एपिसोड 38 – तीसरी बेटी का राज
“हाँ…”
राजवीर की आवाज़ इतनी धीमी थी कि जैसे वह खुद भी अपने कहे हुए शब्दों पर विश्वास नहीं कर पा रहा था।
“हमारी… एक और बेटी है।”
कमरे में मौजूद हर शख्स जैसे पत्थर का बन गया।
Saanvi की आँखें अपने पिता पर टिकी थीं।
“कहाँ है वो?”
राजवीर ने कोई जवाब नहीं दिया।
“पापा…”
इस बार Saanvi की आवाज़ में गुस्सा था।
“मैंने पूरी जिंदगी झूठ सुना है। पहले मेरी माँ के बारे में, फिर आपके बारे में… फिर मेरे जन्म के बारे में। अब मुझे पता चल रहा है कि मेरी दो बहनें हैं।”
उसने Aarohi की तरफ देखा।
“एक बहन मुझे आज मिली है।”
फिर उसने राजवीर की तरफ देखा।
“और दूसरी कहाँ है?”
राजवीर ने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया।
Saanvi की आँखों में आँसू भर आए।
“आपको पता है वो कहाँ है, है ना?”
राजवीर चुप रहा।
Aryveer आगे आया।
“Saanvi…”
“नहीं, Aryveer।”
Saanvi ने हाथ उठाकर उसे रोक दिया।
“आज मुझे जवाब चाहिए।”
उसकी आवाज़ टूट रही थी।
“आज कोई मुझे चुप नहीं कराएगा।”
Aarohi धीरे से Saanvi के पास आई।
“दीदी…”
Saanvi ने उसकी तरफ देखा।
“तुम्हें भी पता था?”
Aarohi ने सिर हिला दिया।
“नहीं। मुझे भी आज ही पता चला।”
“फिर तुम्हें किसने बताया कि तुम मुझे ढूँढो?”
Aarohi ने कुछ पल सोचा।
“जिस आदमी ने मुझे यहाँ भेजा…”
“वही आदमी?”
“हाँ।”
“उसका नाम क्या है?”
Aarohi ने धीरे से कहा—
“अमन।”
Saanvi की साँस रुक गई।
“Aman?”
उसकी आँखों के सामने अचानक पुरानी यादें घूमने लगीं।
वह आदमी जिसे उसने हमेशा अपना पिता माना था।
जिसकी आवाज़ उस USB रिकॉर्डिंग में आखिरी बार सुनी थी।
जिसने कहा था—
“Saanvi, अगर तुम ये वीडियो देख रही हो, तो शायद मैं तुम्हारे पास नहीं हूँ…”
Saanvi की आँखों से आँसू बहने लगे।
“अमन पापा…”
राजवीर ने सिर झुका लिया।
Aryveer ने तुरंत उसकी तरफ देखा।
“आपको पता था कि Aman जिंदा है?”
राजवीर ने धीमे से कहा—
“हाँ।”
“और आपने हमें नहीं बताया?”
राजवीर ने कोई जवाब नहीं दिया।
Aryveer की आवाज़ सख्त हो गई।
“क्यों?”
राजवीर ने उसकी तरफ देखा।
“क्योंकि Aman ने खुद कहा था कि अगर Saanvi को बचाना है, तो उसे मेरे बारे में कभी पता नहीं चलना चाहिए।”
Saanvi ने दर्द से पूछा—
“क्यों?”
राजवीर ने कहा—
“क्योंकि Samar तुम्हारे पीछे था।”
अचानक Aarohi ने कुछ याद करते हुए कहा—
“एक मिनट।”
उसने अपने बैग से एक पुरानी फोटो निकाली।
फोटो थोड़ी पुरानी थी।
उसमें एक अस्पताल दिखाई दे रहा था।
और सामने तीन नवजात बच्चियों के छोटे-छोटे कार्ड रखे थे।
Saanvi ने फोटो देखते ही फोटो अपने हाथ में ले ली।
तीन कार्ड।
तीन नाम।
पहले पर लिखा था—
Baby S
दूसरे पर—
Baby A
और तीसरे पर—
Baby N
Saanvi की नजर तीसरे कार्ड पर टिक गई।
“Baby N…”
उसने धीरे से पढ़ा।
“इसका मतलब…”
Aarohi ने कहा—
“हम तीनों।”
राजवीर ने आँखें बंद कर लीं।
“तुम तीनों का जन्म एक ही रात हुआ था।”
Saanvi ने पूछा—
“फिर हमें अलग क्यों किया गया?”
राजवीर ने गहरी साँस ली।
“क्योंकि तुम्हारी माँ ने उस रात एक ऐसी चीज़ देख ली थी, जिसे उसे नहीं देखना चाहिए था।”
“क्या?”
“एक फाइल।”
Aryveer ने पूछा—
“कौन-सी फाइल?”
राजवीर ने जवाब दिया—
“Project S-21.”
Saanvi और Aryveer ने एक-दूसरे को देखा।
वही नाम।
वही प्रोजेक्ट, जिसकी फाइल उन्हें पहले भी मिल चुकी थी।
राजवीर ने कहा—
“वो प्रोजेक्ट किसी कंपनी या बिजनेस से जुड़ा हुआ नहीं था।”
“तो?”
“वो एक secret operation था।”
Aarohi ने धीरे से पूछा—
“और उसमें हम तीनों क्यों थे?”
राजवीर कुछ बोलता, उससे पहले बाहर से गाड़ी के ब्रेक की तेज आवाज आई।
चीईईईईं!
Aryveer तुरंत सतर्क हो गया।
उसने खिड़की से बाहर देखा।
एक काली SUV हवेली के बाहर आकर रुकी थी।
“हमारे पास मेहमान हैं।”
Saanvi ने घबराकर पूछा—
“कौन?”
