एपिसोड 39 – तीसरी बहन का सच
“Welcome to the real game.”
Samar की आवाज़ हवेली की दीवारों से टकराकर पूरे कमरे में फैल गई।
Saanvi का चेहरा सफेद पड़ गया।
उसकी उंगलियाँ अब भी उस फाइल को कसकर पकड़े हुए थीं, जिसमें कुछ मिनट पहले उसे पता चला था कि Naina उसकी तीसरी बहन है।
वही Naina…
जिसने उसे पहली बार चेतावनी दी थी।
“Riya पर भरोसा मत करना।”
तब Saanvi को लगा था कि Naina कोई अजनबी लड़की है, जो शायद उसकी मदद करना चाहती है।
लेकिन अब…
वह उसकी बहन थी।
और Aman ने कहा था कि वह Samar के साथ है।
Aryveer ने Saanvi के सामने खड़े होकर कहा—
“जो भी हो, तुम मेरे पीछे रहोगी।”
Saanvi ने उसकी तरफ देखा।
“लेकिन Aryveer…”
“कोई लेकिन नहीं।”
उसने धीमे से कहा—
“आज जितने भी राज सामने आए हैं, उनमें से कोई भी तुम्हें मुझसे दूर नहीं करेगा।”
Saanvi की आँखें नम हो गईं।
वह कुछ कह पाती, उससे पहले मुख्य दरवाजा धीरे-धीरे खुला।
Samar अंदर आया।
उसके साथ दो आदमी थे।
लेकिन Samar के चेहरे पर हमेशा वाली चालाक मुस्कान नहीं थी।
वह बिल्कुल शांत था।
उसने सबसे पहले Rajveer को देखा।
“बहुत सालों बाद मिल रहे हैं, भाई।”
Rajveer की मुट्ठियाँ कस गईं।
“तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था।”
Samar हल्का सा हँसा।
“तुमने मुझे रोका कब था?”
फिर उसकी नजर Saanvi पर गई।
“और आखिरकार…”
उसने धीरे से कहा—
“तीनों बहनें एक ही कहानी में वापस आ गईं।”
Saanvi ने तुरंत पूछा—
“मेरी बहन कहाँ है?”
Samar की मुस्कान थोड़ी गहरी हो गई।
“तुम्हें इतनी जल्दी है?”
“हाँ।”
“क्यों?”
“क्योंकि तुमने उसे अपने साथ रखा है।”
Samar ने सिर झुकाकर कहा—
“नहीं।”
Saanvi चौंकी।
“नहीं?”
“मैंने उसे अपने साथ नहीं रखा।”
Samar ने एक कदम आगे बढ़ाया।
“वह खुद मेरे साथ है।”
Aarohi ने गुस्से से कहा—
“झूठ!”
Samar ने उसकी तरफ देखा।
“तुम अभी-अभी इस खेल में आई हो, Aarohi। तुम्हें नियम तक नहीं पता।”
Aarohi ने जवाब दिया—
“मुझे इतना पता है कि तुमने हमें अलग किया था।”
Samar की आँखों में अचानक गुस्सा चमका।
“मैंने?”
वह हँसा।
“तुम्हें किसने बताया?”
Aarohi चुप हो गई।
Samar ने Rajveer की तरफ देखा।
“तुमने?”
Rajveer ने कुछ नहीं कहा।
Samar बोला—
“तुम्हें अभी भी सच बताने की हिम्मत नहीं है।”
Saanvi ने बीच में कहा—
“बस!”
सबकी नजर उसकी तरफ गई।
Saanvi आगे बढ़ी।
“मुझे किसी की आधी-अधूरी कहानी नहीं सुननी। मुझे पूरा सच चाहिए।”
Samar ने उसकी तरफ देखा।
“पूरा सच?”
“हाँ।”
“तो सुनो।”
वह कुछ पल रुका।
“तुम तीनों को अलग करने का फैसला मैंने नहीं लिया था।”
Saanvi का चेहरा बदल गया।
“तो किसने लिया?”
Samar ने सीधे Aman की तरफ देखा।
कमरे में सन्नाटा छा गया।
Saanvi धीरे-धीरे Aman की तरफ मुड़ी।
“अमन पापा?”
Aman ने नजरें झुका लीं।
Saanvi की आवाज टूट गई।
“क्या ये सच है?”
Aman ने जवाब नहीं दिया।
Saanvi की आँखों से आँसू निकल आए।
“आपने हमें अलग किया?”
