महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • Devil की दास्तान - 49

    आधी रात का समय। बाहर बिजली चमक रही है। सिया करवटें बदल रही है, उसका चेहरा बेचैन...

  • अधूरी तड़प, ख़ामोश छुअन

    पुरानी हवेलीनुमा मकान की सबसे ऊपरी मंज़िल के कमरे में आरोही की एक अलग ही दुनिया...

  • Her Silent Secret - 25

    गोदाम में सन्नाटा था, सिर्फ बाहर से आती हवा की सरसराहट और राहुल की भारी साँसों क...

पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 20 By Sonam Brijwasi

आज अग्निहोत्री हाउस पूरी तरह रोशनी से जगमगा रहा था।रितांशी का जन्मदिन था। पूरा घर फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ था। रितांशी गुलाबी ड्रेस में बेहद प्यारी लग रही थी। उसके कॉल...

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ज़िंदगी तू क्या नहीं देती - एक टूटी हुई लड़की की सच्ची कहानी - 2 By Priya

उस रात के बाद मेरी ज़िंदगी बदल गई थी। परी की एक छोटी सी बात ने मेरे दिल में एक नई उम्मीद जगा दी थी। मैंने तय किया कि अब रोना बंद, अब लिखना शुरू।सुबह मैं उठी, चाय बनाई और अपनी डायरी...

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Devil की दास्तान - 49 By Sonam Brijwasi

आधी रात का समय। बाहर बिजली चमक रही है। सिया करवटें बदल रही है, उसका चेहरा बेचैन है।) सिया की पलकों के नीचे हरकत। उसके माथे पर पसीना। और तभी सपना शुरू होता है...) सपना — काली रात, स...

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अधूरी तड़प, ख़ामोश छुअन By Mayur Chaudhary

पुरानी हवेलीनुमा मकान की सबसे ऊपरी मंज़िल के कमरे में आरोही की एक अलग ही दुनिया बसती थी। घर में सिर्फ़ तीन लोग थे—उसका बड़ा भाई रोहन, भाभी कविता और वो ख़ुद। भाई का दिन का ज़्यादातर...

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Her Silent Secret - 25 By Sonam Brijwasi

गोदाम में सन्नाटा था, सिर्फ बाहर से आती हवा की सरसराहट और राहुल की भारी साँसों की आवाज़ गूंज रही थी। धूल के कण हवा में तैर रहे थे, जो टूटी हुई खिड़की से आती शाम की रोशनी में चमक रह...

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DMA - Dehradun Military Academy - 5 By Aarushi Singh Rajput

सारी लड़कियाँ एक लाइन में खड़ी थीं। उनके सामने Major Saumya खड़ी थीं।उन्होंने सभी की तरफ़ देखते हुए कहा,“I'm Major Saumya, the Academy Commander of DMA.”“आप लोग अगले 6 महीने इस...

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मंजिले - भाग 55 By Neeraj Sharma

गुज़र होता था कभी कभी उस टाहली के पास से,यहां मेरे बापू और भाई से बदला लिया था... उसे कुहाड़ी से काट दिया था.. पर बापू की तो गर्दन ही उड़ा दी थी, मेरे भाई की बाजू काट दी थी,पर उसने भी...

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 5 By Sonam Brijwasi

वो पल…चारों के लिए जैसे समय को रोक देने वाला था…शिवांश…करण से लिपटा हुआ था…और शिवांशी…कबीर की उंगली पकड़कर हँस रही थी…लेकिन…कबीर की नजर…बार-बार शिवांश पर जा रही थी…उसकी आँखों में ए...

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राहें - 30 By shiromani mathur

एक थी रेनूरेनू अपनी परिचित ऑटी सावित्री के घर पहुँची, दरवाजाखटखटाते हुये वह थोड़ा झिझक रही थी, फिर भी हिम्मत करकेउसने दरवाजा खटखटाया, दरवाजा सावित्री ऑटी ने ही खोला-रेनू को दरवाजे...

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मायके की देहलीज़ - भाग 3 By Nisha Choudhary

अस्पताल के उस ठंडे कमरे में फैली गहरी खामोशी को अचानक रीना की भारी सिसकियों ने तोड़ दिया। रीना की आँखों से अब पछतावे के आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। जिस नफ़रत, गलतफहमी और अहंक...

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अपना घर By Alok Mishra

      ट्रेन की सीटी ने रात की खामोशी को चीर दिया।गाड़ी एक हल्के झटके के साथ सरकी और फिर धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म पीछे छूटने लगा। उमा खिड़की के पास बैठी थी। कुछ देर पहले तक वह अपने भीतर...

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Shakti ke Shiv - 27 By sheetal

रणविजय के भागते ही शक्ति भी उसके पीछे दौड़ पड़ी।सुनसान गली में उसके कदमों की आवाज़ लगातार गूँज रही थी।काफी दूर जाने के बाद अचानक रणविजय उसे दिखाई दिया।शक्ति वहीं रुक गई।उसने अपनी g...

