×

Hindi Stories PDF Free Download | Matrubharti

अनजान रीश्ता - 8
by Heena katariya
  • (0)
  • 51

सुबह होते ही पारुल के फोन की रीन्गटोन बजी पारुल बिना देखे ही कोल रीसीव कर लेती है उसे लगा नैना होगी पर सेम था तो वह फ़िर नींद ...

नयी सहर
by Ankita Bhargava
  • (5)
  • 91

निधी के सोने जाने के बाद पीछे पीछे मोहित भी अपने कमरे में चला आया वह मुंह दूसरी ओर किये लेटी थी मोहित समझ रहा था वह ...

दहलीज़ के पार - 5
by Dr kavita Tyagi
  • (5)
  • 72

जब गरिमा की चेतना लौटी, तब उसने स्वय को अस्पताल मे बिस्तर पर पाया। उस समय उसके चेहरे पर भयमिश्रित चिन्ता की रेखाएँ स्पष्ट दिखायी दे रही थी और ...

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि - 3
by Manoj kumar shukla
  • (2)
  • 10

संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (3) मित्र मेरे मत रूलाओ..... मित्र मेरे मत रूलाओ, और रो सकता नहीं हूँ । आँख से अब और आँसू, मैं बहा सकता नहीं ...

नियति - 11
by Seema Jain
  • (17)
  • 139

शिखा आश्वस्त नहीं थी, वह रोहन के दिल को और टटोलना चाहती थी। लेकिन रोहन के होठ उसके गालों को चूमते हुए उसके कानों तक पहुंच रहे थे। उसकी ...

आयम स्टिल वेटिंग फ़ॉर यू, शची - 14
by Rashmi Ravija
  • (4)
  • 63

शची के यहाँ से निकला.... निरुद्देश्य सा इधर उधर भटकता रहा थोड़ी, देर... कुछ लोगों से बातें की... मन में भले ही झंझावात चल रहें हों.. पर प्रोफेशनल ड्यूटी ...

शकबू की गुस्ताखियां - 3
by Pradeep Shrivastava
  • (1)
  • 24

जैसे-जैसे हिंदुस्तान की आजादी करीब आती गई। जिन्ना का दो राष्ट्र का सिद्धांत जोर पकड़ता गया। जल्द ही यह तय हो गया कि विभाजन होकर रहेगा। अब शकबू के ...

मेरे दिल का हाल अन्तिम भाग
by Shaihla Ansari
  • (3)
  • 74

ज़ईम कुछ कहे बिना वहां से चला गया और वो दोनों एक दूसरे का मुंह देखते रह गए।.............  . .........................................अगले कुछ दिन मायरा इंतज़ार करती रही कि ज़ईम   उसे ...

प्रेम - मैंने देखा है
by Shivani Mishra
  • (0)
  • 11

पता है जब आप प्रेम में होते हो तो बहुत कुछ करते हो एक दूसरे के लिए पर कुछ वक्त बाद जब प्रेम थोड़ा सा पुराना हो जाये तो ...