आध्यात्मिक कथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Spiritual Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and...Read More


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श्री राम की पूरी जीवन कथा - भाग 1 By Banwari Lal

श्रीराम की पूरी जीवन-कथा भाग 1 — अयोध्या और राजा दशरथ की कथाजय श्रीराम बहुत समय पहले की बात है। सरयू नदी के पवित्र तट पर एक सुंदर और समृद्ध नगरी बसी हुई थी। उस नगरी का नाम था—अयोध्...

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भस्मोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

भस्मोपनिषद--यह उपनिषद के क्रम में 96 वें स्थान पर आया है।भस्मोपनिषद् एक लघु शैव उपनिषद् है, जिसमें भस्म (विभूति) की महिमा, उसके निर्माण-विधि, धारण-विधि, मन्त्र तथा आध्यात्मिक महत्त...

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गति स्वभाव है, लक्ष्य मन का भ्रम By Vedanta Life Agyat Agyani

Philosophy of Non-Finality / गति स्वभाव है, लक्ष्य मन का भ्रम वेदांत 2.0 — अंतिम स्वतंत्रता घोषणादेखो — पर मानना आवश्यक नहींजीवन, स्वतंत्रता और प्रत्यक्ष दर्शन का अदोगमैटिक दर्शन ल...

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श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा - भाग 11 By Banwari Lal

श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा भाग 11 — राधा-कृष्ण और वृंदावन की प्रेम-लीलाएँजय श्रीकृष्ण पिछले भाग में आपने जाना कि किस प्रकार श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों और पूरे ब्रज की रक्षा के लिए अप...

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रुद्राक्षोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

रुद्राक्षोषनिषद--यह उपनिषद के क्रम में 97वें स्थान पर आता है,रुद्राक्षोपनिषद् (रुद्राक्षजाबालोपनिषद्) अथर्ववेद से सम्बद्ध एक लघु उपनिषद् है, जिसमें रुद्राक्ष की उत्पत्ति, महत्त्व,...

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भक्ति की शक्ति By Vandna Sharma

कहानी भक्ति की शक्ति लेखिका डॉ वंदना शर्मा किसी शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार रहता था। दुलार चंद और उनकी धर्मपत्नी ललिता देवी का बड़ा सा घर था। खेती की जमीन भी काफी थी। बस एक ही दु...

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तारोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

(100) तारसारोपनिषद(100) तारसारोपनिषद-यह उपनिषद के क्रम में 100 वें स्थान पर आता है।सम्बन्ध: शुक्ल यजुर्वेदविषय: तारक-ब्रह्म, नारायण-मन्त्र, प्रणव और मोक्षमंगलाचरणयन्नारायणतारार्थसत...

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प्रतिक्रमन सूत्र - 3 By Ashish

🪷 अध्याय 20लोगस्स सूत्र — प्रत्येक गाथा का अर्थ एवं 24 तीर्थंकरों का आध्यात्मिक संदेश1. लोगस्स सूत्र का परिचयलोगस्स प्रतिक्रमण में पढ़ा जाने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण स्तवन है। इसमें...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 39 By Nitya Oswal

“प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं। मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं॥ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥” गहरे अर्थ की व्याख्या (भाषाई गहराई के साथ)यह पंक्ति भगवान श्रीराम के...

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गणपति उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

--(98)गणपति उपनिषद---यह उपनिषद के क्रम में 98 वेंस्थान पर आता है। गणपति उपनिषद्, जिसे सामान्यतः श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष या गणपति अथर्वशीर्ष कहा जाता है, गणपति को प्रत्यक्ष तत्त्व, आत्म...

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पन्चब्रह्मोनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष और ईशान—का निरूपण किय...

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शतं इन्नु शरदो अन्ति देवा By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋग्वेद सू्क्ति(55) की व्याख्या शतं इन्नु शरदो अन्ति देवाऋग्वेद --1/89/9भावार्थ--हे ईश्वर ! हम सौ वर्ष जिएँ। ऋग्वेद के इस मंत्र का पूरा पाठ इस प्रकार है—ऋग्वेद १.८९.९शतं इन्नु शरदो...

