नाटक कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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  • Devil की दास्तान - 39

    (रात का सन्नाटा पूरे घर को घेर चुका है। खिड़की से चाँद की फीकी रौशनी कमरे में गि...

  • Her Silent Secret - 16

    चौहान कंपनी में दोपहर का समय था। संयोगिता अपने केबिन में बैठी काम कर रही थी। उसक...

  • दो बेटियां

    सूरज ढलने को था और रसोई से उठते धुएँ के बीच सरला जी चुपचाप खड़ी थीं। उनकी नज़र स...

Devil की दास्तान - 39 By Sonam Brijwasi

(रात का सन्नाटा पूरे घर को घेर चुका है। खिड़की से चाँद की फीकी रौशनी कमरे में गिर रही है। सिया बिस्तर पर गहरी नींद में है, उसके माथे पर अब बुखार नहीं — पर चेहरे पर बेचैनी साफ झलकती...

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प्यार की एक नई शुरुआत - 6 By Leela nagetiya

डाइनिंग टेबल पर भाइयों की मीठी नोंक- झोंक अब थम चुकी थी और सबने अच्छे से खाना खा लिया था. तभी पापा ने अपने हाथ का टिशू पेपर टेबल पर रखते हुए बहुत ही प्यार से सबसे पूछा, हाँ भाई, सब...

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Her Silent Secret - 16 By Sonam Brijwasi

चौहान कंपनी में दोपहर का समय था। संयोगिता अपने केबिन में बैठी काम कर रही थी। उसके सामने कई फाइलें खुली थीं।लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा की तरह वही शांति थी।कोई कर्मचारी किसी काम के लि...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 1 Scene 4. By Azoorey

SCENE 4."........ आपकी बेटी काफ़ी बदजुबान और बेकार है, इसे अपने गढ़ का हिस्सा हम कैसे बना लें?..............क्या मेरी हरकतें आपके बेटे की हरकत से ज़्यादा बेबाक थी?.... ये बदगुमानी...

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दो बेटियां By Nisha Choudhary

सूरज ढलने को था और रसोई से उठते धुएँ के बीच सरला जी चुपचाप खड़ी थीं। उनकी नज़र सामने वाले कमरे में बैठी अपनी बेटी रिया पर पड़ी। रिया अपने पति और बच्चों के साथ हँस-हँसकर बातें कर रह...

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बुढ़िया का संदूक By palak baisla

रामपुर नाम का एक छोटा सा गाँव था। उसी गाँव के आखिरी छोर पर एक टूटी-फूटी झोपड़ी में सावित्री नाम की एक बुढ़िया रहती थी। उसकी उम्र लगभग सत्तर साल थी। उसके पति का देहांत दस साल पहले ह...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 68 By Sonam Brijwasi

तभी अचानक कमरे से शिवांश के रोने की आवाज़ आने लगी…हल्की-सी नींद टूटने जैसी आवाज़ थी, लेकिन धीरे-धीरे वह तेज़ हो गई। श्रेया तुरंत खड़ी हो गई…श्रेया (हल्की चिंता में) बोली - लगता है...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 22 By Sonam Brijwasi

शाम का समय था। चौहान हवेली का मुख्य दरवाज़ा खुला।शादी से लौटकर पूरा परिवार घर में दाखिल हुआ। सबसे आगे अर्जुन चौहान और गंगा जी थे। उनके पीछे ऋषभ और वर्षा, फिर प्रेम और काजल। सभी शाद...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 12 By RAAHULL SHARMA

आदित्य की खुशी का ठिकाना नहीं था। बरसों पुराना यार, जिसने जवानी के दिनों में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया था, वह वापस आ रहा था। रात भर के खौफनाक मंजर के बाद, मोहन जोगी के आने की खब...

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सौभाग्याची शपथ - भाग 3 By jayesh zomate

EPISODE 3   सौभाग्याची शपथ               माणसाचा भुतकाळ हा एका कोळ्याच्या जळमटासारखा असतो, कितीही विसरण्याचा प्रयत्न केला , किंवा नशीबातून कितीही साफ करायचं प्रयत्न केलं  तरी तो कध...

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अनचाही शादी By Bittu Jain

अनचाही शादीकभी-कभी जिंदगी में ऐसे फैसले हमारे सामने आ जाते हैं, जिन्हें हम अपनी मर्जी से नहीं चुनते। लेकिन शायद किस्मत उन्हीं फैसलों के पीछे हमारी असली खुशी छिपाकर रखती है।रिया की...

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राज़ के सात फेरे - 4 By jaisy singh

अन्विका जैसे ही झटके से संभलकर सीधी हुई, उसने हैरानी से सामने देखा।कुछ ही दूरी पर कई किन्नर खड़े थे। वे सभी तालियाँ बजाते हुए नई-नवेली दुल्हन और दूल्हे को आशीर्वाद देने के लिए उनकी...

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मेरे पास माँ है - 4 - आधी रात का स्टेशन By Azhar

मेरे पास माँ हैEpisode 4 — आधी रात का स्टेशन[SFX: रात का सन्नाटा… दूर ट्रेन की सीटी… हवा की तेज़ आवाज़]Narrator:रात के ठीक बारह बज चुके थे।पूरा रेलवे स्टेशन लगभग सुनसान था।कुछ बुझत...

