महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • लाल दाग़ - 2

    जैसे-जैसे Sneha घर के करीब पहुँच रही थी, उसके मन में एक अजीब-सी उम्मीद जाग रही थ...

  • जीवन की पहचान : रीमा

    रीमारीमा… फैशन की दुनिया में यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं था। अंतरराष्ट्रीय...

  • कलाकृति

    कलाकृतिलेखक राज फुलवरे(द फाइल नंबर 22)PART 1 : फाइलों की दुनियावैशाली नगर पुलिस...

दो पतियों की लाडली पत्नी - 8 By Sonam Brijwasi

Car के अंदर, रात का समय, हल्की हल्की हवा चल रही है।Kabir ड्राइव कर रहा है। Karan अब भी स्टेयरिंग पर है, और Shreya पीछे Kabir की बाँहों में सिर रखकर सो चुकी है।Shreya का चेहरा बहुत...

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त्रिशा... - 33 By vrinda

उस भयावाह रात के बाद जब अगली बार जब त्रिशा की आंख खुली तो उसने खुद को अपने बिस्तर पर चादर में लिपटा पाया। उसकी आंख जैसे ही खुली तो उसने महसूस किया कि उसका पूरा शरीर इस समय दर्द से...

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लाल दाग़ - 2 By ARTI MEENA

जैसे-जैसे Sneha घर के करीब पहुँच रही थी, उसके मन में एक अजीब-सी उम्मीद जाग रही थी।उसे लग रहा था—शायद घर पहुँचते ही इस परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। शायद मम्मी सब ठीक कर देंगी।जैसे...

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मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 4: मेहँदी By Varun

शादी में छह दिन बाकी थे। आँगन में मेहँदी की रस्म चल रही थी। सौम्या ज़मीन पर बिछे गद्दों पर बैठी थी। उसके चारों ओर औरतों का घेरा था—हँसी, गीत, चूड़ियों की खनक। उसकी हथेलियों पर मेहँ...

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अनजान मददगार-The Stranger By fiza saifi

माया अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करके कॉल सेंटर से निकली थी। नाइट शिफ्ट का ड्राइवर कैब के साथ बाहर उसका इंतज़ार कर रहा था। नाइट शिफ्ट में कॉल सेंटर की तरफ़ से ड्रॉप सर्विस मिलती थी और एक...

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नीलम : एक नाम, कई फैसले By ARTI MEENA

गांव में सुबहें अक्सर शोर से नहीं, खबरों से शुरू होती हैं।उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ।माँ की आवाज़ में एक अजीब-सा ठहराव था जब उन्होंने कहा—“सुना है, मोहल्ले की लड़की… भाग गई है।”गांव...

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जीवन की पहचान : रीमा By Shivani Jatinkumar Pandya

रीमारीमा… फैशन की दुनिया में यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं था। अंतरराष्ट्रीय फैशन शो, नामी ब्रांड्स, विदेशी मैगज़ीनों के कवर—सब जगह उसकी डिज़ाइनों की चर्चा थी। लोग कहते थे, “रीम...

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कोख का संघर्ष By Jeetendra

भाग 1: विश्वास की दरारसुहानी खिड़की के पास खड़ी बाहर गिरती बारिश की बूंदों को देख रही थी, लेकिन उसका ध्यान बाहर के मौसम पर नहीं, बल्कि अपने हाथ में पकड़ी उस स्ट्रिप पर था जिस पर दो...

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इस घर में प्यार मना है - 6 By Sonam Brijwasi

आधी रात हो चुकी थी। पूरा घर गहरी नींद में था।सन्नाटा इतना गहरा कि कार्तिक के कदमों की आहट उसे खुद ही चुभ रही थी। उसके हाथ में एक पुरानी लोहे की रॉड थी। दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था...

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कलाकृति By Raj Phulware

कलाकृतिलेखक राज फुलवरे(द फाइल नंबर 22)PART 1 : फाइलों की दुनियावैशाली नगर पुलिस स्टेशन मुंबई की उन इमारतों में से एक था, जहाँ बाहर से देखने पर कुछ खास नहीं लगता, लेकिन अंदर कदम रखत...

