सैलून से वापस आते समय अंजलि पूरे रास्ते चुप रही.
उसकी आंखों के सामने बार- बार वही चेहरा आ रहा था.
राहुल का चेहरा.
आज पहली बार उसने राहुल को बिना दाढी और मूंछ के देखा था.
और उस चेहरे ने उसकी सारी पुरानी यादें फिर से जिंदा कर दी थीं.
वह चेहरा जिसे अंजलि ने कभी अपने दिल में बसाया था.
वही आंखें.
वही मुस्कान.
वही आवाज.
वही चेहरा.
जिसे उसने कभी अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा माना था.
अंजलि की आंखों से आंसू निकल आए.
राहुल पीछे बैठा था.
उसने शीशे में अंजलि को देखा.
मैडम. आप फिर रो रही हैं?
अंजलि ने तुरंत अपने आंसू पोंछ लिए.
नहीं।
लेकिन मैंने देखा।
बस आंखों में पानी आ गया था।
राहुल हल्का- सा मुस्कुराया.
आप बहुत जल्दी भावुक हो जाती हैं।
अंजलि ने उसकी तरफ देखा.
उसके दिल में आया कि वह अभी कार रोक दे और राहुल से कह दे—
मैं अंजलि हूं. तुम्हारी अंजलि।
लेकिन उसके होंठों से कुछ नहीं निकला.
वह डर रही थी.
डर इस बात का नहीं था कि राहुल उसे स्वीकार करेगा या नहीं.
डर इस बात का था कि अगर उसने राहुल को अपने पुराने रिश्ते के बारे में बताया और राहुल ने उसे स्वीकार नहीं किया तो?
वह उसे दोबारा खोने की हिम्मत नहीं रखती थी.
इसलिए उसने चुप रहना बेहतर समझा.
घर पहुंचकर राहुल अपने कमरे में चला गया.
अंजलि वहीं खडी उसे देखती रही.
राहुल ने पीछे मुडकर पूछा,
मैडम, कुछ कहना है?
अंजलि कुछ पल उसे देखती रही.
फिर धीरे से बोली,
नहीं।
राहुल कमरे में चला गया.
दरवाजा बंद हुआ.
और उसी पल अंजलि की आंखों से आंसू बहने लगे.
वह अपने कमरे में गई.
अलमारी खोली.
उसने एक पुराना डिब्बा निकाला.
डिब्बे के अंदर राहुल की कई तस्वीरें थीं.
अंजलि ने एक तस्वीर बाहर निकाली.
तस्वीर में राहुल मुस्कुरा रहा था.
उसने तस्वीर को सामने रखा और फिर कुछ देर पहले देखे गए राहुल के चेहरे को याद किया.
दोनों बिल्कुल एक जैसे थे.
अंजलि के मुंह से अचानक निकला,
ये राहुल है!
उसका पूरा शरीर कांपने लगा.
वह फर्श पर बैठ गई.
तस्वीर को अपने सीने से लगा लिया.
मेरा राहुल.
उसकी आवाज टूट गई.
तुम सच में वापस आ गए।
वह रोते हुए हंसने लगी.
मैंने कहा था ना. मेरा दिल कभी नहीं मान सकता कि तुम मुझे छोडकर चले गए।
उसने तस्वीर को चूमा.
फिर उसकी आंखों से आंसू बहने लगे.
लेकिन तुम मुझे भूल गए राहुल।
अंजलि को वो दिन याद आने लगे जब वह और राहुल साथ हुआ करते थे.
राहुल उसका इंतजार करता था.
वह उसे स्कूल से लेने आता था.
दोनों घंटों बातें करते थे.
कभी छोटी- सी बात पर झगडते.
फिर कुछ देर बाद खुद ही एक- दूसरे से बात करने लगते.
एक दिन राहुल ने अंजलि से कहा था,
तुम मुझसे दूर मत जाना।
अंजलि ने हंसते हुए जवाब दिया था,
मैं कहीं नहीं जाऊंगी।
लेकिन जिंदगी ने दोनों को अलग कर दिया था.
अंजलि के पिता ने उनका रिश्ता स्वीकार नहीं किया.
राहुल को अंजलि से दूर कर दिया गया.
और फिर राहुल उसकी जिंदगी से गायब हो गया.
अंजलि ने उसे बहुत खोजा.
लेकिन उसे बताया गया कि राहुल अब इस दुनिया में नहीं है.
उसने राहुल को खो दिया था.
कम से कम वह यही मानती रही.
आज वही राहुल उसके सामने था.
जिंदा.
लेकिन उसकी यादों के बिना.
अगले दिन सुबह राहुल जल्दी उठ गया.
वह बाहर आया तो अंजलि पहले से वहां बैठी थी.
राहुल ने उसे देखा.
गुड मॉर्निंग, मैडम।
अंजलि ने मुस्कुराकर जवाब दिया,
गुड मॉर्निंग।
राहुल उसके पास बैठ गया.
कुछ पल दोनों चुप रहे.
