आध्यात्मिक कथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Spiritual Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and...Read More


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स्वामी रमते राम वचनामृत By ramgopal bhavuk

स्वामी रमते राम वचनामृत                                      रामगोपाल भावुक       यह संकलन अखंड रमतेराम आश्रम इंदरगढ जिला दतिया मध्य प्रदेश द्वारा किया गया है। यह कृति हमेशा गौरीशं...

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कुण्डिकोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

कुण्डिकोपनिषद--कुण्डिकोपनिषद् सामवेद की संन्यास-उपनिषदों में गिनी जाती है और इसमें 28 मन्त्र/श्लोक हैं। इसका मुख्य विषय संन्यास-विधि, वैराग्य, आत्मचिन्तन और आत्मा के अद्वैत स्वरूप...

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सावित्री उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

सावित्री उपनिषद -- सावित्री उपनिषद् सामवेद से सम्बद्ध लघु उपनिषद् है और उपलब्ध पाठ में मुख्यतः १५ मन्त्र/खंड हैं। इसका केंद्रीय विषय सावित्री-विद्या और गायत्री मन्त्र का दार्शनिक व...

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भगवान की खोज में भटकता मानव By Vedanta Life Agyat Agyani

 भगवान की खोज में भटकता मनवेदान्त 2.0 — अज्ञात अज्ञानीएक बहुत खतरनाक प्रश्न उठा दिया है।खतरनाक इसलिए नहीं कि इससे भगवान नाराज़ हो जाएँगे, बल्कि इसलिए कि अगर तुमने इसे सच में समझ लि...

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जन्म एक बार, अवतार अनेक बार By Vedanta Life Agyat Agyani

जन्म एक बार, अवतार अनेक बारवेदान्त 2.0 — 0 से 0 तक की यात्रालेखक: अज्ञात अज्ञानीप्रस्तावना — पहले अनुभव, फिर बोधतुम कहते हो, कुछ पाने की इच्छा छोड़ दो।मैं कहता हूँ—पहले पाने की इच्...

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श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा - भाग 21 By Banwari Lal

श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा भाग 21 — श्रीकृष्ण के जाने के बाद क्या बचा?जय श्रीकृष्ण श्रीकृष्ण की पृथ्वी पर लीला समाप्त हो चुकी थी।द्वारका का वैभव पीछे छूट चुका था। यादव वंश का भी अं...

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ज्ञान नहीं, दिशा यात्रा ही बोध है By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदान्त 2.0 — ज्ञान नहीं, दिशा; यात्रा ही बोध हैलेखक: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)1. ज्ञान दिया नहीं जाता, ज्ञान की दिशा दिखाई जाती हैदुनिया तुम्हें बिना परिवर्तन हुए ज्ञान दे दे,...

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आत्मोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

आत्मोपनिषद--आत्मोपनिषद् का सम्बन्ध अथर्ववेद से माना जाता है।आत्मोपनिषद का मुख्य विषय: आत्मा का स्वरूप, आत्मज्ञान, ब्रह्मज्ञान और मुक्तिमुख्य शिक्षा: मनुष्य का वास्तविक स्वरूप शरीर...

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आत्मा का पुनर्जन्म नहीं, चेतना-स्मृति का प्रवाह By Vedanta Life Agyat Agyani

पुनर्जन्म की पुनर्व्याख्याआत्मा का स्थानांतरण नहीं, चेतना-स्मृति और अस्तित्व का प्रवाहएक स्वतंत्र आधुनिक दार्शनिक प्रतिपादनअज्ञात अज्ञानी | वेदान्त 2.0प्रस्तावना : पुनर्जन्म कौन ले...

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पाशुपतोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

पाशुपतोपनिषद--यह उपनिषद अथर्ववेद से सम्बद्ध माना जाता है।यह मुख्यतः भगवान शिव के पाशुपत स्वरूप, शिव-तत्त्व और साधना से संबंधित है।पाशुपतब्रह्मोपनिषद् में ४६ मंत्र/श्लोक क्रमांकित ह...

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कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 8 By miss k

आगे के भाग में दृष्टि और दिपक अपने परिणाम का बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि कब आएगा उनके परीक्षा का परिणाम। आखिर कब उनके सब्र का अंत होने वाला ही है। दो दिन बाद उनका परिणा...

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अवधूतोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

अवधूतोपनिषद-- अवधूतोपनिषद् का मूल संस्कृत पाठ अपेक्षाकृत संक्षिप्त है और इसमें भगवान् दत्तात्रेय तथा सांकृति का संवाद है। उपलब्ध संस्कृत पाठ में ३२ क्रमांकित श्लोकों के साथ आरम्भ औ...

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सच लिखना क्या जुर्म है? By Std Maurya

सच लिखना क्या जुर्म है?​आज से कुछ दिन पहले, करीब 29 सितंबर 2026 को मैंने अपने कॉलेज के बारे में एक लेख लिखकर प्रकाशित करवाया था। जब वह लेख समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ और मैंने उसे...

