डरावनी कहानी कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Horror Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cul...Read More


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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 2 By Tejendragodara

जब आर्यन की चेतना वापस लौटी, तो सबसे पहले उसे अपनी पीठ पर कड़कड़ाती धूप और सूखी मिट्टी की सोंधी सी महक का अहसास हुआ। उसने धीरे-धीरे अपनी भारी आँखें खोलीं और उठकर बैठ गया। वह यह देख...

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प्यार की परीभाषा - 4 By Rishav raj

शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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तेरहवा द्वार - 2 By InkImagination

भाग 2पहली आवाज़“तुम वापस क्यों आए…?”उस आवाज़ ने जैसे आरव के शरीर का खून जमा दिया।वो तुरंत पलटा।लेकिन पीछे कोई नहीं था।सिर्फ टूटी दीवारें… सीलन की बदबू… और अँधेरा।उसकी साँसें बेकाबू...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 8 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 8: पहला लेखकमहल काँप रहा था।छत से मिट्टी और पत्थर टूट-टूटकर गिर रहे थे।चारों तरफ चीखें थीं।आग थी।और उस सबके बीच— आँगन में खड़ा छोटा आदित्य अब इ...

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Ghost hunters - 15 By Rishav raj

सुबह अभी पूरी तरह उजली नहीं हुई थी। आसमान हल्का धुंधला था, और गाँव के उस हिस्से में एक अजीब सन्नाटा पसरा हुआ था। रात की घटनाओं के बाद किसी ने ठीक से नींद नहीं ली थी।आरव बाहर आँगन म...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 9 By kajal jha

एपिसोड 9: अंधेरे की परछाईखंडहर की शांतिहवेली के ढहने के बाद सब कुछ शांत हो गया था। अयान और रोहन को लगा कि अब श्राप खत्म हो चुका है। लेकिन अयान के दिल में एक अजीब सा डर था। उसे डायर...

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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 1 By chanchal

सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उसे उस पुरानी हवेली में दुल्हन बनाकर लाया गया, तो उसे लगा था कि यह सिर्फ एक बड़े परिवार का हिस्सा बनने...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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काल कोठरी - 13 By Neeraj Sharma

13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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कब्र नंबर 13 By Dikshant Nagpure

मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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वो कमरा By Dikshant Nagpure

तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...

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खौफ - 1 By Raj Bhande

नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली घटनाएं लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का...

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वो कौन थी? - 8 By sapna

Chapter 8 — रूहों का बसेराजीप का पिछला पहिया खाई की कगार पर हवा में लटका हुआ था। आर्यन की आँखों के सामने मौत का नग्न नाच हो रहा था। बगल में बैठी अनन्या का वह जला हुआ चेहरा अब किसी...

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Honted Jobplace - 7 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का मेन गेट। रात के 11:15 बज चुके हैं। बाहर तेज़ हवा चल रही है, बिजली चमक रही है। कृषांत अपनी गाड़ी से उतरता है, मोबाइल कान से लगाए हुए।कृषांत (फोन पर, गुस्से में) बोला - क्या?...

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Forest of Demons - 5 By Arya Sharma

वहीं अभी तक हमने पड़े की एक राक्षसी आई ओर उस राक्षस को मृत्युंजय के नाम से बुला रही थी। राक्षसी : मृत्युंजय तुम कब आए । मुझे बताए भी नहीं।आर्या : ओह तो इस राक्षस का नाम मृत्युंजय ह...

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पीपल के पेड़ वाली सवारी By Suman

एक बार हाथरस के पास सलेमपुर में हमारा घर था। एक बार हमारे पति देव रोज रात को रामलीला में act करने जाते थे। और दोपहर तक घर आ जाते थे। उस समय bike की व्यवस्था नहीं थी। तो साइकिल से ज...

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उसकी साया !! - 3 By Anjali kumari Sharma

यादों की जंगमल्हार ने देखा कि उसका अपना हाथ अब पूरी तरह पारदर्शी हो चुका था। वह उस बूढ़ी औरत को छूने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसका हाथ हवा की तरह उसके पार निकल गया। दूसरी ओर, वह &...

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वो खोफनाक रात - 8 By Khushwant Singh

पिछली कहानी में हमने पढा कि अनीशा लावण्या और लक्षिता को लेने आती हैं और उनको अपने साथ लेकर जाती हैं।अब आगे........अब वे तीनों अपने कॉलेज पहुंच चुकी थी जहां पर बाकी सब स्टूडेंट्स भी...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 2 By Tejendragodara

जब आर्यन की चेतना वापस लौटी, तो सबसे पहले उसे अपनी पीठ पर कड़कड़ाती धूप और सूखी मिट्टी की सोंधी सी महक का अहसास हुआ। उसने धीरे-धीरे अपनी भारी आँखें खोलीं और उठकर बैठ गया। वह यह देख...

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प्यार की परीभाषा - 4 By Rishav raj

शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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तेरहवा द्वार - 2 By InkImagination

भाग 2पहली आवाज़“तुम वापस क्यों आए…?”उस आवाज़ ने जैसे आरव के शरीर का खून जमा दिया।वो तुरंत पलटा।लेकिन पीछे कोई नहीं था।सिर्फ टूटी दीवारें… सीलन की बदबू… और अँधेरा।उसकी साँसें बेकाबू...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 8 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 8: पहला लेखकमहल काँप रहा था।छत से मिट्टी और पत्थर टूट-टूटकर गिर रहे थे।चारों तरफ चीखें थीं।आग थी।और उस सबके बीच— आँगन में खड़ा छोटा आदित्य अब इ...

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Ghost hunters - 15 By Rishav raj

सुबह अभी पूरी तरह उजली नहीं हुई थी। आसमान हल्का धुंधला था, और गाँव के उस हिस्से में एक अजीब सन्नाटा पसरा हुआ था। रात की घटनाओं के बाद किसी ने ठीक से नींद नहीं ली थी।आरव बाहर आँगन म...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 9 By kajal jha

एपिसोड 9: अंधेरे की परछाईखंडहर की शांतिहवेली के ढहने के बाद सब कुछ शांत हो गया था। अयान और रोहन को लगा कि अब श्राप खत्म हो चुका है। लेकिन अयान के दिल में एक अजीब सा डर था। उसे डायर...

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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 1 By chanchal

सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उसे उस पुरानी हवेली में दुल्हन बनाकर लाया गया, तो उसे लगा था कि यह सिर्फ एक बड़े परिवार का हिस्सा बनने...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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13 वा धारावाहिक आपने आप मे एक अंतरमन की पुकार कह लो, ये काल कोठरी किसे के नसीब मे न हो, बस माथे की लकीरो की बेचैनी आदमी को कभी कभी ऐसी खोज पर ले जाती है कि पूछो मत।               ...

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मेरे गाँव में सबसे पुरानी चीज़ मंदिर नहीं है। मेरे दादा जी नहीं हैं। ये पीपल का पेड़ नहीं है।सबसे पुरानी चीज़ है - एक कब्र।हाँ, कब्र।गाँव के ठीक उत्तर दिशा में। जहाँ खत्म होते हैं...

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तीन महीने पहले की बात है।हम लोग नए शहर में आए थे। पापा की नौकरी ट्रांसफर हुई थी। माँ, मैं, छोटी बहन रिया, और पापा। चार लोगों का परिवार।घर ढूंढना आसान नहीं था। पापा तीन दिन तक इधर-उ...

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खौफ - 1 By Raj Bhande

नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ होने वाली घटनाएं लिखा करता था, लेकिन पिछले 5 सालों से उसने लिखना बंद कर दिया था। राज का एक 8 साल का...

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Chapter 8 — रूहों का बसेराजीप का पिछला पहिया खाई की कगार पर हवा में लटका हुआ था। आर्यन की आँखों के सामने मौत का नग्न नाच हो रहा था। बगल में बैठी अनन्या का वह जला हुआ चेहरा अब किसी...

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Honted Jobplace - 7 By Sonam Brijwasi

ऑफिस का मेन गेट। रात के 11:15 बज चुके हैं। बाहर तेज़ हवा चल रही है, बिजली चमक रही है। कृषांत अपनी गाड़ी से उतरता है, मोबाइल कान से लगाए हुए।कृषांत (फोन पर, गुस्से में) बोला - क्या?...

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एक बार हाथरस के पास सलेमपुर में हमारा घर था। एक बार हमारे पति देव रोज रात को रामलीला में act करने जाते थे। और दोपहर तक घर आ जाते थे। उस समय bike की व्यवस्था नहीं थी। तो साइकिल से ज...

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उसकी साया !! - 3 By Anjali kumari Sharma

यादों की जंगमल्हार ने देखा कि उसका अपना हाथ अब पूरी तरह पारदर्शी हो चुका था। वह उस बूढ़ी औरत को छूने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसका हाथ हवा की तरह उसके पार निकल गया। दूसरी ओर, वह &...

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वो खोफनाक रात - 8 By Khushwant Singh

पिछली कहानी में हमने पढा कि अनीशा लावण्या और लक्षिता को लेने आती हैं और उनको अपने साथ लेकर जाती हैं।अब आगे........अब वे तीनों अपने कॉलेज पहुंच चुकी थी जहां पर बाकी सब स्टूडेंट्स भी...

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