Aryveer ने जवाब नहीं दिया।
उसने तुरंत Kabir को फोन किया।
“कबीर, तुम लोग अभी कहाँ हो?”
दूसरी तरफ से Kabir की आवाज आई—
“भाई, मैं तो घर पर हूँ। क्यों? क्या हुआ?”
“हवेली के बाहर एक काली SUV आई है।”
कुछ सेकंड खामोशी रही।
फिर Kabir बोला—
“भाई…”
“क्या?”
“उस गाड़ी का नंबर बता।”
Aryveer ने नंबर देखा और बताया।
Kabir की आवाज अचानक गंभीर हो गई।
“वो Samar की गाड़ी नहीं है।”
Aryveer ने भौंहें सिकोड़ लीं।
“तो?”
“वो नंबर… Aman Sharma के नाम पर registered है।”
Saanvi के हाथ से फोन लगभग गिर गया।
“Aman पापा?”
Aryveer ने फोन स्पीकर पर कर दिया।
Kabir बोला—
“भाई, अगर गाड़ी Aman uncle की है…”
तभी फोन पर किसी ने जोर से दरवाजा बंद किया।
धड़ाम!
फिर कॉल कट गई।
Aryveer ने तुरंत अपनी जेब से फोन निकाला।
“कोई अंदर आने की कोशिश कर रहा है।”
राजवीर ने कहा—
“सब लोग पीछे वाले कमरे में जाओ।”
लेकिन तभी मुख्य दरवाजा खुला।
एक आदमी अंदर आया।
काले कपड़े।
चेहरा आधा ढका हुआ।
उसने धीरे से अपना चेहरा उठाया।
Saanvi की आँखें फैल गईं।
“Aman पापा…”
आदमी ने मास्क उतारा।
वह Aman था।
लेकिन उसके चेहरे पर पहले वाली नरमी नहीं थी।
उसकी आँखों में डर था।
और हाथ में एक बंदूक।
Aryveer तुरंत Saanvi के सामने आ गया।
“हथियार नीचे रखिए।”
Aman ने बंदूक नीचे कर दी।
“मैं तुम्हें नुकसान पहुँचाने नहीं आया हूँ।”
Saanvi की आँखों से आँसू निकल पड़े।
“तो फिर इतने साल कहाँ थे?”
Aman चुप रहा।
Saanvi उसके सामने जाकर खड़ी हो गई।
“मैंने आपको अपना पिता माना।”
“मुझे पता है।”
“मैंने आपका इंतजार किया।”
“मुझे पता है।”
“मैंने सोचा था आपने मुझे छोड़ दिया।”
Aman की आँखें भर आईं।
“मैंने तुम्हें छोड़ा नहीं था, Saanvi।”
उसने काँपती आवाज़ में कहा—
“मैंने तुम्हें बचाया था।”
Saanvi ने पूछा—
“और मेरी बहनें?”
Aman ने Aarohi को देखा।
फिर राजवीर को।
“तुम्हें अब सब कुछ जानना होगा।”
राजवीर ने कहा—
“अमन, अभी नहीं।”
“अब बहुत देर हो चुकी है, राजवीर।”
Aman ने जेब से एक पुरानी फाइल निकाली।
उस पर लिखा था—
PROJECT S-21 — FINAL SUBJECTS
Aman ने फाइल Saanvi की तरफ बढ़ा दी।
Saanvi ने उसे खोला।
पहले पन्ने पर तीन तस्वीरें थीं।
पहली तस्वीर उसकी थी।
दूसरी Aarohi की।
तीसरी तस्वीर…
उसकी नजर वहीं जम गई।
वह तीसरी लड़की की तस्वीर थी।
चेहरा बिल्कुल वही।
लेकिन नीचे नाम लिखा था—
Naina Malhotra.
Saanvi की साँस रुक गई।
“Naina…”
उसके दिमाग में तुरंत एक पुरानी आवाज गूँजी—
“रिया पर भरोसा मत करना।”
Saanvi ने फाइल को कसकर पकड़ लिया।
“नहीं…”
Aarohi ने पूछा—
“क्या हुआ?”
Saanvi ने उसकी तरफ देखा।
“मैं Naina को जानती हूँ।”
Aman ने धीरे से कहा—
“हाँ।”
Aryveer ने चौंककर पूछा—
“वही Naina जिसने Saanvi को Riya के बारे में चेतावनी दी थी?”
Aman ने सिर हिला दिया।
“वही।”
Saanvi पीछे हट गई।
“तो Naina… मेरी बहन है?”
Aman ने कहा—
“हाँ।”
कमरे में फिर सन्नाटा छा गया।
Saanvi के चेहरे पर हैरानी थी।
लेकिन तभी Aman ने अगला पन्ना पलटा।
उसके चेहरे का रंग बदल गया।
Aryveer ने पूछा—
“क्या हुआ?”
Aman ने फाइल बंद कर दी।
“क्योंकि Naina तुम्हारी तीसरी बहन होने के साथ-साथ…”
वह रुक गया।
“इस पूरी कहानी की सबसे खतरनाक कड़ी है।”
Saanvi ने डरते हुए पूछा—
“क्यों?”
Aman ने दरवाजे की तरफ देखा।
और उसी वक्त बाहर से एक आवाज आई—
“क्योंकि Naina अब Samar के साथ है।”
Saanvi का दिल जोर से धड़क उठा।
आवाज…
Samar की थी।
Aryveer ने तुरंत Saanvi को अपने पीछे किया।
और बाहर से Samar की हँसी गूँज उठी।
“Welcome to the real game.”
एपिसोड समाप्त।