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सीता की वापसी - अध्याय 1 By Prit Gawad

THE RETURN OF SITA - CHAPTER 1बहुत समय पहले त्रेतायुग में एक ऋषि ने माता सीता के सामने भविष्यवाणी की कि कलियुग में कालवक्र नाम की एक काली शक्ति जन्म लेगी जो पूरी पृथ्वी को अंधकार म...

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त्रिपुरोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

त्रिपुरोपनिषद---त्रिपुरोपनिषद् का उपलब्ध पाठ १६ मुख्य मन्त्रों में है। यह ऋग्वेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् के रूप में परम्परागत रूप से सूचीबद्ध है। ॥ श्रीत्रिपुरोपनिषत् ॥मंगलाचरणत्र...

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देवी उपपनिद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

देवी उपनिषद --देवी उपनिषद् (देव्युपनिषत् / देवी अथर्वशीर्ष) अथर्ववेदीय शाक्त उपनिषदों में प्रसिद्ध है। इसमें देवी को केवल किसी एक रूप की देवता न मानकर ब्रह्मस्वरूपिणी, प्रकृति, पुर...

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कठरुद्रोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

कठरुद्रोपनिषद कठरुद्रोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध संन्यास-उपनिषद् है। उपलब्ध पाठ में आरम्भिक ब्रह्मविद्या-उपदेश के बाद सन्यासी के आचार और अन्ततः आत्म-ब्रह्मज्ञान का विवेचन है।...

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भावनोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

भावनोपनिषद भावनोपनिषद् अथवा श्रीचक्रोपनिषद् अथर्ववेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् के रूप में उपलब्ध है।॥ भावनोपनिषद् ॥मंगलाचरणस्वाविद्यापदतत्कार्यं श्रीचक्रोपरि भासुरम् ।बिन्दुरूपशिवाक...

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रुद्रहृदयो उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

रुद्रहृदयोपनिषद--रुद्रहृदयोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है और उपलब्ध पाठ में 52 मन्त्र/श्लोक हैं।॥ रुद्रहृदयोपनिषत् ॥मंगलाचरणयद्ब्रह्म रुद्रहृदयमहाविद्याप्रकाशितम्...

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गुरु गुड़ ही रहा चेला चीनी हो गया By Vandna Sharma

अक्टूबर का महीना था। सुबह-शाम की हवा में हल्की ठंडक घुलने लगी थी। सूरज अभी-अभी क्षितिज के पार से झांका था और उसकी सुनहरी किरणें नदी के शांत जल पर तैर रही थीं।नदी के किनारे एक पेड़...

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योगकुण्डलिनी उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

योगकुण्डलिनी उपनिषद--योगकुण्डलिनी उपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध योग-उपनिषद् है। परम्परागत पाठ में इसके 3 अध्याय और लगभग 171 मंत्र/श्लोक माने जाते हैं। इसमें प्राण, चित्त, मिताह...

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श्री राम की पूरी जीवन कथा - भाग 2 By Banwari Lal

श्रीराम की पूरी जीवन-कथा भाग 2 — पुत्रेष्टि यज्ञ और श्रीराम के जन्म की अद्भुत कथाजय श्रीराम पिछले भाग में आपने जाना कि किस प्रकार अयोध्या के राजा दशरथ अपने वंश और राज्य के भविष्य क...

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बनने से मिटने तक By Vedanta Life Agyat Agyani

  बनने से मिटने तक जीवन का मूल क्या है? कुछ बनने में—या हर क्षण मिटकर फिर बनने में? प्रकृति रोज मिटती है और रोज नई बनती है।पेड़ पुराने पत्ते छोड़ता है।नदी हर क्षण बदलती है।शरीर हर...

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भस्मोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

भस्मोपनिषद--यह उपनिषद के क्रम में 96 वें स्थान पर आया है।भस्मोपनिषद् एक लघु शैव उपनिषद् है, जिसमें भस्म (विभूति) की महिमा, उसके निर्माण-विधि, धारण-विधि, मन्त्र तथा आध्यात्मिक महत्त...

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गति स्वभाव है, लक्ष्य मन का भ्रम By Vedanta Life Agyat Agyani

Philosophy of Non-Finality / गति स्वभाव है, लक्ष्य मन का भ्रम वेदांत 2.0 — अंतिम स्वतंत्रता घोषणादेखो — पर मानना आवश्यक नहींजीवन, स्वतंत्रता और प्रत्यक्ष दर्शन का अदोगमैटिक दर्शन ल...

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भक्ति की शक्ति By Vandna Sharma

कहानी भक्ति की शक्ति लेखिका डॉ वंदना शर्मा किसी शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार रहता था। दुलार चंद और उनकी धर्मपत्नी ललिता देवी का बड़ा सा घर था। खेती की जमीन भी काफी थी। बस एक ही दु...