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Virasat ki Roti - घर घर की कहानी By Aman Mishra

यह कहानी एक काल्पनिक है.हमारी कहानी की शुरुवात कुछ ऐसे पात्रों से होती है. जो एक ही परिवार के सदस्य थे. हमारी कहानी की शुरुवात होती है पाठक परिवार के पांच सदस्य से. जो एक साथ एक ही...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 14 By vaishnavi Shukla

अध्याय:14जन्माष्टमी का भव्य कार्यक्रम समाप्त हो चुका था और श्रद्धालु अपने घर लौट चुके थे।अब आगे...........................!!दिल्ली ,होटल रूम की बालकनी में दो कुर्सियां रखी थी, दूर...

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मनोज - एक ज़िद्दी लड़के की कहानी - 5 By Diljaan singh

पुलिस वाले पकड़े गए। कर्जा खत्म। पर अब मनोज के सामने सबसे बड़ी चुनौती है - भरोसा वापस लाना।निशा माफ करेगी? गाँव वाले क्या कहेंगे? और दुकान दोबारा खड़ी कैसे होगी?पढ़िए भाग 5 - "दुका...

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Devil की दास्तान - 39 By Sonam Brijwasi

(रात का सन्नाटा पूरे घर को घेर चुका है। खिड़की से चाँद की फीकी रौशनी कमरे में गिर रही है। सिया बिस्तर पर गहरी नींद में है, उसके माथे पर अब बुखार नहीं — पर चेहरे पर बेचैनी साफ झलकती...

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प्यार की एक नई शुरुआत - 6 By Leela nagetiya

डाइनिंग टेबल पर भाइयों की मीठी नोंक- झोंक अब थम चुकी थी और सबने अच्छे से खाना खा लिया था. तभी पापा ने अपने हाथ का टिशू पेपर टेबल पर रखते हुए बहुत ही प्यार से सबसे पूछा, हाँ भाई, सब...

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Her Silent Secret - 16 By Sonam Brijwasi

चौहान कंपनी में दोपहर का समय था। संयोगिता अपने केबिन में बैठी काम कर रही थी। उसके सामने कई फाइलें खुली थीं।लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा की तरह वही शांति थी।कोई कर्मचारी किसी काम के लि...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? - Chapter 1 Scene 4. By Azoorey

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दो बेटियां By Nisha Choudhary

सूरज ढलने को था और रसोई से उठते धुएँ के बीच सरला जी चुपचाप खड़ी थीं। उनकी नज़र सामने वाले कमरे में बैठी अपनी बेटी रिया पर पड़ी। रिया अपने पति और बच्चों के साथ हँस-हँसकर बातें कर रह...

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बुढ़िया का संदूक By palak baisla

रामपुर नाम का एक छोटा सा गाँव था। उसी गाँव के आखिरी छोर पर एक टूटी-फूटी झोपड़ी में सावित्री नाम की एक बुढ़िया रहती थी। उसकी उम्र लगभग सत्तर साल थी। उसके पति का देहांत दस साल पहले ह...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 68 By Sonam Brijwasi

तभी अचानक कमरे से शिवांश के रोने की आवाज़ आने लगी…हल्की-सी नींद टूटने जैसी आवाज़ थी, लेकिन धीरे-धीरे वह तेज़ हो गई। श्रेया तुरंत खड़ी हो गई…श्रेया (हल्की चिंता में) बोली - लगता है...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 22 By Sonam Brijwasi

शाम का समय था। चौहान हवेली का मुख्य दरवाज़ा खुला।शादी से लौटकर पूरा परिवार घर में दाखिल हुआ। सबसे आगे अर्जुन चौहान और गंगा जी थे। उनके पीछे ऋषभ और वर्षा, फिर प्रेम और काजल। सभी शाद...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 12 By RAAHULL SHARMA

आदित्य की खुशी का ठिकाना नहीं था। बरसों पुराना यार, जिसने जवानी के दिनों में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया था, वह वापस आ रहा था। रात भर के खौफनाक मंजर के बाद, मोहन जोगी के आने की खब...

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सौभाग्याची शपथ - भाग 3 By jayesh zomate

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अनचाही शादी By Bittu Jain

अनचाही शादीकभी-कभी जिंदगी में ऐसे फैसले हमारे सामने आ जाते हैं, जिन्हें हम अपनी मर्जी से नहीं चुनते। लेकिन शायद किस्मत उन्हीं फैसलों के पीछे हमारी असली खुशी छिपाकर रखती है।रिया की...

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राज़ के सात फेरे - 4 By jaisy singh

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मेरे पास माँ है - 4 - आधी रात का स्टेशन By Azhar

मेरे पास माँ हैEpisode 4 — आधी रात का स्टेशन[SFX: रात का सन्नाटा… दूर ट्रेन की सीटी… हवा की तेज़ आवाज़]Narrator:रात के ठीक बारह बज चुके थे।पूरा रेलवे स्टेशन लगभग सुनसान था।कुछ बुझत...

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Virasat ki Roti - घर घर की कहानी By Aman Mishra

यह कहानी एक काल्पनिक है.हमारी कहानी की शुरुवात कुछ ऐसे पात्रों से होती है. जो एक ही परिवार के सदस्य थे. हमारी कहानी की शुरुवात होती है पाठक परिवार के पांच सदस्य से. जो एक साथ एक ही...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 14 By vaishnavi Shukla

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मनोज - एक ज़िद्दी लड़के की कहानी - 5 By Diljaan singh

पुलिस वाले पकड़े गए। कर्जा खत्म। पर अब मनोज के सामने सबसे बड़ी चुनौती है - भरोसा वापस लाना।निशा माफ करेगी? गाँव वाले क्या कहेंगे? और दुकान दोबारा खड़ी कैसे होगी?पढ़िए भाग 5 - "दुका...

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