में और मेरे अहसास - 30 Darshita Babubhai Shah द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

में और मेरे अहसास - 30

Darshita Babubhai Shah मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

वादा साथ रहने का नहीं lउम्रभर साथ निभाने का था llकल की किसको ख़बर lउम्रभर हाथ पकडने का था ll ****************************************** तेरी खामोशी ने बेचैनी बढ़ा दी है lमेरी इंतजारी और बढ़ती जाती है ll ****************************************** शायद महसूस कर ...और पढ़े


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