हिंदी आध्यात्मिक कथा कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

राम- इतिहास के झरोखे से
द्वारा Alok Mishra

         मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम हमारी आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं । वे नर के रुप में नारायण है जो इस धरती पर पापों ...

मुंह खुला का खुला रह गया
द्वारा r k lal

मुंह खुला का खुला रह गयाआर 0 के0 लालदीप बहुत ही संस्कारी लड़का था। उसके पापा अदावल उसकी तारीफ करते नहीं थकते थे। मन ही मन गुनगुनाते रहते, “मेरा ...

उजाले की ओर - 19
द्वारा Pranava Bharti

  ------------------------ आ,स्नेही एवं प्रिय मित्रो सादर ,स्नेह नमस्कार                लीजिए आ गया एक और नया दिन  ...पता ही नहीं चलता कब सात दिन ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 5 - अंतिम भाग
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा5 आस्था के चरण से मथुरा प्रसाद शर्मा जी का यह वृतान्त पढ़कर हरवार मुझे लगता है-मैं अपने इस शरीर से पृथक हूँ। इसमें मैं उसी ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 4
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 4 शून्य जी द्वारा लिखित बाबा के इस चरित्र को पढकर द्रश्य जगत एवं अदृश्य जगत के बारे में बात मेरे मन में आने लगी। ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 3
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 3 बाबा कृषिकार्य में संलग्न रहे हों अथवा सेना में सेवा कररहे हों,अपने कर्तव्य के प्रति सदैव सजग रहे तथा दृढतापूर्वक उसको निवाहते रहे। अपने ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 2
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा 2 मुझे उस दिन की बात रह-रहकर याद आती है जिस दिन बाबा परमानान्द सिन्धी की दुकान पर बैठे थे। मैं अपने गाँव सालवई से ...

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा - 1
द्वारा रामगोपाल तिवारी (भावुक)

परमहंस मस्तराम गैारीशंकर बाबा   रामगोपाल भावुक   सम्पर्क- कमलेश्वर कोलोनी (डबरा) भवभूतिनगर जि0 ग्वालियर ;म0 प्र0 475110 मो0 9425715707, , 8770554097           मेरे परम ...

शताब्दी छात्रावास की यारी
द्वारा Neha Verma

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश पाकर मैं बहुत खुश थी अब बस तमन्ना थी कि हॉस्टल मिल जाए भगवान की कृपा से हमें हॉस्टल भी मिल गया हॉस्टल में एडमिशन ...

रामचरित मानस-तुलसीदास की जन्म- स्थली राजापुर गौडा क्यों
द्वारा ramgopal bhavuk

6 गोस्वामी तुलसीदास की जन्म- स्थली राजापुर गौडा ही क्यों?   रामगोपाल भावुक   कथाकार ए असफल और मैं दोनों ही मेरी कृति रत्नावली के संशोधित संसकरण के विमोचन ...

रामचरितमानस-रत्नावली का मानस
द्वारा ramgopal bhavuk

4 रत्नावली का मानस   रामगोपाल भावुक अस्थि चर्म मय देह मम, तामे ऐसी प्रीति। जो होती श्रीराम में, होत न तो भवभीति।। कर गह लाये नाथ तुम, बाजन ...

रामचरितमानस - मानस में व्यग्य
द्वारा ramgopal bhavuk

3 रामचरितमानस में व्यग्य       पाण्डव पत्नी द्रोपदी ने व्यंग्य बाण चलाकर अन्धे के अन्धे होते हैं, महाभारत के महाविनाशकारी युद्ध को जन्म दिया। मातेश्वरी रत्नावली के ...

रामचरितमानस-मानस के मुहावरे
द्वारा ramgopal bhavuk

रामचरितमानस-मानस के मुहावरे               2 मानस के मुहावरे       मुहावरे बात को बजनदार बनाकर श्रोता के हृदय को उदीप्त करते हैं। ...

