अगली सुबह
बनारस की सड़कों पर फिर वही रौनक लौट आई थी, लेकिन शक्ति के लिए पिछली रात अभी खत्म नहीं हुई थी।
वह अपने कमरे में बैठी केस की फाइलें देख रही थी। सामने वही फोन रखा था, जो उसे घटनास्थल से मिला था।
लेकिन बीच-बीच में शक्ति का ध्यान भटक जाता।
उसे याद आ जाता—
वो बहस...
शिवाय की बात...
और फिर...
वो थप्पड़।
शक्ति ने तुरंत अपने विचारों को झटक दिया।
"मुझे उसकी बात पर इतना react नहीं करना चाहिए था..."
उसने धीमे से खुद से कहा।
तभी शक्ति का चेहरा सख्त हो गया, क्योंकि उसके सामने रखे फोन की घंटी बजने लगी। स्क्रीन पर एक अनजान नंबर चमक रहा था।
Unknown Number Calling...
शक्ति ने तुरंत कॉल रिसीव की।
"Hello?"
कुछ पल खामोशी रही।
फिर दूसरी तरफ से एक धीमी आवाज़ आई—
"जिस लड़की को आप ढूँढ़ रही हैं... उसके बारे में मुझे कुछ पता है।"
शक्ति की नज़रें तुरंत सख्त हो गईं।
"तुम कौन हो?"
"नाम जानकर क्या करेंगी? आपको बस इतना जानना चाहिए कि जिस रात वो लड़की गायब हुई थी... मैं वहाँ मौजूद था।"
शक्ति कुर्सी से उठ खड़ी हुई।
"तो फिर सामने आकर बात करो।"
दूसरी तरफ हल्की-सी हँसी सुनाई दी।
"अभी नहीं। लेकिन आपको एक बात बतानी थी..."
शक्ति चुप रही।
"जिस फोन की आप जाँच कर रही हैं, उसमें सिर्फ़ उस लड़की की आख़िरी location नहीं है। उसमें उस रात का एक ऐसा सच भी है, जिसे किसी ने जानबूझकर छिपाया था।"
शक्ति ने तुरंत पूछा—
"क्या सच?"
लेकिन कॉल कट चुकी थी।
शक्ति कुछ सेकंड तक फोन को देखती रही।
फिर उसने अलिशा को आवाज़ दी—
"अलिशा!"
अलिशा तुरंत कमरे में आई।
"जी दीदी?"
शक्ति ने फोन उसकी तरफ बढ़ाया।
"इसकी पूरी call history और deleted data निकलवाओ।"
अलिशा ने फोन लिया।
"जी।"
शक्ति ने फाइल बंद की।
शक्ति के दिमाग में कई सवाल उमड़ने लगे। वह सोच रही थी कि वह अपनी जान खतरे में डालकर उसकी मदद क्यों कर रहा है। लेकिन तभी उसका चेहरा अचानक सख्त हो गया और उसके होंठों पर एक रहस्यमयी मुस्कान तैर गई।
अब उसे यकीन हो चुका था—
ये केस अब अपने आख़िरी पड़ाव पर था... बस उस छिपे हुए सच तक पहुँचना बाकी था।
अलिशा ने कुछ देर बाद लैपटॉप शक्ति के सामने रख दिया।
"दीदी, फोन की deleted files recover हो गई हैं।"
शक्ति तुरंत उसके पास आई।
स्क्रीन पर कुछ deleted messages दिखाई दे रहे थे।
एक message पर उसकी नज़र रुक गई।
"उसे शहर से बाहर मत ले जाना। ऊपर से order है।"
शक्ति की आँखें सिकुड़ गईं।
"ये message किस नंबर से आया था?"
अलिशा ने नंबर trace किया।
"नंबर fake ID पर है... लेकिन एक बात मिली है।"
"क्या?"
"इस नंबर की last active location उसी रात के बाद सिर्फ़ एक बार मिली थी।"
"कहाँ?"
