हिंदी डरावनी कहानी कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

पठालगांव की वो रात
द्वारा Prem Rathod

पठालगांव नाम सुनने में ही बड़ा अजीब लग रहा था मैने वैसे भी पहली बार इस गांव का नाम सुना था पता नही क्यों पर इस बार का सफर ...

रात - 12 - अंतिम भाग
द्वारा Keval Makvana

हवेली सुनसान थी। बहुत अंधेरा था।  तीनों ने अपने फोन की टॉर्च चालू कर ली। वो तीनों हवेली के अंदर जाने लगे। अचानक भाविन के पैर में कुछ टकराया ...

रात - 11
द्वारा Keval Makvana

              सभी थाने के बाहर खड़े थे। रवि ने कहा, ''विशाल को ऐसे समय में अपने गुस्से पर काबू रखने की जरूरत थी।" ध्रुव ने कहा, ''अभी जो हुआ ...

लाल किताब
द्वारा Ishita Tiwari

प्रणाम, मेरा नाम आकांक्षा है। कभी कभी हमारे जीवन में हम अनजाने में वो कर बैठते हैं जो हम कभी नहीं चाहते थे। में भी कुछ ऐसा कर बैठी। ...

दानव द रिस्की लव - 1
द्वारा Pooja Singh

"भैया ! कितनी देर करोगे चलने मैं ""आया अदिति !""भैया ! आपको अजीब नही लगता नाम सुनने में ..पैहरगढ़""लगता तो है पर क्या करे मां ने बुलाया है जाना ...

मेरा साया साथ होगा...
द्वारा Saroj Verma

रात का वक्त और गहरा काला अँधेरा,उल्लूओं की डरावनी आवाज़े किसी की भी ज़ान ले ले,ऊपर से घोड़े के टापों की अज़ीब सी ध्वनि,आजकल के जमाने मेंं भी हवेली ...

खुनी संडे
द्वारा shivani

सच यह है कि विज्ञान का ज्ञान सीमित है ज्यु ज्यु रहस्यों से प्रदा उठता है त्यु त्यू विज्ञान उस वस्तु कि घटना को लेकर अपने विचार बदलते हुए ...

होस्टल - 1
द्वारा Rahul Vyas

रात 8.30 बजे 23 वर्षीय अंकित जयपुर से महाराजा रणजीत सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के लिए सड़क पर चल रहा था। मूल रूप से वडोदरा के रहने ...

હોસ્ટેલ - 2
द्वारा Rahul Vyas

    અંકિત અને રિયા ફરીથી એક થઈ ગયા, રિયા ના પિતાએ નવઘણ સાથે નક્કી કર્યુ હતું પરંતુ નવઘણ ના પરિવારે પૂરજોર વિરોધ કરવાથી નવઘણે રિયા ને છોડવી પડી, ...

मेरा साया साथ होगा....
द्वारा Saroj Verma

रात का वक्त और गहरा काला अँधेरा,उल्लूओं की डरावनी आवाज़े किसी की भी ज़ान ले ले,ऊपर से घोड़े के टापों की अज़ीब सी ध्वनि,आजकल के जमाने मेंं भी हवेली ...

मैं फिर आऊंगी - 10 - अंतिम भाग
द्वारा Sarvesh Saxena

बाबा ने कुछ मंत्र पढ़े तभी रज्जो सुभाष को दर्द भरी आंखों से देखती रही और गायब हो गई, अब सुभाष समझ चुका था कि रज्जो के साथ कितना ...

मैं फिर आऊंगी - 9 - आखिरी राज
द्वारा Sarvesh Saxena

निहाल ने फाइल में लिखें मोबाइल नंबर पर कॉल की और करीम यानी अब्दुल से कहा " करीम जी आपके ऑपरेशन फीस का कुछ प्रतिशत जो हमने ऐस ए ...

समाज और अपराध
द्वारा किशनलाल शर्मा

जर जमीन जोरूआपने सुना है।और आप  समझ  भी गए होंगे।मैं सीरियल नही देखता।कहने को तो आजकल जो सीरियल टीवी पर आते है।उन्हें सामाजिक कह कर प्रचारित किया जाता है।उनमें ...

मैं फिर आऊंगी - 8 - रज्जो का सच
द्वारा Sarvesh Saxena

रज्जो एक दम से शांत होकर बोली, "उस दिन तूने मेरा इलाज करने से मना कर दिया, मैं मन ही मन अपने आप को कोसने लगी कि मैंने एक ...

मैं फिर आऊंगी - 7 - छोटी सी भूल
द्वारा Sarvesh Saxena

बाबा महाकाल अंदर आए तो देखा कि सुभाष सामने की दीवार पर किसी तस्वीर की तरह लटका हुआ था, उसके शरीर पर घाव थे, महाकाल बाबा ने अपनी आंखें ...

खौफ - 2
द्वारा ️Seema कपूर

जैसा कि आप अध्यय१में पढ़ चुके हैं कि किस प्रकार से (ज़फ़र) के साथ जंगल में एक हादसा होता हैं। अब इसके आगे का भाग मैं लेेेेकर आईं हूूं_ಠಠ■-■ (ज़फ़र) कामयाब ...

मैं फिर आऊंगी - 6 - बदला
द्वारा Sarvesh Saxena

सुबह होते ही सुभाष उठा और नहा धोकर नाश्ते के लिए बैठ गया, माँ नाश्ता लेकर आई, आज सुभाष को काफी अच्छा महसूस हो रहा था नींद भी अच्छी ...

मैं फिर आऊंगी - 5 - याद है ना...
द्वारा Sarvesh Saxena

" बेटा सुभाष...उठो कब से जगा रही हूं, तुम ठीक तो हो" माँ ने घबराते हुए पूछा |सुभाष एकदम से हड़बड़ा कर उठा और मां को देखकर उसकी जान ...

मैं फिर आऊंगी - 4 - इलाज या साजिश
द्वारा Sarvesh Saxena

तीन महीने बाद… आई क्लिनिक में ... "डॉक्टर साहब… मेरी दीदी को बचा लो, आज सुबह से इन्हें कुछ साफ नहीं दिख रहा, कल सोई थी तब तो ठीक ...

मैं फिर आऊंगी - 3 - वो... आए हैं
द्वारा Sarvesh Saxena

दो साल पहले…. "अरे जल्दी करो माँ, सब वहां आ गए हैं, हम ही लोग सबसे लेट पहुंचेंगे", सुभाष ने कार निकालते हुए कहा | मां - "बेटा बस ...

जीवित मुर्दा व बेताल - 5
द्वारा Rahul Haldhar

महोबा गांव का परिवेश इस वक्त बहुत कौतूहल भरा है । गांव की सभी खबरें जमींदार रामनाथ तक पहुंचने पर वो बहुत ही आश्चर्य होते हैं । उनको आश्चर्य ...

तंत्र रहस्य - 12
द्वारा Rahul Haldhar

मेरी भैरवी ( 1 ) ....आज महाश्मशान में शाम के वक्त जब मैं पहुंचा तो पागल बाबा आसपास कहीं भी नहीं दिखे । मैंने पहले भी बताया था कि ...

मैं फिर आऊंगी - 2 - अतीत की आहट
द्वारा Sarvesh Saxena

रात के करीब दो बजे सुभाष को कुछ आहट सी सुनाई दी जो मां के कमरे में हो रही थी | सुभाष दौड़कर मां के कमरे में आया तो ...

प्रेत-लोक - 15
द्वारा Satish Thakur

तांत्रिक योगीनाथ जी एक बार फिर सभी की ओर देख कर इशारे से हाँ या न पूछते हैं पर सभी हाँ में सर हिला कर उनके साथ होने का ...