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अधूरी हवस - 5
by Balak lakhani verified
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                    राज को पता चलता है कि खुशी पहेले से ही शादी शुदा है तो, राज के पेर तले से ...

गुमशुदा की तलाश - 22
by Ashish Kumar Trivedi verified
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             गुमशुदा की तलाश                         (22)जॉर्ज के वाट्सऐप पर एक वीडियो मैसेज आया। जिस ...

देह के दायरे - 18
by Madhudeep verified
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देह के दायरे - 18 पूजा को स्टूल पे बिठाके पंकज किसी बोर्ड पर ब्रश चलाने लगा - पूजा की तस्वीर बनते ही उसकी और से पंकज को चाय की ...

ROYAL COLLEGE 1992 - 4
by Urvil Gor
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पिछले पार्ट में देखा की पूरी किताब पढ़ ली। हालाकि वरुण ओर आलिया दिल्ली चले गए थे। अब दूसरे दिन सारे लोग यह बात से भी परेशान थे की ...

फिर भी शेष - 5
by Raj Kamal verified
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समय का चक्र कब रुका है— महामारी हो, ज्वारभाटा आए... विषाद की गहन छाया हो या हंसी—खुशी के पर्व... एकांत में सिसकती जिंदगी हो या सार्वजनिक उत्पीड़न, चक्र नहीं थमता। ...

फिल्म रिव्यू ‘द स्काइ इज पिंक’- दिल को छू पाएगी..?
by Mayur Patel verified
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सत्य घटना पर आधारित 'द स्काइ इज पिंक' कहानी है आयशा चौधरी की, एक ऐसी लडकी जो जन्म से ही एससीआईडी नामक बीमारी से ग्रस्त थीं. ये एक एसी ...

चिंटू - 11
by V Dhruva verified
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अगले दिन पूरा दिन सुमति काम में व्यस्त रही। आज बॉस ने सबको जल्दी छुट्टी दे दी थी। सब के साथ स्नेहा और राहुल भी सुमति को लेकर जल्दी ...

चुड़ैल का इंतकाम - भाग - 2
by Devendra Prasad
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वह जैसे जैसे आगे बढ़ रही थी एक विशेष किस्म की तीव्र खुश्बू भी बढ़ती जा रही थीं अगले चन्द सेकण्ड्स में अब वह उसके सामने थी। उसकी मौजूदगी ...

रेलगाड़ी
by MB (Official) verified
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Railgadi - Ajay Kumar Gupta

जिन की मोहब्बत.. - भाग 4
by Sayra Khan verified
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ज़ीनत ने सबा की अम्मी को कहा ।"खालाजान में घर जा रही हूं मेरी तबियत ठीक नहीं लग रही , आप सबा को बोल देना l"ज़ीनत वहा से चली ...

पिछवाड़े का कब्रिस्तान
by Pritpal Kaur verified
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पूर्व प्रकाशित 'दैनिंक जागरण ' ७ मार्च २०१६ लोग कहते हैं कि कहानी लिखो तो वो अक्सर हकीकत में बदल जाती है. लेकिन इतना कह देने भर से कहानी लिखना ...

मनचाहा - 12
by V Dhruva verified
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निशा अंकल और आंटी के साथ हमारे पास आई। भरत अंकल (निशा के पापा)- कैसे हो सब बेटा? दिशा- सब एकदम अच्छे हैं मेरे सिवा। गायत्री आंटी (निशा की ...

खौफ - 8
by SABIRKHAN verified
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अपनी भारी भरकम हथेली का प्रहार उसने भूमि पर किया पूरा कमरा और कमरे की दीवारें तक कांप उठी उसके चेहरे पर बिखरे हुए बालो के बीच से उसकी ...

खट्टी मीठी यादों का मेला - 3
by Rashmi Ravija verified
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(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से वे जग जाती हैं, और पुराना जीवन याद करने लगती हैं कि कैसे वे चौदह बरस की उम्र में शादी कर ...

बचनी
by Saadat Hasan Manto verified
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भंगिनों की बातें हो रही थीं। खासतौर पर उन की जो बटवारे से पहले अमृतसर में रहती थीं। मजीद का ये ईमान था कि अमृतसर की भंगिनों जैसी करारी ...

