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चुड़ैल से मिला प्रेम ज्ञान

चुड़ैल से मिला प्रेम ज्ञान

मेरा नाम सम्राट अजमेरा है। और में उदयपुर का रहने वाला हूँ। ज़िंदगी का दस्तूर भी कैसा अजीब है। जिसे हम प्यार करते हैं उसे किसी और से प्यार होता है। और जो हमें प्यार करते हैं उसके प्यार की कदर हम नहीं कर पाते हैं। प्यार में धोखा और नाकाम मोहब्बत अच्छे अच्छों को तोड़ कर रह देती है। आज से पाँच साल पहले मेरी भी कुछ ऐसी ही हालत हुई थी।

उन दिनों मै,,, घर के पास वाले महोल्ले में रहने वाली शीला का दीवाना हो चुका था। सोते-जागते खाते-पीते हर पहर बस उसे ही पाने का सपना देखता था। खुश-किस्मती से शीला भी मुझे बार बार मूड कर देखती थी और उसकी नज़रें बयान करती थी की उसके दिल में भी मेरे लिए जगह है।

हमारा प्यार परवान चड़ पाये उसके पहले शीला के ज़ालिम बाप नें उसका रिश्ता कही और तेय कर दिया। उन दिनों मेरी कोई कमाई न थी जो में उसका रिश्ता रोक सकूँ। शीला भी मजबूर थी।

मैने अभी प्यार का इज़हार नहीं किया था तो उसनें बे-मन ही सही,,, अपने बाप की बात मान ली,,, और शादी कर ली,,, शीला के मेरी ज़िंदगी से जाते हि मेरी दुनियाँ उजाड़ हो गयी,,, में गम के गहरे समंदर में डूब गया। ज़िंदगी के सारे अरमान टूट चुके थे, इन्सानियत से भरोसा टूट चुका था। भगवान से नफरत हो चुकी थी।

अब बस मुझे अपनी आने वाली मौत का इंतज़ार था,,, ताकि अपनी दुख भरी ज़िंदगी से छुटकारा मिल सके। अपनें गमों के समंदर में मै डूबे जा रहा था,,, तभी मेरे साथ एक और हसीन और खतरनाक हाथसा हुआ।

उस दिन गम के मारे,,, मैंने खूब शराब पी रक्खी थी। और में शांता-भवन की दीवार के पास ठोकर खा कर गिर पड़ा,,, वहीं पास एक पैड के नीचे बैंच के पास जा कर मै बैठ गया। मैंने देखा की पास में खड़ी एक लड़की मेरी और देखे जा रही थी। शायद में शराब में धुत था और उसने मुझे वहाँ ठोकर खा कर गिरते देखा होगा,,, इसी लिए कुतूहल वश वो मेरी और देख रही होगी,,, करीब दस मिनट हुए तो फिर से मेंने उसकी और निगाह घुमाई,,, अब भी वह मेरी और देखे जा रही थी। मेरी समझ में नहीं आ रहा था की मेरे जैसे फटे हाल देवदास टाइप इन्सान में इतनी खूबसूरत लड़की क्यूँ इन्टरेस्ट ले रही है।

हिम्मत कर के मैंने भी उसे एक टस,,, घुरना / देखना शुरू कर दिया। मैने सोचा की भले ही आज पीट जाऊ,,, पर कुछ तो ज़िंदगी का मज़ा लू,,, देखते देखते मैने उसे स्माइल भी दे दी,,, और सिर हिला कर हाथ खड़ा कर के हाई भी बोल दिया। वह लड़की मुस्कुरुरा कर दूसरी और देख गयी।

जो कुछ हो रहा था वह मेरी समझ के भी बाहर था। चूँकि मै जिस हालत में था उस हालत में खुजली वाला कुत्ता भी मेरी और ना देखे,,, और यह तो हुर् जैसी खूब-सूरत जवान लड़की थी।

