हिंदी महिला विशेष कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

खूबसूरत यादें
द्वारा DINESH KUMAR KEER

कुछ रिश्ते कैसे बन जाते हैं । मालूम नहीं पड़ता । कब कौन कैसे कहा हमारे करीब आ जाता है सब कुछ इतना जल्दी हो जाता है हम कुछ ...

सात फेरे
द्वारा Vaidehi Vatika {वैदेही वाटिका}

(नमस्कार प्रिय पाठकों (मित्रों) मेरे द्वारा लिखी यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक हैं । किसी भी व्यक्ति का नाम या कहानी का कोई क़िस्सा सयोंग ही होगा। कहानी के ...

पहला प्यार--नही भुला पाती - 2
द्वारा किशनलाल शर्मा

आशा बोलते हुए रुकी।उसने कामिनी की।तरफ देखा।कामिनी ध्यान से उसकी बात सुन रही थी।आशा फिर बोली,"तुम स्वंय एक औरत हो इसलिय औरत के दर्द को अच्छी तरह समझ सकती ...

सच में हमारा देश बदल रहा है ?
द्वारा Bindu _Anurag

आज आजादी की 75 साल बीत गए हैं और हम लोग आज भी यह नारा लगाते हैं कि हम आजाद हैं जो कभी कभी अरे नहीं नहीं कई बार ...

यूं गल रही हैं हसरतें
द्वारा Sharovan

यूं गल रहीं हैं हसरतें कहानी/शरोवन यूं तो हर किसी को अपने घाव गहरे नज़र आते हैं, मगर मानसिकता के तौर पर मिले हुये ज़ख्मों से टपकता हुआ खून ...

पहला प्यार - नही भुला पाती - 1
द्वारा किशनलाल शर्मा

"आप कामिनी है?"दरवाजा खुलते ही आशा ने दरवाजा खोलने वाली युवती से पूछा था।"हां।मैं कामिनी हूँ,"कामिनी उस युवती से बोली,"लेकिन आप कौन है?आप मेरा नाम कैसे जानती है?मैने आपको ...

करवाचौथ
द्वारा दिनेश कुमार कीर

करवा चौथ सुनो ना , सीमा ने प्यार से पति रवि के कंधे पर सिर रखते हुए कहा ... " करवा चौथ मे सिर्फ तीन दिन रह गए है ...

मेरे घर का रास्ता
द्वारा Sharovan

‘एक बात बतायेंगे आप?’‘क्या?’‘आप पुनर्जन्म पर विश्वास करते हैं?’‘कभी नहीं।’ दिनकर दृढ़ता से बोला।‘मैं तो करती हूँ और मेरे पास प्रभाण भी है।’‘कैसे?’‘आपकी पहली पत्नी सीता फिर से जीवित ...

कामवाली बाई - भाग(१३)
द्वारा Saroj Verma

डाक्टर की बात सुनकर अर्जिता बोली.... तो क्या गंगा मेरी बहु बनने को राजी होगी? क्यों नहीं होगी?वो अगर सनातन से प्यार करती होगी तो जरूर राजी होगी,डाक्टर बोली।। ...

हमने दिल दे दिया - अंक २१
द्वारा VARUN S. PATEL

    तीनो दोस्त ख़ुशी के घर के पीछे की और पहुचते है जहा से पिछली बार ख़ुशी को लेने अंश और अशोक आए हुए थे | ख़ुशी अपने ...

कामवाली बाई - भाग(१२)
द्वारा Saroj Verma

गंगा जैसे ही घर से निकली तो गीता ने अर्जिता से कहा..... मेमसाब!उसे रोकिए!कहाँ जाएगी ऐसी हालत में, गीता की बात सुनकर अर्जिता बोली.... जब तक वो ये नहीं ...

कहानी एक स्त्री के आत्म सम्मान की
द्वारा दिनेश कुमार कीर

एक शादीशुदा स्त्री, जब किसी पुरूष से मिलती है, उसे जाने अनजाने मे अपना दोस्त बनाती है. तो वो जानती है की न तो वो उसकी हो सकती है ...

कामवाली बाई - भाग(११)
द्वारा Saroj Verma

सुहाना की मौत पर गीता बहुत रोई,सुहाना से उसे बहुत लगाव था,वो उसकी हमउम्र थी इसलिए जब भी उसे कुछ भी पूछना होता था तो वो उससे पूछ लेती ...

करवाचौथ (चंदा तेरे कितने रूप)
द्वारा DINESH KUMAR KEER

करवा चौथ... चंदा तेरे कितने रूप!!!चंद्रमा पूजनीय है क्योंकि हमारे शास्त्रों में चंदा को ब्रह्माजी का मानस पुत्र कहा गया है। चंद्रमा को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त है ...

पुष्प लता की अधखिली कली
द्वारा दिनेश कुमार कीर

एक सामान्य स्वप्न ले कर जीने वाली लड़की।एक मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी जिसने अभी जीना शुरू भी नहीं किया था कि जला कर मार दी गयी। क्यों ? क्योंकि ...

कामवाली बाई--भाग(१०)
द्वारा Saroj Verma

हुस्ना ने जैसे ही रिमोट दबाया तो वैसे ही उस माला में लगा बाँम्ब फट पड़ा,चूँकि वें सभी अभी भी हैलीकॉप्टर के पास ही मौजूद थे,जिसके हाथ में माला ...