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घूरा पर उगा पौधा..? By softrebel

शरीर पर लगे घाव तो भरने के लिए ही होते हैं,किंतु मन पर लगे घाव शरीर को भीतर से खोखला कर देते हैं।यही कारण है कि मन के घाव, सतही घावों को भरने नहीं देते।खोखला शरीर, शिथिल मन और दर्द...

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अदृश्य श्रम: घर के काम को काम क्यों नहीं माना जाता? By kajal

सुबह की शुरुआत अक्सर दूसरों के लिए होती है।अलार्म से पहले जागना, सबके उठने से पहले चाय रखना, बच्चों के स्कूल की तैयारी, घर के कामों की सूची मन ही मन बनाना — यह सब बिना किसी शोर के...

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कांदेपोहे By Raj Phulware

कांदेपोहेलेखक : राज फुलवरेशहर की भीड़भाड़ भरी जिंदगी में, जहाँ हर कोई अपनी जल्दी में, अपनी चिंताओं में डूबा हुआ भागता रहता है, उसी सड़क के एक कोने पर एक छोटी-सी गाड़ी रोज़ सुबह सज...

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बदलते समाज में गृहिणी की भूमिका और उसकी चुनौतियाँ By kajal

आज की गृहिणी की ज़िंदगी विज्ञान और आधुनिक सुविधाओं के कारण जितनी आसान दिखाई देती है, उतनी ही समय के साथ जटिल भी होती जा रही है। वॉशिंग मशीन, गैस, मिक्सर और इंटरनेट जैसी सुविधाओं ने...

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चंदेला - 3 By Raj Phulware

चंदेला — भाग 3लेखक: राज फुलवरेतीसरा पाठ — प्रकाश की जिम्मेदारीकांता अब केवल एक नाम नहीं रही थी। वह एक प्रतीक बन चुकी थी — एक ऐसी लौ, जो अंधेरे में उगी थी और आँधियों के बावजूद बुझी...

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सरोगेसी का काला पक्ष By S Sinha

                                                          सरोगेसी का काला पक्षसरोगेसी क्या है? सरोगेसी वह मेडिकल क्रिया है जिसमें एक महिला गर्भधारण करती है और जन्म के बाद बच्चे को...

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दो दिल, एक धड़कन: सृष्टि का सबसे सुंदर चमत्कारक्या By Zalri

आपने कभी सोचा है कि "पूर्णता" का असली अर्थ क्या है? दुनिया की नज़र में पूर्णता बड़ी गाड़ियों, ऊंचे पदों या भौतिक सुखों में हो सकती है, लेकिन एक स्त्री के लिए पूर्णता का अर्...

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तपस्विनी By Raj Phulware

तपस्विनीलेखक राज फुलवरेदिशाएँ उस दिन असामान्य रूप से शांत थीं. सूर्य ढलने को था, पर उसकी किरणें जंगल के विस्तृत फलों, लताओं और अनगिनत पत्तों पर ऐसा बिखर रही थीं जैसे पूरा वन सोने क...

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नारीशक्ति By Raj Phulware

नारीशक्तिलेखक राज फुलवरेसांझ ढल चुकी थी। जंगल के ऊपर हल्का-हल्का धुंध पसरा हुआ था। हवा में ठंडी सरसराहट थी और पत्तों की खरखराहट हर छोटे से छोटे आवाज़ को ज़िंदा कर रही थी। इसी सुनसा...

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ठुमकी (एक ठुमकती हुई ज़िन्दगी का असमय अंत ) By Rinki Singh

ससुराल से एक साल बाद मायके पहुँची थी |बरामदे की चौखट पार की ही थी कि सामने से फूला चाची आती दिखीं |हमेशा की तरह थोड़ा घूँघट निकाला हुआ चेहरा, हाथ में झोली,पर होंठों पर वह मुस्कान नह...

