रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था, लेकिन उसका दिमाग अब भी trafficking case में उलझा हुआ था। शक्ति ने उस समय साधारण कुर्ती और जींस पहन रखी थी और उसने अपने बालों का जुड़ा बनाया हुआ था। तभी उसके फोन की घंटी बज उठी। उसकी नज़र बगल वाली सीट पर रखे फोन पर गई। स्क्रीन पर उभरता हुआ नाम देखते ही उसके चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान तैर गई।
Shakti ke Shiv - 1
रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था, लेकिन उसका दिमाग अब भी trafficking case में उलझा हुआ था। शक्ति ने उस समय साधारण कुर्ती और जींस पहन रखी थी और उसने अपने बालों का जुड़ा बनाया हुआ था।तभी उसके फोन की घंटी बज उठी। उसकी नज़र बगल वाली सीट पर रखे फोन पर गई। स्क्रीन पर उभरता हुआ नाम देखते ही उसके चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान तैर गई।बिना देर ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 2
शक्ति अपनी गाड़ी से शांति विहार एक्सटेंशन पहुँची। वहाँ एक सुनसान सी सड़क पर उसने गाड़ी रोक दी ! अपने खास खबरी का इंतज़ार करने लगी!बस कहीं-कहीं जलती स्ट्रीट लाइट्स की हल्की रोशनी अंधेरे को चीरने की कोशिश कर रही थी। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था!अपनी गाड़ी की हेडलाइट दो बार फ्लैश की। खामोशी को तोड़ते हुए किसी ने धीरे से खिड़की पर दस्तक दी।शक्ति ने नज़र उठाई—और बिना एक शब्द कहे दरवाज़ा खोल दिया।वह व्यक्ति गाड़ी में बैठा था। गाड़ी की हल्की रोशनी में भी उसका चेहरा साफ दिखाई दे रहा था।शक्ति: “डिटेल में बताओ, रवि।”रवि ने गहरी ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 3
कुशल कुछ पल चुप खड़ा रहा। शक्ति भी अपनी गाड़ी स्टार्ट कर वहाँ से निकल चुकी थी। कुशल उसके से थोड़ा परेशान था। उसे समझ आ गया था कि पैसों वाली बात उसने गलत तरीके से उठाई, लेकिन अपने बॉस के कहने की वजह से उसे वह सवाल करना पड़ा था। फिर भी उसके मन में कहीं न कहीं एक हल्की-सी बेचैनी रह गई थी।उधर शक्ति तेज़ी से गाड़ी चलाते हुए रवि द्वारा बताई गई लोकेशन की ओर बढ़ रही थी। बारिश अब हल्की हो चुकी थी, लेकिन आसमान में अब भी बादल छाए हुए थे।कुछ समय बाद वह ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 4
शक्ति की नज़र कुछ सेकंड के लिए उस अंधेरे corridor पर टिक गई जहाँ से सब शुरू हुआ था।“Agar sirf ek part hai… to baaki network kahan hai?”थोड़ी देर खामोशी रही।“Aur sabse बड़ा सवाल—ye Shivay kaun hai?”उसकी आँखों में अब तक का सबसे गहरा doubt था।उस बंद पड़ी फैक्ट्री से बाहर निकली। बाहर अब हल्की ठंडी हवा चल रही थी और आसमान में सुबह होने के संकेत साफ़ दिखने लगे थे।उसने चलते-चलते अपना फोन निकाला और किसी को call लगाया।पूरी bell बजने के after, जब call कटने ही वाला था, तभी सामने से किसी ने उसे receive किया।शक्ति की ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 5
