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मे और महाराज - (फैसला_१) 45
द्वारा Veena

राजकुमारी शायरा की पालखी निकली तो जरूर थी राजकुमार अमन की तरफ, लेकिन बीच रास्ते में ही पालखी ने अपना रुख बदल दिया। राजकुमारी ने उन वाहको से काफी ...

हलचल - पार्ट 7
द्वारा Darshika Humor

दोस्ती का उसूलअब तक आपने देखा:- अद्वय और आकृति के बीच दोस्ती की छोटी सी शुरुआत होती दिखाई देती है जब अद्वय आकृति की मदद करता है। अब आगे:- ...

हलचल - पार्ट 6
द्वारा Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- आकृति का स्कूल में पहला दिन है जहां बार बार वो अद्वय से बात करने की कोशिश करती है पर अद्वय लंच टाइम में ...

हलचल - पार्ट 5
द्वारा Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- अद्वय स्कूल में क्लास अटेंड करता है तो दूसरी ओर आकृति क्लास में पहली बार दाखिल होती है। आकृति अद्वय से बात करती है ...

हलचल - पार्ट 4
द्वारा Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- नरेंद्र जहां अपने अतीत से लगाव बनाए हुए है तो वहीं अद्वय किसी चीज से लगाव नहीं रखना चाहता है और हमेशा नई चीज के ...

हलचल - पार्ट 3
द्वारा Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- आरव और अद्वय के बीच प्यार भरी छोटी मोटी नोकझोक होती है जहां अद्वय समझदार और थोड़ा मजाकिया भी है वहा आरव शैतान और थोड़ा ...

हलचल - पार्ट 2
द्वारा Darshika Humor

अब तक आपने देखा:- नरेंद्र बच्चो को खुद स्कूल छोड़ना चाहता है पर निर्मला उन्हें मीटिंग अटेंड करने को कहती है इस बीच वो दोनो शारदा के ...

हलचल - पार्ट 1
द्वारा Darshika Humor

"तुम से वो थी , आज वो है अजनबी है लिखी जा चुकी बात ये है अनकही, दर्द से अलग हुई, खौंफ में दफन हुई, प्यार से रंगी जो ...

निखिल
द्वारा SHAMIM MERCHANT

"मयंक, आज अगर निखिल होता, तो एम. बी.ए. के कौनसे वर्ष में होता?"माही ने चिट्ठी लिखने से पहले, अपने पति से पुष्ठि करने के लिए पूछा। मयंक माही को ...

सिर्फ सच कहना बचा था, कह दिया, भूलना मत इसे
द्वारा Priya pandey

हम सब सच को श्रेष्ठ मानते हैं, सच से बड़ा मूल्य जीवन में शायद कुछ भी नहीं सच से अच्छा दोस्त कोई नहीं... लेकिन जब यही सच आपके खिलाफ ...

मे और महाराज - (जाल_५) 44
द्वारा Veena

उसके अगले ही दिन सिराज को अपने पिता से महल आने का न्यौता आया। सिराज जैसे ही महल के लिए रवाना हुआ। एक पालखी राजकुमारी शायरा के महल के ...

मे और महाराज - (जाल_४) 43
द्वारा Veena

राजकुमार अमन अपने ससुर वजीर साहब के साथ मिलकर अपना जाल रच चुके थे। दो दिन बाद सिराज राजकुमारी से मिलने उनके कक्ष आया। राजकुमारी कमरे के बाहर बने ...

मे और महाराज - ( जाल_३) 42
द्वारा Veena

अगले दिन सुबह जो उठी थी। वह राजकुमारी शायरा थी। उनके जागते ही मौली ने उन्हें इतने दिनों की सारी घटनाएं बता दी। " सच बताओ मौली। उस लड़की ...

मे और महाराज - ( जाल_२) 41
द्वारा Veena

सिराज के लिए वह नाटक असह्य हो रहा था। वह अपनी जगह पर से खड़ा हुआ। " राजकुमारी शायरा की तबीयत ठीक नहीं है। ऐसी हालत में हम उन्हें ...

नन्ही - 2
द्वारा Rishi Dev

जिससे नन्ही तुरंत ही उस लड़के की बाहों में आ जाती हैं जिससे फिर एक बार नन्ही के होठ उस लड़के की छाती से जा लगते हैं पर इस ...

नन्ही - 1
द्वारा Rishi Dev

All characters appearing in this story are fictitious any resemblance to real person , living or dead is purely coincidental. कहानी में दिखाई देने वाले सभी पात्र काल्पनिक हैं, ...

