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अधूरी हवस - 4
by Balak lakhani Verified icon
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                          (4) जब इंसान प्यार मे होता है तो उसे पूरी दुनिया मेघधनुष की तरह सप्‍टरंगी लगती ...

बड़ी बाई साब - 1
by vandana A dubey Verified icon
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“ ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते !!.......नीचे मंडप में पंडित जी कलश स्थापना कर रहे थे. खिड़की से सिर टेके खड़ी गौरी चुपचाप सारे ...

स्टॉकर - 1
by Ashish Kumar Trivedi Verified icon
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                                            स्टॉकर                 ...

गुमशुदा की तलाश - 1
by Ashish Kumar Trivedi Verified icon
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              गुमशुदा की तलाश                          (1)रंजन चर्च में प्रार्थना कर बाहर निकल रहा ...

प्रेत के साथ ईश्क - भाग-१
by Jaydip bharoliya Verified icon
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इस नॉवेल के लेखक को गुजराती में तीव्र सफलता मिलने के बाद उन्होंने इसे हिंदी भाषा के वाचको के लिए उपलब्ध की हे। यह एक क्राइम, हॉरर ओर सस्पेंस ...

चुड़ैल वाला मोड़ - 1
by VIKAS BHANTI Verified icon
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घनी सी रात में वो थरथराई सी हाइवे पर खड़ी थी , हर आते जाते मुसाफिर को हाथ देती l उसके बिखरे से बाल और स्याह सफेद सलवार सूट ...

फ़ैसला - 1
by Rajesh Shukla
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जून का महीना। उफ! ऊपर से ये गरमी। रात हो या दिन दोनों में उमस जो कम होने का नाम नहीं ले रही थी। दिन की चिलचिलाती धूप की ...

बिराज बहू - 1
by Sarat Chandra Chattopadhyay Verified icon
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हुगली जिले का सप्तग्राम-उसमें दो भाई नीलाम्बर व पीताम्बर रहते थे। नीलाम्बर मुर्दे जलाने, कीर्तन करने, ढोल बजाने और गांजे का दम भरने में बेजोड़ था। उसका कद लम्बा, बदन ...

न्यूड ग़ज़ल - 1
by Junaid Chaudhary Verified icon
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मेने 10th अच्छे नo से पास कर लिया है पापा। अब आप अपना वादा पूरा करें जो आपने मुझसे किया था।पापा ने मार्कशीट हाथ मे ली और कहा कोनसा ...

एक जिंदगी - दो चाहतें - 17
by Dr Vinita Rahurikar
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परम छुट्टी खत्म होने के तीन दिन पहले ही जयपुर चला आया। वाणी को घर पहुँचाया एक बैग में दो जोड़ी कपड़े रखे और हेडक्वार्टर जाने का बहाना बना ...

फिर भी शेष - 1
by Raj Kamal Verified icon
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हिमानी अंदर से दरवाज़ा बंद करना भूल गई थी। जैसे ही नशा टूटा, सुखदेव को हिमानी की देह की तलब लगी तो जा घुसा उसके कमरे में। भयभीत हिरनी—सी ...

गर्लफ्रैंड भूत की - 1
by Devendra Prasad Verified icon
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सूरज की रोशनी कमरे के रोशनदान  से होकर  फातिमा के चेहरे पर पडी तो उसने ऑखो को खोला। एक पल के लिये तो वह समझ ही नही पाई कि ...

सबरीना - 18
by Dr Shushil Upadhyay
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बाहर के तापमान की तुलना में गाड़ी काफी गर्म थी। ड्राइवर के सामने का शीशा जरूरत से ज्यादा बड़ा था। ऐसा लगता था जैसे हरेक सवारी को पहियों के ...

‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’ फिल्म रिव्यू
by Mayur Patel Verified icon
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फिल्म रिव्यू – ‘ठग्स ओफ हिन्दोस्तान’… दर्शको को वाकइ में ठग लेगी ये वाहियात फिल्म कई सालों से ये होता चला आ रहा है की दिवाली के त्योहार पर रिलिज ...

ब्रैड पकोड़ा
by Ved Prakash Tyagi Verified icon
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रविवार के अवकाश मे गुप्तजी घर पर ही थे, घर पर दो मेहमान भी आए हुए थे। गुप्तजी विजयनगर गाज़ियाबाद मे रह रहे थे। गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा बसाई ...