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मन की दुविधा By Vandna Sharma

राखी का त्योहार था। नेहा दो दिन के लिए अपने मायके गई थी। भाई की कलाई पर राखी बांधकर, माँ के हाथ का खाना खाकर जब वह ससुराल लौटी तो मन में एक अजीब सी शांति थी।दरवाजे पर ही समीर ने बै...

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ख़ाकी बिंदिया - भाग 3 By Shilpy Aggarwal

अगली सुबह मृदुला ने अभिनव से छुट्टी की अर्ज़ी के बारे में पूछा। अभिनव कुछ खोया-खोया-सा था, मानो उसने उसकी बात सुनी ही न हो। बिना कोई उत्तर दिए वह बाहर निकल गया।मृदुला भी समाचारों म...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 69 By Sonam Brijwasi

अगले दिन बेबी सिटर आ गई थी…घर का काम थोड़ा आसान हो गया था।दिन भर की भागदौड़ और ऑफिस के काम के बाद…शाम तक श्रेया पूरी तरह थक चुकी थी।रात का समय था…शिवांश गहरी नींद में सो रहा था।कमर...

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सौम्या की यात्रा By Vandna Sharma

सौम्या अपने मायके आई हुई थी। बहुत दिनों बाद आई थी, सो मन में एक अलग ही उमंग थी। शाम ढलने लगी तो उसने अपनी मम्मी से कहा, "मम्मी, चलो न शाम को घूमने चलते हैं। अपना वाला प्लॉट भी दिखा...

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बेटी का भाग्य By Vandna Sharma

अगस्त माह का अंतिम दिन था। तापमान भले ही कम था, पर उमस बहुत थी। चौरे से लगे आंगन में एक तखत पड़ा था और तीन-चार बेंत की कुर्सियां। एक कोने में बच्चों के बैठने के लिए मूढ़े रखे थे। स...

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एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर - 7 By Jyoti Prajapati

बावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेबावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेआधे से अधूरे से बिन तेरे हम हुएफीका लगे है मुझको सारा जहाँबावरा मन राह ताके...

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अतृप्त देह By Mayur Chaudhary

शहर के एक पॉश अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी सुनैना जब रात के सन्नाटे को देखती, तो उसकी अपनी सांसों की गर्माहट उसे बेचैन कर देती। बत्तीस साल की उम्र में पति को खोने के बाद दुनिया ने...

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नारी चेतना By Shivraj Bhokare

नारी चेतना: झूठे सम्मान के भ्रम से वास्तविक स्वतंत्रता की क्रांति..सदियों से मानव सभ्यता ने आधी आबादी को पूजने, उसकी वंदना करने और उसे ‘देवी’, ‘गृहलक्ष्मी’ जैसे बड़े-बड़े विशेषणों...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 20 By Sonam Brijwasi

आज अग्निहोत्री हाउस पूरी तरह रोशनी से जगमगा रहा था।रितांशी का जन्मदिन था। पूरा घर फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजा हुआ था। रितांशी गुलाबी ड्रेस में बेहद प्यारी लग रही थी। उसके कॉल...

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ज़िंदगी तू क्या नहीं देती - एक टूटी हुई लड़की की सच्ची कहानी - 2 By Priya

उस रात के बाद मेरी ज़िंदगी बदल गई थी। परी की एक छोटी सी बात ने मेरे दिल में एक नई उम्मीद जगा दी थी। मैंने तय किया कि अब रोना बंद, अब लिखना शुरू।सुबह मैं उठी, चाय बनाई और अपनी डायरी...

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Devil की दास्तान - 49 By Sonam Brijwasi

आधी रात का समय। बाहर बिजली चमक रही है। सिया करवटें बदल रही है, उसका चेहरा बेचैन है।) सिया की पलकों के नीचे हरकत। उसके माथे पर पसीना। और तभी सपना शुरू होता है...) सपना — काली रात, स...

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अधूरी तड़प, ख़ामोश छुअन By Mayur Chaudhary

पुरानी हवेलीनुमा मकान की सबसे ऊपरी मंज़िल के कमरे में आरोही की एक अलग ही दुनिया बसती थी। घर में सिर्फ़ तीन लोग थे—उसका बड़ा भाई रोहन, भाभी कविता और वो ख़ुद। भाई का दिन का ज़्यादातर...

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Her Silent Secret - 25 By Sonam Brijwasi

गोदाम में सन्नाटा था, सिर्फ बाहर से आती हवा की सरसराहट और राहुल की भारी साँसों की आवाज़ गूंज रही थी। धूल के कण हवा में तैर रहे थे, जो टूटी हुई खिड़की से आती शाम की रोशनी में चमक रह...

