महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 20 By Sonam Brijwasi

आज अग्निहोत्री हाउस पूरी तरह रोशनी से जगमगा रहा था।रितांशी का जन्मदिन था। पूरा घर फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ था। रितांशी गुलाबी ड्रेस में बेहद प्यारी लग रही थी। उसके कॉल...

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मन की दुविधा By Vandna Sharma

राखी का त्योहार था। नेहा दो दिन के लिए अपने मायके गई थी। भाई की कलाई पर राखी बांधकर, माँ के हाथ का खाना खाकर जब वह ससुराल लौटी तो मन में एक अजीब सी शांति थी।दरवाजे पर ही समीर ने बै...

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Shakti ke Shiv - 26 By sheetal

शिवाय अभी भी शक्ति के पास बैठा था।दोनों के बीच कुछ देर तक खामोशी रही।शक्ति की आँखों के सामने बार-बार उसी लड़की का चेहरा घूम रहा था।फिर उसने धीरे से कहा—"मेरे पास सिर्फ़ दो दिन हैं।...

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ख़ाकी बिंदिया - भाग 3 By Shilpy Aggarwal

अगली सुबह मृदुला ने अभिनव से छुट्टी की अर्ज़ी के बारे में पूछा। अभिनव कुछ खोया-खोया-सा था, मानो उसने उसकी बात सुनी ही न हो। बिना कोई उत्तर दिए वह बाहर निकल गया।मृदुला भी समाचारों म...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 69 By Sonam Brijwasi

अगले दिन बेबी सिटर आ गई थी…घर का काम थोड़ा आसान हो गया था।दिन भर की भागदौड़ और ऑफिस के काम के बाद…शाम तक श्रेया पूरी तरह थक चुकी थी।रात का समय था…शिवांश गहरी नींद में सो रहा था।कमर...

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सौम्या की यात्रा By Vandna Sharma

सौम्या अपने मायके आई हुई थी। बहुत दिनों बाद आई थी, सो मन में एक अलग ही उमंग थी। शाम ढलने लगी तो उसने अपनी मम्मी से कहा, "मम्मी, चलो न शाम को घूमने चलते हैं। अपना वाला प्लॉट भी दिखा...

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बेटी का भाग्य By Vandna Sharma

अगस्त माह का अंतिम दिन था। तापमान भले ही कम था, पर उमस बहुत थी। चौरे से लगे आंगन में एक तखत पड़ा था और तीन-चार बेंत की कुर्सियां। एक कोने में बच्चों के बैठने के लिए मूढ़े रखे थे। स...

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अतृप्त देह By Mayur Chaudhary

शहर के एक पॉश अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी सुनैना जब रात के सन्नाटे को देखती, तो उसकी अपनी सांसों की गर्माहट उसे बेचैन कर देती। बत्तीस साल की उम्र में पति को खोने के बाद दुनिया ने...

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एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 7 By Jyoti Prajapati

बावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेबावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेआधे से अधूरे से बिन तेरे हम हुएफीका लगे है मुझको सारा जहाँबावरा मन राह ताके...

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Her Silent Secret - 13 By Sonam Brijwasi

संयोगिता अपने cabin में अकेली बैठी थी। सामने laptop खुला था…लेकिन उसकी नजरें screen पर नहीं थीं। वो कहीं और खोई हुई थी। उसके दिमाग में बार-बार वही रात घूम रही थी संपूर्णा…उसकी बाँह...

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नारी चेतना By Shivraj Bhokare

नारी चेतना: झूठे सम्मान के भ्रम से वास्तविक स्वतंत्रता की क्रांति..सदियों से मानव सभ्यता ने आधी आबादी को पूजने, उसकी वंदना करने और उसे ‘देवी’, ‘गृहलक्ष्मी’ जैसे बड़े-बड़े विशेषणों...

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लास्ट चैप्टर By Jyoti Prajapati

महानगर की फिज़ा में जो अजीब सी घुटन थी, वह राघवन के लिए अब उतनी अनजानी नहीं रही थी। अपनी पहाड़ों की यात्रा के बाद जब वह वापस लौटा, तो शहर उसे पहले जैसा नहीं लगा। या शायद, यह शहर वै...

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चांदनी - 2 By Vandna Sharma

---*चांदनी*  _लेखिका: वंदना शर्मा_इस आजादी का फायदा उठा चांदनी घर में सबका अपमान करती। कहती - "जब मेरे पति को कोई दिक्कत नहीं, तो तुम कौन होते हो मुझे कुछ कहने वाले।"घर में सब चांद...

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Devil की दास्तान - 28 By Sonam Brijwasi

(शाम का वक्त है। हल्की बारिश हो रही है। सड़क किनारे एक पुरानी लकड़ी की बेंच पर सिमरन बैठी है।उसका चेहरा भीगा हुआ है — बारिश से भी, और आँसुओं से भी।)(उसके बाल बिखरे हुए हैं, होंठ का...

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भीड़ में अकेली - 4 By Alok Mishra

अध्याय–4 : अधूरी इच्छाएँ     रविवार की सुबह थी। आज महेश घर पर था। उमा ने सोचा, शायद आज कुछ अलग होगा। उसने नाश्ते में महेश की पसंद के आलू के पराठे बनाए, दही रखा, अचार निकाला और चाय...