आखरी तोहफा
by Munshi Premchand
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Aakhari Tohfa - Munshi Premchand

अमर प्रेम - 1
by Pallavi Saxena
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जीवन मरण के बारे में सोचते हुए हमेशा मन उलझ जाता है चारों ओर बस सवाल ही सवाल नज़र आते हैं मगर उत्तर कहीं नज़र नहीं आता। क्या है ...

ख्वाबो के पैरहन - 1
by Santosh Srivastav Verified icon
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चूल्हे के सामने बैठी ताहिरा धीमे-धीमे रोती हुई नाक सुड़कती जाती और दुपट्टे के छोर से आँसू पोंछती जाती अंगारों पर रोटी करारी हो रही थी खटिया ...

कैरियर
by Dr Fateh Singh Bhati
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वो रात्रि एक बजे घर पहुंची | स्मरण हो आया कि बेटी से बात करनी थी पर अब वहां तो रात के तीन बज रहे होंगे | इस समय ...

आखिरी ख्वाहिश
by सोनू समाधिया रसिक Verified icon
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वे दोनों एक दूसरे के घनिष्ठ मित्र भी थे और दोनों एक दूसरे को अपनी हर बात शेयर करते थे। सेजल सम्पन्न परिवार से थी और आशू मध्यम वर्गीय परिवार से था। दोनों ...

कामवासना से प्रेम तक (भाग-१)
by Seema Kapoor
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 एक सभ्य समाज में पुरुष और महिला के बीच सुंदरता से भरे संबंधों के बारे में यदि कहां जाए तो ----उसे कामसूत्र कहते हैं (क्या है ,कामवासना )और (क्या ...

चंद्रगुप्त - प्रथम अंक - 1
by Jayshankar Prasad
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चंद्रगुप्त - प्रथम अंक - 1 (स्थान - तक्षशिला के गुरुकुल का मठ) चाणक्य और सिंहरण के बीच का संवाद - उस समय आम्भिक और अलका का प्रवेश होता है - ...

वैश्या -वृतांत
by Yashvant Kothari Verified icon
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देह व्यापार.विवेचन इनसाइक्लोपेडिया ब्रिटानिका के अनुसार देह व्यापार का अर्थ है मुद्रा या धन या मंहगी वस्तु और षारीरिक सम्बन्धों का विनिमय। इस परिभापा में एक षर्त ये भी ...

अतृप्त आत्मा भाग-2
by pratibha singh
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मुझे होश कब आया मैं कितनी देर बेहोश रही कुछ नही पता पर जब मेरी आँख खुली तो रात हो चुकी थी ,क्योंकि आसमान में तारे दिख रहे थे ...

विज्ञान, भगवान और प्रमाण
by Ajay Amitabh Suman Verified icon
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विज्ञान क्या है ? भगवान क्या है और ईश्वर का प्रमाण क्या है ? जहाँ तक विज्ञान की बात है तो ये पूर्णतया साक्ष्य पर आधारित अर्जित किया हुआ ...

भगवान की भूल - 1
by Pradeep Shrivastava Verified icon
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भगवान की भूल प्रदीप श्रीवास्तव भाग-1 मां ने बताया था कि जब मैं गर्भ में तीन माह की थी तभी पापा की करीब पांच वर्ष पुरानी नौकरी चली गई ...

मुख़बिर - 1
by राज बोहरे
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मैंने इस बार शायद गलत जगह पांव रख दिया था। पांव तले से थोड़ी सी मिट्टी नीचे को रिसकी थी, जिससे हल्की सी आवाज हुई। मुझे लगा, मेरी गलती ...

सत्या - 1
by KAMAL KANT LAL
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सत्या पहला पन्ना 1970 के दशक के प्रारंभ की बात है. तब मैं काफी छोटा था. एक दिन सुबह सवेरे मेरे पिता के एक जूनियर कुलीग हमारे घर पर ...

ब्राह्मण की बेटी - 1
by Sarat Chandra Chattopadhyay Verified icon
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मुहल्ले में घूमने-फिरने के बाद रासमणि अपनी नातिन के साथ घर लौट रही थी। गाँव की सड़क कम चौड़ी थी, उस सड़क के एक ओर बंधा पड़ा मेमना (बकरी ...

मनचाहा
by V Dhruva Verified icon
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जब से होश संभाला पापा को संघर्ष करते हुए देखा है मैंने। फिर भी मम्मी बिना किसी शिकायत के जिंदगी में साथ दें रहीं हैं। हम नोर्थ दिल्ली में रहते ...