Aman ने धीरे से कहा—
“हाँ।”
Aarohi भी स्तब्ध रह गई।
“क्यों?”
Aman ने कहा—
“क्योंकि उस वक्त हमारे पास कोई और रास्ता नहीं था।”
Saanvi ने गुस्से से कहा—
“आपको कोई हक नहीं था!”
“मुझे पता है।”
“आपने मुझे अकेला छोड़ दिया!”
“मैंने तुम्हें अकेला नहीं छोड़ा।”
“तो क्या किया?”
Aman की आवाज काँप गई।
“तुम्हें एक ऐसी जिंदगी दी जहाँ तुम कम से कम जिंदा रह सको।”
Saanvi ने आँखें पोंछीं।
“और मेरी बहनों का क्या?”
Aman ने Aarohi की तरफ देखा।
“उसे एक सुरक्षित परिवार में भेजा गया।”
फिर उसने Saanvi की तरफ देखा।
“और Naina…”
वह रुक गया।
“उसे हमने जानबूझकर सबसे दूर रखा।”
Saanvi ने पूछा—
“क्यों?”
Aman ने जवाब दिया—
“क्योंकि Naina सबसे अलग थी।”
Aryveer ने तुरंत पूछा—
“कैसे?”
Aman कुछ कह पाता, उससे पहले Samar हँस पड़ा।
“अब बताओगे?”
Aman ने उसकी तरफ देखा।
Samar बोला—
“या मैं बता दूँ?”
Saanvi ने कहा—
“तुम चुप रहो।”
Samar ने हाथ उठा दिए।
“ठीक है।”
वह पीछे हट गया।
Aman ने धीरे से कहा—
“Naina के पास एक ऐसी जानकारी थी जो Project S-21 को हमेशा के लिए खत्म कर सकती थी।”
Aryveer ने पूछा—
“क्या जानकारी?”
Aman ने कहा—
“Project S-21 सिर्फ बच्चों को छिपाने का प्रोजेक्ट नहीं था।”
“तो?”
“यह तीन बहनों के बारे में था।”
Saanvi ने भौंहें सिकोड़ लीं।
“हमारे बारे में?”
“हाँ।”
Aman ने फाइल खोली।
“तुम तीनों के जन्म के कुछ मिनट बाद तुम्हारे शरीर में एक खास medical marker पाया गया था।”
Aarohi ने पूछा—
“कैसा marker?”
“एक genetic pattern।”
Samar अचानक हँसा।
“अब असली बात पर आ गए।”
Aryveer ने उसे घूरा।
“तुम्हें अगर बीच में बोलना है तो पहले अपने बारे में भी कुछ सच बताना पड़ेगा।”
Samar ने उसकी तरफ देखा।
“मेरे बारे में?”
“हाँ।”
Aryveer ने कहा—
“तुम इस पूरे खेल में आखिर हो कौन?”
Samar कुछ सेकंड चुप रहा।
फिर उसने धीरे से कहा—
“मैं भी इस कहानी का हिस्सा हूँ।”
“किस तरह?”
Samar ने Rajveer की तरफ देखा।
“मैं राजवीर का भाई हूँ।”
Saanvi ने कहा—
“ये तो हमें पता है।”
Samar की मुस्कान गायब हो गई।
“नहीं।”
उसने धीमी आवाज़ में कहा—
“तुम्हें ये नहीं पता कि तुम्हारी माँ की मौत वाली रात मैं भी वहाँ था।”
Saanvi के चेहरे पर डर उतर आया।
“क्या?”
राजवीर आगे बढ़ा।
“सामर!”
Samar ने कहा—
“हाँ, राजवीर। अब छिपाओ मत।”
उसने Saanvi की तरफ देखा।
“तुम्हारी माँ की मौत कोई accident नहीं थी।”
Saanvi की साँस रुक गई।
“क्या?”
“वो आग…”
Samar ने एक-एक शब्द बोलते हुए कहा—
“लगाई गई थी।”
कमरे में जैसे समय रुक गया।
Saanvi के कानों में सिर्फ एक ही आवाज गूँज रही थी—
“तुम्हारी माँ की मौत कोई accident नहीं थी।”
उसने काँपते हुए पूछा—
“किसने लगाई थी?”
Samar ने जवाब देने के बजाय Aman की तरफ देखा।
Aman की आँखों में दर्द था।
“मैंने नहीं।”
Saanvi ने कहा—
“तो किसने?”
