तभी सनाया और नैना एक साथ चिलाते हुए बोलते हैं की गाड़ी रोको। तो आर्यन और आरव दोनो ही शॉक हो जाते हे। और काफी डर भी जाते हे। जिस वजह से आरव गाड़ी को रोड से उतार कर साइड में लेकर चला जाता हे। फिर साइड में गाड़ी को पार्क कर ने के बाद दोनों की तरफ शॉक की स्थिति में हीं देख ने लगे। और सनाया और नैना दोनों भी एक दूसरे की तरफ देख रहे थे। तभी सनाया पहले तो धीरे से अपना सर नीचे कर लेती है। फिर वैसे हीं अपने सर को नीचे किए हुए बोलती है। वह बात ये हे की मुझे ना बहुत भूख लगी थी और सामने ढाबा है। इतना बोलने के बाद वो चुप हो जाति हे। और फिर से अपने सर को नीचे कर लेती है। ये सब बोलते वक्त सनाया काफी ऑकवार्ड फील कर रही थी जिस bajah से वो बोलते वक्त काफी झिझक रही थी। और काफी बार अटक भी रहती थी। वहीं उसकी बिकुल उल्टा नैना उन दोनो से बोलती हे की अरे यार चलो ना कुछ खाते हैं। उसकी यह बात सुनने के बाद दोनों उसकी और घूर घूर कर देखने लगे। तो नैना ने भी फिर से उन सबसे कहा की अरे यार सच्ची में मुझे भी बहुत भूख लग रही हे। ये सुन ने के बाद वो दोनो नैना की तरफ और भी ज्यादा घूर घूर कर देखने लगे। उन सब को अपने और और भी ज्यादा घूरता हुआ देखकर, नैना उन सब से पूछती है अरे यार ऐसा घूर क्यों रहे हो तो आर्यन पहले नैना का मजाक उड़ाते हुए बोलता है की अरे मोटी हो गई है तू और कितना खाएगी। अब तक तेरी वेट भी 100 किलो से ऊपर होगा जो भी तेरी boy friend बनेगा उसका तो तुझे खिला खिला कर सारी पैसा खतम हो जाएगा। जब देखो बस खाना ही खिला दो और कुछ नहीं चाहिए तुझे। ये सुनने के बाद नैना एकदम गुस्सा हो जाती है। गुस्से के वजह से उसकी फेस भी लाल हो गया था। और वो उस्सी गुस्से से आर्यन से बोलती है क्या बोला मोटी हूं में। नही में मोती नहीं हूं वो तू हे मोटा भालू आलू कहीं का। और मेरा बॉय फ्रेंड का क्या होगा इसके बारे में सोचने की जरूरत नहीं और उसके बारे में सोचने के लिए में अभी भी हूं। इतना बोल कर वो उसके हाथ में मारने लगी।
वहीं आ रब ने जब उन दोनों को बच्चों की तरह लड़ाई करते हुए देखता हे तो अपना सर पकड़ लेता और गुस्से से उन दोनो से बोलता हे की अगर तुम दोनो को इतना हीं लड़ना और गुस्सा करना हे तो कार से उतर जाओ अगर यहां पर बैठ कर जाना हे तो आराम से बैठो तो दोनो हीं एक दम से चुप हो जाते हे। लेकिन एक दूसरे को अभी भी खा जाने वाली नजर से घूर रहे थे। लेकिन थोड़ी देर बाद विंडो से बाहर की और देखने लगे। आरव भी जब दोनो को शांत होते हुए देखता हे तो राहत की सांस लेता हे। और फिर बोलता हे की काफी टाइम हो गया हे। और मुझे भी भूख लगी है। तो चलो ढाबे में कुछ खा लेते हे। इतना बोलने के बाद वो गाड़ी को ढाबा की और लेने लगता है। वही ढाबे को जाते वक्त उसने बोला आर्यन उन लोगों को भी फोन करके पूछ ले कि कहां है। और हम लोग ढाबा में रुके हैं। कुछ खाने के लिए। अगर वह लोग भी कुछ खाएंगे तो यहां पर आए। वरना सीधे जयपुर जाए। हम उनको वहां पर मिलेंगे। तो आर्यन भी हां मैं अपना सर हिला देता है। और फिर अपना फोन निकाल कर विक्रम को कॉल करने लगता है।
वहीं दूसरे कार में माहौल अभी तक एक दम शांत था। ऐसे की अगर एक pin भी गिर जाए तो सबको उसकी आवाज सुनाई दे। वहां पर सिर्फ गाड़ी के चलने की आवाज आ रही थी। अब तक मेघा का भी रोना बंद हो चुका था। और वह बस अपना सर नीचे किए हुए ही बैठी हुई थी। क्यों की वो अपने किए पर काफी ज्यादा शर्मिंदा थी। वह अब काफी उदास थी क्योंकि उसको लग रहा था कि अब विक्रम को बिल्कुल भी पसंद नहीं करेगा और इसको कभी भी प्यार नही करेगा जिस वजह से उसकी प्यार एक तरफा और अधूरी रह जाएगी। और वह कभी भी इसके लिए अपने आप को माफ नहीं कर सकती थी। और वह आज खुद के नजर में ही गिर चुकी थी। क्यूं की उसकी वजह से उन सब लोगों के जान खतरे में पड़ गई थी। जिस वजह से वह अपना सर भी उठा कर किसी को देख ने की हिम्मत तक नहीं हो रही थी।
