हडसन तट का ऐरा गैरा - 15 Prabodh Kumar Govil द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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हडसन तट का ऐरा गैरा - 15

जब रॉकी ऐश के पास पहुंचा तो वो न जाने कहां - कहां से खाने की बहुत सारी चीज़ें लेकर आई थी। ढेर सारे फल भी थे।
वह रॉकी को देखते ही बोली - वाह, तुम बहुत अच्छे टाइम से आ गए, आओ खाना खाओ।
- मुझे नहीं खाना, खाना - वाना। कह कर रॉकी ने उपेक्षा से मुंह फेर लिया।
ऐश को बड़ी हैरानी हुई। रॉकी खाने के लिए मना करे, ये तो संभव नहीं, ज़रूर दाल में कुछ काला है।
ऐश अपनी आवाज़ को भरसक विनम्र और मीठी बना कर बोली - क्या मैं जान सकती हूं कि रॉकी राजा ने ऐसा क्या खाया है जो उन्हें भूख नहीं लगी? और कहां खाया?
ऐश की अतिरिक्त नाटकीयता को ताड़ कर रॉकी को मन ही मन और भी गुस्सा आने लगा। उसने सोचा - देखो, कैसी मीठी - मीठी बातें बना रही है और मन ही मन मुझे धोखा देने का प्लान बना रही है। उस कुत्ते में ऐसा क्या है जो मुझे छोड़ कर उससे ब्याह रचाने चली है। इसे कुछ पता भी है कि ब्याह क्या होता है? एक ही दिन में लहूलुहान होकर मेरे पास न चली आए तो मेरा नाम नहीं।
ऐश ने फिर पूछा - खाना क्यों नहीं खा रहे?
रॉकी अनमना सा होकर बोला - मुझे भूख नहीं है। मेरे एक दोस्त ने पार्टी दी थी, मैं उसी में खाना खाकर आया हूं।
ऐश इठला कर बोली - रॉकी राजा का कौन सा ऐसा फ्रेंड है जिसे हम नहीं जानते? क्या नाम है उसका?
- अरे बाबा कहा न खाकर आया हूं। वो बराबर वाली लेन में रहने वाला बादामी डॉग है न, वो शादी कर रहा है, उसी ने पार्टी दी थी।
बादामी डॉग का नाम सुनते ही ऐश के होश उड़ गए। वो समझ गई कि रॉकी को उसने सब कुछ बता दिया है शायद इसीलिए बाबू का मूड ऑफ़ है।
अब वो गंभीर हो गई और संजीदा होकर बोली - साफ़ - साफ़ क्यों नहीं कहते कि तुम्हें हमारी शादी की बात पसंद नहीं आई।
- तुम पागल हो गई हो ऐश। कभी कहीं सुना है कि हमारी जाति में किसी ने कुत्ते से शादी की हो। अब रॉकी ने अपने दिल की भड़ास निकाली।
- प्यारे रॉकी, यदि हम वही सब करते रहेंगे जो होता रहा है तो ये दुनिया नई कैसे बनेगी?
- तो तुम दुनिया को नई बनाने के लिए सबसे पहले मेरी ही बलि चढ़ाओगी? रॉकी तड़प कर बोला।
ऐश ने प्यार से रॉकी की ओर देखा और बोली - कौन कहता है कि तुम्हारी बलि चढ़ेगी। अरे ख़ुद से पहले तो मैं हमेशा तुम्हारे बारे में सोचती हूं। पता है मैंने पहले तुम्हारे लिए एक काबिल पत्नी ढूंढी है तब कहीं जाकर अपनी शादी के लिए उस बादामी जेंटलमैन को हां भरी है।
- ज़रा मैं भी तो सुनूं कौन है वो काबिल पत्नी?
- तुम उसे खूब जानते हो, वो हमारे बगीचे के पिछवाड़े एक अपार्टमेंट में रोज़ दूध पीने आती है।
- वो झबरी कैटी?? तुम्हें मेरे लिए पूरी दुनिया में वो बिल्ली ही मिली। तुम बिलकुल पागल हो गई हो ऐश! उस झबरी के साथ शादी करना तो दूर मुझे उसके पास जाने तक में डर लगता है। उसकी आंखें देखी हैं कितनी खूंखार हैं। वो तो मुझे खा जायेगी किसी दिन! रॉकी अपना सिर पकड़ कर बैठ गया।
- घबराओ मत रॉकी, कुंवारी लड़कियां ऐसी ही होती हैं, गर्म, तुनक मिजाज। जब शादी हो जायेगी तो देखना वो तुम्हें पिलाए बिना दूध तक नहीं पिएगी। ऐश ने समझाइश दी।
रॉकी बोला - शादी के बाद ज़िंदगी भर का साथ होता है। साथ सोना, साथ खाना, साथ घूमना, साथ रहना। किसी हाथी और खरगोश का ब्याह रचा देने से वो जीवन- साथी नहीं बन जाते। हाथी तो गन्ने खाता है, खरगोश का पेट झेल लेगा गन्ना? पेट फाड़ कर दो टुकड़े कर देगा गन्ना उसके।
- तुम भी ना, बस अड़ जाते हो। अब यहां हाथी और गन्ने की बात कहां से आ गई? वो बिल्ली इतनी प्यारी है देखना एक बार उससे मिल लोगे तो उसे छोड़ने का मन नहीं करेगा तुम्हारा। मुझे देखो, मैं तो डॉगी के साथ घर बसाने जा रही हूं। ऐश बोली।
- अरे पर इससे फ़ायदा क्या होगा? मेरे साथ क्यों नहीं रह सकती तू? पंछी और जिनावर आपस में प्यार करेंगे तो उनके पेट से ऊदबिलाव ही पैदा होंगे। क्रॉस- ब्रीड से हमेशा सुंदर प्राणी जन्म नहीं लेते। सारे में जग- हंसाई होगी तेरी।
अब रॉकी का गुस्सा सातवें आसमान तक पहुंच गया। उसने आव देखा न ताव झट से ऐश को पकड़ा और तड़ातड़ उसके मुंह पर चुंबनों की बौछार कर दी। उसका अब तक का सारा संयम जवाब दे गया।
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