भयानक यात्रा - 11 - निराश बर्मन के दोस्त । नंदी द्वारा डरावनी कहानी में हिंदी पीडीएफ

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भयानक यात्रा - 11 - निराश बर्मन के दोस्त ।

हमने देखा ..
प्रेमसिंह छत पे सोया होता है और वहां ५ काली बिल्लियों के शव मिलते है , जिसमे से निकलता हुआ खून धीरे धीरे लाल रंग से काले रंग में बदल जाता है । विद्यासिंह का पैर सीढ़ियों से उतरते समय फिसल जाता है और वो गिर जाता है , उसको पैर में चोट आती है ।
चरणसिंह सबको वहां से निकल ने के लिए कहता है ,
वहां से निकल कर वो सब रमनसिंह को सब बता ने के लिए निकल जाते है और रास्ते में चाय की टपरी पे रुकते है । वहां टपरी का मालिक विद्यासिंह की पट्टी करता है फिर चाय पी कर वहां से सब चले जाते है , और तभी टपरी के मालिक को गाड़ी के पीछे कुछ दिखता है जिसको देख के उनको बुलाने के लिए चिल्लाता भी है लेकिन तब तक गाड़ी दूर निकल जाती है ।

अब आगे..
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टपरी पे विद्यासिंह की पट्टी हो जाने के बाद वो अस्पताल की तरफ निकल पड़ते है , लेकिन टपरी का मालिक गाडी के पीछे कुछ देख लेता हैं जिसकी वजह से टपरी के मालिक दिवाकर को कुछ बुरा होने की आशंका हो जाती है ।
वो टपरी के अंदर वापिस आ जाता है दिवाकर को ऐसे चिंतित देख के राजू ने उससे पूछा – क्या हुआ बाउजी?
दिवाकर पानी का गिलास में से पानी फटाफट गले के नीचे उतार रहा था , फिर एक गिलास पानी और पी के वहीं कुर्सी पे बैठ जाता है ।
फिर बोलता है – शायद पुरानी आत्माए लौट आई है , अब कुछ बुरा होने वाला है । लेकिन उनको तो बंध कर दिया गया था , फिर कैसे वो बाहर आ गए ।
राजू कहता है – कौन सी आत्मा ?

पुरानी डेहले की आत्मा , जो बहुत ही खतरनाक है और वो आत्मा ने सालों पहले बहुत ही कोहराम मचाया था । – दिवाकर ने कहा ।
ऐसा तो क्या हुआ था बाऊजी , जिससे आप इतना डर रहे हो ? – राजू ने बोला ।
बहुत कुछ जिसने कई परिवार बर्बाद कर दिए थे । अब वही मंजर वापिस आएगा , बस्ती का हर बंदा इस कोहराम को जानता है , कई लोगो की मौत तो इसके खौफ से ही हो गई थीं , और कई लोग बस्ती छोड़कर चले गए थे ।
कई तांत्रिक , कई मौलाना , कई अघोरियों की इनमे जान चलीं गई है , वो किसी को नहीं छोड़ते और अब कहां से कैसे वापिस लौटे है नही पता ।
बाऊजी , लेकिन कौन नहीं छोड़ते किसी को ? – राजू ने डर से बोला ।
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( अब प्रेमसिंह की टपरी पे रुकें हुए बर्मन के दोस्तो की तरफ )
इतनी बात बोले प्रेमसिंह रुक जाता है और फिर हाथ में चाय का बर्तन उठाए जूली की तरफ देखता है , और बोलता है – आपका दोस्त क्या करता था ? क्या नाम है आपके दोस्त का ?

जूली बोले उससे पहले सतीश बोल देता है – चाचा , उसका नाम बर्मन है , और वो हमारे ग्रुप का सबसे अमीर और मजाकिया लड़का है । उसके पापा लैंडलॉर्ड है उनकी भारत के अलावा देश – विदेशों में बहुत प्रोपर्टी है । बर्मन उनका एक लौता बेटा है ।

ये सब जब सतीश बोल रहा था तब विवान उसको कोहनी मार के चुप रहने को बोल रहा था , लेकिन बर्मन के गायब हो जाने के डर में सतीश ने एक सांस में सब बक दिया और थोड़ी देर बाद उसको एहसास हुआ की उसने डर के कारण बर्मन के बारे में सबकुछ प्रेमसिंह को बता दिया ।

हितेश ने तभी सभी को वहां से पास में रखे प्याऊ के पास ले जाके बोला – अब हमे किसी और से बात न कर के पुलिस को बर्मन के बारे में बताना चाहिए ।
डिंपल बोली – लेकिन हम बीन बात का पुलिस के चक्करों में फंस जायेंगे हितेश ! और थोड़ी देर यहीं बैठ के उसका इंतजार कर लेते हैना?
उसकी बात सबको सही लगी लेकिन हितेश को नही । लेकिन सबको डिंपल की बात पे सहमत होते हुए देख उसने भी हामी भर दी ।
वो लोग वहीं पे थोड़ी देर बैठ गए , लेकिन हितेश से अब इंतजार नही हो रहा था । वो वहां से उठा और बोला – आप लोग यहां इंतजार करिए में उसको किल्ले के सुरक्षा कर्मी से या कोई अधिकारियों से बात करके आता हूं ।
लेकिन वहां बैठे लोग अब किसी को अकेला कहीं जाने देने को तैयार नहीं थे , बर्मन गायब था और हितेश कहीं यहां वहां चला गया तो समस्या और ज्यादा बढ़ जाएगी । ये सोच के थोड़ी देर बाद सब ने तय किया की सब एक साथ किल्ले की तरफ जायेंगे ।

