इंतजार प्यार का - भाग - 41 Unknown Writer द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इंतजार प्यार का - भाग - 41

तो वो उनकी सवाल सुन के उनकी और देखने लगी। फिर उनको जवाब देते हुए बोलती है वह पापा हम यहां पर अपने दोस्तों के साथ आए थे। और हम लोग भी यहां पर तकरीबन 4 से 5 दिन के लिए आए थे। क्योंकि हमारा कॉलेज का छुट्टी था। और हम घूमने का प्लान बना रहे थे। तो हम लोग राजस्थान घूमने का प्लान बनाया और यहां पर आ गए। तो उसके पिताजी खुश होते हुए बोलते हैं तो फिर कहां है तुम्हारे वह दोस्त और हमें भी मिलवाओ अपने दोस्तों से और तुम कहां रह रही हो। तो वह बोलती है पिताजी मेरे दोस्त यहीं पर है और मैं उनको यहां पर बुला लूंगी आप फिकर मत कीजिए। और मैं होटल महाराजा पैलेस में रुकी हुई हूं। यह सुनने के बाद उसके पिता जी बोलते हैं आपको वहां पर रुकने की कोई भी जरूरत नहीं है आप लोग आ जाइए हम हवेली में आपके लिए और आपके सारे के सारे दोस्तों के लिए कमरा तैयार करवाते हैं। तो सनाया भी खुश होते हुए बोलती हे की ठीक है पापा मैं अभी आपने दोस्तों को बुलाकर यहां लाती हूं और फिर वह अपने दोस्तों के पास चली गई। वहीं राजा साहब उस आदमी की और देख कर बोलते हे की दीवान साहब आप जल्दी से हवेली में मेरी ये बात पहुंचा दीजिए की राजकुमारी जी आ रही हे। और उनके साथ उनके साथ उनके कुछ दोस्त आए हे। और सब के लिए कमरे रेडी करवा दीजिए। तो दीवान साहब उनको जी राजा साहब बोल कर वहां से चले जाते हे।


वहीं जब सनाया अपने दोस्तों के पास पहुंचती है। तो देखती है की उसके सारे के सारे दोस्त बस उसे घूरे ही जा रहे थे। वह भी कुछ अजीब तरीके से तो कोई शॉक हो कर। तो उसको थोड़ा सा अजीब और अनकंफरटेबल लगता है। फिर वह उन सब बातों को इग्नोर करते हुए उनको बताती है कि उसके पापा उसको उन लोगों को लाने के लिए भेजा है। और वह उन लोगों के साथ मिल कर कुछ बातें करने चाहते हैं। और वह लोग उसके साथ उसके पापा के हवेली में रहेंगे। फिर वह देखती है कि सब लोग उसकी और और भी घूर कर देखने लगते हैं। तो वह उन सबको घूर घूर कर देखने की वजह थोड़ा सा लाउड आवाज में बोलती है की अबे यार ऐसे घूरो मत। चलो यहां से फिर वह उन सब को वहां से खींच कर अपने पापा के पास ले जाने लगती है। तो सब लोग भी उसके पीछे पीछे वहां तक चले जाते हैं। जब वह लोग वहां पर पहुंचते हैं तो देखते हे के उनके सामने सनाया के पापा खड़े होकर उनको बहुत ही प्यार से देख रहे थे। खास करके सनाया को। तो सनाया उन सब के बारे में अपने पापा को बता दी है। और अब अपने पापा के बारे में भी सबको बता देती है। तो सब लोग भी उसके पापा को गुड इवनिंग विश करते हे। तो उसके पापा उन सबकी और प्यार से देखते हुए गुड इवनिंग विश करते हे। और फिर उन सबसे बोलते हैं की आप लोग इस ट्रिप में जितने दिन के लिए भी आए हैं। उतने दिन हमारे साथ हमारे हवेली में रहेंगे। और आप लोग यहां होटल में मत रुकिए। हम आप लोगों के लिए आपने हवेली में कमरे की व्यवस्था कर दी गई है। और आप लोग वहां पर आराम से रुक सकते हे। तो सब लोग अपना सर हां में हिला देते हे। तो फिर से सनाया के पापा उनसे बोलते हे की और आप लोगों को घुमाने के लिए भी हम लोग एक आदमी को तैयार कर देंगे जो की आप लोगों को पूरा राजस्थान