Swarna book and story is written by Pallavi in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Swarna is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. स्वर्णा Pallavi द्वारा हिंदी लघुकथा 625 1k Downloads 4.6k Views Writen by Pallavi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बारिश की बूँदें स्टेशन की पुरानी छत से टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लगी पीली लाइटें गीली ज़मीन पर अजीब सी चमक पैदा कर रही थीं। हवा में ठंडक थी, और भीड़ में भी एक अजीब सा सन्नाटा। इसी भीड़ के बीच, एक कोने में खड़ी थी स्वर्णा—भीगे हुए बाल, थकी हुई आँखें और हाथ में पकड़ा एक छोटा सा सूटकेस।वह किसी ट्रेन का इंतज़ार नहीं कर रही थी।वह अपनी ज़िंदगी से भाग रही थी । अपने अकेले पन के साथ स्वर्णा खुद को हौसला देते हुए लंबी लंबी साँसे ले रही थी।कुछ ही घंटों पहले वह अपने घर से More Likes This लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी