महिला विशेष कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books
  • घर की सीईओ

    : गृहिणी नौकरानी नहीं, घर की मालकिन है। 30,000 की 'सैलरी' देकर उसका योगद...

  • Honted Jobplace - 13

    रात — वही कमरा। हल्की रोशनी… बाहर धीमी हवा…श्राव्या अब थोड़ा संभल चुकी है… कृषां...

  • बड़ी बेटी

    कहानी बड़ी बेटी*  *लेखिका: वन्दना शर्मा*आज पार्क में ज्यादा भीड़ नहीं थी। बारिश...

पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

Read Free

घर की सीईओ By Vandna Sharma

: गृहिणी नौकरानी नहीं, घर की मालकिन है। 30,000 की 'सैलरी' देकर उसका योगदान मत तौलो। पति की पूरी कमाई पर उसका हक है। *गृहिणी: नौकरानी नहीं, घर की मालकिन*  *लेखिका: वन्दना शर...

Read Free

Honted Jobplace - 13 By Sonam Brijwasi

रात — वही कमरा। हल्की रोशनी… बाहर धीमी हवा…श्राव्या अब थोड़ा संभल चुकी है… कृषांत उसके सामने खड़ा है… दोनों की आँखों में एक-दूसरे के लिए सुकून…।धीरे-धीरे… दोनों करीब आते हैं…। श्रा...

Read Free

बड़ी बेटी By Vandna Sharma

कहानी बड़ी बेटी*  *लेखिका: वन्दना शर्मा*आज पार्क में ज्यादा भीड़ नहीं थी। बारिश होने का मौसम हो रहा था। ठंडी हवाएँ चल रही थी। कुछ बच्चे झूला झूल रहे थे। कुछ महिलाएँ बेंच पर बैठी अप...

Read Free

The Silent Sacrifice By Sah Ankita

अध्याय 1"जब तक मैं 'अंशिका' तन्हा थी, तब तक यह जिंदगी सिर्फ एक गुजारा थी; मैं जी नहीं रही थी, बस सांसें काट रही थी। पर जिस दिन 'मृत्युंजय' मेरी तकदीर से मिला, मुझे...

Read Free

सास से दोस्ती कैसे करें By Shilpa exam tips

*माओं, शादी के बाद सबसे बड़ी जंग किसके साथ होती है? सास के साथ।* *बहू सोचती है "सास ताने मारती है"। सास सोचती है "बहू इज्जत नहीं करती"। और बीच में घर का माहौल खराब।* *मैं भी 2 साल...

Read Free

त्रिशा... - 49 By palvisha

त्रिशा ने सामने शीशे में दिख रही उस लड़की के चेहरे को देखा और उसे ऐसा लगा जैसे वो लड़की उस पर हंस रही हो और मानो कह रही हो कि "इतना क्या बुरा मान रही है एक थप्पड़ का।।।।हर बार की त...

Read Free

स्त्रीतत्त्व: मूल स्वरूप और मौलिक संवेदना By Vedanta Life Agyat Agyani

 भूमिकापहला शब्द आने से पहलेयह पुस्तक पहले से योजनाबद्ध नहीं थी। न यह किसी पुस्तकालय में जन्मी, न किसी शोध-प्रबंध की मेज़ पर, न किसी पाठ्यक्रम के ढाँचे में। यह वैसे आई जैसे सच्ची ब...

Read Free

मां के लिए 4आसान तरीके जो घर शांत कर देंगे By Shilpa exam tips

*1. पहले कारण समझो, फिर डांटो*बच्चा बिना वजह ज़िद नहीं करता। कभी उसे भूख लगी होती है, कभी नींद आ रही होती है, कभी बस माँ का ध्यान चाहिए होता है। मेरा बेटा जब रो-रोकर खिलौना मांगता...

