Mr. Ms. Fake - एपिसोड 7 kajal jha द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

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Mr. Ms. Fake - एपिसोड 7

Mr. & Ms. Fake

Episode 7 – Jealousy Begins

अगले दिन...

सुबह के नौ बजे।

आर्यवीर ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था।

नीचे से दादी की आवाज़ आई—

"आर्य... जल्दी नीचे आ!"

"आ रहा हूँ दादी!"

जैसे ही वह नीचे पहुँचा, पूरा परिवार डाइनिंग टेबल पर बैठा था।

दादी मुस्कुराते हुए बोलीं,

"आज शाम को सान्वी को घर बुला लेना।"

आर्यवीर चौंक गया।

"फिर से?"

"हाँ! आज हमारी फैमिली गेम नाइट है। बहू के बिना मज़ा नहीं आएगा।"

आर्यवीर के चेहरे का रंग उड़ गया।

"दादी... वो शायद बिज़ी होगी।"

दादी ने मोबाइल उसकी तरफ बढ़ा दिया।

"तो अभी फोन करके पूछ ले।"

पूरा परिवार उसकी तरफ देखने लगा।

मजबूरी में उसने सान्वी का नंबर डायल कर दिया।

उधर...

सान्वी थिएटर में रिहर्सल कर रही थी।

फोन बजा।

"हैलो?"

आर्यवीर ने धीरे से कहा,

"सॉरी... फिर एक मदद चाहिए।"

सान्वी ने हँसते हुए कहा,

"अब क्या हुआ?"

"आज शाम... घर आ सकती हो?"

सान्वी कुछ सेकंड चुप रही।

फिर बोली,

"ठीक है... लेकिन ये आख़िरी बार है।"

आर्यवीर ने राहत की साँस ली।

"थैंक यू।"

फोन कट गया।

दादी मुस्कुरा उठीं।

"देखा... हमारी बहू ने एक बार में हाँ कर दी।"

उधर ऑफिस में...

रिया अपने केबिन में बैठी थी।

उसके सामने आर्यवीर और सान्वी की कैफ़े वाली फोटो खुली हुई थी।

उसने अपने असिस्टेंट से कहा,

"आज शाम आर्यवीर कहाँ जा रहा है?"

"मैम... शायद सीधे घर।"

रिया मुस्कुराई।

"तो मैं भी वहीं जाऊँगी।"

शाम छह बजे...

सान्वी सिंह हाउस पहुँची।

इस बार पूरा परिवार उसका इंतज़ार कर रहा था।

चिंटू दौड़ता हुआ आया।

"भाभी आ गई!"

सान्वी हँस पड़ी।

"मैं भाभी कब से बन गई?"

चिंटू बोला,

"दादी ने कहा है... प्रैक्टिस कर रहा हूँ।"

पूरा घर ठहाका लगाकर हँस पड़ा।

दादी ने सभी को लिविंग रूम में बुलाया।

"आज हम कपल गेम खेलेंगे।"

आर्यवीर और सान्वी ने एक साथ कहा—

"क्या?"

दादी बोलीं,

"जो जीतेगा... उसे मेरी तरफ़ से सरप्राइज़ गिफ्ट मिलेगा।"

कबीर भी वहीं मौजूद था।

वह धीरे से आर्यवीर के कान में बोला,

"अब मज़ा आएगा।"

पहला गेम...

एक-दूसरे के बारे में सवाल।

दादी ने पूछा,

"आर्यवीर की सबसे बुरी आदत क्या है?"

सान्वी बिना सोचे बोली,

"बहुत ज़्यादा सोचते हैं।"

पूरा परिवार हँस पड़ा।

आर्यवीर मुस्कुराकर बोला,

"ये सही है।"

अब बारी आर्यवीर की थी।

"सान्वी को सबसे ज़्यादा क्या पसंद है?"

आर्यवीर सोचने लगा।

सान्वी ने धीरे से फुसफुसाया,

"कॉफी..."

आर्यवीर ज़ोर से बोला,

"कॉफी!"

दादी ने शक भरी नज़र से देखा।

"अरे... इतना धीरे क्यों बताया?"

सान्वी तुरंत बोली,

"दादी... मैंने खाँसी की थी।"

पूरा परिवार फिर हँस पड़ा।

तभी...

डिंग डॉन्ग...

दरवाज़े की घंटी बजी।

नौकर ने दरवाज़ा खोला।

बाहर...

रिया खड़ी थी।

उसके हाथ में फूलों का बड़ा-सा बुके था।

"हाय... मैं आर्यवीर की दोस्त हूँ।"

नौकर उसे अंदर ले आया।

रिया को देखते ही आर्यवीर चौंक गया।

"ये यहाँ कैसे आ गई?"

रिया मुस्कुराते हुए बोली,

"सरप्राइज़!"

दादी ने प्यार से पूछा,

"बेटा, तुम?"

रिया ने तुरंत झूठ बोल दिया।

"मैं आर्यवीर की बहुत पुरानी दोस्त हूँ। सुना कि घर में फैमिली गेम चल रही है, तो सोचा मिलती चलूँ।"

दादी ने उसे भी बैठा लिया।

अब रिया की नज़र सीधे सान्वी पर थी।

वह मुस्कुराई...

लेकिन उसकी मुस्कान में चुनौती साफ़ दिखाई दे रही थी।

दादी ने अगला गेम शुरू किया।

"अब कपल डांस होगा।"

आर्यवीर और सान्वी दोनों घबरा गए।

रिया के चेहरे की मुस्कान गायब हो गई।

जैसे ही म्यूज़िक शुरू हुआ...

आर्यवीर ने झिझकते हुए अपना हाथ आगे बढ़ाया।

सान्वी ने भी हल्की मुस्कान के साथ उसका हाथ पकड़ लिया।

दोनों धीरे-धीरे डांस करने लगे।

रिया की मुट्ठियाँ गुस्से से भींच गईं।

वह मन ही मन बोली—

"ये लड़की मेरे रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट है..."

लेकिन उसी समय...

डांस करते-करते आर्यवीर का पैर कालीन में उलझ गया।

और अगले ही पल...

वह अपना संतुलन खो बैठा।

"आह!"

वह सीधे सान्वी के ऊपर गिर पड़ा।

दोनों सोफ़े पर धड़ाम से गिरे।

पूरा परिवार पहले दो सेकंड चुप रहा...

फिर ज़ोरदार ठहाका गूँज उठा।

चिंटू तो पेट पकड़कर हँसने लगा।

"भैया... ये डांस था या WWE?"

सान्वी शर्म से लाल हो गई।

आर्यवीर भी हड़बड़ाकर तुरंत उठ खड़ा हुआ।

"सॉरी... सॉरी..."

दादी हँसते-हँसते बोलीं,

"लगता है प्यार में बैलेंस बिगड़ ही जाता है!"

पूरा घर हँसी से गूँज उठा।

लेकिन एक कोने में खड़ी रिया...

बिल्कुल नहीं हँस रही थी।

उसकी आँखों में जलन साफ़ दिखाई दे रही थी।

और उसने मन ही मन फैसला कर लिया—

"अब मैं इन दोनों की नकली प्रेम कहानी को पूरे परिवार के सामने बेनकाब करके रहूँगी।"

क्रमशः...