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वह लड़की… जो आईना बन गई By Pappu Maurya

— “वह लड़की, जो सफर में मिली थी”दिन: पता नहीं किस तारीख का था।बस इतना याद है कि हवा ठंडी थी, और मेरे अंदर बेचैनी गर्म।मैं वही था — 25 साल का, लेकिन दिल बिल्कुल अनगढ़…जैसे कोई पत्थर...

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फूल की कहानी By KANKSHA VASNIK

फूल.... नाम के अनुरूप वो कोमल थी पर उसकी जोड़ेंगी वैसी नहीं थी मां बाप उसे लड़की होने से उदास रहते थे पढ़ने का उसका बहुत मन था लेकिन घर की इसी हालत थी कि उसके बाबा उसे ओर उसके भाई...

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जहरीला घुंगरू - भाग 2 By Raj Phulware

जहरीला घुंगरू भाग 2लेखक- राज फुलवरेअध्याय–7अतीत की धधकती राख**महल के लंबे गलियारों में सन्नाटा पसरा था।राजा वज्रप्राण अपने कक्ष से बाहर निकलकर बरामदे की ओर चल पड़े।रात गहरी थी, बाद...

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फूल की किस्मत - 1 By KANKSHA VASNIK

फूल.... नाम के अनुरूप वो कोमल थी पर उसकी जोड़ेंगी वैसी नहीं थी मां बाप उसे लड़की होने से उदास रहते थे पढ़ने का उसका बहुत मन था लेकिन घर की एसी हालत थी कि उसके बाबा उसे ओर उसके भाई...

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अनकही मोहब्बत - 6 By Kabir

ढाका, 1965 – उमस, बारिश और धीमी जलती मोहब्बतभाग 1: उसका दीदार… जैसे हवा भी ठहर जाएकमलगंज की गली में पहली बार जब रुबैया ने हसन को देखा,बारिश हल्की थी—पर उसके दिल की धड़कनें तेज़।उसन...

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गुनाहों की सजा - भाग 28 By Ratna Pandey

नताशा का प्रश्न सुनने के पहले ही वरुण ने कहा, "जानता हूँ नताशा। मैं कौन हूँ ...? माही से मेरा क्या रिश्ता है ...? यही जानना है ना तुम्हें? तो सुनो, मम्मी मेरी माँ नहीं हैं। वह मेरी...

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मृदुला By Rinki Singh

मृदुला के घर से फिर वही आवाजें उठ रही थीं..चीखें, रोने की, बर्तनों के गिरने की, बच्चों के सिसकने की।मोहनलाल के घर तक साफ सुनाई देती थीं ये चीखें।पर अब यह सब उनके लिए नया नहीं था।हर...

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आखिरी कॉल - आखिरी मुलाकात By KANKSHA VASNIK

मयंक और महिरा दोनो ने अपना ग्रेजुएशन साथ साथ किया दोनो एक दूसरे से प्यार करते थे और शादी भी करना चाहते थे मयंक थोड़ा लापरवाह था वो हर काम छोड़ देता था उसे काम करना पसंद नहीं था वही...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 8 By Sonam Brijwasi

Car के अंदर, रात का समय, हल्की हल्की हवा चल रही है।Kabir ड्राइव कर रहा है। Karan अब भी स्टेयरिंग पर है, और Shreya पीछे Kabir की बाँहों में सिर रखकर सो चुकी है।Shreya का चेहरा बहुत...

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त्रिशा... - 33 By vrinda

उस भयावाह रात के बाद जब अगली बार जब त्रिशा की आंख खुली तो उसने खुद को अपने बिस्तर पर चादर में लिपटा पाया। उसकी आंख जैसे ही खुली तो उसने महसूस किया कि उसका पूरा शरीर इस समय दर्द से...

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लाल दाग़ - 2 By ARTI MEENA

जैसे-जैसे Sneha घर के करीब पहुँच रही थी, उसके मन में एक अजीब-सी उम्मीद जाग रही थी।उसे लग रहा था—शायद घर पहुँचते ही इस परेशानी से छुटकारा मिल जाएगा। शायद मम्मी सब ठीक कर देंगी।जैसे...