फिर राहुल ने कहा,
कल से मेरे साथ कुछ अजीब हो रहा है।
अंजलि का दिल तेज धडकने लगा.
क्या?
जब मैं आपको देखता हूं तो ऐसा लगता है कि मैं आपको बहुत पहले से जानता हूं।
अंजलि की आंखें भर आईं.
शायद ऐसा इसलिए है क्योंकि.
वह रुक गई.
राहुल ने पूछा,
क्यों?
अंजलि ने बात बदल दी.
आपको नाश्ता करना चाहिए।
राहुल मुस्कुराया.
आप हमेशा मेरी बात बदल देती हैं।
अंजलि ने भी मुस्कुराने की कोशिश की.
आप भी बहुत सवाल करते हैं।
नाश्ते के बाद अंजलि राहुल के सामने बैठी.
वह उसे ध्यान से देख रही थी.
अब दाढी नहीं थी.
चेहरा साफ था.
और अब अंजलि को यकीन था कि उसके सामने वही इंसान है जिसे वह सालों से प्यार करती आई है.
लेकिन राहुल के लिए वह सिर्फ एक मदद करने वाली लडकी थी.
अंजलि ने धीरे से पूछा,
राहुल. अगर आपको कभी अपना अतीत याद आया तो?
तो?
तो क्या आप अपनी पुरानी जिंदगी में वापस जाना चाहेंगे?
राहुल कुछ देर सोचता रहा.
हां।
अंजलि की आंखें चमक उठीं.
अगर उस जिंदगी में कोई ऐसा इंसान हो जो आज भी आपका इंतजार कर रहा हो?
राहुल ने कहा,
तो मैं उससे जरूर मिलना चाहूंगा।
अंजलि ने नजरें झुका लीं.
उसके दिल में खुशी की लहर दौड गई.
वह मन ही मन बोली,
मैं ही तो हूं राहुल. मैं आज भी तुम्हारा इंतजार कर रही हूं।
शाम को अंजलि राहुल के लिए कुछ नए कपडे लेकर आई.
ये आपके लिए हैं।
राहुल ने कपडे देखे.
आप मेरे लिए इतना सब क्यों करती हैं?
अंजलि ने कहा,
क्योंकि मुझे अच्छा लगता है।
लेकिन मैं आपको वापस क्या दे सकता हूं?
अंजलि ने उसकी आंखों में देखते हुए कहा,
कुछ नहीं।
कुछ भी नहीं?
हां।
अंजलि मुस्कुराई.
बस आप खुश रहिए।
राहुल कुछ पल उसे देखता रहा.
उसके दिल में भी अंजलि के लिए एक सम्मान पैदा होने लगा था.
लेकिन वह अभी उस भावना को प्यार का नाम नहीं दे सकता था.
रात में अंजलि फिर राहुल की तस्वीर लेकर बैठी.
उसने तस्वीर के सामने कहा,
तुम्हें याद नहीं है राहुल. लेकिन मुझे सब याद है।
उसकी आवाज में दर्द था.
मैं तुम्हें देखकर टूट जाती हूं।
क्योंकि तुम मेरे सामने हो. फिर भी मेरे नहीं हो।
उसने आंसू पोंछे.
लेकिन इस बार मैं तुम्हें अकेला नहीं छोडूंगी।
मैं तुम्हें तुम्हारी जिंदगी वापस दिलाऊंगी।
फिर उसने हल्की मुस्कान के साथ कहा,
और अगर तुम्हें अपनी जिंदगी याद नहीं आई.
वह कुछ पल चुप रही.
तो मैं तुम्हारे साथ एक नई जिंदगी शुरू करूंगी।
अंजलि ने तस्वीर वापस डिब्बे में रख दी.
उसे पता था कि राहुल को उसके पुराने प्यार के बारे में अभी कुछ नहीं पता.
लेकिन वह इंतजार करने के लिए तैयार थी.
क्योंकि उसने राहुल को एक बार खोया था.
अब दूसरी बार खोना उसके लिए संभव नहीं था.
उधर राहुल अपने कमरे में सोने की कोशिश कर रहा था.
उसने आंखें बंद कीं.
और उसके मन में फिर वही लडकी आई.
इस बार आवाज थोडी साफ थी.
राहुल. मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी।
राहुल ने आंखें खोल दीं.
उसने अपने सीने पर हाथ रखा.
दिल बहुत तेजी से धडक रहा था.
वह खुद से बोला,
ये आवाज किसकी है?
उसे जवाब नहीं मिला.
लेकिन उसके दिल में एक अजीब- सी गर्माहट थी.
और दूसरी तरफ.
अंजलि के दिल में सिर्फ एक ही बात थी—
मेरा राहुल जिंदा है. बस उसे अभी ये याद नहीं कि मैं उसकी अंजलि हूं।
अब अंजलि के सामने सिर्फ एक ही रास्ता था—
राहुल की जिंदगी में दोबारा अपनी जगह बनाना.