थोड़ी ही देर में कुछ ऐसा हुआ की मेरे हौश उड़ गए। आप यकीन नहीं करेंगे,,, वह लड़की मेरे पास आ कर बैठ गयी,,,, उसनें शायद रोज़ फ्लेवर का सेंट छिड़क रखा था। उसके गुलाब की पंखुड़ी जैसे होठों पर गहरी लाल लिपस्टिक लगी हुई थी। और उसके होठों के बीछ में से सफ़ेद मोती जैसे सुडौल दांत दिख रहे थे। उस लड़की का रंग इतना गोरा था,,, की आज तक मैने इतनी खूब-सूरत लड़की देखि नहीं है। बालों में उसनें बट्टरफ़्लाइ हैयर पिन लगा रखा था और उसके हाथ में चमकीला ब्रेसलेट था। सिर से पैर तक वह लड़की एक अप्सरा जैसी दिख रही थी।

अभी मै उसकी खूब-सुरती निहार ही रहा था की,,, अचानक उसने मेरी और देखा,,, और बोली की,,, आप वहाँ गिर गए थे,,, आप ठीक तो है ना,,,,? उसकी यह बात सुन कर दिल में खलबली सी मच गयी,,, मैने उस को कहा की में ठीक हूँ,,, पूछने के लिए शुक्रिया,,, अब आगे इस के बाद हम दोनों में जो बात चीत हुई वह कुछ इस प्रकार थी,,,

मै : आप यहाँ की नहीं लगती,,, कहीं बाहर से आई हैं? इस लिए पूछा क्यूँ की इतनी रात में यहाँ normally कोई लड़की होती नहीं है,,,

वोह: मै यहीं की हूँ,,, और आप से कई साल पहले से यहीं हूँ,,, वैसे आप काफी उदास और दुखी लग रहे हैं,,, क्या हुआ था,,,? कुछ शेर करना चाहेंगे,,,?

मै : हा क्यूँ नहीं,,, वैसे मेरा नाम सम्राट है,,,, कुछ दिनों पहले एक लड़की के प्यार में पागल था,,, उसे पा ना सका इस लिए नशे में धूत दर दर भटकता रहता हूँ, और आने वाली मौत का इंतज़ार करता रहता हूँ।

वोह : ऐसा कर के आप क्या साबित करना चाहते हैं,,,,? यह के उस लड़की नें आप की ज़िंदगी बरबाद कर दी?

मै : नहीं,,, पर दुख तो होता ही है ना,,,, उसे ना पाने का गम,,, अब ज़िंदगी बोझ सी है बस,,, जिये जा रहा हूँ।

वोह : तोह तुम भी वैसे ही निकले ना,,, स्वार्थी,,, हवसखोर,,,, जिस्म के भूखे,,, भेड़िये,,, जिस के लिए औरत एक भोग की वस्तु है,,, और उसे ना हासिल कर सक्ने पर सब को सज़ा देते हो,,, सड़ सड़ के मरोगे,,, मरने के बाद हज़ारो सालों तक भटकोगे,,,, कभी मुक्ति नहीं पाओगे,,, और इस जनम में भी तुम बे-मौत मरोगे,,, दिल से बद्द-दुआ देती हूँ। भूग्तोगे,,, तुम बहुत भूग्तोगे,,, सम्राट,,,,।

मै : ओह,,,, हैलो,,,, यह सब क्या है,,,, तुम मेरे बारे में ऐसा ऐसा अनाफ-शनाफ़ कैसे बोल सकती हो,,, अभी मेरे बारे में तुम जानती ही क्या हो,,,? और तुम्हें ऐसा क्यूँ लगता है की मेरा प्यार झूठा है, मै हवस का पुजारी हूँ,,,? और यह क्या,,, मुझे श्राप दिये जा रही हो,,, मैने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है,,,,? मेरी गलती हो गयी की तुम्हारी खूबसूरती को देख कर तुम्हें हाई कहा तुमसे बात कर ली,,,, माना की मेरा हाल हवाल फटे हाल है,,, पर तुम्हें इस तरह मेरी बैजती करने का कोई हक़ नहीं। bye,,,,