मे और महाराज - ( जाल_1) 40
द्वारा Veena

" मेरे महाराज आपने हमें बुलाया।" सिराज ने सर झुका कर अपने पिता को नमस्कार किया। " खड़े रहो बेटे। आज महाराज ने राजकुमार को नहीं। एक पिता ने ...

ज़िन्दगी तेरी अजब कहानी - 1
द्वारा Koushik B

ऐसा कहा जाता है की विद्यार्थी जीवन किसी भी व्यक्ति के जीवन का सर्वोत्तम जीवन होता है।मैं भी ऐसा ही सोचता था।लेकिन जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आते हैं ...

मे और महाराज - ( हीरो_२) 39
द्वारा Veena

अपनी शाही बग्गी मैं कुछ घंटों का सफर तय करने के बाद सिराज और समायरा अपनी पूरी टोली के साथ उनके महल पहुंचे। सिराज समायरा को अपनी बाहों में ...

मे और महाराज - ( हीरो_१) 38
द्वारा Veena

अपने पति के साथ गुजरी सुहानी शाम के बाद सुबह जब समायरा ने आंखे खोली, सिराज उसके सामने एक कुर्सी पर बैठ किताब पढ़ रहा था। " घूमने लाए ...

मे और महाराज - (अंत ) 36
द्वारा Veena

" मैने वहा पे कुछ सुना मौली ?" समायरा ने झाड़ियों की तरफ हाथ दिखाया। तभी झाड़ियों से कुछ तीर उड़ते हुए उनकी तरफ आए।" आ.................." उड़ते हुए तीरों ...

मे और महाराज - ( हमला _३) 35
द्वारा Veena

मौली समायरा के साथ बग्गी में थी। वही सिराज बग्गी के पास घोड़े पर बैठा हुवा था। उनका काफिला अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहा था। तभी बग्गी के ...

मुझे भी स्कूल जाना है
द्वारा नन्दलाल सुथार राही

मुझे भी स्कूल जाना है! (बालिका शिक्षा हेतु लघु नाटक) अशरफ़ लकड़िया लेके आ रही थी । तभी गुरुजी उधर से जा रहे थे । अशरफ- नमस्कार ...

मे और महाराज - ( हमला_२) 34
द्वारा Veena

सिराज समायरा को सीधा अपने कमरे में ले गया। उसने उसे वहा आराम करने की सलाह दी, और खुद अपने अध्ययन कक्ष में चला गया। वहा रिहान पहले से ...

मे और महाराज - ( हमला_१) 33
द्वारा Veena

" किसी काम के नही हो तुम। एक काम दिया था उसे भी खराब कर दिया।" शायरा की बहन ने अपना मुंह दूसरी ओर घुमाते हुए कहा।" इसमें मेरी ...

मे और महाराज - ( मुलाकात_२) 32
द्वारा Veena

" आपका यहां स्वागत है मेरी राजकुमारी।" " तुम। तुम यहां क्या कर रहे हो ?" अपनी दोनों बाहें फैलाए हुए राजकुमार अमन समायरा के सामने खड़े थे।" हमे ...

मे और महाराज - ( मुलाकात_१) 31
द्वारा Veena

शायरा के कक्ष में,शायरा गुस्से में अपनी गद्दी पर बैठी हुई थी। तो दूसरी ओर मौली घुटने के बल बैठकर रोए जा रही थी।" हमें माफ कर दीजिए राजकुमारी। ...

मे और महाराज - ( जलन_३) 30
द्वारा Veena

" सच में मैं जो भी कहूंगी तुम मानोगे।" समायरा ने उसके कमरे में बैठे सिराज से पूछा।" हम ने कहा ना, आप हमारे लिए खास है। हम आपकी ...

मे और महाराज - ( जलन_२ ) 29
द्वारा Veena

एक दूसरे को ताना मारते हुए आखिरकार सब ने खाना खत्म किया। सिराज के मुंह से निकली हुई बात शायरा की बहन को एक तीर की तरह चुभीं थी। ...

मे और महाराज - ( जलन_१) 28
द्वारा Veena

एक पल के लिए समायरा चुप सी हो गई। सिराज एक काफी खूबसूरत नौजवान है। अच्छी सूरत और अच्छी सीरत। कोई भी लड़की उसे अपना बनाकर खुश रहेगी पर ...

मे और महाराज - ( एक एहसास_२) 27
द्वारा Veena

सप....... तीर कमान से निकला और सीधा समायरा के पकड़े फूल पर से गुजरा। तालियों की आवाज सुन समायरा ने अपनी आंखे खोली। " वाउ..... " वो दौड़ते ...