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DMA - Dehradun Military Academy - 5 By Aarushi Singh Rajput

सारी लड़कियाँ एक लाइन में खड़ी थीं। उनके सामने Major Saumya खड़ी थीं।उन्होंने सभी की तरफ़ देखते हुए कहा,“I'm Major Saumya, the Academy Commander of DMA.”“आप लोग अगले 6 महीने इस...

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मंजिले - भाग 55 By Neeraj Sharma

गुज़र होता था कभी कभी उस टाहली के पास से,यहां मेरे बापू और भाई से बदला लिया था... उसे कुहाड़ी से काट दिया था.. पर बापू की तो गर्दन ही उड़ा दी थी, मेरे भाई की बाजू काट दी थी,पर उसने भी...

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दो पतियों की लाडली पत्नी (Season 2) - 5 By Sonam Brijwasi

वो पल…चारों के लिए जैसे समय को रोक देने वाला था…शिवांश…करण से लिपटा हुआ था…और शिवांशी…कबीर की उंगली पकड़कर हँस रही थी…लेकिन…कबीर की नजर…बार-बार शिवांश पर जा रही थी…उसकी आँखों में ए...

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राहें - 30 By shiromani mathur

एक थी रेनूरेनू अपनी परिचित ऑटी सावित्री के घर पहुँची, दरवाजाखटखटाते हुये वह थोड़ा झिझक रही थी, फिर भी हिम्मत करकेउसने दरवाजा खटखटाया, दरवाजा सावित्री ऑटी ने ही खोला-रेनू को दरवाजे...

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मायके की देहलीज़ - भाग 3 By Nisha Choudhary

अस्पताल के उस ठंडे कमरे में फैली गहरी खामोशी को अचानक रीना की भारी सिसकियों ने तोड़ दिया। रीना की आँखों से अब पछतावे के आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। जिस नफ़रत, गलतफहमी और अहंक...

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अपना घर By Alok Mishra

      ट्रेन की सीटी ने रात की खामोशी को चीर दिया।गाड़ी एक हल्के झटके के साथ सरकी और फिर धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म पीछे छूटने लगा। उमा खिड़की के पास बैठी थी। कुछ देर पहले तक वह अपने भीतर...

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Shakti ke Shiv - 27 By sheetal

रणविजय के भागते ही शक्ति भी उसके पीछे दौड़ पड़ी।सुनसान गली में उसके कदमों की आवाज़ लगातार गूँज रही थी।काफी दूर जाने के बाद अचानक रणविजय उसे दिखाई दिया।शक्ति वहीं रुक गई।उसने अपनी g...

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मन की दुविधा By Vandna Sharma

राखी का त्योहार था। नेहा दो दिन के लिए अपने मायके गई थी। भाई की कलाई पर राखी बांधकर, माँ के हाथ का खाना खाकर जब वह ससुराल लौटी तो मन में एक अजीब सी शांति थी।दरवाजे पर ही समीर ने बै...

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ख़ाकी बिंदिया - भाग 3 By Shilpy Aggarwal

अगली सुबह मृदुला ने अभिनव से छुट्टी की अर्ज़ी के बारे में पूछा। अभिनव कुछ खोया-खोया-सा था, मानो उसने उसकी बात सुनी ही न हो। बिना कोई उत्तर दिए वह बाहर निकल गया।मृदुला भी समाचारों म...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 69 By Sonam Brijwasi

अगले दिन बेबी सिटर आ गई थी…घर का काम थोड़ा आसान हो गया था।दिन भर की भागदौड़ और ऑफिस के काम के बाद…शाम तक श्रेया पूरी तरह थक चुकी थी।रात का समय था…शिवांश गहरी नींद में सो रहा था।कमर...

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सौम्या की यात्रा By Vandna Sharma

सौम्या अपने मायके आई हुई थी। बहुत दिनों बाद आई थी, सो मन में एक अलग ही उमंग थी। शाम ढलने लगी तो उसने अपनी मम्मी से कहा, "मम्मी, चलो न शाम को घूमने चलते हैं। अपना वाला प्लॉट भी दिखा...

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बावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेबावरा मन राह ताके तरसे रेनैना भी मल्हार बनके बरसे रेआधे से अधूरे से बिन तेरे हम हुएफीका लगे है मुझको सारा जहाँबावरा मन राह ताके...

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शहर के एक पॉश अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी सुनैना जब रात के सन्नाटे को देखती, तो उसकी अपनी सांसों की गर्माहट उसे बेचैन कर देती। बत्तीस साल की उम्र में पति को खोने के बाद दुनिया ने...

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नारी चेतना By Shivraj Bhokare

नारी चेतना: झूठे सम्मान के भ्रम से वास्तविक स्वतंत्रता की क्रांति..सदियों से मानव सभ्यता ने आधी आबादी को पूजने, उसकी वंदना करने और उसे ‘देवी’, ‘गृहलक्ष्मी’ जैसे बड़े-बड़े विशेषणों...

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