वोह: अरे,,,, अरे,,, रुको.... तुम तो बुरा मान गए। मै तो तुम्हें बस सच्चाई बता रही थी,,,, आईना दिखा रही थी। इस्में इतना क्या बुरा मानना।

मै: यह तो पागलपन है,,, तुम यह कहना चाहती हो की जो भी अभी अभी तुम नें कहा वह सब सच है,,, मै एक हवस खोर भेड़िया हूँ,,, मेरा प्यार जूठा था,,,? मै औरतों / लड़कियों को देख कर लार टपकाने वाला दरिंदा हूँ,,,,? अब मेरे बारे मैं ऐसी राय बना ही ली है तो ज़रा साबित भी कर दो,,,?

वोह: ज़रूर,,, क्यूँ नहीं,,, देखो,,, शीला को पा ना सके तो खुद पर अत्याचार करना शुरू किया,,, नशा किया उदास रहने लगे,,, तुम्हारी यह हालत देख कर तुम्हारे माँ बाप दुखी हुए,,, दोस्त यार भी दुखी हुए,,,, शीला को जब यह पता चला होगा की तुम उसके गम मेँ इस कदर बारबाद हुए जा रहे हो तब उस पर क्या बीती होगी,,,?

कोई लड़की यह नहीं चाहती की उसके पीछे उसका चाहने वाला बारबाद हो जाए,,, और सो मे से निन्यानवे लड़कियां उसी को अपना जीवन साथी चुनना चाहती है जो उसे दीवानों की तरह प्यार करता हो,,, जैसे की तुम करते हो।

मै : तोह फिर वह आज मेरे साथ क्यूँ नहीं है,,,? क्यूँ उसने दूसरा रास्ता चुन लिया,,,

वोह: तुम नें भी तो अपने प्यार का इज़हार नहीं किया था,,,, तुम भी उसे बता सकते थे।

मै : पर वह जानती थी। की मै उसे पागलों की तरह प्यार करता हु। उसे पता था।

वोह : सब चिज़े लड़कियों के हाथ मेँ नहीं होती है, एक जवान लड़की बाप के कंधे पर बहुत बड़ा कर्ज़ होती है,,, उसे समय पर अच्छा घर देख कर बिदा करना उसकी ज़िम्मेदारी होती है,,, अगर तुम्हारी कोई बेटी होती तो तुम भी वही करते,,,, और उस लड़की की जगह अगर तुम होते तो मजबूरन तुम्हें भी वही रास्ता चुनना पड़ता जो तुम्हारी शीला नें चुना,,, था। एक बात समझो,,, लड़कियां ज़्यादा इंतज़ार नहीं कर सकती। उसे आगे बढ़ जाना ही पड़ता है।

मै : आज मै समझ पा रहा हूँ की मेरी सोच कितनी गलत थी। तुम्हारी बातों नें मुझे एहसास दिला दिया है की एक सच्चे प्यार करने वाले इन्सान को किस तरह सोचना चाहिए। थैंक्स फॉर योर एडवाइस। पर फिर भी,,, मुझे हवस खोर भेड़िया कहना, मेरे प्यार को झूठा कहना यह सब ज़्यादा था,,, मेरा प्यार सच्चा था,,, है और रहेगा,,, और अगर तुम को अब भी यह लगता है की मै सच्चा प्रेमी नहीं था तो उस बात को भी साबित करो,,,,?