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पंचब्रह्मोषनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष और ईशान—का निरूपण किय...

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सत्य ही महत्वपूर्ण है। By Shivam Kumar Pandey

वचन, आज्ञाकारिता और एहसान से ऊपर सत्य लेखक: शिवम कुमार पाण्डेय© 2026 शिवम कुमार पाण्डेय1. पीपल के नीचे वचनबरगवाँ के बीचोंबीच एक पुराना पीपल था। उसी गाँव में माधव रहता था। बचपन से उ...

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स्वर्णिम राज्य का रहस्य - अध्याय 2 By Kahaniyon Ki lahar

"राजकुमारी नेत्र अपनी मां के कक्ष से निकलकर सीधे अपने पिता श्री के कक्ष में पहुंची।' जहां पर वेद ऋषि महाराज युद्ध बाण का उपचार कर रहे थे। महाराज अपने शाही पलंग पर लेट कर उन्हें...

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मिट्टी का दीपक By sachit karmi

मिट्टी का दीपकवर्धमानपुर नाम का एक छोटा-सा नगर था। नगर के बाहर एक पुराना जिनालय था। सुबह होते ही वहाँ घंटियों की मधुर ध्वनि सुनाई देती और लोग भगवान महावीर के दर्शन के लिए पहुँचते।...

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गरुड़ोंपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

---- : गरुड़ोपनिषद:---गरुड़ोपनिषद अथर्ववेद से संबद्ध वैष्णव उपनिषद् के रूप में सूचीबद्ध है। इसका मुख्य विषय विष-निवारण से संबंधित मंत्र हैं। वास्तविक सर्पदंश या विषाक्तता की स्थिति...

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श्री सौभाग्य लक्ष्मी उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

श्रीसौभाग्यलक्ष्म्युपनिषद् — सौभाग्योपनिषद् का प्रचलित पूर्ण नाम सौभाग्यलक्ष्म्युपनिषद् है। यह ऋग्वेदीय शाक्त उपनिषद् है और इसमें श्रीलक्ष्मी-विद्या, योग, समाधि तथा नवचक्रों का वर्...

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रावण की मृत्युशय्या By prem chand hembram

रावण की मृत्युशय्याज्ञान का अंतिम उपदेशलंका की धरती पर युद्ध की विभीषिका शांत हो चुकी थी।कुछ समय पहले तक जहाँ शंखनाद, धनुष की टंकार और योद्धाओं की गर्जना सुनाई दे रही थी, वहाँ अब ए...

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श्री सरस्वती रहस्योपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

श्रीसरस्वतीरहस्योपनिषद-- सरस्वती  रहस्य उपनिषद् को सामान्यतः कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् माना जाता है, न कि अथर्ववेद से। यह शाक्त उपनिषदों में गिना जाती है। १. शान्तिपा...

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मार्ग महानता का या, सहजता का? By yeash shah

          जीवन नश्वर है,हमारी चेतना प्राणमय प्रकृति है , जो सब में एक ही है। और वह ही हमारे जीवन की कुंजी है, और केंद्र है।                        पर हम बहारी विषयों में जीवन की प्...

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कलि संतरणोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

कलि-सन्तरण उपनिषद्--कलि-सन्तरण उपनिषद् अथर्ववेद से सम्बद्ध एक लघु उपनिषद् माना जाता है। इसमें कलियुग के दोषों से पार होने के उपाय के रूप में भगवान् के नाम-स्मरण का वर्णन है।१. प्रा...

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वह पुरानी घड़ी By Subhan Khan

वह पुरानी घड़ीशहर के एक पुराने मोहल्ले में सिया अपनी दादी के साथ रहती थी। उसके माता-पिता दूसरे शहर में नौकरी करते थे, इसलिए सिया को अपनी दादी के साथ ही रहना पड़ता था।दादी के पास एक...

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सत्य, शून्यता और काल By Vedanta Life Agyat Agyani

 सत्य, शून्यता और काल बुद्ध भिक्षापात्र लेकर खड़े होते हैं। उसका बाहरी अर्थ गरीबी या त्याग नहीं है। उसका संकेत अधिक गहरा है—“मेरा कुछ नहीं है, इसलिए मैं खाली हूँ।”लेकिन शायद मनुष्य...

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ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(17} की व्याख्या "ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्" यजुर्वेद --11/84 भावार्थ-- हे ईश्वर! हमें दिव्य ज्ञान प्रदान करें।वेदों में प्रमाण --“ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम्” — यजुर्वेद 11/8...

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राधिका पर चढ़ श्याम रंग By Anamika

भक्ति क्या है? आज हम बात करेंगे एक छोटी सी लड़की राधिका की, जिस पर श्री कृष्ण का रंग चढ़ जाता है। रंग चढ़ने का अर्थ है कि वो श्री कृष्ण की भक्ति करने लग जाती है। लेकिन कैसे?कहते है...

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कालू की पहाड़ी - 18 By RAAHULL SHARMA

त्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालूत्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालू के भीतर के राक्षस को मार दिया था। अब ज़मीन पर तड़प रहा वह जीव 'कालू' नहीं, बल्कि वही मासूम कल्याण सिं...

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ज्ञान का बोझ और शून्य By Vedanta Life Agyat Agyani

वही शून्य है।   ज्ञान का बोझ और शून्यमनुष्य बड़ा विचित्र प्राणी है।वह जीवन को जीने से ज्यादा,जीवन को समझने की कोशिश करता रहता है।   इसी आधार पर धार्मिक मोटिवेशन टिप्स सफलता के सूत्...

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मनोयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(16) की व्याख्या '"मनोयज्ञेन कल्पताम्"यजुर्वेद --11/84हे ईश्वर! हमारे मन को शुद्ध करें।हाँ, यह भावार्थ सुंदर है, पर एक छोटी सावधानी आवश्यक है।मूल मंत्रांश:मनो यज...

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Janmastami : Science By Ashish

बिल्कुल। जन्माष्टमी को केवल धार्मिक उत्सव मानने के बजाय अगर हम परंपरा + मनोविज्ञान + सामाजिक विज्ञान + स्वास्थ्य + प्रकृति के दृष्टिकोण से देखें, तो इसके पीछे कई रोचक बातें दिखाई द...

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विरोध नहीं, जागरण By Vedanta Life Agyat Agyani

 विरोध नहीं, जागरणकेवल बात करने से यदि सब कुछ संभव होता, तो यह संसार कब का स्वर्ग बन गया होता। समाज में सदियों से प्रवचन हैं, नियम हैं, कानून हैं, संस्थाएँ हैं, आंदोलन हैं, विरोध ह...

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कृष्ण और सुदामा की मित्रता By palak baisla

बहुत समय पहले की बात है। उज्जैन में गुरु सांदीपनि का आश्रम था। वहाँ दो बालक शिक्षा ग्रहण करते थे। एक था नंद का लाला कृष्ण और दूसरा था एक गरीब ब्राह्मण का पुत्र सुदामा। दोनों में गह...

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धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरण By Vedanta Life Agyat Agyani

  धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरणवेदांत 2.0 के परिप्रेक्ष्य में मन, अहंकार और विश्वास का अध्ययन अज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher & PhilosopherVedanta 2.0 ©(इंटरनेशनल विज्ञान और...

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वाग्यज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(15) की व्याख्याति"वाग्यज्ञेन कल्पताम्"अयजुर्वेद --11/84भावार्थ --हे ईश्वर! हमारी वाणी शुद्ध हो। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहित-- यहाँ एक महत्वपूर्ण बात पहले स्पष्ट कर दू...

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संकट मोचन हनुमान जी का चमत्कार By palak baisla

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव रामपुर में मोहन नाम का एक गरीब लड़का रहता था। मोहन बचपन से ही हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त था। उसके घर में कुछ नहीं था, लेकिन उसके दिल में हनुमान जी...

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श्री राम की पूरी जीवन कथा - भाग 1 By Banwari Lal

श्रीराम की पूरी जीवन-कथा भाग 1 — अयोध्या और राजा दशरथ की कथाजय श्रीराम बहुत समय पहले की बात है। सरयू नदी के पवित्र तट पर एक सुंदर और समृद्ध नगरी बसी हुई थी। उस नगरी का नाम था—अयोध्...

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भस्मोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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Philosophy of Non-Finality / गति स्वभाव है, लक्ष्य मन का भ्रम वेदांत 2.0 — अंतिम स्वतंत्रता घोषणादेखो — पर मानना आवश्यक नहींजीवन, स्वतंत्रता और प्रत्यक्ष दर्शन का अदोगमैटिक दर्शन ल...

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श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा - भाग 11 By Banwari Lal

श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा भाग 11 — राधा-कृष्ण और वृंदावन की प्रेम-लीलाएँजय श्रीकृष्ण पिछले भाग में आपने जाना कि किस प्रकार श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों और पूरे ब्रज की रक्षा के लिए अप...

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रुद्राक्षोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

रुद्राक्षोषनिषद--यह उपनिषद के क्रम में 97वें स्थान पर आता है,रुद्राक्षोपनिषद् (रुद्राक्षजाबालोपनिषद्) अथर्ववेद से सम्बद्ध एक लघु उपनिषद् है, जिसमें रुद्राक्ष की उत्पत्ति, महत्त्व,...

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भक्ति की शक्ति By Vandna Sharma

कहानी भक्ति की शक्ति लेखिका डॉ वंदना शर्मा किसी शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार रहता था। दुलार चंद और उनकी धर्मपत्नी ललिता देवी का बड़ा सा घर था। खेती की जमीन भी काफी थी। बस एक ही दु...

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तारोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

(100) तारसारोपनिषद(100) तारसारोपनिषद-यह उपनिषद के क्रम में 100 वें स्थान पर आता है।सम्बन्ध: शुक्ल यजुर्वेदविषय: तारक-ब्रह्म, नारायण-मन्त्र, प्रणव और मोक्षमंगलाचरणयन्नारायणतारार्थसत...

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प्रतिक्रमन सूत्र - 3 By Ashish

🪷 अध्याय 20लोगस्स सूत्र — प्रत्येक गाथा का अर्थ एवं 24 तीर्थंकरों का आध्यात्मिक संदेश1. लोगस्स सूत्र का परिचयलोगस्स प्रतिक्रमण में पढ़ा जाने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण स्तवन है। इसमें...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 39 By Nitya Oswal

“प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं। मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं॥ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥” गहरे अर्थ की व्याख्या (भाषाई गहराई के साथ)यह पंक्ति भगवान श्रीराम के...

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गणपति उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

--(98)गणपति उपनिषद---यह उपनिषद के क्रम में 98 वेंस्थान पर आता है। गणपति उपनिषद्, जिसे सामान्यतः श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष या गणपति अथर्वशीर्ष कहा जाता है, गणपति को प्रत्यक्ष तत्त्व, आत्म...

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पन्चब्रह्मोनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष और ईशान—का निरूपण किय...

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शतं इन्नु शरदो अन्ति देवा By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋग्वेद सू्क्ति(55) की व्याख्या शतं इन्नु शरदो अन्ति देवाऋग्वेद --1/89/9भावार्थ--हे ईश्वर ! हम सौ वर्ष जिएँ। ऋग्वेद के इस मंत्र का पूरा पाठ इस प्रकार है—ऋग्वेद १.८९.९शतं इन्नु शरदो...

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पंचब्रह्मोषनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष और ईशान—का निरूपण किय...

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सत्य ही महत्वपूर्ण है। By Shivam Kumar Pandey

वचन, आज्ञाकारिता और एहसान से ऊपर सत्य लेखक: शिवम कुमार पाण्डेय© 2026 शिवम कुमार पाण्डेय1. पीपल के नीचे वचनबरगवाँ के बीचोंबीच एक पुराना पीपल था। उसी गाँव में माधव रहता था। बचपन से उ...

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स्वर्णिम राज्य का रहस्य - अध्याय 2 By Kahaniyon Ki lahar

"राजकुमारी नेत्र अपनी मां के कक्ष से निकलकर सीधे अपने पिता श्री के कक्ष में पहुंची।' जहां पर वेद ऋषि महाराज युद्ध बाण का उपचार कर रहे थे। महाराज अपने शाही पलंग पर लेट कर उन्हें...

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मिट्टी का दीपक By sachit karmi

मिट्टी का दीपकवर्धमानपुर नाम का एक छोटा-सा नगर था। नगर के बाहर एक पुराना जिनालय था। सुबह होते ही वहाँ घंटियों की मधुर ध्वनि सुनाई देती और लोग भगवान महावीर के दर्शन के लिए पहुँचते।...

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गरुड़ोंपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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श्री सौभाग्य लक्ष्मी उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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रावण की मृत्युशय्या By prem chand hembram

रावण की मृत्युशय्याज्ञान का अंतिम उपदेशलंका की धरती पर युद्ध की विभीषिका शांत हो चुकी थी।कुछ समय पहले तक जहाँ शंखनाद, धनुष की टंकार और योद्धाओं की गर्जना सुनाई दे रही थी, वहाँ अब ए...

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श्री सरस्वती रहस्योपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

श्रीसरस्वतीरहस्योपनिषद-- सरस्वती  रहस्य उपनिषद् को सामान्यतः कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् माना जाता है, न कि अथर्ववेद से। यह शाक्त उपनिषदों में गिना जाती है। १. शान्तिपा...

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मार्ग महानता का या, सहजता का? By yeash shah

          जीवन नश्वर है,हमारी चेतना प्राणमय प्रकृति है , जो सब में एक ही है। और वह ही हमारे जीवन की कुंजी है, और केंद्र है।                        पर हम बहारी विषयों में जीवन की प्...

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कलि संतरणोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

कलि-सन्तरण उपनिषद्--कलि-सन्तरण उपनिषद् अथर्ववेद से सम्बद्ध एक लघु उपनिषद् माना जाता है। इसमें कलियुग के दोषों से पार होने के उपाय के रूप में भगवान् के नाम-स्मरण का वर्णन है।१. प्रा...

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वह पुरानी घड़ी By Subhan Khan

वह पुरानी घड़ीशहर के एक पुराने मोहल्ले में सिया अपनी दादी के साथ रहती थी। उसके माता-पिता दूसरे शहर में नौकरी करते थे, इसलिए सिया को अपनी दादी के साथ ही रहना पड़ता था।दादी के पास एक...

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सत्य, शून्यता और काल By Vedanta Life Agyat Agyani

 सत्य, शून्यता और काल बुद्ध भिक्षापात्र लेकर खड़े होते हैं। उसका बाहरी अर्थ गरीबी या त्याग नहीं है। उसका संकेत अधिक गहरा है—“मेरा कुछ नहीं है, इसलिए मैं खाली हूँ।”लेकिन शायद मनुष्य...

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ब्रह्मयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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राधिका पर चढ़ श्याम रंग By Anamika

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कालू की पहाड़ी - 18 By RAAHULL SHARMA

त्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालूत्रिशूल और गंगाजल के स्पर्श ने कालू के भीतर के राक्षस को मार दिया था। अब ज़मीन पर तड़प रहा वह जीव 'कालू' नहीं, बल्कि वही मासूम कल्याण सिं...

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ज्ञान का बोझ और शून्य By Vedanta Life Agyat Agyani

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मनोयज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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कृष्ण और सुदामा की मित्रता By palak baisla

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धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरण By Vedanta Life Agyat Agyani

  धर्म का स्वप्न और सत्य का जागरणवेदांत 2.0 के परिप्रेक्ष्य में मन, अहंकार और विश्वास का अध्ययन अज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher & PhilosopherVedanta 2.0 ©(इंटरनेशनल विज्ञान और...

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वाग्यज्ञेन कल्पताम् By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

यजुर्वेद सूक्ति(15) की व्याख्याति"वाग्यज्ञेन कल्पताम्"अयजुर्वेद --11/84भावार्थ --हे ईश्वर! हमारी वाणी शुद्ध हो। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहित-- यहाँ एक महत्वपूर्ण बात पहले स्पष्ट कर दू...

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संकट मोचन हनुमान जी का चमत्कार By palak baisla

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव रामपुर में मोहन नाम का एक गरीब लड़का रहता था। मोहन बचपन से ही हनुमान जी का बहुत बड़ा भक्त था। उसके घर में कुछ नहीं था, लेकिन उसके दिल में हनुमान जी...

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