हिंदी डरावनी कहानी कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

कर्ण पिशाचिनी - 3
द्वारा Rahul Haldhar

                          भाग - 3गोपालेश्वर की बात बाद में करते हैं । पहले एक और कहानी को पढ़ ...

एक अज्ञात शापित स्थल - 1
द्वारा Kirtipalsinh Gohil

"वो कब आएगा? बहुत देर हो गई।" "आ जाएगा। ट्रैन पहुँचने ही वाली है।" "पर मानना पड़ेगा, उसने आखिर ढूंढ ही लिया।" "हाँ। ये तो सच कहा।" "अब जल्दी ...

तांत्रिक मसाननाथ - 5
द्वारा Rahul Haldhar

            तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 5 )उस समय रात के 2 बज रहे थे । नरेंद्र को बैठे - बैठे नींद लग रही है ...

कर्ण पिशाचिनी - 2
द्वारा Rahul Haldhar

                           भाग - 2विजयकांत को जब होश आया तब उसने देखा कि वो एक घर के आँगन ...

दो प्यारी सी आत्माएँ - 2
द्वारा Mehul Pasaya

हा ये चाँदनी है इस्का नाम चाँदनी है और इस बेचारी का इक ही सपना था और वो है प्यार पर ऊपरवाले को ये तक नही देखा गया और ...

तांत्रिक मसाननाथ - 4
द्वारा Rahul Haldhar

           तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 4 )विनय के मौत का खबर हवा से भी तेज फैल रहा था । इसीलिए दोपहर का यह मीटिंग ...

कर्ण पिशाचिनी - 1
द्वारा Rahul Haldhar

क्योंकि मेरी तरह आप भी हिंदी भाषी राज्य में रहते हो तो कहानी में जिस जगह का उल्लेख किया गया है वह आपको पता नही होगा । जगह का ...

माँ का उन्माद
द्वारा Deepak sharma

मानस दर्शन की एक व्याख्या के अनुसार बाल स्मृतियाँ हमारे अवचेतन के भंडार में संचित रहती हैं और यदा-कदा हमारे सपनों में आन प्रकट होती हैं, उनके केंद्र में ...

तांत्रिक मसाननाथ - 3
द्वारा Rahul Haldhar

            तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 3 )उस दिन रात आठ बजे से पहले ही यशपाल व नरेंद्र ने खाना समाप्त किया । खाना बनाने ...

रॉयल फ्लैट रहस्य - 6 - अंतिम
द्वारा Rahul Haldhar

उनके प्रश्न के उत्तर को ना देकर गौरव ने अपने पॉकेट से एक छोटे डायरी को निकाला । फिर एक के बाद एक पन्ने को पलट बीच के एक ...

नौ तेरह बाईस
द्वारा Deepak sharma

“मैं निझावन बोल रहा हूं, सर” मेरे मोबाइल के दूसरी तरफ मेरे बॉस हैं, मेरे जिले के एस.पी। अपनी आई.पी.एस के अंतर्गत। जबकि मेरी प्रदेशीय पुलिस सेवा में मेरी ...

तांत्रिक मसाननाथ - 2
द्वारा Rahul Haldhar

            तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 2 )आज सुबह से ही आसमान काला है । कल रात को बारिश भी हुई थी । थाने का ...

रॉयल फ्लैट रहस्य - 5
द्वारा Rahul Haldhar

ऑफिस लौटते समय राघव ने एक अद्भुत प्रश्न किया – " वैसे गौरव भैया एक महिला जो कुछ ही देर में मरने वाली है वह उस दर्दनाक समय में ...

दो प्यारी सी आत्माएँ - 1
द्वारा Mehul Pasaya

बात है एक मर्डर की... बात है एक आत्मा की... बात है ज़िन्दा रह कर प्यार नसीब नही हुआ और मर के फिर क्या था... जान्ने के लिये पढते ...

तांत्रिक मसाननाथ - 1
द्वारा Rahul Haldhar

              तांत्रिक मसाननाथ व कापालिक ( 1 )आसनसोल स्टेशन से लगभग 15 मील दूर उत्तर पूर्वी कोने पर हैं शिवपुर गांव I गांव न ...

रॉयल फ्लैट रहस्य - 4
द्वारा Rahul Haldhar

आधे घंटे बाद ही रमाकांत के घर सामने गाड़ी को राघव ने रोका । घड़ी में उस समय शाम के छह बजे हैं । शाम के बाजार धीरे - ...

