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कमसिन - 9
by
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देखो वो आ गया स्वर्ग तालाब ! देव ने दूर से इशारा करते हुए कहा ! उसने अपनी नजरे उसी तरफ करते हुए देखा ! एक छोटे से कुंड ...

मन्नू की वह एक रात - 2
by
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‘बिब्बो मेरी शादी कैसे हुई यह तो तुम्हें याद ही होगा ? पैरों की तीन अंगुलिया कटी होने के चलते जब शादी होने में मुश्किल होने लगी तो बाबू ...

जिन की मोहब्बत.. - भाग 4
by Sayra Khan
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ज़ीनत ने सबा की अम्मी को कहा ।"खालाजान में घर जा रही हूं मेरी तबियत ठीक नहीं लग रही , आप सबा को बोल देना l"ज़ीनत वहा से चली ...

रेलगाड़ी
by MB (Official)
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Railgadi - Ajay Kumar Gupta

फिल्म रिव्यू ‘द स्काइ इज पिंक’- दिल को छू पाएगी..?
by Mayur Patel
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सत्य घटना पर आधारित 'द स्काइ इज पिंक' कहानी है आयशा चौधरी की, एक ऐसी लडकी जो जन्म से ही एससीआईडी नामक बीमारी से ग्रस्त थीं. ये एक एसी ...

मिस्टर हमीदा
by Saadat Hasan Manto
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रशीद ने पहली मर्तबा उस को बस स्टैंड पर देखा जहां वो शैड के नीचे खड़ी बस का इंतिज़ार कर रही थी रशीद ने जब उसे देखा तो वो ...

आखिरी चिट्ठी
by Devendra Prasad
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 वो कोयल की तरह कूहकती थी, पर मैना की तरह प्यारी थी। वो सरसों के खेतों में उड़ती तितली सरीखी थी। वो बरगद के पेड़ों तले मिलने वाले ...

दस दरवाज़े - 12
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मेरे स्टोर के करीब ही एक पब है। पब जाने वाले सभी लोग मेरे ग्राहक भी हैं। छोटी-मोटी वस्तु लेने आए ही रहते हैं। मैं कभी-कभी इस पब में ...

कटु सत्य
by Kavi Ankit Dwivedi Anal
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मनुष्य के जीवन मे मन का बहुत महत्व होता है। जीवन मे रोमांच का सबसे बड़ा स्रोत मन होता है। ममता से जीवन मे रस का संचार होता है ...

गुमशुदा की तलाश - 1
by Ashish Kumar Trivedi
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              गुमशुदा की तलाश                          (1)रंजन चर्च में प्रार्थना कर बाहर निकल रहा ...

पुरानी हवेली का राज - 23
by Abhishek Hada
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इस कहानी के अभी तक कुल 22  भाग प्रकाशित हो चुके है। अगर आपने अभी तक नही पढ़े है तो मेरी प्रोफाइल पर जाकर पहले उन्हे पढ़िए उसके बाद ...

चुड़ैल वाला मोड़ - 1
by VIKAS BHANTI
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घनी सी रात में वो थरथराई सी हाइवे पर खड़ी थी , हर आते जाते मुसाफिर को हाथ देती l उसके बिखरे से बाल और स्याह सफेद सलवार सूट ...

खौफ - 8
by SABIRKHAN
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अपनी भारी भरकम हथेली का प्रहार उसने भूमि पर किया पूरा कमरा और कमरे की दीवारें तक कांप उठी उसके चेहरे पर बिखरे हुए बालो के बीच से उसकी ...

अनजान रीश्ता - 17
by Heena katariya
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पारुल सेम के पीछे जाती है तभी सेम तेजी से भागते हुए डाइनिग टेबल पे पहुंच जाता है ओर पारुल भी पीछे पीछे भागती हुयी आती है और कहती ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 3
by
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से वे जग जाती हैं, और पुराना जीवन याद करने लगती हैं कि कैसे वे चौदह बरस की उम्र में शादी कर ...

सैलाब - 2
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अंधेरी कोठरी में उन काली रातों की यादों को भुलाने का प्रयत्न कर रहा था। जब भी आँखें बंद कर सोने की कोशिश करता, कोई साया सपने में आ ...

