Junoon - ishq ya badle ka.. - 30 books and stories free download online pdf in Hindi

जुनून - इश्क या बदले का... - 30

आरव का ऑफिस...💞💞💞💞

सिमरन ऑफिस पोहच कर अपनी फाइल कंप्लीट कर देती है ,और वो उस फाइल को आरव के केबिन में रख आती हैं ।

उसे बोहोत जोरों कि भूख लग रही थी तो वो ऑफिस केंटीन में जाके ब्रेकफास्ट करने का सोचती है । और अपने केबिन से नीकल कर ऑफिस केंटीन की तरफ चली जाती है । तो उसे रास्ते में राहुल मिल जाता है , और वो राहुल को भी अपने साथ ब्रेकफास्ट करने के लिए पूछती है , तो राहुल भी खुशी खुशी हा केह देता है ।

उसके लिए तो ये अच्छा मौका था , सिमरन के साथ टाइम स्पेंड करने का , क्योंकि वो उसे पसंद जो करने लगा था । और वो एक भी मौका नहीं छोड़ना चाहता था सिमरन के करीब जाने का और उसे इंप्रेस करने का । वो दोनो हसी मजाक करते हुए केंटीन की तरफ जा रहे थे , लेकिन कोई था जो उन दोनों को अपनी तीखी नजरों से देखे जा रहा था ।

वो और कोई नहीं बल्कि आरव था , और उसके थोड़ी दूरी पर रोहन खड़ा था ।

रोहन अपने बिज़नेस के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए बाहर गया हुआ था । और वो कल ही वापस आया था , और वो आज आरव से मिलने के लिए यहां आता है । आरव को ऑफिस कि बिल्डिंग कि अंदर जाता देख , वो भी उसके पीछे हो लेता है , लेकिन आरव को इसके बारे मे कुछ पता नहीं था ।

आरव अचानक चलते चलते रुक जाता है । उसे अचानक रुकते हुए देख रोहन भी अपनी जगह पर रुक जाता है । और वो आरव की तीखी नजरों का पीछा करते हुए उस और देखने लगता है । तो उसे वहां एक लड़का और एक लड़की दिखाई देते हैं । जो एक दूसरे के साथ हस हस कर बाते करते हुए ऑफिस केंटीन की तरफ जा रहे थे ।

आरव के चेहरे के एक्सप्रेशन को जज करते हुए , रोहन समझ जाता है कि ये वोही मोहतरमा है , जो आरव सिंह राजावत से बिल्कुल नहीं डरती । जहां बाकी लड़कियां ASR पर मर मिटने को तैयार है , वही ये मोहतरमा उनसे बहस करने से बाज़ ही नहीं आती ।

आरव उन्हे तब तक घूरता है , जब तक वो दोनों केंटीन के अंदर नहीं चले जाते । फिर वो अपनी प्राईवेट लिफ्ट कि और बढ़ जाता है ।

रोहन भी कुछ देर ऐसे ही सोचता है , फिर वो भी आरव की प्राईवेट लिफ्ट कि और चला जाता है ।

आरव अपने केबिन में पोहोंच कर अपनी चेयर पर आके बैठ जाता है । उसके दिमाग में अभी भी सिमरन और राहुल कि हस हस कर एक दूसरे से बात करते हुए तस्वीर हट ही नहीं रही थी । वो अपना ध्यान काम मे लगाने के लिए अपना लैपटॉप जैसे ही ऑन करता है । कि तभी उसकी नज़र एक फाइल पर जाती है , जो सिमरन थोड़ी देर पहले ही वहां रख कर गई थी , वो उस फ़ाइल को लेकर उसे खोलकर चेक करने लगता है । फिर वो सिमरन को कॉल करके उसे अपने केबिन में आने को बोलता है ।

सिमरन जो बस ब्रेड का टुकड़ा अपने मुंह रखने ही वाली थी , कि तभी आरव का कॉल आ जाता है । तो वो राहुल को बाय बोलकर बे मन से वहां से चली जाती है ।क्योंकि उसे वाकई में बोहोत जोरों कि भूख लगी थी , और उसका बिल्कुल भी मन नहीं था यहां से बिना कुछ खाए पिए जाने का ।