प्याऊ से सबने थोड़ा पानी पिया और वो सब लोग वहां से किल्ले की तरफ जाने को हुए तभी प्रेमसिंह की आवाज सुनाई दी – कोई फायदा नहीं होगा , अब आपका दोस्त वापिस कभी नही आयेगा , वहां जो भी जाता है उसके लिए वापिस आने के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाते है ।

प्रेमसिंह की बातों ने सबको और ज्यादा डरा दिया था , लेकिन हितेश बोला – इनकी बातों पे ध्यान मत दो , हमें किल्ले में अब पूछताछ करनी पड़ेगी । सब लोग किल्ले की तरफ जा रहे थे लेकिन नजर प्रेमसिंह की टपरी की तरफ थी और उनके कानों में उसकी ही आवाज वापिस गूंज रही थी ।

सबको अब ये डर था की बर्मन वापिस आएगा की नही , हितेश किल्ले के पास लगी टिकट बारी पे जाके पूछता हैं की किल्ले में से सब बाहर आ चुके हैं ?
तब अंदर बैठे विकलांग आदमी ने बोला – हां , ६ बजे तक पूरा किल्ला खाली करना होता है तो ५:५० बजे तक सबको किल्ले से बाहर निकाल देते है , और यहां का स्टाफ ६ बजे से पहले किल्ले से अपना काम खतम करके निकल जाते है ।
लेकिन हुआ क्या है ? किसी को ढूंढ रहे हो क्या ? – उसके साथ में बैठे टोपी वाले चाचा ने पूछा !

हां, हमारा दोस्त वाशरूम गया था लेकिन पता नही वो अभी तक लौटा नही है , उसका फोन भी बंध बता रहा है – जूली ने कहा ।
आपको पता है की किल्ला भूतिया है और यहां देर तक रुकना वर्जित है ? और अकेले घूमना भी ? – चाचा ने बोला ।

चाचा की बात सुनकर सब लोग मौन खड़े हो है , किसी के पास उसका जवाब नही था । चाचा ने उनको बोला की हो सके तो कल सुबह थाने में जा के बर्मन के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दे ।
हितेश ने उनसे पूछा – और कोई रास्ता नहीं है क्या ?
चाचा ने हितेश को पूछा – अगर कोई रास्ता होता तो हमे ६ बजे किल्ला खाली करना पड़ता क्या ?
चाचा के एक सवाल ने हितेश को सारे जवाब दे दिए ।

टिकट बारी से निराश होकर वहां से सब जाने लगे ,
किसी की आंखों ने आंसु थे तो कोई डर से कांप रहा था । ग्रुप की शान और मजाकिया लड़का अचानक से उनके बीच से कहां गायब हो गया पता ही नही चला ।बर्मन पैसे से अमीर था वैसे ही दोस्तो के लिए भी दिल से अमीर था , उसका ऐसे कहीं गायब हो जाना सबको कांटे की तरह चुभ रहा था ।

वहां से चलते चलते वो प्रेमसिंह के टपरी के आगे से निकलते है , तब प्रेमसिंह अपनी टपरी को बंद कर रहा होता है । प्रेमसिंह की नजर उन सब पे चली जाती है और फिर एक बार वो सबसे बोलता है – आपका दोस्त शायद ही वापिस लौटेगा ।
ये सुनकर हितेश को गुस्सा आ जाता है , वो आव न देखता ताव वो सीधा प्रेमसिंह की तरफ धंस जाता है लेकिन डिंपल पीछे से दौड़ के उसको पकड़ लेती है ।
डिंपल उसको बिठाकर कहती है – हितेश शांत हो जाओ , प्रेमसिंह जो कह रहा है वो ही तो टिकट वाले चाचा ने भी तो कहा । अभी रात हो गई है कल सुबह हम थाना जाके रिपोर्ट लिखवा देंगे , तब तक हम कहीं रहने की व्यवस्था करते है ।
सबका मूड एकदम सा खराब हो चुका था , तभी वहां किसी ने एक बोला – यहां से जल्दी गांव की तरफ चले जाओ । यहां रात को रुकना मना है , आप लोग यात्री है तो कहीं पथिक आश्रम में रहने की व्यवस्था कर ले ।
ये आवाज वहां के पहरेदार की थी ।
सब लोग गांव की तरफ चल देते है , थोड़े दूर वहां एक पुरानी टैक्सी खड़ी थी उसका ड्राइवर बस गाड़ी को चालू करके निकल ने ही वाला होता है तब जूली आवाज लगाती है – भैया , सवारी लोगे क्या ?
जूली की आवाज सुन के टैक्सी वाला कच्चे रास्ते के उस तरफ से कहता है – हां , कहां जाना है ?

सब टैक्सी के पास चले जाते है तब विवान टैक्सी वाले से कहता है – यहां कही रहने की जगह मिल जायेगी क्या ?
टैक्सी वाले ने बोला – रात का समय है भाईसाब , गांव में अभी तक सब लॉज और गेस्टहाउस बंद हो चुके होंगे । अगर आप को रहना है तो एक छोटा सा खोली है हमारा, चाहो तो आप सब वहीं रह सकते हो ।

ड्राइवर की बात सुनके सब एक दूसरे के सामने देख ने लग गए , अब उनके पास और कोई चारा नहीं था ।
उन्होंने अपने भारी बैग को गाड़ी के ऊपर रख दिया और गाड़ी में बैठ गए ।

बर्मन को ढूंढ पाएंगे उसके दोस्त ? बर्मन कहां गायब हो गया ? क्या प्रेमसिंह कह रहा था वो सच होगा ? बर्मन कभी लौटेगा या नहीं ?
पढ़ते रहिए कहानी भयानक यात्रा ।