वोह : तुम्हारा प्यार कमज़ोर इस लिए है,,, चूँकि तुम नें प्यार मेँ पाने की कोशीस की,,,, सच्चा प्यार बिना शर्त सब कुछ देने मेँ होता है,,, तुम अगर सच्चे दिल से शीला को चाहते तो उसकी खुशी मेँ खुश होते,,, शीला के साथ ना रह सके तो उसके आसपास रहते,,, उसके सपनें अपने सपने समज़ कर उसे पूरा करने मेँ ध्यान लगाते। उसकी तकलीफ़ों के उस तक पाहुचने से पहले खुद उसके आड़े खड़े हो जाते।

साथ रहना, बच्चे पैदा करना, शरीर की भूख को प्यार का नाम देना, यह सब तो प्यार नहीं,,, अगर तुम हर हालत मेँ अपनी प्रेमिका को चाहते रह सको,,, पास नहीं तो दूर रह कर उसका कवच बन कर प्यार लूटा सको,,, उसकी नफरत, पसंद, ना पसंद धुत्कार, सत्कार इन सब को एक समान सह कर अगर तुम्हारा प्यार चट्टान की तरह पूरी उम्र टीका रहे तो ही तुम्हारा प्यार “सच्चा प्यार”

मै : सारी तकलीफ़ें दूर हो गयी,,, दिल का दर्द जैसे मीट सा गया,,, अब मुझे समज आ गया है की सच्चा प्यार कैसे निभाया जाता है। मै बता नहीं सकता की आज तुमने मुझे यह सब ज्ञान दे कर मुझ पर कितना बड़ा एहसान किया है। आज से मैं अपनी ज़िंदगी मेँ वापिस लौट रहा हूँ।

परिवार, अपनें दोस्त, सगे संबंधी और अन्य लोगों के साथ हसी-खुशी जीवन बिताने जा रहा हूँ। शीला के साथ भले भी इस जनम मेँ नहीं जुड़ सका,,, पर उसकी नज़रों से दूर रह कर मेँ हमेशा उसके आसपास रहूँगा। उसे खुश देख कर खुश होता रहूँगा। भगवान ना करे कभी उस पर कोई तकलीफ आए,,,, पर अगर आ ही गयी तो उस तकलीफ को पहले मुझ से हो कर शीला तक जाना होगा। मुझे सही रास्ते पर लाने के लिए आप का दिल से शुक्रिया

वोह : चलो अच्छा है,,, तुम्हें सही रास्ता मिल गया। अब कभी दुख और दर्द के अंधेरे गलियारो मेँ भटकने मत आना। सब को प्यार देना और जो लड़की तुम्हें प्यार करे उस का दिल मत तोड़ना चूँकि,,, प्यार ना पा सक्ने की सूरत मेँ क्या दर्द होता है,,,, उस बात से तुम अनजान नहीं हो,,,,

तोह फिर,,,, अब मै जाऊ,,,,

मै : अरे,,, रुको,,, तुम बुरा मत मानना,,, पर,,, क्या मेँ जान सकता हूँ,,,, तुम्हारा कोई बॉय फ्रेंड है,,,,? या तुम,,,, देखो गलत मत समझना,,, मै जनता हूँ की इस वक्त मेरी हालत कुछ ठीक नहीं है,,,, पर अच्छे से तैयार होने पर मै भी ठीक ठाक इन्सान दिखता हूँ।

इस बार मेँ कोई गलती नहीं करना चाहता,,, इस लिए डाइरैक्ट पूछ लेता हूँ,,,, क्या तुम इस फटे हाल मझनु के साथ ज़िंदगी बिताना चाहोगी,,, वादा करता हूँ की अगर तुम मेरी हुई तो ना तो कभी मेँ उदास रहूँगा,,,, नहीं तुम्हारा कभी दिल तोड़ूँगा,,, और तुम्हारी बे पनाह खूब-सुरती का स्टैंडर्ड मैच करने की कोशीस भी करूंगा। - “प्लीज विल यू बी माय गर्ल फ्रेंड”

वोह: हाहाहा हाहाहा मेरी एडवाइस से तुमको शायद काफी आत्मविश्वास आ गया है। तुम्हें इस तरह सकारात्मक स्थिति मेँ आता देख कर वाकय मेँ मै खुश हूँ। पर मै तुम्हारी गर्ल फ्रेंड,,,

