सार्थक— कोई बात नहीं प्रिया जी ...इसमें आपकी कोई गलती नहीं है कोई भी ये बात सुनता तो शायद ऐसी ही प्रतिक्रिया देता 😔 ये तो अच्छा था कि हरि जी को सब पता था 🥹 धन्यवाद हरि जी हमे समझने के लिए ☺️
(सार्थक और हरि की बात सुन कर प्रिया को अपनी गलती का आभास हुआ ...
अपना मन शांत करने के लिए प्रिया श्री के पास चली जाती है 🫠)
प्रिया के पास जाकर वो श्री से बोलती है—
प्रिया— श्री🥺
श्री— क्या हुआ बच्चा प्रिया आप रो क्यों रही है क्या हुआ बताओ हमें बच्चा 😐
प्रिया— श्री हमे माफ कर दीजिए 😭 (प्रिया अभी भी सदमे में थी उसे अपनी गलती का बहुत आभास था 😔... उसे लग रहा था कि आज उसने श्री के ऊपर सवाल खड़े कर दिए उससे बहुत बड़ी गलती हो गई वो श्री के सामने फूट फूट के रो रही थी)
(प्रिया की ऐसी हालत देख श्री का मन भारी हो गया )
श्री— प्रिया क्या हुआ माफी क्यों मांग रही हो हमसे बताओ बच्चा इतना क्यों रो रही हो आप ,🥺
प्रिया— श्री आज हमने बिना सोचे समझे आप पे और सार्थक जी के पवित्र चरित्र आप दोनों की पवित्र मित्रता पे हरि भैया के आगे सवाल खड़े कर दिए 😭 हमसे गलती हो गई श्री हमे माफ कर दीजिए 😭
श्री— क्या 😓 ... ऐसा ... ऐसा क्या हुआ जो आपने ऐसा कुछ सोचा 🥺
प्रिया— 🥺 मैने कुछ देर पहले सार्थक जी और उनके मित्र की बात सुन ली थी 😔 वो आपस में बात कर रहे थे मैने आधी अधूरी बात सुन के बहुत बुरी प्रतिक्रिया कर दी ..
श्री— 😓क्या बात कर रहे थे वे ...
प्रिया— श्री वे बोल रहे थे, कि सार्थक जी आपसे प्रेम करते है 😔 और उन्होंने आपकी खुशी के लिए प्रेम का त्याग कर दिया 🥺 और ये बात आपको भी पता है 😔 मुझे लगा कि हरि भैया ये बात नहीं जानते और आप हरि भैया को दोखा दे रही है सार्थक जी के साथ मिल कर 🥺😔
श्री— 🥺कोई बात नहीं प्रिया 😔 आप चिंता मत कीजिए , इसमें आपकी कोई गलती नहीं है , ये बात कोई भी सुनता तो यही प्रतिक्रिया देता 😓
प्रिया— 🥺 श्री आप और सार्थक जी कितने एक जैसे है ... उन्होंने भी अभी यही बात बोली 😔 आप मुझे माफ कर दीजिए 😓 मैने कैसे आपके लिए ऐसा सोच लिया 🥺 मैं अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाऊंगी 🥺
श्री— आप ऐसी बात मत कीजिए 😔 मैं आपकी बात समझ सकती हु ... प्रिया अपने अंदर कोई गिल्ट मत रखिए आप 🙌🏻 हम आपको अच्छे से समझते है आपका इंटेंशन गलत नहीं था बच्चा 🙇🏻 आप अपनी जगह सही थी .. आधी अधूरी बात सुन कर किसी को भी गलतफहमी हो सकती है 🥲 और मैं आपको माफ करती हु , क्यूंकि आपकी कोई गलती नहीं थी ☺️
(प्रिया श्री के गले लग जाती है ...)
प्रिया— मैं बहुत खुशनसीब हु जो मुझे आप जैसी इतनी प्यारी समझदार भाभी मिल रही है 😘 आप बहुत अच्छी है श्री 🥹
श्री— ☺️ जाइए अब तैयार तो हो जाइए .. सगाई का महूर्त शुरू होने वाला है .. 🙇🏻 अब हमारी ननद ऐसे रोती हुई दिखेगी तो अच्छा लगे का क्या ☺️
प्रिया— श्री .. 🥹 धन्यवाद मुझे समझने के लिए हमेशा मुझे इतना प्यार देने के लिए आप जैसी लड़की मेरे भाई की पत्नी बन रही है इसे ज्यादा कुछ अच्छा नहीं हो सकता ☺️
श्री— 😅 तैयार हो जाए अब हम 🫣
प्रिया— बिल्कुल प्यारी भाभी 😘🥰
श्री— 🙇🏻☺️
(प्रिया श्री से बात कर के शांत महसूस कर रही थी वो तैयार होने चली जाती है , और यहां श्री भी तैयार हो रही थी ..)
सगाई का महूर्त प्रारंभ हो चुका था ...
(सगाई से लेकर शादी तक सभी कार्यक्रम आश्रम में ही होने थे )
(हरि मंच पे खड़ा था .. श्री के इंतजार में 😋)
(और अब श्री तैयार हो कर मंच की तरफ आ रही थी प्रिया, सीता जी , गीता जी, तीनों श्री को पकड़ के ला रहे थे 🙂)
(और हमारे हरि जी तो श्री को देख कर नजर ही नहीं हता पा रहे थे श्री इतनी सुंदर लग रही थी 🥰)
(सार्थक की नजर भी श्री की और जाती है ... अनजाने में ही सार्थक की आंखों में आँसू आ गए थे ... प्रिया सार्थक के आँसू देख लेती है ... अब प्रिया के मन में एक सवाल खड़ा हो चुका था .. प्रिया सार्थक के पास आती है ... )
प्रिया— सार्थक जी हमे बात करनी है
सार्थक— जी बोलिए
प्रिया— यहां नहीं अकेले में
सार्थक— 🤨 ऐसी क्या बात है जो अकेले में करनी है ?
प्रिया— पहले मेरे साथ चलिये
सार्थक— ठीक है 🥲
(प्रिया और सार्थक सगाई वाली जगह से थोड़ी दूर पे आ कर बात कर रहे थे)
प्रिया— सार्थक जी.. मुझे बातों को घुमाना पसंद नहीं इसलिए साफ साफ बोलूंगी मैं 😐
सार्थक— 🙎🏻 बोलिए ..
प्रिया— आप श्री से आज भी प्यार करते है 🤨
सार्थक— इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता 🥲
प्रिया— क्यूँ नहीं पड़ता ... बताइए मुझे सीधे सीधे आप आज भी श्री से प्रेम करते है या नहीं
सार्थक— देखो इन सब का अब कोई मतलब नहीं है ,बेमतलब के ऐसी बात करके मेरा और अपना दोनों का दिमाग खराब मत करो
प्रिया— मेरा दिमाग तो ठीक ठाक ही है लेकिन आपके पास बिल्कुल दिमाग नहीं है 😤 बुद्धू है आप एक दम समझे
सार्थक— बहुत हो गया अब तुम्हारा मैं और बकवास नहीं सुन सकता ,और मैं तुमसे बेमतलब के बहस नहीं करना चाहता 😠 जो सोचना है सोचती रहो समझी 😤 मुझसे बात करने की कोई जरूरत नहीं है तुम्हे आई बड़ी 😠
प्रिया— क्यों डर लग रहा है कि हमे सच का पता चल जाएगा 😠 इसलिए नहीं बता रहे कुछ और बात घुमा रहे हो 😤 नहीं करनी बात मत करना बस ये बता दीजिए कि आप श्री से आज भी प्रेम करते है या नहीं 😔
सार्थक— प्रिया जी ... मैं इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहता मुझे मजबूर मत कीजिए 😑
क्या होगा अब आगे जानने के लिए बने रहे मेरी कहानी श्री में 🫶🏻