शक्ति कुछ कहने ही वाली थी कि तभी उसकी jeans की pocket में रखा phone बज उठा।उसने तुरंत phone पर नाम flash हो रहा था—Dr. Chirag Mehta.शक्ति ने बिना देर किए call receive कर लिया।दूसरी तरफ से चिराग की gentle voice सुनाई दी—“Miss Shakti, कहाँ हैं आप?”शक्ति ने एक बार सामने खड़े कुशल और उसके boss की तरफ देखा, फिर जवाब दिया—“मैं बाहर हूँ… क्या हुआ? इस वक्त call किया, कोई बात है क्या?”चिराग की आवाज़ इस बार थोड़ी serious थी—“हाँ। आज हमारे hospital के trustee… और medical field के एक बहुत बड़े doctor यहाँ आ रहे हैं। मैं ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 6
चिराग ने गहरी साँस लेते हुए रिपोर्ट शिवाय की ओर बढ़ा दी।"Sir... please, once have a look."शिवाय प्रताप सिंह बिना कुछ कहे रिपोर्ट अपने हाथ में ली और ध्यान से पढ़ने लगे।कमरे में कुछ पल के लिए गहरा सन्नाटा छा गया।रिपोर्ट पढ़ते हुए उनकी नज़रें एक-एक पन्ने पर ठहरती रहीं।तभी चिराग ने शांत स्वर में कहना शुरू किया—"Physically, ये बिल्कुल ठीक हैं। लेकिन मानसिक रूप से पिछले कई सालों से unresolved trauma से जूझ रही हैं। इन्हें अक्सर flashbacks आते हैं... और इन्हीं की वजह से severe anxiety develop हो चुकी है।"शक्ति चुपचाप सामने बैठी रही।चिराग आगे बोला—"ये जानबूझकर ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 7
उधर…दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित Royal Crest Palace।शिवाय प्रताप सिंह इस वक्त अपने कमरे में रखे बड़े, गहरे रंग के leather couch पर आराम से बैठे थे।कमरे में हमेशा की तरह सन्नाटा था।उनके सामने कुशल राठौड़ खड़ा था और अगले कुछ दिनों की मीटिंग्स और बिज़नेस प्लान्स के बारे में बता रहा था।तभी मेज़ पर रखा शिवाय का फ़ोन बज उठा।उन्होंने स्क्रीन पर नज़र डाली।"Shivani Calling..."शिवाय के होंठों पर अनायास हल्की मुस्कान आ गई।उन्होंने कॉल रिसीव की।"कहाँ हैं आप, बड़े भाई सा?" दूसरी तरफ़ से शिवानी की चहकती हुई आवाज़ आई।शिवाय ने सहज स्वर में कहा—"दिल्ली में हूँ, ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 8
उधर...शाम ढल चुकी थी।वाराणसी शहर अपनी रौनक में डूबा हुआ था। घाटों पर आरती की तैयारियाँ चल रही थीं|उसी शहर के बाहरी हिस्से में कई गाड़ियों का एक काफ़िला तेज़ी से आगे बढ़ रहा था।सबसे आगे चल रही काली SUV की पिछली सीट पर शिवाय प्रताप सिंह शांत भाव से बैठे खिड़की के बाहर देखते जा रहे थे।उनके पीछे की गाड़ियों में शिवानी, रुद्र, कामाक्षी और कार्तिक बैठे थे।शिवानी पूरे रास्ते खिड़की से बाहर झाँकते हुए उत्साहित होकर कभी घाटों की तरफ इशारा करती, तो कभी पुरानी इमारतों को देखकर मुस्कुरा उठती।"भाई सा को देखिए…" उसने हँसते हुए कहा, ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 9
रात के लगभग साढ़े नौ बजे थे।सिंह परिवार के घर की ऊपरी मंज़िल पर बना स्टडी रूम हमेशा की शांत था। दीवारों पर सजी किताबें, बीच में रखी विशाल सागौन की मेज़ और खिड़की के बाहर पसरा बनारस का सन्नाटा पूरे कमरे को एक गंभीर वातावरण दे रहा था।शिवाय प्रताप सिंह खिड़की के सामने खड़े बाहर देख रहे थे। उनके चेहरे पर हमेशा की तरह वही ठहराव था, लेकिन आँखों में वर्षों से अधूरी एक तलाश साफ़ झलक रही थी।तभी दरवाज़े पर हल्की-सी दस्तक हुई।"Come in"दरवाज़ा खुला और कुशल अंदर आया।"बड़े भाई सा..."कुशल का शिवाय से कोई ख़ून का ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 10