घुमा लेगा। तो सनाया अपने पापा से बोलती है नहीं पापा हमारे पास गाइड है। वह भी काफी अच्छा है और उसको काफी सारी नॉलेज इन सब बातों के बारे में। तो वो शॉक हो जाते हे। और उनको डर सताने लगा और उन होने अपने मन में सोचा की अगर उनकी कोई दुश्मन उनसे बदला लेने के लिए प्लान कर के उनके बेटी को कुछ करने की सोच तो नही रहा हे। वो ये सब बाते सोचते हुए काफी टेंशन में लग रहे थे। तो सनाया अपने पापा की और देखते हुए बोलती हे की पापा क्या हुआ हे, आप इतने टेंशन में क्यों लग रहे हो। तो वो जल्दी से रियलिटी में वापस आते हुए बोलते हे की कुछ नही बेटी में कुछ सोच रहा था। फिर वो बात को बदलते हुए और अपने टोन में थोड़ी सी शक्ति लाते हुए पूछते हैं कौन है वह जो कि तुम्हारा गाइड बना हुआ है। तो फिर सनाया पवन को बुलाने लगती है। तो पवन उन सब के बीच में से निकल कर बाहर अता हे। वहीं पवन को आगे आता हुआ देखकर राजा जी शॉक हो जाते हैं, और बोलते हैं पवन बेटा आप यहां पर काम करते हो तब पवन भी अपना सर नीचे करते हुए बोलता है जी राजा जी हम यहां पर काम करते हे। तो राजा जी उसकी और देखते हुए पूछते हे की, तो फिर और तुम्हारा पढ़ाई कैसे चल रहा है। तो पवन उनको सब कुछ सच-सच बता देता है। और बताते हुए बोलता हे की राजा जी हम कॉलेज। का लास्ट ईयर में हे। और हम यहां पर काम करते हे लेकिन अपने टाइम पढ़ाई करते हे। और यहां पर काम करने के वजह से हम काफी नई नॉलेज भी मिलती हे जो की हमारी पढ़ाई में मदद कर शक्ति हे। और मेरा पढ़ाई खत्म होने के बाद ज्यादा तर chance हे की में “indian council of historical research” में ज्वाइन कर सकू। उसकी पूरे बात सुन ने के बाद तो राजाजी भी खुश और अस्वस्थ दोनों हो जाते हैं। क्योंकि वह पवन को अच्छे तरीके से जानते थे। खुश इस वजह से की पवन काफी अच्छा पढ़ाई करता है। जिस वजह से उन्होंने ही उसका दाखिला उस कॉलेज में करवाया था। और अस्वस्थ इस वजह से की उनके बिस्वस्थ आदमी उनकी बेटी का गाइड बना हे। और उसको कुछ नही होने देगा। फिर राजा जी भी उन सब को अपने साथ हवेली में चलने के लिए बोलते हैं। तो पवन बोलता है कि राजा जी मैं अपने पापा के पास जाता हूं वह मेरा वेट कर रहे होंगे और अभी वक्त भी हो गया है घर जाने का। तो राजा जी भी उसको ज्यादा फोर्स नहीं करते हैं। क्यूं की वो पवन को काफी अच्छे से जानते हे की वो अपने पापा से काफी ज्यादा प्यार करता है। और वो उनके लिए कुछ भी कर सकता हे। तो राजा जी भी उसको खुशी खुशी वहां से जाने के लिए बोल देते हैं। फिर वह सब लोग को राजा जी के उनके गाड़ी में बैठने के लिए बोलते हे। फिर वो सब एक एक कर वहां से हवेली जाने के लिए निकल जाते हैं।
वह लोग अभी आधे रास्ते में पहुंचे थे कि, तभी आरव को कुछ गड़बड़ लगता है क्योंकि चारों तरफ देखने में कुछ नहीं लग रहा था लेकिन ऐसा लग रहा था कि कोई यहां पर कोई छुप और घात लगा कर बैठा है। तो वह जल्दी से अपने दोस्तों को बोलता है गाइस यहां पर कुछ गड़बड़ है। उसकी यह बात सुनने के बाद उसके दोस्त कुछ कहते उससे पहले हीं सामने बैठा ड्राइवर उसकी और अजीब सी नजरों से देखते हुए बोलता है, साहब हम यहां पर रोज गाड़ी चलाते हैं और हर रोज ही यहां पर इतनी ही सन्नाटा होता है। तो आरव उसकी ओर देखता है और कुछ नहीं कहता। वहीं