अलिशा ने स्क्रीन पर location खोली।
शक्ति कुछ पल उसे देखती रही।
वह जगह शहर से बाहर एक पुराना warehouse area था।
शक्ति ने तुरंत फैसला लिया।
"आज रात वहाँ चलते हैं।"
अलिशा ने सिर हिलाया।
शक्ति ने फोन वापस उठाया।
अब उसके पास पहली बार कोई ऐसा सुराग था जो सीधे उस लड़की तक पहुँच सकता था।
लेकिन उसे नहीं पता था...
उस warehouse में उसका इंतज़ार सिर्फ़ इस केस का सच नहीं, बल्कि एक और बड़ा राज़ कर रहा था।
रात होते ही शक्ति और अलिशा उस warehouse के पास पहुँच गईं।
कुछ दूरी पर गाड़ी रोककर दोनों ने बाहर का इलाका देखा।
पूरा warehouse सुनसान था।
शक्ति ने फोन में मिली location एक बार फिर check की।
"यही जगह है।"
अलिशा ने धीमे से पूछा—
"दीदी, अंदर जाएँ?"
शक्ति ने कुछ पल warehouse की तरफ देखा।
फिर बोली—
"हाँ। लेकिन सावधानी से।"
दोनों अंदर पहुँचीं।
अंदर अँधेरा था और जगह लगभग खाली लग रही थी।
अचानक शक्ति की नज़र फर्श पर पड़े एक छोटे से सामान पर गई।
उसने उसे उठाया।
वही पहचान-चिह्न था, जो missing girl की पुरानी तस्वीर में उसके पास दिखाई दिया था।
शक्ति की आँखों में तुरंत यकीन उतर आया।
"हम सही जगह आए हैं।"
तभी पीछे से किसी चीज़ के गिरने की आवाज़ आई।
दोनों तुरंत पलटीं।
लेकिन वहाँ कोई नहीं था।
बस एक खुला दरवाज़ा...
और उसके बाहर अँधेरे में जाती हुई एक संकरी गली।
शक्ति ने अलिशा की तरफ देखा।
"वो यहीं था।"
अलिशा ने पूछा—
"कौन?"
शक्ति ने उस गली की ओर देखते हुए कहा—
"जिसने हमें यहाँ तक पहुँचाया।"
कुछ देर बाद उन्हें warehouse के अंदर से एक छोटा-सा कमरा मिला।
कमरे में कुछ पुराने कागज़ और एक डायरी पड़ी थी।
शक्ति ने डायरी खोली।
पहले ही पन्ने पर एक तारीख लिखी थी।
वही तारीख...
जिस दिन वह लड़की गायब हुई थी।
शक्ति ने धीरे से पन्ना पलटा।
और उसके चेहरे के भाव बदल गए।
अब इस केस का आख़िरी सच उसके सामने था।
शक्ति ने डायरी का अगला पन्ना पलटा।
कुछ नाम, तारीखें और locations लिखी थीं।
उसकी नज़र एक नाम पर जाकर रुक गई।
वही नाम...
जिसका ज़िक्र missing girl की आख़िरी report में कभी नहीं किया गया था।
"अलिशा..."
अलिशा तुरंत उसके पास आई।
"जी दीदी?"
शक्ति ने डायरी उसकी तरफ बढ़ा दी।
"यही वो आदमी है जिसने उसे आख़िरी बार देखा था।"
अलिशा ने पन्ना पढ़ा।
"लेकिन दीदी, इसका नाम तो किसी भी report में नहीं है।"
"क्योंकि इसे जानबूझकर हटाया गया था।"
शक्ति ने बाकी पन्ने पलटे।
आख़िरी पन्ने पर एक address लिखा था।
शक्ति ने address पढ़ा और तुरंत समझ गई कि अगला कदम क्या होगा।
"कल सुबह इसे ढूँढ़ेंगे।"
अलिशा ने पूछा—
"और अगर ये वही हुआ जिसकी हमें तलाश है?"
शक्ति ने डायरी बंद की।
"तो ये केस यहीं खत्म होगा।"
उसकी आवाज़ में पूरा विश्वास था।
उसे अब सिर्फ़ एक आख़िरी जवाब चाहिए था...