ऐसा नहीं है की तुम को मेँ अपने लायक नहीं समझती। पर मै,,,,

कई सालों पहले इस दुनियाँ से जा चुकी हूँ। मैने भी कभी तुम्हारी ही तरह किसी से टूट कर प्यार किया था। और उसी के गम मेँ तिल तिल जलते हुए मै मरी थी। गुस्से और जलन की आग नें मेरी सोचने समझनें की शक्ति हर ली थी। और मै मौत के बाद भटकती रूह बन कर उन सब को सताने लगी जो किसी के भी प्यार मेँ डूबे हों। दिन पर दिन मेरे पाप के घड़े भरते गए,,, और अपनें बुरे कर्मों के कारण आज मै एक “भटकती चुड़ैल” बन कर अपनी सज़ा भुगत रही हूँ। जब मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ तब तक देर हो चुकी थी,,, मुक्ति के सारे मार्ग बंद हो चुके थे। इसी लिए आज कुछ अच्छे काम कर के अपने दिल का बोझ हल्का करने की कोशीस कर रही हूँ। अब मुझे जाने दो,,, और हसी-खुशी ज़िंदगी बिताओ, ताकि तुम्हारी हालत मेरे जैसी ना हो,,,

इनता बोल कर वह काले धुएँ के रूप मेँ मेरे सामने ही अदृश्य हो गयी। मेरी आंखे भर आई,,, भगवान से प्रार्थना की मैने की,,, हे भगवान इस लड़की को चुड़ैल योनि से मुक्ति दे,,,, इसने जो भी पाप किए वह सारे,,, अपने प्यार के हाथों मजबूर हो कर,,, या प्यार के गम से दुखी हो कर किए हैं,,,, इसे राहत दे,,, बस इतनी प्रार्थना कर के मै वहाँ से अपने घर अपने परिवार के पास लौट आया। आज मै एक सफल इन्सान हूँ। माँ बाप की सेवा करता हूँ। सब से प्यार करता हूँ। और दिल से खुश भी हूँ। शीला कभी कभी मुझे बाज़ार मेँ दिख जाती है, जब भी वह सामने आती है तो बड़े आदर के साथ विश्वास से मेरी और देखती है। और मै भी उसे खुश देख कर दिल से राज़ी होता हूँ। इस जीवन मेँ हम एक ना हो सके पर, कुछ भी बोले बिना हमारी आत्माये एक है।

और हा,,, में आज भी कभी कभी शांता-भवन की और घूम आता हूँ। वह भले ही खुद को एक खतरनाक चुड़ैल कहती हों,,, पर में उसके खूब-सूरत रूप का दीवाना हूँ। कभी कभी रात के अंधेरे में वह मुझे दिख भी जाती है,,, और मेरे पास आ कर हस्ते हे मीठी धम्की भी मुझे देती है,,, की,,,

अरे,,,ओ शीला के मझनु,,, मेरे पीछे ज़्यादा चप्पल मत घिसा कर,,,, मै एक खतरनाक चुड़ैल हूँ,,, मेरा सुंदर रूप एक छलावा है,,,, किसी दिन मूड आ गया तोह,,, तुम्हें मार कर तुम्हारा खून भी पी सकती हूँ,,,,, समझे,,,, रोमियो,,,

इतना बोल कर वह मुसकुराती हुई मुझ से दूर,,,, चली जाती है,,, और मै कुछ देर उसे निहार कर घर लौट आता हूँ। मेरी भी ज़िदगी अजीब है,,,, जिस से पहले प्यार हुआ उसे हासिल नहीं कर पाया,,, और दूसरी बार जिस से दिल लगाया,,, तोह कंबक्त वह एक “हसीन चुड़ैल” निकली। वाह री कुदरत तेरी माया निराली,,,।

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