महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • इल्म का नूर - 1

    *इल्म का नूर - क़ुरान और इल्म की फ़ज़ीलत**अस्सलामु अलैकुम,*आज हम बात करेंगे *इल्...

  • ठुकराईन नयना देवी - 2

    ठकुराइन नयना देवी- Part 2पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि नयना देवी स्वभाव से जिद्द...

  • Devil की दास्तान - 16

    (रात का अँधेरा हवेली में फैला है। तभी बिजली कड़कती है और तेज़ आवाज होती है। सिमर...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 49 By Sonam Brijwasi

तीन दिन आख़िरकार गुज़र ही गए। वे तीन दिन जो श्रेया के लिए सिर्फ़ समय नहीं बल्कि ख़ामोश ज़हर थे।उस दिन जब उसे कबीर के पास भेजा गया श्रेया चुप थी। न रोई, न मुस्कुराई। बस एक पुतले की...

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इल्म का नूर - 1 By Samreen Shaikh

*इल्म का नूर - क़ुरान और इल्म की फ़ज़ीलत**अस्सलामु अलैकुम,*आज हम बात करेंगे *इल्म की अहमियत*, *क़ुरान की फ़ज़ीलत* और दिलों को *नूर* से भरने वाली कुछ *दुआओं* के बारे में।---*अध्याय...

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लौ को एहसास नहीं मोम के दर्द का By Rakesh Kaul

लौ को एहसास नहीं मोम के दर्द का      आज काफ़ी कोशिशों के बावजूद भी घर से निकलने में काफी देर हो गई थी | यह तो अच्छा था कि गर्मियों की तेज़ धूप की वजह से सड़कें कमोबेश सूनी ही थीं जिसक...

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ठुकराईन नयना देवी - 2 By Vandna Sharma

ठकुराइन नयना देवी- Part 2पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि नयना देवी स्वभाव से जिद्दी और साफ दिल की महिला है। उसे अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना पसंद है। ससुराल में उसकी नंद सरिता से...

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कुंवारी कन्या - 2 By nirala ji

अपने दादा की बात की तुम्हारे दोस्त वो अब आ नहीं पाएंगे यह सुन कर आनंद को चिंता होने लगी उसने अपने दादा से पूछने की कोशिश की पर दादा खामोश हो कर वहां से चले गए दादा की इस खामोशी को...

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... भाग - 10 By Tripti Singh

बुआ जी ने हिम्मत कर दरवाजे को खोला और जैसे ही दोनों आगे बढ़ी और नजर बेड पर लेटे इंसान पर गई तो एकदम से ही दोनों लड़खड़ा गई और आँखों से झरझर आंसू बह निकले।क्योंकि बेड पर मशीनों से घ...

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Shakti ke Shiv - 7 By sheetal

उधर…दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित Royal Crest Palace।शिवाय प्रताप सिंह इस वक्त अपने कमरे में रखे बड़े, गहरे भूरे रंग के leather couch पर आराम से बैठे थे।कमरे में हमेशा की तरह सन्...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 7 By Sonam Brijwasi

बीहड़ जंगल के अंदर कदम रखते ही...सब कुछ बदल गया। पेड़ इतने घने थे कि चाँदनी तक ज़मीन पर नहीं पहुँच पा रही थी। चारों तरफ अजीब आवाज़ें गूँज रही थीं। कहीं किसी के रोने की आवाज़। कहीं...

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Devil की दास्तान - 16 By Sonam Brijwasi

(रात का अँधेरा हवेली में फैला है। तभी बिजली कड़कती है और तेज़ आवाज होती है। सिमरन डर के मारे करण के सीने से चिपक जाती है।)"सिमरन सहमी-सहमी थी।अपने डर और असहायपन में वह करण के सीने...

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कर्मजली कोख... - 5 (अंतिम भाग) By kalpita

आज घर में अफरा-तफरी का माहौल था।साजिया के फैसले से कोई खुश नहीं था।सास नाराज़ थी, नंद ताने दे रही थी,और आसिफ बेचैन होकर बार-बार एक ही बात पूछ रहा था —“तुम पागल हो गई हो क्या?”लेकिन...

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जंगल - 42 By Neeraj Sharma

---------------उलझन 42-----------अखाडो के उच्च अधिकारी जो अखाडो को चलाते थे आज वो महान संत मुनि श्रेष्ठ के पास बैठे थे। " बात वही पोलिस की चल रही थी। " उन मे किर्पा जी भी थे... उनक...

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चूड़ियों का रंग By kanta

---*कम उम्र वेडिंग - "चूड़ियों का रंग"* *[Story Start]**1. शॉक - "किताब गिर गई"* 16 साल की रिया 12th के फॉर्म भर रही थी। सपना था - डॉक्टर बनना। तभी मम्मी रसोई से आईं और बोलीं - "बे...

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अँधेरे का सच By deepanshi garg

नोट: यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, पेशे या संस्था की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि भरोसे के दुरुपयोग, यौन उत्पीड़न और पीड़ितों के मानसिक संघर्ष के प्रति ज...

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मंदिर में तुम - 8 By Sonam Brijwasi

रात बीत चुकी थी…पर Si-woo के लिए…वो रात खत्म ही नहीं हो रही थी…अपने अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ा…वो शहर की लाइट्स देख रहा था…पर उसकी आँखों में…बस एक ही चेहरा सुनामी… ️ उसने हल्की-...

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लड़की की सुरक्षा By Kapil Tiwari

प्रश्न ~ लड़कियों को पढ़ाई के लिऐ अथवा काम के लिऐ बहुत कम घर से बाहर भेजा जाता है। क्योंकि समाज में एक डर है कि कही उनके साथ कुछ बुरा न हों जाए ?उत्तर ~ ठीक है मान लिया समाज में अन...

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पिंजरे की उड़ान By deepanshi garg

दिव्या एक मध्यमवर्गीय, संपन्न परिवार की लड़की थी। घर में किसी चीज़ की कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी उसे हमेशा लगता था कि उसके हिस्से का प्यार कहीं खो गया है।उसके परिवार में मम्मी, पापा...

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पंखों का बोझ - 4 By Amardeep Kumar

The Weight of Wings                          पंखों का बोझ                                         एक नई खिडकीहर सुबह जब संजना अपने कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर कदम रखती, तो वो ताजगी —...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 18 By Sonam Brijwasi

रात गहरी हो चुकी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी जल रही थी।बाहर हवा धीरे-धीरे खिड़की से टकरा रही थी…और अंदर दो दिल एक ही जगह पर धड़क रहे थे। राधा धीरे-धीरे कृष्णा की बाहों में सिमट गई…ज...

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अनामिका By deepanshi garg

मिताली जब केवल छह साल की थी, तब एक भयानक कार दुर्घटना में उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई। उस हादसे में वह अकेली बची। उसके पिता शहर के जाने-माने उद्योगपति थे और करोड़ों की संपत्ति क...

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त्रिशा... - 51 By palvisha

कुछ पल के अंतर्द्वंद्व के बाद त्रिशा ने अपनी सास को उस दिन हुई सारी घटना के बारे में विस्तार से बताया। उसने उन्हें एक एक बात बताई कि उस दिन क्या हुआ था और उसकी सास ने भी पूरा प्रकर...

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कन्या भ्रूण हत्या: एक सामाजिक महामारी, By Kapil Tiwari

भ्रूण हत्या उस अमानवीय कृत्य को कहते हैं जिसमें गर्भावस्था के दौरान गर्भस्थ शिशु को सामाजिक दबाव, पति व परिवार के उत्पीड़न, गरीबी, लड़कियों के प्रति संवेदनहीनता और समाज में लड़कों...

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टूटता हुआ मन - भाग 3 By prem chand hembram

उस दिन विद्यालय का सभागार खचाखच भरा था। शांतनु मंच पर खड़ा था। उसकी आवाज़ में न कृत्रिमता थी, न प्रदर्शन—केवल अपने परिवार के प्रति सहज श्रद्धा थी।"मैंने अपने दादू को कभी देखा नहीं।...

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वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) By Kapil Tiwari

वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप): बदलते सामाजिक परिवेश और कानूनी पेचीदगियों का एक विश्लेषण।वैवाहिक बलात्कार (मैरिटल रेप) का सीधा अर्थ है—जब कोई पति अपनी पत्नी की सहमति के बिना, उसके स...

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प्रदर्शन और आंतरिक रिक्तता By Vedanta Life Agyat Agyani

 प्रदर्शन, आधुनिकता और चेतना: गहराई में छिपा रहस्य— Vedanta 2.0आधुनिकता का वास्तविक अर्थ केवल बाहरी स्वतंत्रता, फैशन, तकनीक या उपभोग नहीं है। उसका गहरा अर्थ है—चेतना का विकास। किंत...

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राहें - 3 By shiromani mathur

बनते बिगड़ते सम्बन्धरात आठ बजे थके हारे साहू साहब आफिस से घर आये तोपत्नी किरण ने पूछा - बहुत थके लग रहे हो? क्या लोगे चाय याखाना लगाऊ।साहू साहब ने कहा - बहुत थकान लग रही है चाय पिल...

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स्त्री का “पुरुष बनना”: एक संतुलन की खोज By Vedanta Life Agyat Agyani

स्त्री का “पुरुष बनना”: एक संतुलन की खोजवेदांत 2.0 के नज़रिए सेआज का समाज एक गहरे संक्रमण काल से गुजर रहा है। हम विकास की अंधी दौड़ में इतनी दूर निकल आए हैं कि हमने अपनी सामाजिक जड...

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लोग क्या कहेंगे By Shilpa exam tips

कोई कहता: "इसकी शादी नहीं होगी, curse लग गया है।"मम्मी रोती थी। मैं उनको हंसाती थी: "मम्मी, शादी से पहले IAS बन जाऊंगी तो सबसे बड़ी दहेज लेके आऊंगी - इज़्ज़त।"मम्मी डांट देती: "पाग...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 49 By Sonam Brijwasi

तीन दिन आख़िरकार गुज़र ही गए। वे तीन दिन जो श्रेया के लिए सिर्फ़ समय नहीं बल्कि ख़ामोश ज़हर थे।उस दिन जब उसे कबीर के पास भेजा गया श्रेया चुप थी। न रोई, न मुस्कुराई। बस एक पुतले की...

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ठुकराईन नयना देवी - 2 By Vandna Sharma

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... भाग - 10 By Tripti Singh

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Shakti ke Shiv - 7 By sheetal

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Devil की दास्तान - 16 By Sonam Brijwasi

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---------------उलझन 42-----------अखाडो के उच्च अधिकारी जो अखाडो को चलाते थे आज वो महान संत मुनि श्रेष्ठ के पास बैठे थे। " बात वही पोलिस की चल रही थी। " उन मे किर्पा जी भी थे... उनक...

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मंदिर में तुम - 8 By Sonam Brijwasi

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लड़की की सुरक्षा By Kapil Tiwari

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दिव्या एक मध्यमवर्गीय, संपन्न परिवार की लड़की थी। घर में किसी चीज़ की कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी उसे हमेशा लगता था कि उसके हिस्से का प्यार कहीं खो गया है।उसके परिवार में मम्मी, पापा...

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रात गहरी हो चुकी थी…कमरे में हल्की सी रोशनी जल रही थी।बाहर हवा धीरे-धीरे खिड़की से टकरा रही थी…और अंदर दो दिल एक ही जगह पर धड़क रहे थे। राधा धीरे-धीरे कृष्णा की बाहों में सिमट गई…ज...

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