और उस जवाब के बाद इस केस की फाइल हमेशा के लिए बंद हो सकती थी।
शक्ति और अलिशा अभी warehouse के अंदर ही थीं।
अचानक बाहर से भागते हुए कदमों की आवाज़ सुनाई दी।
शक्ति ने तुरंत दरवाज़े की तरफ देखा।
"कोई भाग रहा है!"
वह तेजी से बाहर निकली।
तभी सामने से उसकी टीम भी warehouse में दाखिल हो गई।
"मैडम, बाहर का पूरा इलाका हमने घेर लिया है।"
शक्ति ने तुरंत आदेश दिया—
"पीछे का रास्ता देखो! कोई बाहर नहीं जाना चाहिए।"
उसी वक्त एक आदमी warehouse के पिछले दरवाज़े से निकलकर भागने लगा।
"वही है!" अलिशा चिल्लाई।
शक्ति ने बिना देर किए उसके पीछे दौड़ लगा दी।
आदमी गली में मुड़ा, लेकिन सामने पहले से शक्ति की टीम मौजूद थी।
वह रुक गया।
पीछे से शक्ति भी वहाँ पहुँच चुकी थी।
उसने सख्त आवाज़ में कहा—
"अब भागकर कहाँ जाओगे?"
आदमी ने इधर-उधर देखा।
"मैडम, मैंने कुछ नहीं किया!"
शक्ति ने उसकी तरफ बढ़ते हुए कहा—
"फिर warehouse से भाग क्यों रहे थे?"
वह चुप हो गया।
तभी टीम के एक सदस्य ने कहा—
"मैडम, अंदर से लड़की मिल गई है।"
शक्ति की आँखों में राहत की झलक आई।
उसने उस आदमी की तरफ देखा।
"अब बाकी जवाब थाने में देना।"
टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
शक्ति वापस warehouse की ओर मुड़ी।
टीम ने warehouse के अंदर से लड़की को बाहर निकाला।
शक्ति उसके पास पहुँची।
"तुम ठीक हो?"
लड़की ने घबराते हुए सिर हिलाया।
शक्ति ने अलिशा की तरफ देखा।
"इसे सुरक्षित जगह ले जाओ।"
अलिशा लड़की को अपने साथ लेकर आगे बढ़ गई।
शक्ति की नज़र अब उस आदमी पर थी, जिसे उसकी टीम ने पकड़ लिया था।
"तुम्हें किसने यहाँ भेजा था?"
वह चुप रहा।
शक्ति ने दोबारा पूछा—
"Mastermind कौन है?"
उस आदमी ने नज़रें झुका लीं।
कुछ पल बाद उसने धीमे स्वर में कहा—
"मैं उसका नाम नहीं जानता..."
शक्ति की आँखें सिकुड़ गईं।
वह डरते हुए बोला—
"उसे सब लोग सिर्फ़ 'Boss' कहते हैं।"
"वो कहाँ है?"
उसने सिर हिलाया।
"पता नहीं... लेकिन हर बार जब कोई लड़की यहाँ लाई जाती थी, उससे पहले मुझे एक call आता था।"
शक्ति ने तुरंत पूछा—
"किस नंबर से?"
उसने नंबर बताना शुरू किया।
शक्ति ने उसे ध्यान से सुना।
वही नंबर...
जिससे कुछ देर पहले उसे रहस्यमयी call आया था।
शक्ति के चेहरे के भाव बदल गए।
अब उसे यकीन हो चुका था—
लड़की मिल चुकी थी... मगर खेल अभी खत्म नहीं हुआ था।
जिसे शक्ति ढूँढ़ रही थी, वो अब भी आज़ाद था... और अगली चाल शायद उसी की होने वाली थी।
आख़िर कौन था वो रहस्यमयी 'Boss' और क्या शक्ति उसे पकड़ पाएगी?
जानने के लिए पढ़ते रहिए Shakti Ke Shiv...