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मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 4: मेहँदी By Varun

शादी में छह दिन बाकी थे। आँगन में मेहँदी की रस्म चल रही थी। सौम्या ज़मीन पर बिछे गद्दों पर बैठी थी। उसके चारों ओर औरतों का घेरा था—हँसी, गीत, चूड़ियों की खनक। उसकी हथेलियों पर मेहँ...

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अनजान मददगार-The Stranger By fiza saifi

माया अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करके कॉल सेंटर से निकली थी। नाइट शिफ्ट का ड्राइवर कैब के साथ बाहर उसका इंतज़ार कर रहा था। नाइट शिफ्ट में कॉल सेंटर की तरफ़ से ड्रॉप सर्विस मिलती थी और एक...

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नीलम : एक नाम, कई फैसले By ARTI MEENA

गांव में सुबहें अक्सर शोर से नहीं, खबरों से शुरू होती हैं।उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ।माँ की आवाज़ में एक अजीब-सा ठहराव था जब उन्होंने कहा—“सुना है, मोहल्ले की लड़की… भाग गई है।”गांव...

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जीवन की पहचान : रीमा By Shivani Jatinkumar Pandya

रीमारीमा… फैशन की दुनिया में यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं था। अंतरराष्ट्रीय फैशन शो, नामी ब्रांड्स, विदेशी मैगज़ीनों के कवर—सब जगह उसकी डिज़ाइनों की चर्चा थी। लोग कहते थे, “रीम...

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भाग 1: विश्वास की दरारसुहानी खिड़की के पास खड़ी बाहर गिरती बारिश की बूंदों को देख रही थी, लेकिन उसका ध्यान बाहर के मौसम पर नहीं, बल्कि अपने हाथ में पकड़ी उस स्ट्रिप पर था जिस पर दो...

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कलाकृति By Raj Phulware

कलाकृतिलेखक राज फुलवरे(द फाइल नंबर 22)PART 1 : फाइलों की दुनियावैशाली नगर पुलिस स्टेशन मुंबई की उन इमारतों में से एक था, जहाँ बाहर से देखने पर कुछ खास नहीं लगता, लेकिन अंदर कदम रखत...

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शरीर पर लगे घाव तो भरने के लिए ही होते हैं,किंतु मन पर लगे घाव शरीर को भीतर से खोखला कर देते हैं।यही कारण है कि मन के घाव, सतही घावों को भरने नहीं देते।खोखला शरीर, शिथिल मन और दर्द...

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अदृश्य श्रम: घर के काम को काम क्यों नहीं माना जाता? By kajal

सुबह की शुरुआत अक्सर दूसरों के लिए होती है।अलार्म से पहले जागना, सबके उठने से पहले चाय रखना, बच्चों के स्कूल की तैयारी, घर के कामों की सूची मन ही मन बनाना — यह सब बिना किसी शोर के...

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कांदेपोहे By Raj Phulware

कांदेपोहेलेखक : राज फुलवरेशहर की भीड़भाड़ भरी जिंदगी में, जहाँ हर कोई अपनी जल्दी में, अपनी चिंताओं में डूबा हुआ भागता रहता है, उसी सड़क के एक कोने पर एक छोटी-सी गाड़ी रोज़ सुबह सज...

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आज की गृहिणी की ज़िंदगी विज्ञान और आधुनिक सुविधाओं के कारण जितनी आसान दिखाई देती है, उतनी ही समय के साथ जटिल भी होती जा रही है। वॉशिंग मशीन, गैस, मिक्सर और इंटरनेट जैसी सुविधाओं ने...

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चंदेला - 3 By Raj Phulware

चंदेला — भाग 3लेखक: राज फुलवरेतीसरा पाठ — प्रकाश की जिम्मेदारीकांता अब केवल एक नाम नहीं रही थी। वह एक प्रतीक बन चुकी थी — एक ऐसी लौ, जो अंधेरे में उगी थी और आँधियों के बावजूद बुझी...