अभी वहां पर शांति हीं थी की तभी सूरज की फोन बजने लगती हे। जिस वजह से सब लोग उसकी और देखने लगते हे सिवाए मेघा की। वहीं सूरज भी जल्दी से अपनी फोन को निकाल कर देखता हे की उसको आर्यन कॉल किया हे। तो वो जल्दी से कॉल को उठा लेता हे। तो दूसरी ओर से आर्यन की आवाज आती है और वह बोलता है अरे यार ए विक्रम का कॉल क्यों नहीं लग रहा है और उसका फोन स्विच ऑफ बता रहा है तो सूरज उससे बोलता है की वो ड्राइविंग कर रहा हे। और तूने कॉल क्यों किया। तो आर्यन उसको बताता है कि हम लोगों को भूख लगी थी जिस वजह से हम एक ढाबे पर रुके हुए हैं खाना खाने के लिए अगर तुम लोगों को भी भूख लग रही है तो आ जाओ वरना वरना हम लोग सीधे जयपुर में ही मिलेंगे। तू सूरज उसको बोलता है की रुक मैं अभी पूछ कर बताता हूं तो फिर सूरज सबकी और देखता है और पूछता है क्या किसी को भूख लगी है तो कोई कुछ जवाब नहीं देता सब लोग पहले की तरह ही चुप थे। तो सूरज एक नजर फिर सब को देखता है और बोलता है नहीं यार कोई कुछ नहीं खाने वाला हे। तो जयपुर में ही मिलते है। इतना बोलने के बाद वह भी अपना फोन रख देता है और फिर से विंडो की तरफ देखने लगता है। और सब लोग भी पहले की तरह ही बिना कुछ बातचीत किए हैं आगे बढ़ रहे थे। जब ये बात सूरज ने आरव को बताई तो उसने बोला ओके ठीक है। हम लोग सीधे उन्हें वहां पर ही मिलेंगे। तो फिर वह लोग वहां से ढाबे में खाना खाने चले गए और खाना खाने के बाद सीधे जयपुर की ओर निकल गए।
वो लोग दोपहर को तकरीबन 1 बजे जयपुर पहुंचे। जहां बिक्रम की कार 12 बजे जयपुर पहुंच गई थी। वहां पर पहुंच ने के बाद देखे तो उन सबके फेस काफी सीरियस था। और कोई किसी से भी बात नही कर रहे थे। ये देख कर सबको अजीब लगा लेकिन कोई किसी को भी कुछ नहीं बोला और अकेले में बात करने के बारे में सोचने लगे। फिर सूरज पूछता हे की कौनसी होटल में रूम बुक हे। ये पूछते वक्त भी उसकी टोन में काफी गंभीरता थी। ये देख कर उन लोगों को यकीन हो गया की जरूर कुछ सीरियस हुआ हे। लेकिन फिर भी कोई कुछ नही कहता है। फिर आर्यन सबको बताता हे की उन सबकी रिजर्वेशन महाराजा पैलेस में हुआ तो। सब लोग वहां से होटल की और चले जाते हे।
वही होटल में पहुंचने के बाद आर्यन जल्दी से जाकर सबकी रूम कंफर्मेशन करवाता है। फिर सबकी रूम की चाबी लेकर आता हे। फिर सब को रूम की चाबी देते हुऐ बोलता हे की मेघा और नैना तुम दोनो की एक room और सनाया और sirisha की एक रूम। लडकों में आरव और बिक्रम का एक रूम। मेरा और सूरज का एक रूम हे। तो सब लोग उसको ok बोल कर वहां से निकल जाते हे। अपने अपने रूम की तरफ। फिर सब लोग रेस्ट करते हे। और फिर साम के 4 बजे सब मिलकर शॉपिंग करने जाते हे। और रात के 8 बजे बाहर से हीं डिनर कर के वहां पर आ गए और फिर अपने अपने रूम में चले गए।
