में और मेरे अहसास - 38 Darshita Babubhai Shah द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

में और मेरे अहसास - 38

बात रूह की करो l
जान बेज़ान सी है ll

  **************************************

कोई मगरूर है, तो कोई यहा मशहुर है l
कोई खामोश हैं, तो कोई वहा मजबूर है ll

  **************************************

जिस चमन मे महफ़ूज़ समजा था ख़ुद को ll
वहीं चमन को वीरा करके चला गया है ll

  **************************************

ये इश्क़ नहीं आसान इतना जान ले तू l
आंसूओ का दरिया है इतना मान ले तू ll

  **************************************

समझाने की कोशिशों की हद आ जाए l
तब सब कुछ ख़ुदा के भरोसे पे छोड़ दो ll

  **************************************

कमबख्त मौत भी कहां इतनी जल्द आती है l
वो तो तड़पा तड़पा के जां निकालती है ll

  **************************************

दिल को चुभती है ये तन्हाई l
मन को रुलाती है ये जुदाई ll

क्या कहते हैं अनकहे अल्फाज़ l
और ढ़ूढ़ने लगते है ये ख़ुदाई ll

  **************************************

कभी आंखे तो कभी चहेरा पढ लीया करो l
हर बात लफ्जो से बताना मुमकीन तो नही।l

सुबह शाम तुम्हें बिना भूले फोन करते रहते हैं l
हर बार प्यार को जताना मुमकीन तो नही।l

ये क्या बात हुई कि मुह फ़ेर के दूर बैठे हो l
महफ़िल मे गले से लगाना मुमकीन तो नही।l

मुहब्बत मे इश्क़ की ख़ुशी मे जानबूझकर l
खुद हारे हुए को हराना मुमकीन तो नही।l

चांद रात मे ग़मके घने बादल छाए हो तब l
खुशी का राग सुनाना मुमकीन तो नही।l

  **************************************

गर दीवाले बोल सकती तो तुम्हें बताती l
कितना तड़पे है तुम्हारी जुदाई के दिनों में ll

  **************************************

बारीश का ये सुहाना मौसम अच्छा लगता है l
उसपर तुम्हारा मिलने आना अच्छा लगता है ll

तपिश कुछ इस तरह बढ़ गई कि जान सुक गई l
एक दूसरे को भीगना भिगोना अच्छा लगता है ll

  **************************************

जिंदगी एक ख्वाब है, इसे महसूस कीजिये l
हर लम्हा  इसका लुफ्त उठाया कीजिये ll

कल फ़िर मिले ना मिले ये सुहाना पल l
दोनों हाथो से खुशियां लुटाया कीजिये ll

गर एक पल दीदार से सुकून मिलता है l
तुम भी प्यास दिल की बुझाया कीजिये ll

  **************************************

बहारो की मंजिल मिल गई l
नजारों की मंजिल मिल गई ll

पूनम की हसीं प्यारी रातों में l
सितारों की मंजिल मिल गई ll

साहिल को ढूंढते ढूंढते देखो l
किनारों को मंज़िल मिल गई ll

  **************************************

मुज से बिछडकर वो खुश बहोत है,
चलो हम उनकी खुशीयो मे खुश रहे।l

मुज से दूर रहकर वो खुश बहोत है,
चलो हम उनकी दूरियों मे खुश रहे ll

  **************************************

वफा रास ना आए तो हमे बता देना l
रजा रास ना आए तो हमे बता देना ll

प्यार के खेल होते ही हैं निराले सुनो l
मज़ा रास ना आए तो हमे बता देना ll

दिल चुराने वाला सुहाना मौसम है l
शमा रास ना आए तो हमे बता देना ll

तन मन को तरो ताज़ा रखने वाली l
लता रास ना आए तो हमे बता देना ll

आज बारिस की रिमझिम भीगी भीगी l
हवा रास ना आए तो हमे बता देना ll
८-७-२०२१

  **************************************

दिल मे अभिलाषा के फूल खिले हैं l
जब से हम तुम फ़िर से मिले हैं ll

कितने ही अच्छे क्यूँ ना हो तुम, पर l
जी को चुभते लबज तेरे खले है ll

दिन तो गूजर जाता था पर रात नहीं l
तुझे देखकर सांज सवेरे ढले है ll

फिर सोये हुए ख्वाबों ने अंगडाई ली l
फ़िर पलकों पे नीत नये सपने पले है ll

जुदाई के वक़्त मे और तेरी यादे l
साये की तरह साथ साथ चलें है ll

  **************************************

दर्द ही दवा बन गया l
मर्ज़ ही अदा बन गया ll

  **************************************

परिंदे ने पिंजरेमे दम तोडा, कोई वजह तो होगी l
पिंजरे से दोस्ती तोड़ गया, कोई वजह तो होगी ll

हरदम हरलम्हा रंग बदलती हुईं, दुनिया के मेले में l
जालिम अकेला छोड़ गया, कोई वजह तो होगी ll

जान से चाहा था जिसे अपना समझकर वहीं l
प्यार से मुँह मोड़ गया, कोई वजह तो होगी ll

साथ साथ जिएंगे, साथ साथ मर जाएगे, वो l
दिल का भरम तोड़ गया, कोई वजह तो होगी ll

हमसे इतनी जल्दी जान छुड़ानी थी के, हारने l
रेस में आगे दोड़ गया, कोई वजह तो होगी ll

  **************************************

रोज रोज मिलना अच्छा नहीं होता l
रोज रोज रूठना अच्छा नहीं होता ll

  **************************************

रेट व् टिपण्णी करें

Ajay Bhatti

Ajay Bhatti 11 महीना पहले