रामचरितमानस-हिन्दी के विस्तार में मानस का योगदान
द्वारा ramgopal bhavuk

रामचरितमानस             1 हिन्दी के विस्तार में मानस का योगदान         निज भाषा उन्नति ऊहे सब उन्नति को मूल। बिन निज ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 8
द्वारा रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 8            दिनांक 7.11.12 को मैं पुनः चित्रकूट से लौट रहा था। महाराज जी सांय सात बजे फोन मिला, तिवाडी जी ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 7
द्वारा रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 7                     आप जब गुरुनिकेतन पहुँचेंगे, आमजन के लिये निर्मित सत्संग भवन के मुख्य द्वार के समक्ष साधना के सोपान लिखे ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 6
द्वारा रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 6                      एक यात्रा वृतांत              कोल्हापुर दक्षिण काशी कहलाती है। यहाँ के महालक्ष्मी मन्दिर के श्रीयंत्र की महिमा प्रसिद्ध है।               ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 5
द्वारा रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 5                        दिनांक 03-02-09 को महाराज जी ने यह प्रसंग सुनाया। अहमदाबाद में मेरे बड़े भ्राता जनार्दन स्वामी जी कपड़े की ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 4
द्वारा रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 4     महाराजजी कह रहे थे-मैं अनेकों बार वुटवल गया हूँ, यह नेपाल में है। उस कस्वे के तीन ओर पहाड़ियाँ ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 3
द्वारा रामगोपाल तिवारी

 परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 3     महाराजजी बोले- एक दिन मैं डॉक्टर के0 के0 शर्मा के यहाँ पहुँचा ही था कि अचानक मुझे दोनों आँखों ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 2
द्वारा रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 2 param pujy  swami  hariom tirth ji maharaj    स्वामी मामा                                               डबरा            स्वामीजी अकेले कवि ही नहीं वल्कि श्रेष्ठ ...

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज - 1
द्वारा रामगोपाल तिवारी

परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज 1   एक अजनबी जो अपना सा लगा                                                  परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज        .                                       ...

शिव क्या है
द्वारा Alok Mishra

शिव  क्या है ?                                            निराकारमोकडंरमूलं तुरीयं       ...

माता का चमत्कार
द्वारा आशा झा Sakhi

सृष्टि का आधार विश्वास है ,यदि आपको जगत जननी माँ  पर अटूट विश्वास है  तो वो आपका विश्वास कभी टूटने नहीं देती।  माँ  ,एक ऐसा शब्द है जो सृजनकर्ता ...

बुघ्घ वचन - ओशो वाणी
द्वारा Sonu dholiya

प्रवचनमाला-- मरौ है जोगी मरौ प्रवचन नं---1भाग----8...बुद्ध के पास एक आदमी आया। उसने कहा. जो नहीं कहा जा सकता, वही सुनने आया हूं। बुद्ध ने आंखें बंद कर लीं। बुद्ध ...

अजब प्यार की गजब कहानी (भाग-1)
द्वारा Kalpana Sahoo

       युग बदलगया है, पर आज भी लोग अन्धबिश्वास को मानते हैं । और कभी-कभी ये साबित भी हुआ है की जो काम scince नहीं कर पाती ...

सच्ची भक्ति
द्वारा Anil jaiswal

*गणेश चतुर्थी पर विशेषसिंधु देश की पल्ली नगरी में कल्याण नामक धनी व्यक्ति रहते थे। उनकी पत्नी थी इंदुमती। उनके विवाह को बहुत वर्ष बीत गए पर संतान का ...

और आत्माराम मिल गए......
द्वारा Meenakshi Dikshit

आप संज्ञा शून्य से हो जाते हैं, जब कोई अपना बहुत दूर चला जाता है, अनंत की यात्रा पर,जहाँ से वो इस रूप में कभी वापस नहीं आएगा. आप ...

पंचकन्या - भाग - 3
द्वारा saurabh dixit manas

#अहिल्या_तारा_द्रौपदी_कुन्ती_और_मंदोदरी,#पंचकन्या_महारत्ने_महापातक_नाशनम......अर्थात नित्यप्रति पंचकन्याओं का नाम स्मरण करने से महापाप का भी नाश हो जाता है।#अब_आगे_पढिये...... गौतम ऋषि के श्राप से अहिल्या पत्थर की शिला बनकर भगवान श्रीराम का आतिथ्य ...

संस्मरण..
द्वारा Manoj Sharma

संस्मरण.. प्रश्न : क्या सच में उस दिन मैंने भगवान पे उजाला कर दिया था ?? हमारे शहर ग्वालियर और गुना के बीच एक जिला और पड़ता है, जिसे ...

दशानन का शिव भवन
द्वारा Mahendra Sharma

शिवपुराण का एक प्रसंग हैदशानन जो रावण के नाम से प्रचलित हुआ, वह एक बहुत बड़ा वास्तु शास्त्री था और उतना ही बड़ा शिवभक्त भी था।शिवजीने खुद उसे सबसे ...

मीराबाई
द्वारा suraj sharma

     ऐसी लागी लगन, मीरा हो गयी मगन ।।वो तो गली गली हरी गुण गाने लगी ॥    महलों में पली, बन के जोगन चली ।मीरा रानी दीवानी ...