वहीं रूम में पहुंच ने के बाद नैना जल्दी से डोर को लॉक करती हे। और फिर मेघा से पूछती हे की क्या हुआ तेरा मुंह क्यों लटका हुआ हे। क्या हुआ हे। या फिर किसी ने तुझे कुछ कहा हे। जल्दी सब कुछ सच सच बता क्या हुआ हे। तो मेघा उससे बोलती हे। की प्लीज di में आपको सब कुछ बताऊंगा मगर पहले मुझे फ्रेश होने दीजिए। और आप भी फ्रेश हो जाए। तो नैना उसकी और देखती हे। फिर बाथ रूम में चली जाती हे। थोड़ी देर बाद दोनो फ्रेश हो गए थे। तभी नैना उसको पूछती हे की क्या हुआ मुझे सब सच सच बता। तो मेघा जल्दी से जाकर उसकी गले लग जाति हे। फिर फफक कर जोर जोर से रोने लगी। उसको ऐसे रोते हुए देख कर नैना पूरी तरह से शॉक हो जाती है। और उसको पहले तो समझ नहीं आता कि वह आगे क्या करें पहले हो जल्दी से खुद को संभालती है फिर मेघा को संभालते हुए और उसके पीठ में हाथ फिर आते हुए बोलती है। क्या हुआ हे सब कुछ मुझे बता तो मैं तेरी मदद कर सकती हूं। तो जरूर करूंगी प्लीज मुझे सब सच-सच बता तो मेघा भी ऐसे रोते हुए हैं उसको सब बता देती है कि रास्ते में क्या हुआ था और फिर फिर से रोने लगती है वही उसकी पूरी बात सुनने के बाद नैना समझ आती है कि मेघा क्यों इतना उदास है और क्यों इतनी ज्यादा रो रही है। तो वह उसको संभालते हुए धीरे से बोलती है मेघा देखो कुछ नहीं होगा तुम्हें और बिक्रम कभी नहीं छोड़ेगा तुम्हे। प्लीज अब रोना बंद करो प्लीज तुम तो अच्छी लड़की हो ना। अब तो रोना बंद कर दो तो मेघा भी अब तक अपना रोना भी कम कर चुकी थी। और वह बस सुबक रही थी। और वैसे ही सुबक ते हुए मेघा नैना से बोलती है क्यों दी क्यों मेरे साथ ऐसा होता है हमेशा भगवान मेरे से मेरी सबसे प्यारे चीज या फिर जिस चीज को में अपने दिल से चाहती हू उसे मुझसे हमेशा क्यों दूर कर देता है। जब मैं बची थी तब भी मुझे मेरी मां से दूर कर दिया। जब मुझे मेरी मां की जरूरत थी। पापा ने मुझे उस वक्त संभाला था। फिर जब में बड़ी हुई तब मुझे मेरी पापा से भी दूर कर दिया। अब जब मैं किसी को प्यार भी करने लगी तभी भी वह मुझे दूर कर क्यों दी क्यों इतना बोलने का बहुत जोर जोर से रोने लगी थी। यह सब बात सुनने के बाद नैना भी उसको कुछ नहीं बोल पाती। और फिर उसकी आंखों में से भी आंसू की धारा बहने लगी। क्योंकि वह अच्छे से जानती थी। कि जब वो छोटी थी तब उसकी मां ने उसको छोड़ दिया छोड़ कर चली गई थी भगवान के पास। और वह जब बड़ी हुई तब उसके पापा का भी हार्ट हटैक में डेथ हो गया था। और उन होने भी ने उसको छोड़ कर चले गए। अब वह दुनिया में अकेली थी और उसके फैमिली के नाम पर नैना और उसकी फैमिली ही थी। तो नैना भी उसको संभालते हुए बोलते हैं। तुम गुस्सा मत करो और रो मत मैं जानता हूं विक्रम जरूर तुम्हें पसंद करेगा क्यों नहीं करेगा तुम में क्या खराबी है। नैना ने उसको समझाते हुए बोली लेकिन मेघा ने उसकी बात को काटते हुए बोली नहीं मेरी वजह से उसके आज कितनी इंसल्ट हुई अपने दोस्त के सामने। और एक बात प्लीज उसको कभी भी मत बताना कि मैं उससे प्यार करती हूं प्लीज यह मेरा रिक्वेस्ट है। इतना बोलने के बाद वहां से जल्दी से भागकर वाश रूम के अंदर चली जाती है। नैना पीछे से हीं ये सब देख रही थी। और उसके आंखों से भी पानी धार धार हो कर नीचे गिर रहे थे। वही उनके दरवाजे पर खड़ा आदमी नैना और मेघा के बीच के बात को सुन कर एकदम शॉक हो गया था। और उसके आंखों में आंसू आ गए थे और वह वहां से जल्दी से चला गया।
तो क्या होता है आगे कोन हे वो आदमी जो की मेघा के रूम के बाहर खड़ा हुआ था। और वहां से चला गया। जान ने के लिए पढ़ते रहिए मेरा ये कहानी इंतजार प्यार का.........
Note
गाइस आप लोगों को एक दम एक सरप्राइजिंग turn इस स्टोरी में देखने को मिलेगी जिस की आप लोगों ने उम्मीद नहीं की होगी तो क्या हे। वो पार्ट जानने के लिए थोड़ी वेट की jiye bahut धमाके डर एपिसोड होने वाला है वो। एंड love you guise
Aur aap log mere is kahani review kyun nahi de rehe he। Jaldi se review dijiye aur isko like kijiye
Bye bye
To be continued
Written by
unknown writer

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