चरित्रहीन
द्वारा Devika Singh

"क्या हुआ ?",बॉस के चैम्बर से बाहर निकली अनुभूति के चेहरे पर उड़ती हवाइयाँ देखकर साथ ही काम करने वाली काया ने पूछा। "पता नहीं यार ,लॉक डाउन के ...

लंबी दुरी के रिश्ते
द्वारा Devika Singh

आठ साल की रिलेशनशिप के बाद हम दोनों शादी करने वाले थे। लेकिन इसी बीच मैंने अपने बॉयफ्रेंड को मेरी एक्‍स बेस्‍टी के साथ फ्लर्ट करते देख लिया। पता ...

पत्थर दिल...
द्वारा Saroj Verma

आज रामरतन उपाध्याय जी बहुत खुश थे क्योंकि आज ही उन्होंने वी.डी.ओ.के पद का कार्यभार सम्भाला था और वो अपनी आँफिस की गाड़ी में उन गाँवों का दौरा करने ...

वेश्या से वाईफ तक
द्वारा Devika Singh

आज हम दोनों एक खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। परन्तु ना मैंने आज तक उससे उसके वेश्यावृत्ति के बारे पुछा है और मैं अब पुछना भी नहीं चाहता हूं ...

कामवाली बाई--भाग(९)
द्वारा Saroj Verma

हुस्ना एक तवायफ़ थी तो उसके जानने वाले बहुत थे,हुस्ना की जान पहचान युद्ववीर की विरोधी पार्टी वाले सदस्य से हो गई,हुस्ना ने पूरी तरह से उसे अपनी बातों ...

एक महिला कहानी
द्वारा Devika Singh

मेरा नाम गरिमा है, मैं मुम्बई में अपनी दोस्त नेहा के साथ रहती हूं। हां मैं एक लेस्बियन हूं। मुझे यह स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं है कि ...

सुहागिनें--(मोहन राकेश की कहानी)
द्वारा Saroj Verma

कमरे में दाख़िल होते ही मनोरमा चौंक गई. काशी उसकी साड़ी का पल्ला सिर पर लिए ड्रेसिंग टेबल के पास खड़ी थी. उसके होंठ लिपस्टिक से रंगे थे और ...

हमने दिल दे दिया - अंक २०
द्वारा VARUN S. PATEL

अंक २० - सच या गलत कोनसे रास्ता सही ?     यार अंश पता नहीं क्यों पर अब तुम्हारे बगेर रहा नहीं जाता | मेरा चेन मेरी नींद सबकुछ जैसे ...

एक अनोखी प्रेम कहानी
द्वारा DINESH KUMAR KEER

एक अनोखी प्रेम कहानी गाँव के बच्चे नारायणी को काकी कहते हैं। पहले नारायणी कभी निराश नहीं दिखती थी। जब से उसका पति भूरा बढ़ई बीमार पड़ा है, तभी ...

कामवाली बाई--भाग(८)
द्वारा Saroj Verma

मुरारी से मिलने से पहले तो हुस्ना ने सोचा था कि पहले वो युद्ववीर के बेटे को खतम करेगी,,जिससे कि युद्ववीर जिन्दगी से थोड़ा हताश हो जाएं,क्योंकि अब उसके ...

हमने दिल दे दिया - अंक १९
द्वारा VARUN S. PATEL

अंक १९ - दिव्यांश      दिव्या की हालत आराम करने लायक हो गई थी लेकिन अंश की हालत आराम हराम जैसी हो गई थी | डोक्टर ने दिव्या ...

औरत का त्रिया चरित्र
द्वारा दिनेश कुमार कीर

एक प्यासा आदमी एक कुएं के पास गया, जहां एक जवान औरत पानी भर रही थी. उस आदमी ने औरत से थोड़ा पानी पिलाने के लिए कहा खुशी से ...

हमने दिल दे दिया - अंक १८
द्वारा VARUN S. PATEL

अंक १८ - ब्लड प्रेसर     अंश हवेली के अंदर जाता है और दरवाजा खटखटाता है पर दिव्या दरवाजा नहीं खोल रही थी अंश के कही सारे प्रयासों ...

निर्वाण--(अन्तिम भाग)
द्वारा Saroj Verma

दिन बीत रहे थे अब भामा ने धर्मी से भी मिलना जुलना छोड़ दिया था,बस ड्यूटी के बाद खामोश सी अपने कमरें में पड़ी रहती,वो दिनबदिन ज्यादा सोचने के ...

हमने दिल दे दिया - अंक १७
द्वारा VARUN S. PATEL

 अंक १७ - बढती उलझने     कहानी अब हर तरफ से करवटे लेने लगी थी जिसकी वजह से अब बहुत जल्दी अंश, ख़ुशी और दिव्या के जीवन में भूचाल आने ...

निर्वाण--भाग(६)
द्वारा Saroj Verma

बुढ़िया बोली.... मैं और मेरी पोती इस झोपड़ी में खुशी खुशी रहा करते थे,हमारे पास चार पाँच बकरियाँ और एक गाय थी जिनसे हम दोनों का गुजारा हो जाता ...