में और मेरे अहसास - 30 Darshita Babubhai Shah द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

में और मेरे अहसास - 30

 

वादा साथ रहने का नहीं l
उम्रभर साथ निभाने का था ll
कल की किसको ख़बर l
उम्रभर हाथ पकडने का था ll

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तेरी खामोशी ने बेचैनी बढ़ा दी है l
मेरी इंतजारी और बढ़ती जाती है ll

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शायद महसूस कर सको खामोशी को तुम l
मेरा कुछ बोलना अब कहा गवारा है तुम्हें ll

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जिंदगी तेरा कर्ज उतार रहा हू l
जितने चाहें इन्तहा लेले ll
कोई कसर ना छोड़ना l
कल फ़िर हो ना हो ll

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दिल और दिमाग की कशमकश में l
लो दिल की जीत हुईं ll
हर बार दिमाग नाकाम हो जाता है l
और दिल बाजी मार जाता है ll

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मना भी नहीं कर पा रहे हैं l
साथ भी नहीं दे सकते हैं l
ये कौन सी कशिश मे है l
ना जीते हैं ना मरते हैं ll

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लब्जो मे बयां ना हो पाए वो दर्द पाल कर बेठे है l
जीते जी ज़हर पी रहे हैं वो दर्द पाल कर बेठे है ll

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नारी ना कर सके तेरी बराबरी l
तू ही माता तू ही विधाता l
हर घर मे हो तेरी पूजा l
बिन तेरे सब है अधूरा ll

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लो आ गई होली सुहानी चलो मिलकर खेले l
मिल गये दिल नूरानी चलो मिलकर खेले ll

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तुम्हारी अदा ने कह दिया हम से मोहब्बत का इज़हार l
बोल कर नहीं बता सकते तो खतमे कर दो इश्के  इज़हार ll

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खुद को देखने आईने के सामने खड़ा रहा l
तुझे आईने में पाकर चौक उठा ll
जैसे के आईने ने मेरा दिल स्कैन कर दिया l
और मेरी तमन्ना पूरी हो गई ll

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खिल उठा बाग फागुन में l
जूम उठा फूल फागुन में ll

दोस्तों की दोस्ती देख ली l
दुश्मन भी कबूल फागुन में ll

प्रेम के रंग मे रंगना है हमे l
बाकी बाते फिजूल फागुन में ll

खेलेंगे जी भरके होली आज l
कभी ना तोड़ेगे उसूल  फागुन में ll

ना होना बा-उसूल फागुन में ll

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वो प्यार ही क्या जो निगाहों से ना बया हो l
वो इज़हार ही क्या जो जुबा से बया हो जाए ll

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कलाम लिखने को कहेंगे कलाम लिखेंगे l
सलाम लिखने को कहेंगे सलाम लिखेंगे l

खत मे बहोत सारे पूछे जाने पर उन्होंने l
जवाब लिखने को कहेंगे जवाब लिखेंगे ll

उम्रभर उनकी निगाहों मे पढ़ते रहे हैं l
सवाल लिखने को कहेंगे सवाल लिखेंगे ll

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जो दिल को तसल्ली दे l
वो गीत सुनाओ तुम ll

जन्मों की प्यास बुझाने l
आँखों से पिला दो तुम ll

जिस पल को ढूंढते थे l
वो मन के मीत हो तुम ll

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आग पानी में लगी है अब क्या करोगे ?
प्यास आँखों में लगी है अब क्या करोगे ?

कौन समजाये तरसते लरजते दिल को?
मय होठों पे लगी है अब क्या करोगे ?

जाम पे जाम छलकते है महफिल मे l
रात बातों मे कटी है अब क्या करोगे ?

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इशक के आगाज़ की बात है l
हुश्नण के अंदाज की बात है ll

नाम मालूम ना पता मालूम l
अनदेखे हमराज़ की बात है ll

मनमोहिनी चमकती चांदनी मे l
धड़कनों के साज की बात है ll

दुनिया की नजरों से छुपाए l
दिल मे छिपे राज की बात है ll

मुस्कराते हुए देख जलते लोग l
प्यार मे परवाज की बात है ll

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रात और दिन तुझे ही सोचता रहता हू मैं l
सुबह और शाम याद तुझे करता रहता हू मैं ll

शबनमी फूलो पे बहार आने को है देख  l
तेरे ही ख्यालो मे हरदम डूबा रहता हू मैं ll

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जिंदगी जीने का तरीका सीख लो l
शराब पीने का तरीका सीख लो ll

बड़े बड़े ताने कसेगी ये दुनिया l
जुबान सीने का तरीका सीख लो ll

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Zainab Makda

Zainab Makda 1 साल पहले

જીગર _અનામી રાઇટર