Samar बोला—
“जिसे तुम्हारी माँ ने पहचान लिया था।”
“कौन?”
Samar चुप हो गया।
तभी बाहर गोली चलने की आवाज आई।
धाँय!
सभी चौंक गए।
खिड़की का शीशा टूटकर नीचे गिरा।
Aryveer ने तुरंत Saanvi को पकड़कर नीचे झुका दिया।
Aarohi भी जमीन पर बैठ गई।
राजवीर ने Aman को खींचकर दीवार के पीछे कर लिया।
दूसरी गोली चली।
धाँय!
दीवार पर निशान बन गया।
Samar के साथ आए दोनों आदमी बाहर की तरफ भागे।
Aryveer ने Saanvi का हाथ पकड़ा।
“तुम ठीक हो?”
Saanvi ने सिर हिलाया।
“हाँ।”
“कहीं लगी तो नहीं?”
“नहीं।”
Aryveer ने राहत की साँस ली।
Saanvi ने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया।
“मुझे डर लग रहा है।”
Aryveer ने उसकी आँखों में देखा।
“मुझे भी।”
Saanvi चौंकी।
“तुम्हें?”
Aryveer हल्का सा मुस्कुराया।
“हाँ। क्योंकि तुम मेरे लिए सिर्फ fake girlfriend नहीं रही हो।”
Saanvi की आँखें नम हो गईं।
“तो क्या हूँ?”
Aryveer ने उसका हाथ और कसकर पकड़ लिया।
“ये सवाल अभी मत पूछो।”
“क्यों?”
“क्योंकि जवाब बहुत बड़ा है।”
Saanvi के होंठों पर हल्की मुस्कान आई।
“शायद मैं समझ गई।”
उधर Aarohi दोनों को देख रही थी।
उसने धीरे से कहा—
“आप दोनों हमेशा ऐसे ही रहते हो?”
Saanvi तुरंत उसकी तरफ मुड़ी।
“क्या मतलब?”
Aarohi मुस्कुराई।
“कुछ नहीं।”
Aryveer ने पहली बार राहत महसूस करते हुए कहा—
“तुम्हारी बहन बहुत खतरनाक है।”
Aarohi बोली—
“और आपकी girlfriend बहुत dramatic।”
Saanvi ने आँखें बड़ी कर लीं।
“Excuse me?”
Aryveer पहली बार हँस पड़ा।
कुछ सेकंड के लिए उस डरावनी हवेली में भी माहौल हल्का हो गया।
लेकिन तभी…
Samar का फोन बजा।
उसने स्क्रीन देखी।
उसका चेहरा बदल गया।
“क्या हुआ?” राजवीर ने पूछा।
Samar ने धीरे से कहा—
“वो आ गई।”
Saanvi ने पूछा—
“कौन?”
Samar ने खिड़की के बाहर देखा।
“तुम्हारी तीसरी बहन।”
सभी खिड़की की तरफ देखने लगे।
हवेली के सामने एक कार आकर रुकी।
दरवाजा खुला।
एक लड़की बाहर उतरी।
लंबे बाल।
वही चेहरा।
वही आँखें।
वही मुस्कान।
Saanvi का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।
लड़की धीरे-धीरे हवेली की सीढ़ियों पर चढ़ी।
दरवाजा खुला।
Naina सामने खड़ी थी।
उसकी नजर सबसे पहले Saanvi पर गई।
फिर Aarohi पर।
उसकी आँखों में आँसू आ गए।
“तो…”
वह मुस्कुराई।
“आखिरकार मेरी दोनों बहनें मिल ही गईं।”
Saanvi उसके पास जाने के लिए आगे बढ़ी।
लेकिन Aryveer ने उसका हाथ पकड़ लिया।
क्योंकि Naina के पीछे…
एक और आदमी खड़ा था।
और उसे देखते ही Rajveer के चेहरे से सारी रंगत गायब हो गई।
राजवीर फुसफुसाया—
“नहीं…”
Saanvi ने पूछा—
“कौन है?”
राजवीर ने काँपती आवाज़ में कहा—
“जिसे मैंने पच्चीस साल पहले मरते हुए देखा था।”
आदमी ने आगे बढ़कर अपना चेहरा रोशनी में किया।
और मुस्कुराया।
“Hello, Rajveer.”
एपिसोड समाप्त।