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देह के दायरे - 18
by Madhudeep verified
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देह के दायरे - 18 पूजा को स्टूल पे बिठाके पंकज किसी बोर्ड पर ब्रश चलाने लगा - पूजा की तस्वीर बनते ही उसकी और से पंकज को चाय की ...

अधूरी हवस - 5
by Balak lakhani verified
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                    राज को पता चलता है कि खुशी पहेले से ही शादी शुदा है तो, राज के पेर तले से ...

गुमशुदा की तलाश - 22
by Ashish Kumar Trivedi verified
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             गुमशुदा की तलाश                         (22)जॉर्ज के वाट्सऐप पर एक वीडियो मैसेज आया। जिस ...

फिल्म रिव्यू ‘द स्काइ इज पिंक’- दिल को छू पाएगी..?
by Mayur Patel verified
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सत्य घटना पर आधारित 'द स्काइ इज पिंक' कहानी है आयशा चौधरी की, एक ऐसी लडकी जो जन्म से ही एससीआईडी नामक बीमारी से ग्रस्त थीं. ये एक एसी ...

चुड़ैल का इंतकाम - भाग - 2
by Devendra Prasad
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वह जैसे जैसे आगे बढ़ रही थी एक विशेष किस्म की तीव्र खुश्बू भी बढ़ती जा रही थीं अगले चन्द सेकण्ड्स में अब वह उसके सामने थी। उसकी मौजूदगी ...

मंझली दीदी - 4
by Sarat Chandra Chattopadhyay verified
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हेमांगिनी को बीच-बीच में सर्दी के कारण बुखार हो जाता था और दो-तीन दिन रहकर आप-ही-आप ठीक हो जाता था। कुछ दिनों के बाद उसे इसी तरह बुखार हो ...

रेलगाड़ी
by MB (Official) verified
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Railgadi - Ajay Kumar Gupta

आइना सच नहीं बोलता - 19
by Neelima sharma Nivia verified
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नंदिनी की चुप को सौ बरस हो गये हैं. ये वो चुप है जो कुछ घंटों में सौ बरस लाँघ लेती है. ये लंबाई में नहीं गहराई में नापी ...

फिर भी शेष - 5
by Raj Kamal verified
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समय का चक्र कब रुका है— महामारी हो, ज्वारभाटा आए... विषाद की गहन छाया हो या हंसी—खुशी के पर्व... एकांत में सिसकती जिंदगी हो या सार्वजनिक उत्पीड़न, चक्र नहीं थमता। ...

चुड़ैल वाला मोड़ - 3
by VIKAS BHANTI verified
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संकेत की आँखें बंद ही थीं अभी, रात का सारा वाकया उसकी बंद आँखों में एक फिल्म की तरह चल रहा था और साथ ही एक ख्याल भी कि ...

खौफ - 8
by SABIRKHAN verified
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अपनी भारी भरकम हथेली का प्रहार उसने भूमि पर किया पूरा कमरा और कमरे की दीवारें तक कांप उठी उसके चेहरे पर बिखरे हुए बालो के बीच से उसकी ...

बड़ी दीदी - 2
by Sarat Chandra Chattopadhyay verified
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कलकत्ता की भीड़ और कोलाहल भरी सड़कों पर पहुंचकर सुरेन्द्र नाथ धबरा गया। वहां न तो कोई डांटने-फटकारने वाला था और न कोई रात-दिन शासन करने वाला। मुंह सुख ...

बड़ी बाई साब - 2
by vandana A dubey
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नीलू कब मुस्कुराने लगी, कब करवट लेने लगी, कब पलटने लगी, गौरी को पता ही नहीं. उसकी सहेलियां पूछतीं-”बिटिया अब तो पलटने लगी होगी न गौरी? खूब ध्यान रखना ...

चिंटू - 18
by V Dhruva verified
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रिया ने अपने ग्रुप में सबसे पूछ लिया था। उसके साथ उसे और चिंटू को मिलाकर पंद्रह लोग हो गए थे। उसने और चिंटू ने सबकी बुकिंग एजंट के ...

मनचाहा - 12
by V Dhruva verified
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निशा अंकल और आंटी के साथ हमारे पास आई। भरत अंकल (निशा के पापा)- कैसे हो सब बेटा? दिशा- सब एकदम अच्छे हैं मेरे सिवा। गायत्री आंटी (निशा की ...

ख्वाबों कि क़ीमत - 2
by Khushi Saifi verified
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“मेरा सामान.. मेरा कमरा” ये लफ्ज़ बार बार अवनि के दिल पर घूंसा बन कर लग रहे थे, क्या उसका कुछ भी नही.. उसे यूँ महसूस हुआ कि सौरभ ...