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सरोगेसी का काला पक्ष By S Sinha

                                                          सरोगेसी का काला पक्षसरोगेसी क्या है? सरोगेसी वह मेडिकल क्रिया है जिसमें एक महिला गर्भधारण करती है और जन्म के बाद बच्चे को...

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तपस्विनी By Raj Phulware

तपस्विनीलेखक राज फुलवरेदिशाएँ उस दिन असामान्य रूप से शांत थीं. सूर्य ढलने को था, पर उसकी किरणें जंगल के विस्तृत फलों, लताओं और अनगिनत पत्तों पर ऐसा बिखर रही थीं जैसे पूरा वन सोने क...

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नारीशक्ति By Raj Phulware

नारीशक्तिलेखक राज फुलवरेसांझ ढल चुकी थी। जंगल के ऊपर हल्का-हल्का धुंध पसरा हुआ था। हवा में ठंडी सरसराहट थी और पत्तों की खरखराहट हर छोटे से छोटे आवाज़ को ज़िंदा कर रही थी। इसी सुनसा...

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ठुमकी (एक ठुमकती हुई ज़िन्दगी का असमय अंत ) By Rinki Singh

ससुराल से एक साल बाद मायके पहुँची थी |बरामदे की चौखट पार की ही थी कि सामने से फूला चाची आती दिखीं |हमेशा की तरह थोड़ा घूँघट निकाला हुआ चेहरा, हाथ में झोली,पर होंठों पर वह मुस्कान नह...

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वह लड़की… जो आईना बन गई By Pappu Maurya

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फूल की कहानी By KANKSHA VASNIK

फूल.... नाम के अनुरूप वो कोमल थी पर उसकी जोड़ेंगी वैसी नहीं थी मां बाप उसे लड़की होने से उदास रहते थे पढ़ने का उसका बहुत मन था लेकिन घर की इसी हालत थी कि उसके बाबा उसे ओर उसके भाई...

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जहरीला घुंगरू - भाग 2 By Raj Phulware

जहरीला घुंगरू भाग 2लेखक- राज फुलवरेअध्याय–7अतीत की धधकती राख**महल के लंबे गलियारों में सन्नाटा पसरा था।राजा वज्रप्राण अपने कक्ष से बाहर निकलकर बरामदे की ओर चल पड़े।रात गहरी थी, बाद...

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फूल की किस्मत - 1 By KANKSHA VASNIK

फूल.... नाम के अनुरूप वो कोमल थी पर उसकी जोड़ेंगी वैसी नहीं थी मां बाप उसे लड़की होने से उदास रहते थे पढ़ने का उसका बहुत मन था लेकिन घर की एसी हालत थी कि उसके बाबा उसे ओर उसके भाई...

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अनकही मोहब्बत - 6 By Kabir

ढाका, 1965 – उमस, बारिश और धीमी जलती मोहब्बतभाग 1: उसका दीदार… जैसे हवा भी ठहर जाएकमलगंज की गली में पहली बार जब रुबैया ने हसन को देखा,बारिश हल्की थी—पर उसके दिल की धड़कनें तेज़।उसन...

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मृदुला By Rinki Singh

मृदुला के घर से फिर वही आवाजें उठ रही थीं..चीखें, रोने की, बर्तनों के गिरने की, बच्चों के सिसकने की।मोहनलाल के घर तक साफ सुनाई देती थीं ये चीखें।पर अब यह सब उनके लिए नया नहीं था।हर...

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आखिरी कॉल - आखिरी मुलाकात By KANKSHA VASNIK

मयंक और महिरा दोनो ने अपना ग्रेजुएशन साथ साथ किया दोनो एक दूसरे से प्यार करते थे और शादी भी करना चाहते थे मयंक थोड़ा लापरवाह था वो हर काम छोड़ देता था उसे काम करना पसंद नहीं था वही...

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