Read Free

बर्दाश्त की हद By कमल चोपड़ा

 बर्दाश्त की हद कमल चोपड़ा​वह अक्सर चोटें खाकर डॉ. मदान के क्लीनिक पर आती। चोटें लगने का कारण भी हर बार एक ही होता। फिर भी पूछने पर रोते-सिसकते हुए यह बताती कि उसके तो भाग ही फूटे...

Read Free

बीते न रैना भाग - 8 By Neeraj Sharma

-------------समय ------------- वही वक़्त कि लहरें जो अक्सर दिमाग़ मे उठती है। ग्रेवाल एक दम से सोच ने लगा," कया बलजीत को कल का कुछ भी मालम नहीं, कया बता कर नहीं गया होगा, तीन बच्चो क...

Read Free

दो पतियों की लाडली पत्नी - 30 By Sonam Brijwasi

आधी रात, कमराShreya Karan से लगी हुई है, पर उसका पूरा शरीर बर्फ जैसा था—इतना ठंडा… कि Karan का दिल दहल गया।Karan ने धीरे से उसका चेहरा छुआ—उसकी त्वचा पर पसीने की पतली परत थी।KARAN...

Read Free

परायें हुए अपने - 2 By Ravnika

                  ( ससुराल में आगमन )कुसुम का ससुराल उसके घर से क़रीब 40 किलोमीटर की दूरी पर था जहाँ गाड़ी से पहुँचने में 1 घंटे  से कम वक़्त ही लगता था। कुसुम अपने जेठ से घूँघट कर...

Read Free

मौत से भागती दुल्हन - 9 By Sonam Brijwasi

किशिराज कमरे से बाहर निकल चुका था। होटल के गलियारे में हल्की-हल्की लाइटें जल रही थीं… और दूर कहीं शहर की आवाज़ गूँज रही थी।उसने अपने फोन पर एक नंबर डायल किया। कुछ ही रिंग के बाद कॉ...

Read Free

सब्र का फल By Vandna Sharma

_लेखिका: डॉ वंदना शर्मा_---सब्र का फलएक समय की बात है। बिजनौर जिले के एक गाँव कुम्हारपुर में एक जमींदार के घर एक प्यारी सी लड़की शशिबाला का जन्म हुआ। शशी बचपन से ही मेधावी, गृहकार्...

Read Free

मां-बहन-बेटी और बीवी By कमल चोपड़ा

मां - बहन - बेटी और बीवीकमल चोपड़ा​उसके चेहरे पर उतरा हुआ चिंता की मकड़ी का जाला बीवी से छिपा नहीं रह सका था। ऑफिस से टूटा-थका-हारा लौटा देखकर बीवी ने पूछा, "क्या हुआ? इतने डिप्रेस...

Read Free

खून By कमल चोपड़ा

खूनकमल चोपड़ा​     फिर वही हुआ था जिसका उसे डर था। उसके दर्द शुरू हो गई थी और टांगों के बीच से खून रिसने लगा था। पति कहीं बाहर गया हुआ था। पड़ोसी की मदद से वह किसी तरह हस्पताल पहुं...

Read Free

इस घर में प्यार मना है - 36 By Sonam Brijwasi

घर में आज खास दिन था…नन्ही परी के नामकरण का। सब हॉल में बैठे थे…बीच में छोटी सी गुड़िया… सबकी आँखों का तारा सबसे पहले मोहन कूदा —मैं नाम रखूँगा!इसका नाम है — ‘चुलबुली’ सब हँस पड़े।...

Read Free

प्रेम By Alok Mishra

उसने झुककर गुलाब का एक फूल आगे बढ़ाया और अपने दिल पर हाथ रखकर मुस्कुराते हुए कहा—"I love you."उमा उसकी इस अदा पर पहले से ही फिदा थी। वह शलभ को मना कर भी नहीं सकती थी, फिर भी बनावटी...