डोर – रिश्तों का बंधन - 8
by Ankita Bhargava verified
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सुबह सुबह जैसे बारिश की बूंदों से नयना की नींद खुली। अभी वह पूरी तरह जाग नहीं पाई थी, उसे समझ नहीं आ रहा था कि कमरे में बरसात ...

अनुराधा - 4
by Sarat Chandra Chattopadhyay verified
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इस प्रकार में आने के बाद एक पुरानी आराम कुर्सी मिल गई थी। शाम को उसी के हत्थों पर दोनों पैर पसाक कर विजय आंखें नीचे किए हुए चुरुट ...

ख्वाबों कि क़ीमत - 2
by Khushi Saifi verified
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“मेरा सामान.. मेरा कमरा” ये लफ्ज़ बार बार अवनि के दिल पर घूंसा बन कर लग रहे थे, क्या उसका कुछ भी नही.. उसे यूँ महसूस हुआ कि सौरभ ...

चुड़ैल वाला मोड़ - 3
by VIKAS BHANTI verified
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संकेत की आँखें बंद ही थीं अभी, रात का सारा वाकया उसकी बंद आँखों में एक फिल्म की तरह चल रहा था और साथ ही एक ख्याल भी कि ...

शामिल
by Ajay Amitabh Suman
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1.शामिल तो हो तुम मेरे दश्त-ए-तसव्वुर ,फ़क़त कमी यही कि नसीब में नहीं हो। दश्त-ए-तसव्वुर:ख्वाब[Desert of imagination] 2.मैंने कब चाहा फरिश्ता हो जाओ,ये भी कम है क्या इंसान हीं हो ...

बेताल पच्चीसी - 1
by Somadeva verified
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बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी मे ने उसे मार डाला और स्वयं राजा बन बैठा। उसका राज्य दिनोंदिन बढ़ता गया और वह सारे जम्बूद्वीप का राजा बन बैठा। ...

बड़ी बाई साब - 2
by vandana A dubey
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नीलू कब मुस्कुराने लगी, कब करवट लेने लगी, कब पलटने लगी, गौरी को पता ही नहीं. उसकी सहेलियां पूछतीं-”बिटिया अब तो पलटने लगी होगी न गौरी? खूब ध्यान रखना ...

वैश्या वृतांत - 18
by Yashvant Kothari verified
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शरद ऋतु आ गयी प्रिये !                                                        यशवन्त कोठारी          हां प्रिये, शरद ऋतु आ गयी है। मेरा तुमसे प्रणय निवेदन है कि तुम भी अब मायके से ...

माया - 1
by Savu Baleviya
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ये कहानी ऐक पागल लड़की की आत्मा की है । उसका नाम माया था ।ये कहानी बहोत सालों पहले की हैऐक होटल में ऐक दिन पार्टी थी उस पार्टी ...

किट्टी पार्टी
by Upasna Siag
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परनीत थोडा सा संजीदा हो चुकी थी। हाँ यार ...! ऐसा ही होता है , कभी जिद करो या सोचो के आज बात ही नहीं करना और ...

अलिफ़ लैला - 1
by MB (Official) verified
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फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा ...

आसपास से गुजरते हुए - 1
by Jayanti Ranganathan verified
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मुझे पता चल गया था कि मैं प्रेग्नेंट हूं। मैं शारीरिक रूप से पूरी तरह सामान्य थी। ना शरीर में कोई हलचल हो रही थी, ना मन में। मैं ...

पल जो यूँ गुज़रे - 1
by Lajpat Rai Garg verified
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अपना आखिरी पीरियड लगाने के बाद जैसे ही निर्मल ने डिपार्टमेंट से बाहर कदम बढ़ाये कि उसका सामना बेमौसम की बारिश की हल्की—हल्की बूँदों से हुआ। इसकी परवाह किये ...

परिणीता - 6
by Sarat Chandra Chattopadhyay verified
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नवीन ने भूल तथा सूध जोड़कर रूपये गुरुचरण बाबू से लिए। अब कुछ भी बाकी नहीं रहा गया। तमस्सुक वापस करते समय उन्होंने गुरुचरण बाबू से पूछा- ‘कहो गुरुचरण ...

सैलाब - 2
by Lata Tejeswar renuka verified
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अंधेरी कोठरी में उन काली रातों की यादों को भुलाने का प्रयत्न कर रहा था। जब भी आँखें बंद कर सोने की कोशिश करता, कोई साया सपने में आ ...