humanity book and story is written by Rinki Singh in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. humanity is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. इंसानियत Rinki Singh द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 2 78 Views Writen by Rinki Singh Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जून का महीना था, बेतहाशा गर्मी, चिलचिलाती धूप, सूर्य देव का प्रकोप अपने चरम पर था, जैसे सबकुछ जला देने को आतुर हों |मैं बच्चों को स्कूल से घर छोड़कर, पास की दुकान पर कुछ सामान लेने चली गई |सामान लेकर दुकान से निकल ही रही थी कि मेरी नज़र सड़क के बीचोबीच खड़े एक मासूम बच्चे पर पड़ी, तपती सड़क पर नंगे पाँव खड़ा, कभी एक पाँव ऊपर कर रहा था कभी दूसरा पाँव |गर्म तवे सी जल रही सड़क उसके नन्हें पाँवों को जला रही थी |वैसे तो दोपहर में वो सड़क उतनी व्यस्त नहीं रहती थी, पर More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी