प्रिया ,अनिरुद्ध और सार्थक की बात सुन चुकी थी🥲 उसके पैरों तले जमीन खिसक गई )
(ये बात सुन के प्रिया की आंखों में अनकहा गुस्सा था उसे खुद नहीं पता था कि उसे गुस्सा क्यो आ रहा है )
सार्थक जैसे ही पीछे मूढ़ता है , उसे प्रिया दिखाई देती है ...
सार्थक मन में— कही प्रिया जी ने मेरी और अनिरुद्ध की बात तो नहीं सुन ली 😐 क्या बोलूं अब मैं?
प्रिया वहां से जाने को हुई .... सार्थक पीछे से उसे आवाज लगा के बोलता है — प्रिया जी ,
प्रिया उसे अनदेखा कर वहां से जा रही थी सार्थक उसके सामने आके खड़ा हो गया — प्रिया जी , क्या आपने मेरी और अनिरुद्ध की बात सुनी 😐
प्रिया— क्या फर्क पड़ता है मैने सुना या नहीं 😑 हटिए हमारे रास्ते से ...
सार्थक— मेरी बात सुनिए इन सब में श्री की कोई गलती नहीं है
प्रिया— सब सुन लिया मैने दुबारा बताने की जरूरत नहीं है लेकिन हमें भैया हरि को ये बात जरूर बतानी पड़ेगी 😑
सार्थक— 🥺नहीं नहीं प्रिया जी हाथ जोड़ता हु आपके आगे 🙏🏻 हरि जी से कुछ मत कहियेगा 🥺 इन सब में श्री की गलती नहीं है आप ऐसा नहीं कर सकती प्रिया जी और मैं उन दोनों के बीच नहीं आ रहा हु तो आप बेमतलब के दोनों के बीच गलतफहमी मत डालिए 😓
प्रिया— ओह त्याग की मूर्ति , बस बहुत हो गया आपका अब 😑 भैया को सच का पता होना चाहिए श्री जानती है कि आप उससे प्रेम करते है ... लेकिन मेरे भैया हरि को नहीं पता ये दोखा है उनके साथ
सार्थक— कैसा दोखा श्री मुझे बस अपना मित्र मानती है मुझे उनसे प्रेम हो गया इसमें मेरी या श्री की तो कोई गलती नहीं न प्यार तो किसी से भी हो सकता है ... लेकिन अब मैं जब दोनों के बीच आ ही नहीं रहा तो दोखा कहा से है ये 😤
प्रिया— मुझे ये सब ज्ञान मत दीजिए अपना ये ज्ञान और त्याग अपने पास रखिए भैया हरि को तो मैं बता के रहूंगी सार्थक जी 😑
सार्थक— कितनी बेदिल हो तुम क्या तुम्हे इस बात का आभास भी है कि अगर हरि जी को ये बात पता चली तो आने वाले भविष्य में श्री और हरि जी का रिश्ता साधारण नहीं रहेगा 😓
प्रिया— 🙎🏻 तो मैं क्या करूं इसमें ,श्री को भैया को पहले ही सच बता देना चाहिए था उन्होंने नहीं बताया ये उनकी गलती है 😑
सार्थक— कैसी बात कर रही है आप प्रिया जी आप ऐसा नहीं कर सकती
प्रिया— मैं ऐसा जरूर करूंगी 😤
(प्रिया वहां से हरि की तरफ भागती हुई आती है उसके पीछे सार्थक भी उसको रोकने की कोशिश कर रहा था )
प्रिया— भैया हरि 😑
सार्थक— नहीं प्रिया जी प्लीज़ मत कीजिए ऐसा 😓
प्रिया— भैया हमे आपसे जरूरी बात करनी है
हरि— क्या हुआ है आप दोनों फिर लड़ रहे है ऑफ हो, आज तो मत लड़ो कम से कम मेरी और श्री की सगाई है 🥰
प्रिया— पहले मेरी बात तो सुन लीजिए भैया उसके बाद तह करना कि आज ये सगाई होगी भी या नहीं 😑😤
सार्थक— प्रिया जी आप ये बहुत गलत कर रही है मत कीजिए ऐसा आप सत्य को जानेगी तो आपको बहुत पछतावा होगा इस गलती के लिए ...
हरि— प्रिया ये कैसी बात कर रही हो तुम 😑 आज कोई मजाक नहीं हमारी सगाई है और तुम अचानक ये बकवास कर रही हो क्या हो गया ऐसा 😤
प्रिया— क्या आप जानते है ....
सार्थक— प्रिया जी नहीं 😓
प्रिया— की सार्थक श्री से प्रेम करते है .... लेकिन ये त्याग की मूर्ति बने हुए है 😑 इन्होंने श्री के लिए जिन्हें ये अपनी सखी कहते है 😤 अंदर ही अंदर उनसे प्रेम करते है ... और ये बात इन्होंने श्री को भी बताई है लेकिन देखिए श्री ने आपको कुछ भी बताना जरूरी नहीं समझा इसका क्या मतलब समझा जाये कि श्री आपको दोखा दे रही है 😑😤
सार्थक— नहीं नहीं हरि जी 🥺 इसमें श्री की कोई गलती नहीं विश्वास कीजिए मेरा 😭 श्री पवित्रता की मूर्ति है मेरी सबसे अच्छी मित्र है जब मुझे पता चला कि आप दोनों आपस में प्रेम करते है तभी मैने निर्णय ले लिया था कि अबसे मैं श्री को एक मित्र की दृष्टि से देखूंगा 😭🥺 मेरा विश्वास कीजिए हरि जी please 🥺🙏🏻
हरि— बस बहुत हुआ 😑
सार्थक— हरि जी हमारी बात तो सुनिए 🥺😓
हरि— मुझे कुछ नहीं सुनना क्यूंकि मैं पहले से सब जानता हु 😑 और प्रिया तुम्हे इतनी सी बात पे ये ड्रामा करने की जरूरत नहीं थी ...
प्रिया— इतनी सी बात ?? भैया क्या कहा आपने आप सब जानते है मतलब ??
हरि— हाँ मैं सब जानता हु 😑 सार्थक जी आपको माफी मांगने की या सफाई देने की कोई जरूरत नहीं है और सच कहूँ तो मैने आज तक आपके जैसा निस्वार्थ मित्र नहीं देखा 🥹 आपने जो मेरे और श्री के लिए किया उसके लिए मैं आपका शुक्रगुजार हु सार्थक जी मैं आपका एहसान कभी नहीं भूलूंगा🥹🙇🏻 नमन करता हु आपके जैसे मित्र को जो इतना सब होने के बाद भी श्री की चिंता कर रहे है आज के समय आपके जैसा मित्र मिलना सौभाग्य है सार्थक जी 🥹🙇🏻
सार्थक— हरि जी आपको ये सब कैसे पता चला 😓🥺
हरि— माफी चाहता हु सार्थक जी दरअसल मैने आपकी और गुरुदेव की बात सुन ली थी 🥹 तभी मुझे पता चला आप ने मेरे और श्री के लिए इतना बड़ा त्याग कर दिया और मित्रता को महत्व दिया अपने प्रेम का भाव भी नष्ट कर दिया 🥹😓 आप महान है मित्र सार्थक आप महान है 🙏🏻🙌🏻 आप मेरे लिए पूजनीय है सार्थक जी 🙌🏻
और प्रिया तुम आज तुमने न केवल सार्थक जी के लिए बल्कि श्री के पवित्र चरित्र पे भी सवाल खड़े कर दिए इन दोनों की मित्रता पाख साफ है और मैं इनकी मित्रता का प्रत्यक्ष साक्षी हु 😑 आज के बाद मेरी श्री या सार्थक जी के लिए ऐसी बात अपनी जुबान पे भी मत लाना नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा
प्रिया— भैया मुझे ये नहीं पता था कि .. सार्थक जी ने आप दोनों की खुशी के लिए त्याग किया मैने बस इतना सुना कि ये श्री से प्रेम करते है और श्री भी ये बात जानती है तो मुझे लगा वो आपको दोखा दे रही है इसलिए मैने ये सब बोल दिया था 🥺 सार्थक जी मुझे माफ कर दीजिए 😔
सार्थक— कोई बात नहीं प्रिया जी ... इसमें आपकी भी गलती नहीं थी ये बात कोई भी सुनता तो शायद ऐसी ही प्रतिक्रिया देता अच्छी बात ये रही कि हरि जी को सब पहले से पता था 🥹 धन्यवाद हरि जी हमे समझने के लिए ....
क्या होगा अब आगे जानने के लिए बने रहे मेरी कहानी श्री में 🫶🏻