Her Silent Secret - 32 Sonam Brijwasi द्वारा महिला विशेष में हिंदी पीडीएफ

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Her Silent Secret - 32

संयोगिता की आँखें फैल गईं। उसने "वर्षा" के चेहरे को गौर से देखा। अब उसे समझ आया कि क्यों वर्षा का व्यवहार इतना बदला-बदला था। क्यों वह ईर्ष्यालु थी, और क्यों उसने संयोगिता को इस सुनसान जगह पर लाकर खड़ा किया था।

संयोगिता (ठंडी आवाज में) बोली - 
असली वर्षा भाभी कहाँ हैं?

वर्षा" हँसी। लेकिन यह हँसी वर्षा जैसी नहीं थी। यह एक ऐसी हँसी थी जिसमें नफरत और बदले की आग थी।

"वर्षा" बोली - 
ओह! तो तुम पहचान गईं कि मैं वर्षा नहीं हूँ। हाँ, मैं वर्षा नहीं हूँ। मैं महक हूँ। राहुल की पत्नी।

संयोगिता का दिल जोर से धड़का। राहुल की पत्नी? तो राहुल शादीशुदा था?

महक आगे बोली, उसकी आवाज़ में जहर था - 
मैंने वर्षा की प्लास्टिक सर्जरी कराई है। महीनों की मेहनत की है। असली वर्षा को हमने बंधक बना रखा है। और हाँ... वर्षा सच में प्रेग्नेंट है।

संयोगिता के पैरों तले जमीन निकल गई।

महक ने आगे बढ़कर कहा - 
अगर तुमने चौहान हवेली में अपनी जगह बनाई, अगर तुमने विराट को अपना बनाया, तो वर्षा की लाश मिलेगी तुम्हें। उसका और उसके होने वाले बच्चे का कत्ल... तुम्हारे नाम।

संयोगिता ने अपने आप को संभाला। उसकी आँखों में वही खतरनाक शांति लौट आई।

संयोगिता बोली- 
तो तुम चाहती हो कि मैं विराट से दूर रहूँ? विवान से दूर रहूँ?

महक बोली - 
हाँ! तुम बस एक नौकरानी की तरह रहो। विवान की देखभाल करो, लेकिन विराट के करीब मत आना। और अगर तुमने किसी को बताया, या पुलिस को बुलाया... तो वर्षा मर जाएगी।

उसने इशारा किया और बाइक सवार लोगों ने संयोगिता को घेर लिया।

महक बोली- 
अब बताओ, क्या तुम तैयार हो इस सौदे के लिए?

संयोगिता ने चारों तरफ देखा। वह अकेली थी। लेकिन उसके दिमाग में एक योजना बन रही थी।

संयोगिता (मन में) बोली- 
अगर मैंने हाँ कहा, तो विवान सुरक्षित रहेगा। लेकिन अगर मैंने ना कहा, तो वर्षा और उसका बच्चा मर जाएगा। और पूरा दोष मेरे सिर मढ़ दिया जाएगा।

लेकिन संयोगिता एक साइको किलर थी। उसने कभी हार नहीं मानी थी। संयोगिता ने गहरी सांस ली और मुस्कुराई।

संयोगिता बोली- 
ठीक है महक। मैं मान गई। मैं विराट से दूर रहूंगी। बस वर्षा को कुछ मत कहना।

महक की आँखों में जीत की चमक आ गई।

महक बोली - 
बहुत अच्छे। अब वापस चलते हैं। और याद रखना... हर पल नजर रखी जाएगी तुम पर।

लेकिन महक को नहीं पता था कि संयोगिता ने अपनी जेब में छिपाकर अपना फोन ऑन कर लिया था। 

और उसने एक इमरजेंसी मैसेज विराट को भेज दिया था -
**जंगल। हाईवे। वर्षा फेक। महक। बंधक। आओ।**

संयोगिता जानती थी कि विराट यह मैसेज देखते ही समझ जाएगा। और वह मदद लेकर आएगा। लेकिन तब तक... उसे महक और उसके आदमियों के साथ खेलना होगा। कार स्टार्ट हुई। महक ड्राइवर की सीट पर बैठी। संयोगिता पीछे। और चारों तरफ बाइक सवार। संयोगिता ने खिड़की से बाहर देखा। अंधेरा था। लेकिन उसकी आँखों में एक चमक थी।