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फरामोश इश्क़ - 1 By Sakshi Rai

राधे राधे! ​"मैं नहीं आई थी तुम्हारी ज़िंदगी में... वो तुम थे जो मेरे पास आए थे! वो तुम थे जिसने मुझे एहसास दिलाया था कि प्यार क्या होता है, और अब... अब मुझसे यूँ मुँह मोड़ रहे हो?...

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अनामिका - 2 By Vandna Sharma

पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि विनीता की शादी तय हो गई थी। अनामिका बहुत खुश हुई थी और उसने अपनी दोस्त के लिए खूब शॉपिंग कराई थी।विनीता की शादी दिल्ली में धूमधाम से हो गई। शादी के बा...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 20 By Sonam Brijwasi

आज अग्निहोत्री हाउस पूरी तरह रोशनी से जगमगा रहा था।रितांशी का जन्मदिन था। पूरा घर फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ था। रितांशी गुलाबी ड्रेस में बेहद प्यारी लग रही थी। उसके कॉल...

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मन की दुविधा By Vandna Sharma

राखी का त्योहार था। नेहा दो दिन के लिए अपने मायके गई थी। भाई की कलाई पर राखी बांधकर, माँ के हाथ का खाना खाकर जब वह ससुराल लौटी तो मन में एक अजीब सी शांति थी।दरवाजे पर ही समीर ने बै...

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Shakti ke Shiv - 26 By sheetal

शिवाय अभी भी शक्ति के पास बैठा था।दोनों के बीच कुछ देर तक खामोशी रही।शक्ति की आँखों के सामने बार-बार उसी लड़की का चेहरा घूम रहा था।फिर उसने धीरे से कहा—"मेरे पास सिर्फ़ दो दिन हैं।...

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ख़ाकी बिंदिया - भाग 3 By Shilpy Aggarwal

अगली सुबह मृदुला ने अभिनव से छुट्टी की अर्ज़ी के बारे में पूछा। अभिनव कुछ खोया-खोया-सा था, मानो उसने उसकी बात सुनी ही न हो। बिना कोई उत्तर दिए वह बाहर निकल गया।मृदुला भी समाचारों म...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 69 By Sonam Brijwasi

अगले दिन बेबी सिटर आ गई थी…घर का काम थोड़ा आसान हो गया था।दिन भर की भागदौड़ और ऑफिस के काम के बाद…शाम तक श्रेया पूरी तरह थक चुकी थी।रात का समय था…शिवांश गहरी नींद में सो रहा था।कमर...

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सौम्या की यात्रा By Vandna Sharma

सौम्या अपने मायके आई हुई थी। बहुत दिनों बाद आई थी, सो मन में एक अलग ही उमंग थी। शाम ढलने लगी तो उसने अपनी मम्मी से कहा, "मम्मी, चलो न शाम को घूमने चलते हैं। अपना वाला प्लॉट भी दिखा...

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बेटी का भाग्य By Vandna Sharma

अगस्त माह का अंतिम दिन था। तापमान भले ही कम था, पर उमस बहुत थी। चौरे से लगे आंगन में एक तखत पड़ा था और तीन-चार बेंत की कुर्सियां। एक कोने में बच्चों के बैठने के लिए मूढ़े रखे थे। स...

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अतृप्त देह By Mayur Chaudhary

शहर के एक पॉश अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी सुनैना जब रात के सन्नाटे को देखती, तो उसकी अपनी सांसों की गर्माहट उसे बेचैन कर देती। बत्तीस साल की उम्र में पति को खोने के बाद दुनिया ने...

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एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 7 By Jyoti Prajapati

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संयोगिता अपने cabin में अकेली बैठी थी। सामने laptop खुला था…लेकिन उसकी नजरें screen पर नहीं थीं। वो कहीं और खोई हुई थी। उसके दिमाग में बार-बार वही रात घूम रही थी संपूर्णा…उसकी बाँह...

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चांदनी - 2 By Vandna Sharma

---*चांदनी*  _लेखिका: वंदना शर्मा_इस आजादी का फायदा उठा चांदनी घर में सबका अपमान करती। कहती - "जब मेरे पति को कोई दिक्कत नहीं, तो तुम कौन होते हो मुझे कुछ कहने वाले।"घर में सब चांद...

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(शाम का वक्त है। हल्की बारिश हो रही है। सड़क किनारे एक पुरानी लकड़ी की बेंच पर सिमरन बैठी है।उसका चेहरा भीगा हुआ है — बारिश से भी, और आँसुओं से भी।)(उसके बाल बिखरे हुए हैं, होंठ का...

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भीड़ में अकेली - 4 By Alok Mishra

अध्याय–4 : अधूरी इच्छाएँ     रविवार की सुबह थी। आज महेश घर पर था। उमा ने सोचा, शायद आज कुछ अलग होगा। उसने नाश्ते में महेश की पसंद के आलू के पराठे बनाए, दही रखा, अचार निकाला और चाय...

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फरामोश इश्क़ - 1 By Sakshi Rai

राधे राधे! ​"मैं नहीं आई थी तुम्हारी ज़िंदगी में... वो तुम थे जो मेरे पास आए थे! वो तुम थे जिसने मुझे एहसास दिलाया था कि प्यार क्या होता है, और अब... अब मुझसे यूँ मुँह मोड़ रहे हो?...

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अनामिका - 2 By Vandna Sharma

पिछले अंक में आपने पढ़ा था कि विनीता की शादी तय हो गई थी। अनामिका बहुत खुश हुई थी और उसने अपनी दोस्त के लिए खूब शॉपिंग कराई थी।विनीता की शादी दिल्ली में धूमधाम से हो गई। शादी के बा...

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