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    संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 3
    by Manoj kumar shukla
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    संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (3) मित्र मेरे मत रूलाओ..... मित्र मेरे मत रूलाओ, और रो सकता नहीं हूँ । आँख से अब और आँसू, मैं बहा सकता नहीं ...

    प्यार व्यार - हीर वे
    by Shubham Maheshwari
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    क्या हम कभी बिछुडे?  नही ना।  क्या दिल कभी टूटे नही ना।  जो साथ हो तेरा हो जाए ये जहान मेरा।  हीर वे, हीर वेे क्यों हुए जुदा वे।  ...

    घोर अंधकार
    by Apurva Raghuvansh
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    वक़्त से नाराज हूं वक्त से अनजान है, कुछ पता पता नहीं है, जानने की जिज्ञासा पाने की लालसा खोने को कुछ नहीं,  पाने को बहुत कुछ भटकता हूं दरबदर कहता किसी से कुछ भी नहीं सोचता हूं बहुत करने ...

    संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 2
    by Manoj kumar shukla
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    संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (2) जब-जब श्रद्धा विश्वासों पर ..... जब - जब श्रद्धा विश्वासों पर, अपनों ने प्रतिघात किया । तब - तब कोमल मन यह मेरा, ...

    तेरे चाहने वाले
    by Rakesh Sai
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    हम भी देख लेंगे  तेरे चाहने वाले को उस वक्त जब तुम मौत के दरवाजे पर खड़ी होगी? तुम बहुत बोलती हो कि वह मुझसे प्यार करता है या ...

    सपूतों की शहादत
    by daya sakariya
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    निभाके फर्ज़ चुकाके कर्ज हो गए शहीद शहादत मेंये देश के सपूत जवान कूर्बा हुए भारतमाँ की मुहब्बत मेंकिसीने छोड़ा है माँ का आँचल तो किसीने शर से बाप ...

    संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 1
    by Manoj kumar shukla
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    संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (1) हे माँ वीणा वादिनी ..... हे माँ वीणा वादिनी, शत् शत् तुझे प्रणाम । हम तेरे सब भक्त हैं, जपते तेरा नाम ।। ...

    कभी कभी खबरों में अजीब सी महक आती है (मार्च २०१९)
    by महेश रौतेला
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    कभी कभी खबरों में अजीब सी महक आती है(मार्च २०१९)१.कभी कभी खबरों में अजीब सी महक आती है,जैसे देश स्वतंत्र हो गया हैउसकी अब अपनी राजभाषा हैजैसे चुनावों की ...

    यादों के झरोखों से
    by Rakesh kumar pandey Sagar
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         "तुम्हारी याद आती है" बरसता है जो ये सावन, तुम्हारी याद आती है, कहाँ तुम हो छुपे प्रियतम, हमें पल पल सताती है। लिखे जो खत तुम्हें ...

    पगली बदली
    by Rakesh kumar pandey Sagar
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                                १-                     "पगली बदली" है समां ...

    तेरा ज़िक्र
    by Suyogya Singh aviadeez
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    गहरे जख़्म मिलेंगे , इल्म था , दानिस्ता दिल लगाया पर ।अंगारों पे पाँव रखे और इश्क़ को देखा छूकर ।।Gehre Zakhm Milenge , Ilm Tha , Daanistaa Dil ...

    एक सफ़र ऐसा भी
    by Alok Shekhar Mishra
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    क्या कमजोरियाँ है मेरी आपको लेकर ये सोचने में कितने कमजोर हो गए ये शिकायत ये झिझक ये आँसू जो कल मेरे थे क्या कमी रह गयी की आपकी ओर हो गए  ...

    योग महिमा
    by Ajay Amitabh Suman
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    (१)    योग महिमा    माननीय प्रधानमंत्रीजी, आपने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इक्कीस जून को योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त करा कर भारत क़ी महिमा बढ़ाई है . उसके ...

    प्यार का सफर भाग - ३
    by Shaimee oza
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    1.आंखो मैं बीठा कर रख दिया हम दिल मैं उतारना भुल गए.......तेरे आने के इंतजार मैं हम पर वखत का पहियें ने एक पल भी नहीं सोचा तेरी यादमैं हमारी उम्र गुजरती ...

    कवि की अभिलाषा
    by Ajay Amitabh Suman
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      (१)    कवि की अभिलाषा:अजय अमिताभ सुमन ओ मेरी कविते तू कर,परिवर्तित अपनी भाषा,तू फिर से सजा दे ख्वाब नए,प्रकटित कर जन मन व्यथा। ये देख देश का,नर्म पड़े ...