संयोगिता (मन में) बोली- 
महक, तुमने राहुल की मौत का बदला लेना चाहा। लेकिन तुम नहीं जानतीं कि तुमने किससे पंगा लिया है।

कार आगे बढ़ी। लेकिन यह सफर महक के लिए आखिरी सफर साबित होने वाला था। विराट भी पहुँच चुका था। संयोगिता का इमरजेंसी मैसेज देखते ही वह अपनी गाड़ी लेकर उस हाईवे की तरफ निकल पड़ा था। लेकिन वह सीधा जंगल में नहीं गया। उसने दूर से ही महक और उसके आदमियों को देखा था। वह समझ गया था कि अगर वह सीधा सामने गया, तो महक वर्षा को मार सकती थी। इसलिए वह चुपके से पीछा कर रहा था। 

और संयोगिता? उसने कार में बैठते ही, जब महक का ध्यान बाइक सवारों पर था, चुपके से अपना फोन निकाला और विराट को वीडियो कॉल किया। विराट ने कॉल रिसीव किया। स्क्रीन पर संयोगिता का चेहरा था, लेकिन कैमरा थोड़ा घुमा हुआ था, जिससे पीछे बैठे सभी नकाबपोश लोग और महक दिख रहे थे।

संयोगिता ने बिना कुछ कहे, बस आँखों से इशारा किया—
*चुप रहो। पीछा करो।*

विराट ने सिर हिलाया। वह समझ गया। अब विराट अपनी कार को थोड़ी दूरी पर रखकर, पैदल जंगल के रास्ते उनकी गाड़ी का पीछा कर रहा था। उसके हाथ में एक छोटा सा पेपरवेट था जो उसने ऑफिस से उठा लिया था—सिर्फ आत्मरक्षा के लिए।

कार में, महक ड्राइव कर रही थी। संयोगिता पीछे की सीट पर बैठी थी, लेकिन उसका फोन अभी भी विराट से कनेक्ट था।
संयोगिता ने धीरे से फोन को अपनी जेब में रखा, लेकिन कैमरा अभी भी ऑन था। विराट अब सब कुछ देख और सुन सकता था। महक ने रियरव्यू मिरर में संयोगिता को देखा।

महक बोली- 
क्या देख रही हो? कुछ सोच रही हो?

संयोगिता ने सिर हिलाया।

संयोगिता बोली- 
नहीं... बस सोच रही थी कि वर्षा भाभी कितनी डरी हुई होंगी।

महक हँसी।

महक बोली- 
वह बहुत डरी हुई है। लेकिन अगर तुमने अपना वादा निभाया, तो वह सुरक्षित रहेगी। और उसका बच्चा भी।

संयोगिता ने कुछ नहीं कहा। लेकिन उसकी जेब में फोन के जरिए, विराट सब कुछ सुन रहा था।

विराट (मन में) बोला- 
तो यह महक है... राहुल की पत्नी। और वर्षा भाभी बंधक है। प्रेग्नेंट भी। मैं इस महक को नहीं छोड़ूंगा।

अचानक, कार एक सुनसान इलाके में पहुँची। महक ने कार रोकी।

महक बोली - 
यहीं उतरो।

संयोगिता कार से बाहर निकली। चारों तरफ अंधेरा था। बाइक सवार भी वहां आ गए थे। महक भी उतरी और संयोगिता के करीब आई।

महक बोली- 
सुनो... कल से तुम विराट से दूर रहोगी। कोई फिजिकल कॉन्टैक्ट नहीं। कोई प्यार भरी बात नहीं। बस विवान की देखभाल करोगी। समझी?

संयोगिता ने सिर हिलाया।

संयोगिता बोली - 
समझ गई।

महक मुस्कुराई।

महक बोली- 
बहुत अच्छे। अब वापस चलो। और याद रखना... हमारी नजरें तुम पर हैं।

लेकिन तभी, जंगल से एक आवाज़ आई।
*सर्र्र...*
जैसे कोई पेड़ों के बीच से गुजर रहा हो। महक चौंक गई। उसने इशारा किया और उसके आदमी उस दिशा में गए। लेकिन वहां कोई नहीं था। महक वापस संयोगिता की तरफ मुड़ी।

महक बोली- 
चलो। यहाँ ज्यादा देर नहीं रुकना।

वे वापस कार में बैठे। लेकिन संयोगिता की आँखों में एक चमक थी।

संयोगिता (मन में) बोली - 
विराट आ गए हैं। अब महक का खेल खत्म।

कार वापस शहर की तरफ बढ़ी। विराट अपनी गाड़ी में उनके पीछे-पीछे चल रहा था। उसने पुलिस को कॉल करने का सोचा, लेकिन फिर रुका।

विराट (मन में) बोला- 
अगर मैंने पुलिस को बुलाया, तो महक वर्षा को मार सकती है। पहले मुझे वर्षा को ढूंढना होगा।

उसने संयोगिता को एक मैसेज भेजा -
**मैं पीछे हूँ। वर्षा को ढूंढना होगा। प्लान बनाओ।**

संयोगिता ने मैसेज पढ़ा। 

उसने जवाब दिया -
**महक के घर पर नजर रखो। वह राहुल की पत्नी है। भाभी वहां होंगी।**

विराट ने सिर हिलाया। उसने अपनी गाड़ी का रुख बदला और महक के घर की तरफ निकल पड़ा। कार चौहान हवेली के पास पहुँची। महक ने संयोगिता को उतारा।

महक बोली- 
याद रखना... हर पल।

संयोगिता ने सिर हिलाया और कार से बाहर निकली। महक और उसके आदमी वहां से चले गए। संयोगिता हवेली के अंदर गई। वह सीधे अपने कमरे में गई और दरवाजा बंद किया। उसने फोन निकाला। 

विराट का मैसेज था -
**महक के घर पहुँच गया। कुछ हलचल है।**

संयोगिता ने जवाब दिया -
**सावधान रहना। मैं आ रही हूँ।**

लेकिन तभी, कमरे का दरवाजा खुला। काजल अंदर आई।

काजल बोली- 
भाभी! आप इतनी रात गए कहाँ थी? और वर्षा भाभी कहाँ हैं?

संयोगिता का दिल जोर से धड़का।

संयोगिता बोली - 
वो... वो थोड़ा अस्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने मायके जा रही हैं कुछ दिन के लिए।

काजल ने शक भरी नजरों से देखा।

काजल बोली - 
मायके? इतनी रात गए? और आप उनके साथ क्यों नहीं गईं?

संयोगिता ने जल्दी से बहाना बनाया।

संयोगिता बोली- 
उन्होंने कहा कि अकेले जाना है। मैंने कार दी है।

काजल कुछ कहने वाली थी, लेकिन तभी विराट का फोन आया।

विराट बोला- 
संयोगिता, मुझे तुमसे अभी मिलना है।

संयोगिता बोली- 
मैं आ रही हूँ।

उसने काजल को छोड़कर बाहर निकल गई। लेकिन काजल की आँखों में शक और गहरा हो गया था।

काजल (मन में) बोली- 
कुछ तो गड़बड़ है। और मैं यह पता लगाकर रहूंगी।

विराट महक के घर के बाहर खड़ा था। उसने संयोगिता को इशारा किया।

विराट बोला- 
अंदर तीन आदमी हैं। और एक कमरे में कोई बंधक है।

संयोगिता ने गहरी सांस ली।

संयोगिता बोली- 
वर्षा अंदर है। हमें उसे बचाना होगा।

विराट बोला- 
पुलिस को बुलाऊं?

संयोगिता बोली- 
नहीं। अगर पुलिस आई, तो महक वर्षा को मार सकती है। पहले हमें अंदर जाना होगा।

दोनों ने एक योजना बनाई। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि महक ने पहले ही अपने आदमियों को अलर्ट कर दिया था। और अब... शिकार और शिकारी आमने-सामने थे।