रोहन हमेशा कि तरह बिना नॉक किए ही आरव के केबिन में आ धमकता है । आरव एक नजर रोहन को देखता है , और बिना उस पर ज्यादा ध्यान दिए अपना काम करने लगता है ।

अपने आप को इस तरह इग्नोर होता हुआ देख रोहन चीड़ जाता है । लेकिन वो आरव के नेचर के बारे में बोहोत अच्छी तरह से जानता था । इसी लिए वो ज्यादा इस बात पर ध्यान नहीं देता । और उसके सामने वाली चेयर पर आकर बैठ जाता है ।

और उसका ध्यान अपनी तरफ खींचते हुए , " वैसे वो लड़की जिसे तु थोड़ी देर पहले नीचे घुर घुर कर देख रहा था , वो वही थी ना जो तेरी कार से टकराई थी ।"

आरव अपनी नजरे उपर उठा कर उसे देखते हुए, " तुझे कैसे पता चला...?"

रोहन मुंह बनाकर , " तुझे क्या लगा अगर तू मुझे अपने बारे में कुछ नहीं बताएगा , तो मुझे क्या पता नहीं चलेगा कि तेरी लाईफ मे क्या चल रहा है और क्या नहीं । "

" मे भूल कैसे गया की तूने ऑलरेडी मेरे पीछे अपने जासूसों कि फौज लगा रखी है । " आरव अपने एक्सप्रेशन लेस चेहरे से कहता है ।
उसका इशारा आंरू और रवी की तरफ़ था , जो रोहन बखूबी समझ पा रहा था ।
" अगर तेरे जैसा कमीना , और मतलबी दोस्त हो तो , उसके पीछे जासूसों कि फौज तो लगानी ही पड़ेगी ना , साले कमीने तेरी लाईफ मे अगर कोई परेशानी आती हैं , तो सबसे पहले तुझे मेरी याद आती है , और अब जब तेरी लाईफ मे इतना कुछ हो गया , तो तुझ से एक कॉल भी नहीं किया गया मुझे । देखली तेरी दोस्ती 😏 , इतना केहकार वो छोटे बच्चे कि तरह मुंह फुलाकर बैठ जाता है ।

" ऐसा कुछ नहीं है यार , ऐसी कोई बड़ी बात थी ही नहीं बताने के लिए " , आरव केहता है ।

" ओ रियली , तेरी कार से उसका एक्सिडेंट होते होते बचा , वो कोई बड़ी बात नहीं है । , तूने बीच सड़क पर उसे किस किया , वो भी कोई बड़ी बात नहीं है । , वो तेरे ही घर में दादी के गेस्ट के तौर पर रह रही है , उसमे भी कोन सी बड़ी बात है । , तेरे घर के साथ साथ अब वो तेरे ऑफिस में भी तेरी पर्सनल सेक्रेटरी और असिस्टेंट बन चुकी है , वो भी भला कोन सी बड़ी बात है । हे ना...? ", रोहन उस पर तंज कसते हुए कहता है ।

आरव फिर उसे कुछ कहने को होता है , कि तभी केबिन का डोर नॉक होता है ।

आरव कम इन कहता है , तो सिमरन अंदर आ जाती है । आरव को ग्रिट करके उसे उसके पूरे दिन का शेड्यूल बता देती हैं ।

तभी रोहन अपनी चेयर से उठ कर सिमरन के सामने अपना एक हाथ आगे बढ़ाते हुए , " hi , मेरा नाम रोहन कश्यप है , और मे तुम्हारे इस बॉस का ( वो आरव की तरफ एक नजर देख कर ) चाइल्डहुड बेस्ट फ्रेंड हूं ।

सिमरन भी एक स्माइल के साथ उससे हाथ मिलाते हुए , hi, मेरा नाम सिमरन राठौड़ है ।

To be continued......

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