रॉयल फ्लैट रहस्य - 3
द्वारा Rahul Haldhar

अब आगे …….. विजय के घर से निकल कर देवेंद्र जी रास्ते पर ही बैठ गए । उसके बाद पॉकेट से मोबाइल को निकाल कुछ नम्बर को डायल किया ...

भूतिया जंगल - अंतिम
द्वारा Rahul Haldhar

अब आगे... आशीष को सांस लेने में बहुत ज्यादा कठिनाई हो रहा है  ऐसा ही उस दिन भी हुआ था I उस दिन की तरह आज भी उसे लग ...

रॉयल फ्लैट रहस्य - 2
द्वारा Rahul Haldhar

यहाँ पर एक विशेष पुराना व प्रसिद्ध मंदिर है वह मैं जानता था  इसीलिए उसे देखने के लिए भी एक प्लान बनाया था । दोपहर होने वाला था इसलिए ...

डरना पडेगा
द्वारा Mehul Pasaya

डरना पडेगा " नही नही ये था क्यानमश्कार दोस्तो तो हम लेके आये हे एक नई कहानी पर इस कहानी मे डरावना रहश्य होगा बहुत सारे ऐसे मोमेंट होंगे ...

भूतिया जंगल - 4
द्वारा Rahul Haldhar

अगले दिन सुबह 10:00 बजे के आसपास सुदर्शन यादव दो कांस्टेबल के साथ उपस्थित हुए I तब तक इंस्पेक्टर जयदीप तैयार हो गए थे I दोनों कांस्टेबल के चेहरे ...

शापित कब्रिस्तान
द्वारा Akash Saxena

ये बात तब की है जब पियूष लगभग 12 साल का रहा होगा, वो अक्सर अपनी नानी के घर जाना पसंद करता था... उसकी नानी का घर उसके घर ...

वो रात!
द्वारा BRIJESH 'PREM' GOPINATH

                                                       श्री गणेश ...

रॉयल फ्लैट रहस्य - 1
द्वारा Rahul Haldhar

सुबह - सुबह पोस्टमैन एक चीट्ठी देकर गया है और देवेंद्र जी उसे लेकर देख रहे थे , उनके दिमाग में एक बात समझ नही आ रहा कि एकाएक ...

भूतिया जंगल - 3
द्वारा Rahul Haldhar

इस समय सुबह के लगभग 10 बजे हैं I  लखनऊ हॉस्पिटल के बेड नंबर 103 के पास वार्ड के बाहर खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं इंस्पेक्टर जयदीप, राजेंद्र ...

मृत्यु भोग - 6 - अंतिम
द्वारा Rahul Haldhar

अगले दिन बहुत सुबह ही प्रताप की नींद खुल गयी , उठकर ही अनुभव किया आज शरीर बहुत हल्का लग रहा है  कम्बल से बाहर निकला प्रताप , और ...

भूतिया जंगल - 2
द्वारा Rahul Haldhar

अब तक आपने पढ़ा आशीष अपने साथ उस जंगल में हुए घटना के बारे में बता रहा है ..... अब आगे... आशीष ने एक गिलास पानी पिया और फिर ...

मृत्यु भोग - 5
द्वारा Rahul Haldhar

मेट्रो से घर आते वक्त प्रताप को एक अलग ही अनुभूति हो रही थी । ऐसा लग रहा है सर  पूरा खाली हो गया है  दिमाग में कुछ था ...

भूतिया जंगल - 1
द्वारा Rahul Haldhar

★[ नोट → कहानी में बताए गए पात्र व स्थान काल्पनिक भी हो सकते हैं । लेखक ने इसका प्रयोग केवल कहानी के डर को बढ़ावा देने के लिए ...

दमबाज
द्वारा Deepak sharma

इधर म्यान्मार मैं इस पहली फरवरी से स्थापित किए गए सैन्य शासन के विरोध में मैं वहां की जनता के बढ़ रहे जुलूसों को देखती हूं तो मुझे अपनी ...

मृत्यु भोग - 4
द्वारा Rahul Haldhar

प्रताप आजकल बीच बीच में निमतला श्मशान में जाकर  बैठा रहता है । वैसे निमतला घाट उसके दक्षिण घर से बहुत  दूर है । लेकिन दक्षिण के गरिया महाश्मशान ...

मृत्यु भोग - 3
द्वारा Rahul Haldhar

(कुछ दिन बाद जिस दिन डुमरी को प्रताप घर ले आया वह दिन था मंगलवार , और उसके ऊपर  अमावस्या भी था , आज सुबह आंशिक सूर्यग्रहण भी लगा ...