Mr. Ms. Fake - एपिसोड 6 kajal jha द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

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Mr. Ms. Fake - एपिसोड 6

Mr. & Ms. Fake

Episode 6 – The Ex is Back!

रविवार...

सान्वी के जाने के बाद भी पूरे सिंह हाउस में उसी की चर्चा हो रही थी।

दादी सोफे पर बैठी मुस्कुरा रही थीं।

"हमारी बहू तो लाखों में एक है।"

आर्यवीर की माँ ने भी हामी भरी।

"बहुत संस्कारी लड़की है।"

आर्यवीर ने मन ही मन सोचा—

"अगर इन्हें सच्चाई पता चल गई, तो ये लोग मुझे ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे।"

तभी दादी ने आवाज़ लगाई—

"आर्य!"

"जी दादी?"

"अगले रविवार को पूरे परिवार के साथ मंदिर चलेंगे... और सान्वी भी हमारे साथ जाएगी।"

आर्यवीर के हाथ से पानी का गिलास लगभग छूट गया।

"क्या... सान्वी भी?"

"हाँ! अब वो हमारे परिवार का हिस्सा है।"

आर्यवीर के चेहरे पर मजबूरी वाली मुस्कान आ गई।

दूसरी तरफ...

सान्वी अपने कमरे में बैठी थी।

रिया उसके सामने चिप्स खाते हुए बोली,

"तो... ससुराल कैसी लगी?"

सान्वी ने तकिया उठाकर उसके ऊपर फेंक दिया।

"पागल!"

रिया हँसने लगी।

"लेकिन सच बता... आर्यवीर कैसा है?"

सान्वी कुछ पल चुप रही।

फिर बोली,

"अजीब है..."

"मतलब?"

"बहुत सीधा है... और सबसे बड़ी बात... उसने एक बार भी मेरी बेइज्जती नहीं की।"

रिया मुस्कुरा दी।

"लगता है कोई दिल में एंट्री मार रहा है।"

"चुप!"

सान्वी ने हँसते हुए फिर तकिया फेंका।

अगली सुबह...

आर्यवीर ऑफिस पहुँचा।

जैसे ही वह अपनी केबिन की तरफ बढ़ा...

रिसेप्शन पर खड़ी एक लड़की उसकी तरफ दौड़ी।

"आर्य!"

और अगले ही पल...

उसने सबके सामने आर्यवीर को गले लगा लिया।

पूरा ऑफिस चौंक गया।

आर्यवीर भी।

"रिया... तुम?"

(यह रिया, सान्वी की दोस्त नहीं, बल्कि आर्यवीर की एक्स-गर्लफ्रेंड थी।)

लड़की मुस्कुराई।

"मिस किया मुझे?"

आर्यवीर थोड़ा असहज हो गया।

"तुम यहाँ कैसे?"

"मैं वापस इंडिया आ गई हूँ... और अब इसी कंपनी में जॉइन कर रही हूँ।"

तभी HR मैनेजर ने आकर कहा,

"Everyone... Meet our new Marketing Head... रिया मल्होत्रा।"

पूरे ऑफिस में तालियाँ बजने लगीं।

लेकिन आर्यवीर के चेहरे की मुस्कान गायब हो चुकी थी।

दोपहर...

कैफेटेरिया में...

कबीर धीरे से बोला,

"भाई... ये वही एक्स है ना?"

आर्यवीर ने सिर हिलाया।

"हाँ।"

"जिसने तुझे छोड़कर लंदन वाले बिजनेसमैन से शादी करने का फैसला किया था?"

"शादी नहीं हुई।"

"और अब वापस आ गई?"

आर्यवीर ने गहरी साँस ली।

"मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा।"

उधर...

रिया दूर बैठी दोनों की बातें सुन रही थी।

उसने अपने मोबाइल में सान्वी की तस्वीर खोली।

यही वही तस्वीर थी जो उसने सिंह हाउस के बाहर खींची थी।

रिया धीरे से मुस्कुराई।

"तो... यही है नई गर्लफ्रेंड?"

उसने तुरंत किसी को फोन लगाया।

"हेलो... मुझे एक लड़की के बारे में पूरी जानकारी चाहिए।"

"नाम?"

"सान्वी।"

शाम...

आर्यवीर और सान्वी की मुलाकात एक कैफे में हुई।

आर्यवीर ने मंदिर वाले प्रोग्राम के बारे में बताया।

सान्वी ने सिर पकड़ लिया।

"मतलब... अब एक्टिंग का लेवल और बढ़ेगा?"

"सॉरी... मैं मना नहीं कर पाया।"

दोनों बात कर ही रहे थे कि...

"वाह!"

एक लड़की की आवाज़ आई।

दोनों ने पीछे मुड़कर देखा।

रिया मुस्कुराते हुए उनके सामने खड़ी थी।

"तो... यही है तुम्हारी गर्लफ्रेंड?"

आर्यवीर का चेहरा उतर गया।

"रिया... तुम यहाँ?"

रिया बिना पूछे उनकी टेबल पर बैठ गई।

उसने सान्वी की तरफ हाथ बढ़ाया।

"हाय... मैं रिया।"

सान्वी मुस्कुराई।

"हाय... मैं सान्वी।"

रिया ने दोनों को ध्यान से देखा।

फिर मुस्कुराकर बोली,

"तुम दोनों की जोड़ी... बहुत प्यारी है।"

लेकिन उसके चेहरे की मुस्कान...

उसकी आँखों तक नहीं पहुँची थी।

वह मन ही मन सोच रही थी—

"अगर आर्यवीर मेरा नहीं हुआ... तो किसी और का भी नहीं होगा।"

दूसरी तरफ...

सान्वी को पहली बार महसूस हुआ...

कि इस लड़की की मुस्कान में कुछ तो गड़बड़ है।

और यहीं से...

नकली प्यार की कहानी में...

असली मुसीबत की एंट्री हो चुकी थी।

अगर आप लोगोंको मेरी यह कहानी पसंद आई हो तो प्लीज मझे कमेंट कर और हो सके तो फॉलो करें क्योंकि आनेवली कहानी  नोटिफिकेशन मिलते रहेंगे आपलगों को धन्यवाद राधे-राधे