Read Free

घरेलू नुस्खे By Sunita Bapna

अस्थमा ·         वेग के समय एक चम्मच हल्दी एक चम्मच शहद सुबह खाली पेट ले। ·         सुबह खाली पेट ली शहद फेफड़ो के कफ के जमाव में राहत देती है | ·         गर्म पानी में लहसुन पेस्ट...

Read Free

मछलीवाली By Alok Mishra

मछलीवाली          "मच्छी लेलो मच्छी......... । "  उमा जोर से हांका  लगाती हुई मछली बाज़ार से निकल कर बस्ती की ओर बढ़ने लगी। उमा के सर पर मछली की टोकरी है;जिसे एक हाथ से पकड़ा है।दू...

Read Free

ममतामयी माँ By Sunita Bapna

                 ममतामयी माँ शीर्षक लगते हुए मन में आया मेरी मामतमायी  माँ लिखूँ ,तब मेरे अन्तर्मन ने मुझे टोका कि इतनी विराट ममता कि धारिणी  को मेरी कह कर सीमित क्यूँ करूँ| जिसके ...

Read Free

तुम एक चेतना हो, देह नहीं! By Shivraj Bhokare

तुम एक चेतना हो, देह नहीं! १. देह का पिंजरा और समाज की साज़िशयुगों-युगों से स्त्रियों को एक गहरे भ्रम में जिया जााया गया है। जैसे ही एक बच्ची इस दुनिया में आँखें खोलती है, पूरा समा...

Read Free

ज़ख्मों की शादी - 23 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की रोशनी कमरे में फैल चुकी थी। सृष्टि अभी भी थोड़ी झिझकी हुई थी। वो उठकर बैठ गई। बाल बिखरे हुए। चेहरे पर हल्की थकान। कबीर भी उठकर बैठ गया, पर उसने दूरी बनाए रखी। कुछ पल...

Read Free

दोस्ती By Alok Mishra

     सुभम एक कंपनी में काम करता है। हंसमुख, सरल और कर्तव्यनिष्ठा के कारण जाना जाने वाला सुभम अपने आफिस सब का चहीता  था। वह विवाहित तो था लेकिन जहां भी जाता महिलाओं आकर्षण का केंद्र...

Read Free

गाठें By Alok Mishra

     उमा को आज अचानक ही अनिल मिल गया। ये उसके साथ कालेज में पढ़ता था। उमा से अक्सर उसकी सहेलियाँ कहती कि अनिल हमेशा ही उमा को देखता रहता है। उसे भी लगता कि अनिल उससे कुछ कहना चाहता...

Read Free

भंवर - भाग 1 By Anil Kundal

़ं एक ़ं मैंने कब चाहा था कि उससे मिलूँ? और मिल ही गया था वह किसी यायावर की तरह एकाएक एक अनजाने सफ़र पर निकले हुए, तो मैंने कब यह भी कभी चाहा था कि वो मुझसे प्रेम करे? फिर भी प्राय...

Read Free

आखिर कातिल कौन..?! By softrebel

_"कहल जाला नीमन घर बर खोजत खोजत बाप के एड़ी खिया जाला।बाकि अब से कहल जाई की बाप के एड़ी दू बार खियाला एक बार नीमन घर बर खोजे मे तऽ दोसर नीमन घर बर मे घटियावल बेटी के न्याय दियावे म...

Read Free

जंगल - 39 By Neeraj Sharma

39 वा धारावाहिक ईश्वर की प्राप्ति के लिए कितना संघर्च करना पड़ता है तुम जानते भी हो ---- बहुत लोग ईश्वर को प्रश्न चिन से देखते है --- हे भी कि फिर....ये उपन्यास यही से शुरू हो रहा ह...

Read Free

पंछी का पिंजरा - भाग 4 By Anil Kundal

मुझे दो दिन बाद होश आया था। डाक्टर नर्सस और जान पहचान के सभी लोगों ने मेरी बचने की उम्मीद पूरी तरह से खो दी थी। जैसे कि बीच नदी के पहुँचते ही भंवर उठने पर मल्लाहें सभी तरह की आशाओं...