तोल्सतोय की कहानियाँ
by Munshi Premchand
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तोल्सतोय की कहानियाँ - मुंशी प्रेमचंद 1. क्षमादान 2. ध्रुवनिवासी रीछ का शिकार 3. राजपूत कैदी 4. ध्रुवनिवासी रीछ का शिकार 5. मनुष्य का जीवन आधार क्या है 6. एक चिनगारी घर को जला देती है ...

वैश्या वृतांत - 18
by Yashvant Kothari
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शरद ऋतु आ गयी प्रिये !                                                        यशवन्त कोठारी          हां प्रिये, शरद ऋतु आ गयी है। मेरा तुमसे प्रणय निवेदन है कि तुम भी अब मायके से ...

हा यही प्यार है... - 6
by Alpa
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भाग, 6राहुल :- प्रिया  चलो अंदर... खाना तुम्हे टाइम पे खाना है.. राहुल ने प्रिया की आँखों मे जो चमक देखी.. उसके बाद वो.. shocked है.. इसलिये.. प्रिया का ...

शामिल
by Ajay Amitabh Suman
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1.शामिल तो हो तुम मेरे दश्त-ए-तसव्वुर ,फ़क़त कमी यही कि नसीब में नहीं हो। दश्त-ए-तसव्वुर:ख्वाब[Desert of imagination] 2.मैंने कब चाहा फरिश्ता हो जाओ,ये भी कम है क्या इंसान हीं हो ...

The Seven Doors - 8
by Sarvesh Saxena
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कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा वास्को और रशेल दोनों छठे दरवाजे में जाते हैं तो उन्हें पता चलता है कि यह वीरान दुनिया है, वीरान दुनिया में ...

रीति रिवाज को अनुकूल बनाएं
by r k lal
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रीति रिवाज को अनुकूल बनाएं आर 0 के 0 लाल   तुम यहां सोई हुई हो। तुम्हें पता भी नहीं  कि मेहमान चले गए हैं। तुम बड़ी हो गई ...

मनचाहा - 12
by V Dhruva
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निशा अंकल और आंटी के साथ हमारे पास आई। भरत अंकल (निशा के पापा)- कैसे हो सब बेटा? दिशा- सब एकदम अच्छे हैं मेरे सिवा। गायत्री आंटी (निशा की ...

दीप शिखा - 1
by
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जो अपने ख्यालों को ही जीवन समझ लेता है उसका जीवन भी एकविचार ही बन कर रह जाता है उसमें कोई स्वाद या पूर्णता कहाँ से आएगी? संसार में ...

अलिफ़ लैला - 1
by MB (Official)
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फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा ...

अच्छाईयां – २८
by Dr Vishnu Prajapati
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भाग – २८ मुस्ताक और सूरज दोनों आमने सामने थे | कुछ पल के लिए सूरज सोचने लगा की मुस्ताक बहुत कुछ जानता है मगर उससे सच का पता ...

बेटी का जन्मदिन
by Ved Prakash Tyagi
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गर्मी की भरी दोपहर, सब सुनसान, सान्या का पति और सास-ससुर वातानुकूलित चला कर अपने अपने कमरे में गहरी नींद सो रहे थे कि तभी उनके घर में जोरदार ...

देह के दायरे - 18
by Madhudeep
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देह के दायरे - 18 पूजा को स्टूल पे बिठाके पंकज किसी बोर्ड पर ब्रश चलाने लगा - पूजा की तस्वीर बनते ही उसकी और से पंकज को चाय की ...

वो कौन थी.. - 5
by SABIRKHAN
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उसने मरने से पहले जिस बच्चे को जन्म दिया था वह बच्चा गायब था ! फर्नांडिस काफी डर गया था! उसके दिमाग में यह बात आई थी की वह ...

फिर भी शेष - 5
by
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समय का चक्र कब रुका है— महामारी हो, ज्वारभाटा आए... विषाद की गहन छाया हो या हंसी—खुशी के पर्व... एकांत में सिसकती जिंदगी हो या सार्वजनिक उत्पीड़न, चक्र नहीं थमता। ...