सुबह के ठीक आठ बजे...उसी समय मुख्य प्रवेश द्वार से शक्ति अंदर दाख़िल हुई।उसके साथ अलिशा भी थी।दोनों के पर वही गंभीरता थी, जो किसी नए मिशन की शुरुआत से पहले दिखाई देती है।जैसे ही शक्ति अंदर पहुँची, ड्यूटी पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों ने एक साथ सलामी दी।"जय हिंद, मैडम!""जय हिंद।"शक्ति ने शांत स्वर में जवाब दिया और बिना रुके सीधे कॉन्फ़्रेंस रूम की ओर बढ़ गई।अंदर ACP विक्रम सिंह और उनकी पूरी टीम पहले से मौजूद थी।शक्ति ने मेज़ पर रखी केस फ़ाइल उठाई और सभी अधिकारियों पर एक नज़र डाली।"आज से इस केस की असली जाँच शुरू ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 11
शिवाय और कुशल की एसयूवी शहर की तंग गलियों से निकलकर एक पुराने मोहल्ले में पहुँची।गाड़ी एक साधारण से मकान के सामने आकर रुकी।कुशल ने बाहर नज़र दौड़ाई।"यही पता है, सर।"शिवाय ने बिना कुछ कहे दरवाज़ा खोला और नीचे उतर गए।मकान पुराना था, लेकिन साफ़-सुथरा। बरामदे में तुलसी का चौरा बना था और दरवाज़े पर पीतल की घंटी लगी हुई थी।कुशल ने आगे बढ़कर घंटी बजाई।कुछ ही क्षण बाद दरवाज़ा खुला।करीब पैंतालीस वर्ष का एक व्यक्ति सामने खड़ा था। उसकी नज़र पहले कुशल पर गई, फिर शिवाय पर टिक गई।"जी... किससे मिलना है?"शिवाय ने शांत स्वर में कहा—"हमें आपके ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 12
सुबह के करीब साढ़े आठ बजे...Banaras Crime Branch के कॉन्फ़्रेंस रूम में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था।मेज़ पर पिछले महीनों की केस फ़ाइलें खुली पड़ी थीं।शक्ति एक-एक दस्तावेज़ को बेहद ध्यान से देख रही थी।अलिशा उसके सामने लैपटॉप खोले बैठी थी, जबकि एसीपी विक्रम और बाकी अधिकारी नए अपडेट का इंतज़ार कर रहे थे।कुछ क्षण बाद शक्ति ने पहली पीड़िता की फ़ाइल बंद की।"कल हमने उस जगह को देखा...""...लेकिन वहाँ जवाब नहीं थे।"कमरे में बैठे सभी अधिकारी उसकी ओर देखने लगे।शक्ति ने अगली फ़ाइल खोली।"कई बार अपराध की शुरुआत वहीं नहीं होती जहाँ घटना होती है...""...बल्कि वहाँ होती है ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 13
सुबह का समय...राजघाट से कुछ दूरी पर स्थित पुरानी हवेलियों का इलाका वर्षों से वीरान पड़ा था।टूटी हुई दीवारें...जंग लोहे के फाटक...और चारों तरफ़ फैली खामोशी...मानो समय यहाँ आकर ठहर गया हो।एक काली एसयूवी धीरे-धीरे सबसे बड़ी हवेली के सामने आकर रुकी।कुशल नीचे उतरा और चारों ओर सतर्क नज़र दौड़ाई।"सर... यही जगह है।"शिवाय भी गाड़ी से उतरे।उन्होंने हवेली की ओर देखा।वर्षों की धूल से ढका विशाल फाटक अब आधा खुला हुआ था।शिवाय कुछ पल तक उसे देखते रहे।फिर धीमे स्वर में बोले—"ये दरवाज़ा हमने नहीं खोला..."कुशल तुरंत सतर्क हो गया।"मतलब...?"शिवाय ने फाटक पर पड़े ताज़ा पैरों के निशानों की ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 14