उसके दोस्त उसके पूरी बात सुन ने के बाद काफी अलर्ट हो गए थे। की आरव कभी भी गलत नहीं होता क्यों की वो काफी सेंसिटिव हे इन सब मामलों में। अभी वह ड्राइवर आगे कुछ बोलता कि तभी साइड वाले मिरर से गोली टकराता है। जिस वजह से ग्लास के ऊपर स्क्रैच हो जाता है। और ड्राइवर गाड़ी से कंट्रोल हरा देता है। लेकिन ट्रेंड होने के वजह से वो जल्दी संभाल देता है। यह देखकर वह सब लोग और भी ज्यादा अलर्ट हो जाते है। वही बाकी सब की कार की ड्राइवर्स भी अलर्ट हो जाते है। और गाड़ी को तेजी से उधर उधर कर के भगाने लगते हैं। वह लोग आगे जा रहे थे कि तभी साइड में से काफी सारी गाड़ियां निकली और फ़िर वो गाडियां आकर उनके सामने रुक गई जिस वजह से उन्हें गाड़ी को रोक ना हीं पड़ा। फिर एक एक कर के आरी गाड़ियों का दरवाजा खुला। और फिर सभी गाड़ियों से काफी सारे बंदूकधारी बॉडीगार्ड से निकले। और उन लोगों के गाड़ी के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। उनको फायरिंग करता हुआ देखकर गाड़ी में बैठे हुए सारे बॉडीगार्ड्स भी बाहर आकर उनके ऊपर फायरिंग करने लगे जिस वजह से दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। और सारे के सारे गाड़ियों की धज्जियां उड़ गई थी। लेकिन सारे के सारे गाड़ी बुलेट प्रूफ होने के वजह से वह लोग अभी तक बचे हुए थे। लेकिन जो जो बॉडीगार्ड निकल था अगले पल हीं काफी सारी गोलियां उसके शरीर में लगता हे। और वो लोग अगले पल हीं निढाल हो कर नीचे गिर जाते हे। वहीं जब आरव और उसके दोस्तों ने यह सब देखा। तो वह लोग जल्दी से छुप कर बाहर आ गए और फिर छुप कर सिचुएशन को देखने लगे। और केसे सिचुएशन को संभाला जाए वो भी सोचने लगे। तभी वो लोगों ने देखा कि राजा जी के 20 बॉडीगार्ड्स में से 18 बॉडीगार्ड को वो लोग मार दिए हे। और बाकी दो को उन लोगों ने पकड़ के रखा हुआ था। और राजा जी को देखकर जोर जोर से हंस रहे थे। फिर जैसे ही वह लोगों को सिचुएशन का अंदाजा हुआ। तो वह लोग जल्दी से गाड़ी के साइड में पड़े हुए बॉडीगार्ड के पास से चालाकी से उनकी गन को अपने पास ले लेते हे। और संभलते हुए धीरे-धीरे गाड़ी के पीछे चले जाते हैं। वही वह आदमी चिल्लाते हुए बोलता है मन सिंह जल्दी से बाहर आ वरना आज तो तू गया। और मैने सुना की आज तेरी बेटी भी यहां आई है। तो आज तुम दोनो को हीं यहां दफना कर बदला लूंगा। इतना सुनने के बाद राजा जी की भी बाहर आने की कोशिश करने वाले थे , कि तभी वहां पर गोली चलने की आवाज आती हैं। वहीं गोली की आवाज को सुन कर सब लोग मुड़कर देखते हैं तो उनका एक आदमी के सर में लगा हुआ था। और वो आदमी नीचे गिरा था। और फिर वो चारों तरफ देखने लगते हे की किसने उनके ऊपर गोली चलाया हे। लेकिन उनको कोई नहीं दिखाई देता। और वह लोग इधर-उधर छुपने के लिए भागने लगे। और जाकर अपने गाड़ियों के साइड में cover लेकर छुप गए। तभी उनमें से एक आदमी चिल्लाते हुए पूछता है क्या बोला था की हमने सारे के सारे आदमी मार दिए थे। अब यह गोली कौन चला रहा है। इसके बाद वह लोग भी बोलते हैं की साहब हमने तो 20 बॉडी को देखा था। और हमने उन लोगों को मार दिया लेकिन उनमें से 2 को न मार कर रखे थे। तो वो आदमी फोर से चिलाते हुए बोलता हे की अब यह कहां से आ गया। तो वो अदमियां जल्दी से बोलते हे साहब