Read Free

मुझे क्या बेचेगा रुपैया By Vir jadeja

मुझे क्या बेचेगा रुपैया" सिर्फ एक गाना नहीं है। ये उस हर लड़की की आवाज़ है जिसे दहेज, समझौता और 'बोझ' जैसे शब्दों से बाँधने की कोशिश की गई। इस गाने के बोल सीधे दिल पर वार क...

Read Free

जीवन की नई डोर - भाग 1 By prem chand hembram

दीक्षा — भाग १ अंधकार से प्रथम परिचयधनबाद जिले की कोयला नगरी के समीप बंगालियों की एक बड़ी कॉलोनी थी।उसके चारों ओर टीन, प्लास्टिक और खपरैल से बने कई झोपड़ीनुमा घर बिखरे पड़े थे।सुबह...

Read Free

Counterfeit Coin By Alok Mishra

        Evening was falling. The chill in the air was sharp, the winds howling fiercely. Drawn by a craving for a cigarette, Ashok left his room at Ashok Lodge and wandered down to...

Read Free

बिल्ली जो इंसान बनती थी - 21 By Sonam Brijwasi

तांत्रिक जैसे ही तलवार शानवी की ओर उठाने वाला था…पूरा कमरा सन्न हो गया। लेकिन तभी—एक तेज़, गूंजती हुई आवाज़ आई—रुक जाओ!सभी की नज़र पीछे मुड़ी। दरवाज़े पर खड़ा था… कार्तिकेय। उसकी...

Read Free

खोंटा सिक्का By Alok Mishra

शाम हो रही थी। ठंड़ी हवाऐं बहुत तेज बह रहीं थी। ऐसे में अशोक लाज का कमरा छोड़ कर सिगरेट की तलब में नीचे चौराहे पर गुमटी तक आया। एक सिगरेट जला कर खुद को हलका और गर्म महसूस करने लगा।...

Read Free

पंखों का बोझ By Amardeep Kumar

कमरे में एसी चल रहा था, फिर भी संजना की हथेलियां पसीने से तर थीं। फोन को इतनी जोर से पकड़ा हुआ था कि उंगलियों के पोर सफेद पड़ गए थे — जैसे अगर उसने ज़रा भी ढील दी, तो कुछ छूट जाएगा...

Read Free

घर की सीईओ By Vandna Sharma

: गृहिणी नौकरानी नहीं, घर की मालकिन है। 30,000 की 'सैलरी' देकर उसका योगदान मत तौलो। पति की पूरी कमाई पर उसका हक है। *गृहिणी: नौकरानी नहीं, घर की मालकिन*  *लेखिका: वन्दना शर...

Read Free

Honted Jobplace - 13 By Sonam Brijwasi

रात — वही कमरा। हल्की रोशनी… बाहर धीमी हवा…श्राव्या अब थोड़ा संभल चुकी है… कृषांत उसके सामने खड़ा है… दोनों की आँखों में एक-दूसरे के लिए सुकून…।धीरे-धीरे… दोनों करीब आते हैं…। श्रा...

Read Free

बड़ी बेटी By Vandna Sharma

कहानी बड़ी बेटी*  *लेखिका: वन्दना शर्मा*आज पार्क में ज्यादा भीड़ नहीं थी। बारिश होने का मौसम हो रहा था। ठंडी हवाएँ चल रही थी। कुछ बच्चे झूला झूल रहे थे। कुछ महिलाएँ बेंच पर बैठी अप...

Read Free

The Silent Sacrifice By Sah Ankita

अध्याय 1"जब तक मैं 'अंशिका' तन्हा थी, तब तक यह जिंदगी सिर्फ एक गुजारा थी; मैं जी नहीं रही थी, बस सांसें काट रही थी। पर जिस दिन 'मृत्युंजय' मेरी तकदीर से मिला, मुझे...

Read Free

सास से दोस्ती कैसे करें By Shilpa exam tips

*माओं, शादी के बाद सबसे बड़ी जंग किसके साथ होती है? सास के साथ।* *बहू सोचती है "सास ताने मारती है"। सास सोचती है "बहू इज्जत नहीं करती"। और बीच में घर का माहौल खराब।* *मैं भी 2 साल...

Read Free

त्रिशा... - 49 By palvisha

त्रिशा ने सामने शीशे में दिख रही उस लड़की के चेहरे को देखा और उसे ऐसा लगा जैसे वो लड़की उस पर हंस रही हो और मानो कह रही हो कि "इतना क्या बुरा मान रही है एक थप्पड़ का।।।।हर बार की त...

Read Free

स्त्रीतत्त्व: मूल स्वरूप और मौलिक संवेदना By Vedanta Life Agyat Agyani

 भूमिकापहला शब्द आने से पहलेयह पुस्तक पहले से योजनाबद्ध नहीं थी। न यह किसी पुस्तकालय में जन्मी, न किसी शोध-प्रबंध की मेज़ पर, न किसी पाठ्यक्रम के ढाँचे में। यह वैसे आई जैसे सच्ची ब...

Read Free

मां के लिए 4आसान तरीके जो घर शांत कर देंगे By Shilpa exam tips

*1. पहले कारण समझो, फिर डांटो*बच्चा बिना वजह ज़िद नहीं करता। कभी उसे भूख लगी होती है, कभी नींद आ रही होती है, कभी बस माँ का ध्यान चाहिए होता है। मेरा बेटा जब रो-रोकर खिलौना मांगता...

Read Free

बर्दाश्त की हद By कमल चोपड़ा

 बर्दाश्त की हद कमल चोपड़ा​वह अक्सर चोटें खाकर डॉ. मदान के क्लीनिक पर आती। चोटें लगने का कारण भी हर बार एक ही होता। फिर भी पूछने पर रोते-सिसकते हुए यह बताती कि उसके तो भाग ही फूटे...

Read Free

बीते न रैना भाग - 8 By Neeraj Sharma

-------------समय ------------- वही वक़्त कि लहरें जो अक्सर दिमाग़ मे उठती है। ग्रेवाल एक दम से सोच ने लगा," कया बलजीत को कल का कुछ भी मालम नहीं, कया बता कर नहीं गया होगा, तीन बच्चो क...

Read Free

दो पतियों की लाडली पत्नी - 30 By Sonam Brijwasi

आधी रात, कमराShreya Karan से लगी हुई है, पर उसका पूरा शरीर बर्फ जैसा था—इतना ठंडा… कि Karan का दिल दहल गया।Karan ने धीरे से उसका चेहरा छुआ—उसकी त्वचा पर पसीने की पतली परत थी।KARAN...

Read Free

परायें हुए अपने - 2 By Ravnika

                  ( ससुराल में आगमन )कुसुम का ससुराल उसके घर से क़रीब 40 किलोमीटर की दूरी पर था जहाँ गाड़ी से पहुँचने में 1 घंटे  से कम वक़्त ही लगता था। कुसुम अपने जेठ से घूँघट कर...

Read Free

मौत से भागती दुल्हन - 9 By Sonam Brijwasi

किशिराज कमरे से बाहर निकल चुका था। होटल के गलियारे में हल्की-हल्की लाइटें जल रही थीं… और दूर कहीं शहर की आवाज़ गूँज रही थी।उसने अपने फोन पर एक नंबर डायल किया। कुछ ही रिंग के बाद कॉ...

Read Free

सब्र का फल By Vandna Sharma

_लेखिका: डॉ वंदना शर्मा_---सब्र का फलएक समय की बात है। बिजनौर जिले के एक गाँव कुम्हारपुर में एक जमींदार के घर एक प्यारी सी लड़की शशिबाला का जन्म हुआ। शशी बचपन से ही मेधावी, गृहकार्...

Read Free

मां-बहन-बेटी और बीवी By कमल चोपड़ा

मां - बहन - बेटी और बीवीकमल चोपड़ा​उसके चेहरे पर उतरा हुआ चिंता की मकड़ी का जाला बीवी से छिपा नहीं रह सका था। ऑफिस से टूटा-थका-हारा लौटा देखकर बीवी ने पूछा, "क्या हुआ? इतने डिप्रेस...

Read Free

खून By कमल चोपड़ा

खूनकमल चोपड़ा​     फिर वही हुआ था जिसका उसे डर था। उसके दर्द शुरू हो गई थी और टांगों के बीच से खून रिसने लगा था। पति कहीं बाहर गया हुआ था। पड़ोसी की मदद से वह किसी तरह हस्पताल पहुं...

Read Free

इस घर में प्यार मना है - 36 By Sonam Brijwasi

घर में आज खास दिन था…नन्ही परी के नामकरण का। सब हॉल में बैठे थे…बीच में छोटी सी गुड़िया… सबकी आँखों का तारा सबसे पहले मोहन कूदा —मैं नाम रखूँगा!इसका नाम है — ‘चुलबुली’ सब हँस पड़े।...

Read Free

प्रेम By Alok Mishra

उसने झुककर गुलाब का एक फूल आगे बढ़ाया और अपने दिल पर हाथ रखकर मुस्कुराते हुए कहा—"I love you."उमा उसकी इस अदा पर पहले से ही फिदा थी। वह शलभ को मना कर भी नहीं सकती थी, फिर भी बनावटी...

Read Free

घरेलू नुस्खे By Sunita Bapna

अस्थमा ·         वेग के समय एक चम्मच हल्दी एक चम्मच शहद सुबह खाली पेट ले। ·         सुबह खाली पेट ली शहद फेफड़ो के कफ के जमाव में राहत देती है | ·         गर्म पानी में लहसुन पेस्ट...

Read Free

मछलीवाली By Alok Mishra

मछलीवाली          "मच्छी लेलो मच्छी......... । "  उमा जोर से हांका  लगाती हुई मछली बाज़ार से निकल कर बस्ती की ओर बढ़ने लगी। उमा के सर पर मछली की टोकरी है;जिसे एक हाथ से पकड़ा है।दू...

Read Free

ममतामयी माँ By Sunita Bapna

                 ममतामयी माँ शीर्षक लगते हुए मन में आया मेरी मामतमायी  माँ लिखूँ ,तब मेरे अन्तर्मन ने मुझे टोका कि इतनी विराट ममता कि धारिणी  को मेरी कह कर सीमित क्यूँ करूँ| जिसके ...

Read Free

तुम एक चेतना हो, देह नहीं! By Shivraj Bhokare

तुम एक चेतना हो, देह नहीं! १. देह का पिंजरा और समाज की साज़िशयुगों-युगों से स्त्रियों को एक गहरे भ्रम में जिया जााया गया है। जैसे ही एक बच्ची इस दुनिया में आँखें खोलती है, पूरा समा...

Read Free

ज़ख्मों की शादी - 23 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की रोशनी कमरे में फैल चुकी थी। सृष्टि अभी भी थोड़ी झिझकी हुई थी। वो उठकर बैठ गई। बाल बिखरे हुए। चेहरे पर हल्की थकान। कबीर भी उठकर बैठ गया, पर उसने दूरी बनाए रखी। कुछ पल...

Read Free

दोस्ती By Alok Mishra

     सुभम एक कंपनी में काम करता है। हंसमुख, सरल और कर्तव्यनिष्ठा के कारण जाना जाने वाला सुभम अपने आफिस सब का चहीता  था। वह विवाहित तो था लेकिन जहां भी जाता महिलाओं आकर्षण का केंद्र...

Read Free

गाठें By Alok Mishra

     उमा को आज अचानक ही अनिल मिल गया। ये उसके साथ कालेज में पढ़ता था। उमा से अक्सर उसकी सहेलियाँ कहती कि अनिल हमेशा ही उमा को देखता रहता है। उसे भी लगता कि अनिल उससे कुछ कहना चाहता...

Read Free

भंवर - भाग 1 By Anil Kundal

़ं एक ़ं मैंने कब चाहा था कि उससे मिलूँ? और मिल ही गया था वह किसी यायावर की तरह एकाएक एक अनजाने सफ़र पर निकले हुए, तो मैंने कब यह भी कभी चाहा था कि वो मुझसे प्रेम करे? फिर भी प्राय...

Read Free

आखिर कातिल कौन..?! By softrebel

_"कहल जाला नीमन घर बर खोजत खोजत बाप के एड़ी खिया जाला।बाकि अब से कहल जाई की बाप के एड़ी दू बार खियाला एक बार नीमन घर बर खोजे मे तऽ दोसर नीमन घर बर मे घटियावल बेटी के न्याय दियावे म...

Read Free

जंगल - 39 By Neeraj Sharma

39 वा धारावाहिक ईश्वर की प्राप्ति के लिए कितना संघर्च करना पड़ता है तुम जानते भी हो ---- बहुत लोग ईश्वर को प्रश्न चिन से देखते है --- हे भी कि फिर....ये उपन्यास यही से शुरू हो रहा ह...

Read Free

पंछी का पिंजरा - भाग 4 By Anil Kundal

मुझे दो दिन बाद होश आया था। डाक्टर नर्सस और जान पहचान के सभी लोगों ने मेरी बचने की उम्मीद पूरी तरह से खो दी थी। जैसे कि बीच नदी के पहुँचते ही भंवर उठने पर मल्लाहें सभी तरह की आशाओं...

Read Free

मुझे क्या बेचेगा रुपैया By Vir jadeja

मुझे क्या बेचेगा रुपैया" सिर्फ एक गाना नहीं है। ये उस हर लड़की की आवाज़ है जिसे दहेज, समझौता और 'बोझ' जैसे शब्दों से बाँधने की कोशिश की गई। इस गाने के बोल सीधे दिल पर वार क...

Read Free

जीवन की नई डोर - भाग 1 By prem chand hembram

दीक्षा — भाग १ अंधकार से प्रथम परिचयधनबाद जिले की कोयला नगरी के समीप बंगालियों की एक बड़ी कॉलोनी थी।उसके चारों ओर टीन, प्लास्टिक और खपरैल से बने कई झोपड़ीनुमा घर बिखरे पड़े थे।सुबह...

Read Free

Counterfeit Coin By Alok Mishra

        Evening was falling. The chill in the air was sharp, the winds howling fiercely. Drawn by a craving for a cigarette, Ashok left his room at Ashok Lodge and wandered down to...

Read Free

बिल्ली जो इंसान बनती थी - 21 By Sonam Brijwasi

तांत्रिक जैसे ही तलवार शानवी की ओर उठाने वाला था…पूरा कमरा सन्न हो गया। लेकिन तभी—एक तेज़, गूंजती हुई आवाज़ आई—रुक जाओ!सभी की नज़र पीछे मुड़ी। दरवाज़े पर खड़ा था… कार्तिकेय। उसकी...

Read Free

खोंटा सिक्का By Alok Mishra

शाम हो रही थी। ठंड़ी हवाऐं बहुत तेज बह रहीं थी। ऐसे में अशोक लाज का कमरा छोड़ कर सिगरेट की तलब में नीचे चौराहे पर गुमटी तक आया। एक सिगरेट जला कर खुद को हलका और गर्म महसूस करने लगा।...

Read Free