सबरीना - 6
by Dr. Shushil Upadhyay
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सबरीना से सुशांत की आंखें मिली तो उसने मुंह घुमा लिया। जिस आदमी को वो सुबह से बख्तामीर पुलिस स्टेशन ले जाने का डर दिखा रही है, अब आंसुओं ...

वैश्या वृतांत - 18
by Yashvant Kothari verified
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शरद ऋतु आ गयी प्रिये !                                                        यशवन्त कोठारी          हां प्रिये, शरद ऋतु आ गयी है। मेरा तुमसे प्रणय निवेदन है कि तुम भी अब मायके से ...

आसपास से गुजरते हुए - 1
by Jayanti Ranganathan verified
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मुझे पता चल गया था कि मैं प्रेग्नेंट हूं। मैं शारीरिक रूप से पूरी तरह सामान्य थी। ना शरीर में कोई हलचल हो रही थी, ना मन में। मैं ...

उधड़े ज़ख़्म - 5
by Junaid Chaudhary verified
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पापा ने हॉल को बहुत शानदार तरीके से सजवाया था,क्योंकि मंगनी मेरी थी तो मेरा लेट पहुँचना लाज़मी था,जब में पहुँचा तो पहुँचते ही मेरी सबको सलाम करने की ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 1
by Dr Vinita Rahurikar
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बचपन से ही भारतीय सेना के जवानों के लिए मेरे मन में बहुत आदर था। मेरे परिवार में कोई भी सेना में नहीं है। मैंने सिर्फ सिनेमा में सैनिकों ...

डकैत
by अ, का, पुत्र
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विशवाजीत साधारण सा दिखने वाला सामान्य लोगों मे रह रहा एक शातिर डकैत थाउसको देख कर होशियार से होशियार आदमी भी चकमा खा जाये ऐसा रूप धारण कर रखा ...

शामिल
by Ajay Amitabh Suman verified
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1.शामिल तो हो तुम मेरे दश्त-ए-तसव्वुर ,फ़क़त कमी यही कि नसीब में नहीं हो। दश्त-ए-तसव्वुर:ख्वाब[Desert of imagination] 2.मैंने कब चाहा फरिश्ता हो जाओ,ये भी कम है क्या इंसान हीं हो ...

प्रेत के साथ ईश्क - भाग-१
by Jaydip bharoliya verified
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इस नॉवेल के लेखक को गुजराती में तीव्र सफलता मिलने के बाद उन्होंने इसे हिंदी भाषा के वाचको के लिए उपलब्ध की हे। यह एक क्राइम, हॉरर ओर सस्पेंस ...

शापित मूर्ति
by Roshan Jha
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 मेरा नाम राहुल है और मैं आपको आज एक कहानी बताने जा रहा हूं जो मेरे ही जीवन की एक सच्ची घटना है यह कहानी आज से करीब कुछ ...

पल जो यूँ गुज़रे - 1
by Lajpat Rai Garg verified
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अपना आखिरी पीरियड लगाने के बाद जैसे ही निर्मल ने डिपार्टमेंट से बाहर कदम बढ़ाये कि उसका सामना बेमौसम की बारिश की हल्की—हल्की बूँदों से हुआ। इसकी परवाह किये ...

कमसिन - 9
by Seema Saxena verified
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देखो वो आ गया स्वर्ग तालाब ! देव ने दूर से इशारा करते हुए कहा ! उसने अपनी नजरे उसी तरफ करते हुए देखा ! एक छोटे से कुंड ...

मंगलसूत्र - 1
by Munshi Premchand
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प्रेमचंद द्वारा लिखित मंगलसूत्र उपन्यास उनका अपूर्ण उपन्यास है। 1936 ई. में अपने अंतिम दिनों में प्रेमचंद मंगलसूत्र उपन्यास लिख रहे थे किंतु वे उसे ...

जिन की मोहब्बत.. - भाग 4
by Sayra Khan verified
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ज़ीनत ने सबा की अम्मी को कहा ।"खालाजान में घर जा रही हूं मेरी तबियत ठीक नहीं लग रही , आप सबा को बोल देना l"ज़ीनत वहा से चली ...

विद्रोहिणी - 2
by Brijmohan sharma
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श्यामा अपने बच्चों के साथ अपने पति के घर लौट गई। उसका पति किशन महाराष्ट्र के एक छोटे गांव में रहता था। वह ब्रम्हाजी के मंदिर में पुजारी था। किशन ...