पुरानी हवेली की पहली मंज़िल...हवा के हर झोंके के साथ टूटी हुई खिड़कियाँ चरमराने लगती थीं।चारों ओर फैली धूल सन्नाटा इस जगह को और भी रहस्यमयी बना रहे थे।शक्ति अपनी टीम के साथ पूर्वी हिस्से की तलाशी ले रही थी।हर कमरा, हर दीवार और हर कोना उसकी पैनी नज़रों से गुजर रहा था।"मैडम..."अलिशा ने धीरे से आवाज़ दी।"इधर आइए।"शक्ति तुरंत उसकी ओर बढ़ी।कमरे की एक दीवार बाकी दीवारों से अलग दिखाई दे रही थी।उस पर जमी धूल के बीच कुछ जगह साफ़ थी, जैसे हाल ही में किसी ने उसे छुआ हो।शक्ति ने हथेली से दीवार पर हल्का दबाव ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 15
दिनभर की लगातार भागदौड़ और जाँच-पड़ताल के बाद शाम ढल चुकी थी।सूरज की आख़िरी किरणें गंगा के जल में सुनहरी आभा बिखेर रही थीं।शक्ति अपनी सरकारी गाड़ी से उस होटल पहुँची, जहाँ उसके ठहरने की व्यवस्था की गई थी।जैसे ही वह कमरे में पहुँची, उसने थककर अपना बैग एक ओर रखा और गहरी साँस ली।पूरा दिन पुरानी हवेलियों, गुप्त कमरों और अधूरे सुरागों में बीत गया था।उसका सिर हल्का-हल्का भारी हो रहा था।तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई।"आइए।"दरवाज़ा खुला और अलिशा मुस्कुराते हुए अंदर आई।"मैडम...""एक बात कहूँ?"शक्ति ने हल्की मुस्कान के साथ उसकी ओर देखा।"कहो।""हम पहली बार बनारस आए हैं...""सुना ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 16
घाट पर अब पहले से कहीं ज़्यादा भीड़ जमा हो चुकी थी।गंगा की लहरों पर तैरते छोटे-छोटे दीपक अंधेरे को रोशनी से भर रहे थे।चारों ओर घंटियों की आवाज़, शंखनाद और "हर-हर महादेव" के जयकारे गूँज रहे थे।आरती शुरू होने वाली थी।शक्ति और अलिशा भीड़ के बीच एक किनारे खड़ी थीं।शक्ति की नज़र सामने गंगा पर टिक गई।दिनभर की थकान जैसे उस शांत दृश्य को देखते ही कुछ कम हो गई।अलिशा ने धीरे से कहा—"मैडम... आरती शुरू होने वाली है।"शक्ति ने हल्का-सा सिर हिलाया।"हम्म।"उसी समय...घाट की दूसरी ओर शिवाय अपनी बहन और कुशल के साथ आकर खड़े हुए।शिवाय की ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 17
शिवाय ने जैसे ही शक्ति की ओर अपना हाथ बढ़ाया...उसी पल गंगा की तेज़ लहर ने अपना रुख बदल का बहाव शक्ति को शिवाय से दूर, दूसरी ओर खींच ले गया।शक्ति ने खुद को रोकने की कोशिश की, लेकिन पानी का जोर उसके प्रयासों पर भारी पड़ रहा था।"बचाओ...!""हेल्प!"उसकी आवाज़ घाट तक साफ़ सुनाई दे रही थी।शिवाय तुरंत सीढ़ियों पर वापस चढ़े।उन्होंने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और शिवानी की ओर बढ़ाते हुए कहा—"इसे संभालो।"इतना कहकर वह दोबारा गंगा की ओर बढ़ गए।"भाई सा... संभलकर!"शिवानी की आवाज़ पीछे से आई।लेकिन शिवाय को जैसे कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 18
"थोड़ा पानी से दूर खड़ा रहा कीजिए..."शिवाय की बात सुनते ही शक्ति ने उसे घूरकर देखा।"जब तैरना नहीं आता risk नहीं लेना चाहिए।"शिवाय ने ये बात जानबूझकर तंज कसते हुए कही थी।और शक्ति उसके चेहरे का वो तंज साफ़ समझ गई थी।शिवाय इतना कहकर वहाँ से जाने के लिए मुड़ा ही था कि पीछे से शक्ति ने गुस्से में उसका हाथ पकड़ लिया।शिवाय रुक गया।उसने पलटकर शक्ति की ओर देखा।शक्ति की आँखों में साफ़ गुस्सा था।"आप होते कौन हैं मुझे ये बताने वाले कि मुझे क्या करना चाहिए?"शिवाय ने उसकी आँखों में देखते हुए बिना किसी झिझक के जवाब ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 19