हमें भी मालूम नहीं है। तो वह लोग ऐसे ही बात कर रहे थे। कि तभी चारों तरफ फिर से गोली चलना शुरू हो गया। और उन लोगों की एक एक आदमी मरने लगे। यह देखकर राजा जी भी सोचमे में पद गए क्योंकि वह जानते थे कि वह अपने साथ सिर्फ 20 बॉडीगार्ड हीं लाए थे। और उनमें से 18 को उन लोगों ने मार लिया और दोनों को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। तो अब कौन उनको बचाने के लिए आए है। लेकिन अपने सामने के नजारे को देख कर वो काफी खुश होते हैं। लेकिन दिल में उनकी डर अभी भी बैठी हुई थी क्यूं की अगर ये उनकी कोई और दुश्मन होगा तो वो बहुत बुरा फस जाएंगे। लेकिन फिर वो देखते हे की जिस आदमी ने हमला करवाया था। वो बाहर निकल रहा हे। लेकिन धुया होने की वजह से वो उसकी फेस को देख नही पा रहे थे। लेकिन जब वो लोग धुएं से बाहर आते ही तो वो देखते ही की आरव बिक्रम सूरज आर्यन और नैना आगे आ रहे थे। और उन लोगों के हाथों में पिस्टल थी। जिस से अभी भी धूआ निकल रहिए। वो उन लोगों को इस अवतार में देख कर काफी शॉक हो जाते हे। लेकिन वो लोग उनको इग्नोर करते हुए सीधे उस आदमी के पास जाते हे जिसने हमला किया था। और तभी आर्यन उससे बोलते हैं तुम लोग कौन हो और तुम लोगों ने हमारे ऊपर हमला क्यूं किया। वो अभी आगे कुछ बोलता तभी पीछे से आरव की आवाज आती हे। और वो बोलता है की क्यों बे तुझे बहुत चर्बी चढ़ी ही क्या। ये सुन ने के बाद वो आदमी को काफी गुस्सा अता हे। लेकिन जब वह सामने देखता है। तो वो काफी ज्यादा शॉक हो जाता हे। और एकदम सीधे उसके पैरों में गिर जाता है। और बोलता है आरव भाई हमें मालूम नहीं था की इनके साथ आप थे। प्लीज हमें माफ कर दो हम तो सिर्फ पैसों के लिए काम करते हैं। यह सुनने के बाद आरव उससे पूछता है की , किसने बोला था यह काम करने को तो वह बोलता है भाई डार्क वेब के जरिए में हमारे पास एक काम आया था। हर हमने भी काफी अच्छे पैसे मिलने की वजह से हां बोल दिया। लेकिन हमको मालूम नहीं था कि यहां पर आप लोग होंगे प्लीज हमें माफ कर दीजिए इतना सुनने के बाद आरव कुछ नही कहता और उसको घुर कर देखने लगता हे और फिर उसको जाने के लिए बोलता है। और वह भी वहां से भाग कर चला जाता है। वही उनके पास में ही खड़े बाकी सब यानी कि राजा जी और सनाया और दीवान साहब सिरीशा और मेघा बस उन पांचों को घूरे ही जा रहे थे। यह देखकर वह लोग gun को वही वहां पर फेंक देते हैं। और उन लोगों के पास आ जाते हैं। और बोलते हैं फिक्र मत कीजिए अब सब सेफ है। इतना बोलने के बाद वह लोग उन लोगों को गाड़ी में जाने के लिए बोलते हैं। तो कोई भी आगे नहीं जाता बस उन लोगों को घूरे हीं जा रहे थे। फिर आरव उन सब से बोलता है, कि जल्दी से यहां से चली है वरना अगर और कोई आ गया तो हम भी आप लोगों को नहीं बचा पाएंगे। यह सुनने के बाद सब जल्दी से जाकर गाड़ी में बैठ जाते हैं और फिर घर के लिए निकल जाते हैं।
तो क्या होता हे आगे, क्या उन लोगों के सचाइ उनके सामने आएगी या फिर वो लोग कोई बहाना बना कर बात को टाल देंगे। वहीं सनाया जब उन लोगों की सचाई जानेगी तो क्या वो आरव को पहले जैसी प्यार कर पाएगी। जान ने के लिए पढ़ते रहिए मेरा ये कहानी इंतजार प्यार का.......
To be continued
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