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अभिव्यक्ति.. - 7
द्वारा ADRIL

  उसकी आवाज़    प्यार चाहना उसके लिए ख्वाब बन कर रहे जाता था   इज्जत की दुहाई दे वो अरमान मनमे ही रहे जाता था   दुल्हन बनने का सपना ...

में और मेरे अहसास - 63
द्वारा Darshita Babubhai Shah

1. प्यार व् उम्मीद तुमसे है lहुईं नज़र चार जबसे है ll पगला और दिवाना दिल lपहेली बार देखा तबसे है ll सच मानो प्यारी ग़ज़लों मे lअल्फ़ाज़ नशीले ...

अभिव्यक्ति.. - 6
द्वारा ADRIL

    दीदार,... उफ़्फ़, तेरे दीदार का यूँ असर हुआ है कोन सा नशा है ये कि बीनपीए सभीका ये हाल हुआ है तारो को आसमान मे खलल हो ...

दिल के अलफाज
द्वारा Azaz Uniya

वन हार्ट -मिलियन थॉट्सदिल में दफन है कई राज अब जाहिर करने से डरता हूंकोई किसी को बता न दे इस बात से डरता हूंहोते है दिल हर किसी ...

कलयुग और परमब्रह्म
द्वारा king offear

अब अशुद्धि के लिए मैं शुद्ध होना चाहता हूँ, अब कुबुद्धी को लिए मैं बुद्ध होना चाहता हूँ. चाहता हूँ इस जगत में शांति चारों ओर हो, इस जगत ...

भक्तो की गुहार
द्वारा king offear

बम बम  भोले डमरू बाजे  - ओंकारा  रे -  ऐ बम बम  भोले डमरू बाजे  - ओंकारा  रे – ऐ बम बम  भोले डमरू बाजे  - ओंकारा  रे – ...

में और मेरे अहसास - 62
द्वारा Darshita Babubhai Shah

मौत की है तलब सखी l जिंदगी ने रुलाया बहुत ll   मोहब्बत के लिए लोगों के ll सामने सर झुकाया बहुत ll   गर जिंदगी एसी भी होती ...

अभिव्यक्ति.. - 5
द्वारा ADRIL

  इंतकाम,...    कसम से इंतकाम का हमें ऐसा सुकून मिले  खुदा करे की तुम्हे तुमसा कोई हू-ब-हू मिले    जिसे तुम बेपनाह चाहो तुम्हे वो इस तरह मिले  ...

भक्तो की आस
द्वारा Amanat Malik

ॐ नमः शिवाये।  ॐ नमः शिवाये।। ॐ नमः शिवाये।  ॐ नमः शिवाये।। ॐ नमः शिवाये।  ॐ नमः शिवाये।। ॐ नमः शिवाये।  ॐ नमः शिवाये।। अब पूरी कर दे आस ...

अभिव्यक्ति.. - 4
द्वारा ADRIL

में नहीं चाहती,...      सीता जैसी महान बनकर, में जीना नहीं चाहती फसल की तरह धरती से में पैदा होना नहीं चाहती   औरत हू में बेबस नहीं, ...

सबसे बड़ा ऊँ
द्वारा king offear

|| ( { ऊँ } ) || सबसे बड़ा कौन | रहता है वो मौन || सबका मालिक डॉन | ओ माए गॉड ऊँ || आप ही की महिमा ...

में और मेरे अहसास - 61
द्वारा Darshita Babubhai Shah

दिल की बात छिपाये काले अक्षर lप्यारे रिसते निभाये काले अक्षर ll जूठा वादा, जूठा दिलासा व् आश lदिनमे तारे दिखाये काले अक्षर ll मुहब्बत की वादियों में सहलाने ...

मेरे शब्द मेरी पहचान - 17
द्वारा Shruti Sharma

---- मेरा भारत मेरा हिन्दुस्तान ---- * जनाब ये वो भारत है जिसने गुलामी की बेड़ियों में नजाने कितने वर्ष बिताए थे , लौ बुझ न जाए कहीं आजादी ...

शिव यादव की कविताएं
द्वारा डॉ शिव यादव ग्वालियर

" धुंध में आदमी "व्यथाओं की धुंध काएक सिरा पकड़ेसंघर्षों से जूझतीखड़ी है जिंदगीदिशाहीन राहों परधुंध के उस पारस्वयं का स्वरूप खोजताकैसा और क्या होगा......?एक अनुत्तरित प्रश्न साखड़ा है ...

बन्दे मैं कहा है दम - बन्दे काँप रहे हर दम
द्वारा king offear

आओ जवानो तुम्हे दिखाए पढ़े लिखे बच्चे हिन्दुस्तान की  संसद से सुप्रीम कोर्ट सब के सब चुप बैठे यही सच्चाई है हिन्दुस्तान की।। बन्दे मैं कहा है दम - बन्दे ...

75 वां स्वतंत्रता दिवस कविता।
द्वारा Harshit Mathur

75 वां स्वतंत्रता दिवसतो सबसे पहले तो आप सभी को हर्षित (मेरी) की तरफ से 75 वां स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।हेल्लो दोस्तों में आपका हर्षित तो कैसे है ...

भक्तो की अर्जी
द्वारा Amanat Malik

ॐ जय जगदीश हरे आल्हा राम मुझको अपना बच्चा मान सुबह से कहती हो गई शाम जा रे गंगा अपने धाम ॐ जय जगदीश हरे आल्हा राम गंगा ही ...

अभिव्यक्ति.. - 3
द्वारा ADRIL

आखिरी... पहला ये इश्क था मेरा जो आखिरी हो गया,.. देहलीज़ पे अपनी दुल्हन का ख्वाब आखिरी हो गया,.. तेरे नाम का पहला हकदार अब आखिरी हो गया,.. तमाशा ...

मुक़दमा
द्वारा Amanat Malik

(किंग ऑफ़ फियर ,,, फीयरलेस फ्रीडम ),,, सच का गला घोटे मुक़दमा ,, मुक़दमा ,, मुक़दमा,,,  यस  मुक़दमा ,,, सच का गला घोटे मुक़दमा, सारा जहाँ डरे मुक़दमा ,, ...

ज्योति कलश छलके
द्वारा Dr. Bhairavsinh Raol

कविता शिर्षक:"ज्योति कलश छलके" ज्योति कलश छलके - ४हुए गुलाबी, लाल सुनहरेरंग दल बादल केज्योति कलश छलके घर आंगन वन उपवन उपवनकरती ज्योति अमृत के सींचनमंगल घट ढल के ...

अभिव्यक्ति.. - 2
द्वारा ADRIL

  नजर.. कैसी नजर है तेरी, की मुझे नजर सी लग गयी, नजर पड़ी जब उस नजर पे, तो नजर मेरी ये भर गयी फिर मेरी नजर, उस नजर ...

वर्तमान
द्वारा Amanat Malik

जय माय गॉड जय माय गॉड its humbel  requst please no wor कलयुग नहीं है - यह है बहकालयुग,।  फेक फ्रॉड और सब चापलूस,।। A B C D क ...

में और मेरे अहसास - 60
द्वारा Darshita Babubhai Shah

तस्सवुर मे आया करो lआके फ़िर न ज़ाया करो ll जूठा दिलासा दे देकर यू lजी को न जलाया करो ll गर दिल से चाहते हो तो lइश्क़ को ...

खरीद लो
द्वारा Rutvik Wadkar

https://rutvikwadkar.blogspot.com/2022/07/buy-something.html?m=1 कुछ खरीद लो  सस्ता हो या मेहेंगा, बजट मैं हो तो सही , खरीद लो    ऐसा करो, मेरे  लिए ना कुछ  यादें  खरीद लो , बाते  करने  ...

दर्पण
द्वारा GAYATRI THAKUR

शीर्षक_ "जीवन अंत कहां होगा!!" पल पल बढ़ते अनिश्चित पथ कापूर्ण विराम कहां होगा ..!,जीवन अथक कहानी है, तो,अंत भला कहां होगा !इस पार जीवन है,उस पार जीवन कहां ...

अभिव्यक्ति.. - 1
द्वारा ADRIL

इज़ाज़त... आज मुझे ये शाम सजाने की इज़ाज़त दे दोदिल-ओ-जान तुम पर लुटानेकी इज़ाज़त दे दोमिले जो दर्द या मिले सुकून - कुबूल है हमेंकभी रिहा ना हो पाए ...

सायरी हर पल की बाते
द्वारा Harshad Limbachiya

तुम तो जानते थे फिर क्यों ऐसा किया मेरी आंखे पठ लेते थे बिना कहे फिर क्यों नही पढ़े ,,,,,, ,,,अब क्यों आशु गिर ने लगे सितारों से आसमान ...

ब्रह्मांड और आदमी
द्वारा अशोक असफल

इरादा बड़ा है तीस्ता का सरकार की सम्प्रभुता से. संकल्प बड़ा है कठपुतली कानून से, और दिल गुजरात जेल से. क्योंकि उन्हें पता है- सामने वाला जर्नल डायर से ...

में और मेरे अहसास - 59
द्वारा Darshita Babubhai Shah

आँखों से छाया हैं पागलपन lसाफ़ दिख रहा है दीवानापन ll अपनों ने गैरों का चोला पहना lहर कही दिखता है बेगानापन ll सब अपनी मस्ती में जी रहे ...

पढ़ो और आगे बढ़ाओ
द्वारा Sharwan Gujar

(१)एक तिनका हकीर होता है मगर हवाओं का रुख बताता है जो आपसे झुक कर सलाम करें उसका कद आपसे भी बड़ा हो(२)जो मेहनत से पढ़ता है,उसका कद भी ...

भारत मां का भगत
द्वारा srishti tiwari

गर्व से झूम जाती धरती सुन जिसकी गाथा ,मां भारती का लाडला पुत्र था ।आज़ादी को जिसमें बांधा ,वो खुद ही तो वह सूत्र था ।आज़ादी ही जिसकी महबूबा ...

आदि शंकराचार्य रचित भज गोविन्दं
द्वारा Dr. Bhairavsinh Raol

आदि शंकराचार्य रचित भज गोविन्दं :श्री आदि शंकराचार्य परिचय: श्री आदि शंकराचार्य भारत के एक महान दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक थे। उन्होने अद्वैत वेदान्त को ठोस आधार प्रदान किया। भगवद्गीता, ...