अगली सुबहबनारस की सड़कों पर फिर वही रौनक लौट आई थी, लेकिन शक्ति के लिए पिछली रात अभी खत्म हुई थी।वह अपने कमरे में बैठी केस की फाइलें देख रही थी। सामने वही फोन रखा था, जो उसे घटनास्थल से मिला था।लेकिन बीच-बीच में शक्ति का ध्यान भटक जाता।उसे याद आ जाता—वो बहस...शिवाय की बात...और फिर...वो थप्पड़।शक्ति ने तुरंत अपने विचारों को झटक दिया।"मुझे उसकी बात पर इतना react नहीं करना चाहिए था..."उसने धीमे से खुद से कहा।तभी शक्ति का चेहरा सख्त हो गया, क्योंकि उसके सामने रखे फोन की घंटी बजने लगी। स्क्रीन पर एक अनजान नंबर चमक ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 20
रात काफी बीत चुकी थी, लेकिन शक्ति की आँखों में नींद का नाम तक नहीं था।वह अपने कमरे में बैठी थी। सामने केस की फाइल खुली थी और उसकी नज़र बार-बार उसी नंबर पर जाकर रुक रही थी।वही नंबर...जिससे उसे फोन आया था।शक्ति ने फोन हाथ में उठाया और स्क्रीन को देखते हुए सोचने लगी—"आख़िर उसने मुझे फोन किया ही क्यों?"अगर वो सच में इतना चालाक था, तो खुद पुलिस को सुराग देने की जरूरत क्या थी?वो चाहता तो उस फोन को हमेशा के लिए गायब कर सकता था।चाहता तो warehouse से भी भाग सकता था।फिर खुद अपनी मौजूदगी ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 21
अगली सुबहशक्ति ने फोन उठाया और अलिशा को कॉल किया।"अलिशा, मुझे उस नंबर की नई location चाहिए।""जी दीदी, अभी करवाती हूँ।"कुछ मिनट बाद अलिशा का फोन आया।"दीदी... location मिल गई है।""कहाँ?"अलिशा ने जगह का नाम बताया।शक्ति कुछ पल चुप रही।"ठीक है। किसी को कुछ मत बताना। मैं खुद देखती हूँ।"उसने फोन रखा और फाइल उठाई।तभी उसकी नज़र मेज़ पर रखे उस छोटे से लिफाफे पर पड़ी, जो उसे पिछली रात उस रहस्यमयी घर में मिला था।शक्ति ने उसे फिर से देखा।उस पर लिखा सिर्फ़ एक शब्द अब भी साफ़ था—"शक्ति।"उसके चेहरे पर हल्की-सी गंभीर मुस्कान आई।"तुम मुझे ढूँढ़ने पर ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 22
शक्ति ने दूर जाती हुई उस बस की तरफ आख़िरी बार देखा, फिर अलिशा की ओर मुड़ी।"तुम उस आदमी पीछा करो। पता करो वो कहाँ जाता है और किससे मिलता है।"अलिशा ने तुरंत सिर हिलाया।"जी दीदी।"अलिशा उसी दिशा में आगे बढ़ गई।शक्ति की नज़र अब शिवानी पर थी।उसके मन में कई सवाल उठ रहे थे।वह शिवानी के साथ चलने लगी!कुछ देर बाद शक्ति ने सहजता से पूछा—"वैसे... उस दिन तुम्हारे साथ तो बहुत लोग थे। आज तुम अकेली?"शिवानी सब्ज़ियाँ देखते हुए बोली—"हाँ, अक्सर मेरे भाई काम में busy रहते हैं। और आज कामाक्षी के पेट में दर्द था... उसे ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 23
