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    फिल्म आलेख :_ हक के लिए लड़ती अकेली मुस्लिम औरत  --------------------------...

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      ‘कलमजीवी निराला’ बाद में ‘गीत गाने दो मुझे’ नाम से प्रकाशित हुआ। जो बच्चे नाटक...

  • नेहरू फाइल्स - भूल-97

    भूल-97 नेहरू ने अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटा भारतीय संविधान ने 10 मई, 1951 क...

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    Pushpa Movie Review (Hindi)फिल्म का नाम: Pushpa: The Riseनिर्देशक: Sukumarस्टार...

  • भ्रम राक्षस। - 5

    अब पुलिस लीलावती निलेश और जय को आतंकवादी तांत्रिक समझ रहे थे । वहीं पूरा भारत उन...

  • यशस्विनी - 28

    ........................रोहित एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।उन्होंने संसार से पूरी त...

  • किराए की कोख - 1

    भाग: 1 — बाज़ार में ममताशहर की चकाचौंध से दूर, जहाँ ऊँची इमारतों का साया भी गरीबो...

  • प्यार और नोक झोंक - हैप्पी लाइफ

    सुबह की ठंडी-ठंडी हवा खिड़की से होती हुई कमरे में आ रही थी। हल्की-हल्की धूप पर्द...

  • समर्पण से आंगे - 6

    ‎‎भाग – 6‎‎‎सुबह की धूप आँगन में उतर रही थी,‎लेकिन घर के अंदर एक अजीब सा सन्नाटा...

  • अदृश्य पीया - 1

    दिल्ली की बड़ी सड़कों और भीड़-भाड़ के बीच, छोटे-छोटे सपनों को लेकर आई थी सुनीति...

नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई By Dr. Suryapal Singh

गुरु जी डॉ0 सूर्यपाल सिंह से मैं दो वर्ष से सम्पर्क में हूँ। प्रारम्भ में गुरु जी के बोले शब्दों को लिखने के लिए ही आया था। धीरे-धीरे उनके साहित्य को भी पढ़ने में रुचि जगी। उनके बहु...

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नेहरू फाइल्स By Rachel Abraham

नेहरू की भूलों की सूची में ‘आजादी से पूर्व की भूलों’ के तहत अधिक भूलें दर्ज नहीं हैं, जबकि उनकी ‘आजादी के बाद की भूलों’ की सूची काफी लंबी है और ऐसा शायद इसलिए है; क्योंकि आजादी से...

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भ्रम राक्षस। By Ravi Bhanushali

एक बार की बात है—निलेश, जय और पार्थ देर रात निलेश के घर पर पार्टी कर रहे थे। पार्टी खत्म होने के बाद जय और पार्थ अपने-अपने घर के लिए निकल पड़े। जय तो अपने घर पहुँच गया, लेकिन पार्थ...

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यशस्विनी By Dr Yogendra Kumar Pandey

यशस्विनी 21वीं सदी में महिलाओं की बदलती भूमिकाविषय पर एक आलेख लेखन में व्यस्त है।अपने लैपटॉप पर हेडफोन से वॉइस टाइपिंग करने केसमय वह कई बार भावनाओं में डूबती- उतरती रही। उसने यह मह...

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‎समर्पण से आंगे By vikram kori

सुबह के छह बज रहे थे।
‎शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था, लेकिन अंकित की ज़िंदगी में नींद के लिए जगह कब की खत्म हो चुकी थी।

‎किराए के छोटे से कमरे में रखे एक पुराने से पलंग पर वह...

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तेरा लाल इश्क By Kaju

दिन दहाड़े कॉलेज स्कूल से हो रही लड़किया और बच्चे गायब कैसे,,,? पुलिस गार्ड की सख्त सिक्योरिटी के बाद भी ये सिलसिला जारी रहना लोगो के अंदर खोफ ले रहा जन्म और पुलिस के नाकामी के वज...

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Mafiya Boss By PAYAL PARDHI

" एक माफिया लव स्टोरी की शुरुआत, एक अनाथ लड़की जिसके बचपन में सब कुछ छीन लिया गया हो, एक ऐसा हादसा जिसने उसकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी हो ,एक ऐसा माफिया जिससे हमेशा नफरत करती आ...

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इश्क के साये में By kajal jha

खामोश पेंटिंग की पहली साँस

पुरानी गली की वह कला-दुकान हमेशा की तरह उस शाम भी आधी अँधेरे में डूबी हुई थी। बाहर बारिश की हल्की बूँदें पत्थरों से टकरा रही थीं और अंदर हवा में पुरान...

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श्रापित एक प्रेम कहानी By CHIRANJIT TEWARY

अमावस्या की रात थी और रात के 11 बज रहे थे । भानपुर गांव का एक तांत्रिक अपनी तात्रिकं साधना करने के लिए सुंदरवन की तरफ जा रहा था । गांव मे ये मान्यता थी के जो कोई भी तात्रिकं अमावस्...

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Ashvdhaama: एक युग पुरुष By bhagwat singh naruka

इस रचना के सभी पात्र ओर घटनाएं काल्पनिक है इनका किसी धर्म ओर जाति ,मानव ,पशु से कोई लेना देना नहीं है । ये मात्र मेरे दिमाग ओर मेरी लेखनी की उपज है इस कहानी के सारे राइट्स मेरे अधी...

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नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई By Dr. Suryapal Singh

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