एसीपी विक्रम और अलीशा ने उन तीनों पर बंदूक तान दी।“मैडम, आप ठीक हैं?” विक्रम ने चिंता से पूछा।शक्ति खुद को संभालते हुए कहा—“मैं ठीक हूँ। इन्हें ले जाओ और लॉकअप में बंद कर दो।”दो कॉन्स्टेबल आगे आए। उन्होंने तीनों लड़कों को कॉलर से पकड़कर उनके हाथों में हथकड़ी लगाई और उन्हें पुलिस जीप की ओर ले जाने लगे।और शक्ति के इशारे पर पुलिस की जीप थाने के लिए रवाना हो गई। अब वहाँ सिर्फ शक्ति, अलीशा और शिवानी रह गए थेशिवानी अचानक शक्ति के गले से आ लगी। वह बुरी तरह रो रही थी और उसकी आँखों से ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 24
वह सबसे नाराज़ थी—अपने भाइयों से भी और उस पूरे हालात से भी, जिसने उसे अंदर तक हिला दिया रात घर में किसी ने खाना नहीं खाया।शिवाय इसी उधेड़बुन में घर से पैदल निकल पड़ा था। उसके मन में बार-बार यही सवाल उठ रहा था कि कहीं उसने शक्ति के साथ कुछ ज़्यादा बेरुखी तो नहीं दिखा दी।रात अब और गहरी हो चुकी थी।अस्सी घाट लगभग खाली हो गया था। घाट की सीढ़ियों पर पसरा सन्नाटा और गंगा के पानी में तैरते छोटे-छोटे दीये पूरे माहौल को एक अलग ही शांति दे रहे थे।शक्ति सीढ़ियों पर चुपचाप बैठी उन ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 25
अगली सुबह...बनारस की सड़कों पर रोज़ की तरह भीड़ थी, लेकिन शक्ति की नज़र उस भीड़ में किसी और ढूँढ़ रही थी।वह अपनी गाड़ी से अलग-अलग रास्तों पर घूम रही थी।कल शाम पकड़े गए उन लोगों से पूछताछ में कुछ अहम जानकारी मिली थी।उनका कहना था कि उन्हें फोन पर एक आदमी instructions देता था।वे लोग सुनसानरास्तों या बाज़ारों में अकेली लड़कियों को निशाना बनाते और फिर उन्हें एक बड़े network तक पहुँचाते थे।सबसे बड़ी बात...जिस आदमी से उन्हें orders मिलते थे, उसका network सिर्फ़ एक जगह तक सीमित नहीं था।बनारस के कई इलाकों में उसके लोग फैले हुए ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 26
शिवाय अभी भी शक्ति के पास बैठा था।दोनों के बीच कुछ देर तक खामोशी रही।शक्ति की आँखों के सामने उसी लड़की का चेहरा घूम रहा था।फिर उसने धीरे से कहा—"मेरे पास सिर्फ़ दो दिन हैं।"शिवाय ने उसकी तरफ देखा।"और तुम इन दो दिनों में उसे ढूँढ़ निकालोगी?"शक्ति की आँखों में वही दृढ़ता लौट आई।"ढूँढ़ूँगी नहीं..."वह कुछ पल रुकी।"उसे ढूँढ़कर रहूँगी।"शिवाय हल्का-सा मुस्कुराया।"तो फिर शुरुआत कहाँ से होगी?"शक्ति ने अपनी जेब से वही छोटा Nokia फोन निकाला।"यहीं से।"उसने फोन को देखते हुए कहा—"रणविजय ने खुद मुझे call किया है। इसका मतलब उसे लगता है कि वो मुझसे एक कदम आगे ...और पढ़े
Shakti ke Shiv - 27
रणविजय के भागते ही शक्ति भी उसके पीछे दौड़ पड़ी।सुनसान गली में उसके कदमों की आवाज़ लगातार गूँज रही दूर जाने के बाद अचानक रणविजय उसे दिखाई दिया।शक्ति वहीं रुक गई।उसने अपनी gun निकाली और ऊँची आवाज़ में कहा—"रणविजय! रुक!"लेकिन रणविजय ने पीछे मुड़कर देखा और फिर भागने लगा।अगले ही पल शक्ति ने उसके पैर को निशाना बनाकर गोली चला दी।धाँय!गोली उसके पैर में लगी और वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़ा।गली लगभग सुनसान थी, इसलिए शक्ति ने बिना किसी और की सुरक्षा खतरे में डाले firing की थी।वह तेज़ कदमों से रणविजय के पास पहुँची।उसने उसका collar पकड़कर ...और पढ़े