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रुद्राक्षोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

रुद्राक्षोषनिषद--यह उपनिषद के क्रम में 97वें स्थान पर आता है,रुद्राक्षोपनिषद् (रुद्राक्षजाबालोपनिषद्) अथर्ववेद से सम्बद्ध एक लघु उपनिषद् है, जिसमें रुद्राक्ष की उत्पत्ति, महत्त्व,...

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तारोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

(100) तारसारोपनिषद(100) तारसारोपनिषद-यह उपनिषद के क्रम में 100 वें स्थान पर आता है।सम्बन्ध: शुक्ल यजुर्वेदविषय: तारक-ब्रह्म, नारायण-मन्त्र, प्रणव और मोक्षमंगलाचरणयन्नारायणतारार्थसत...

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प्रतिक्रमन सूत्र - 3 By Ashish

🪷 अध्याय 20लोगस्स सूत्र — प्रत्येक गाथा का अर्थ एवं 24 तीर्थंकरों का आध्यात्मिक संदेश1. लोगस्स सूत्र का परिचयलोगस्स प्रतिक्रमण में पढ़ा जाने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण स्तवन है। इसमें...

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गणपति उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

--(98)गणपति उपनिषद---यह उपनिषद के क्रम में 98 वेंस्थान पर आता है। गणपति उपनिषद्, जिसे सामान्यतः श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष या गणपति अथर्वशीर्ष कहा जाता है, गणपति को प्रत्यक्ष तत्त्व, आत्म...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 39 By Nitya Oswal

“प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं। मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं॥ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥” गहरे अर्थ की व्याख्या (भाषाई गहराई के साथ)यह पंक्ति भगवान श्रीराम के...

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पन्चब्रह्मोनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष और ईशान—का निरूपण किय...

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शतं इन्नु शरदो अन्ति देवा By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

ऋग्वेद सू्क्ति(55) की व्याख्या शतं इन्नु शरदो अन्ति देवाऋग्वेद --1/89/9भावार्थ--हे ईश्वर ! हम सौ वर्ष जिएँ। ऋग्वेद के इस मंत्र का पूरा पाठ इस प्रकार है—ऋग्वेद १.८९.९शतं इन्नु शरदो...

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स्वामी रमते राम वचनामृत By ramgopal bhavuk

स्वामी रमते राम वचनामृत                                      रामगोपाल भावुक       यह संकलन अखंड रमतेराम आश्रम इंदरगढ जिला दतिया मध्य प्रदेश द्वारा किया गया है। यह कृति हमेशा गौरीशं...

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कुण्डिकोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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सावित्री उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

सावित्री उपनिषद -- सावित्री उपनिषद् सामवेद से सम्बद्ध लघु उपनिषद् है और उपलब्ध पाठ में मुख्यतः १५ मन्त्र/खंड हैं। इसका केंद्रीय विषय सावित्री-विद्या और गायत्री मन्त्र का दार्शनिक व...

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भगवान की खोज में भटकता मानव By Vedanta Life Agyat Agyani

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श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा - भाग 21 By Banwari Lal

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ज्ञान नहीं, दिशा यात्रा ही बोध है By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदान्त 2.0 — ज्ञान नहीं, दिशा; यात्रा ही बोध हैलेखक: अज्ञात अज्ञानी (Agyat Agyani)1. ज्ञान दिया नहीं जाता, ज्ञान की दिशा दिखाई जाती हैदुनिया तुम्हें बिना परिवर्तन हुए ज्ञान दे दे,...

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आत्मा का पुनर्जन्म नहीं, चेतना-स्मृति का प्रवाह By Vedanta Life Agyat Agyani

पुनर्जन्म की पुनर्व्याख्याआत्मा का स्थानांतरण नहीं, चेतना-स्मृति और अस्तित्व का प्रवाहएक स्वतंत्र आधुनिक दार्शनिक प्रतिपादनअज्ञात अज्ञानी | वेदान्त 2.0प्रस्तावना : पुनर्जन्म कौन ले...

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अवधूतोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

अवधूतोपनिषद-- अवधूतोपनिषद् का मूल संस्कृत पाठ अपेक्षाकृत संक्षिप्त है और इसमें भगवान् दत्तात्रेय तथा सांकृति का संवाद है। उपलब्ध संस्कृत पाठ में ३२ क्रमांकित श्लोकों के साथ आरम्भ औ...

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सीता की वापसी - अध्याय 1 By Prit Gawad

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त्रिपुरोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

त्रिपुरोपनिषद---त्रिपुरोपनिषद् का उपलब्ध पाठ १६ मुख्य मन्त्रों में है। यह ऋग्वेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् के रूप में परम्परागत रूप से सूचीबद्ध है। ॥ श्रीत्रिपुरोपनिषत् ॥मंगलाचरणत्र...

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देवी उपनिषद --देवी उपनिषद् (देव्युपनिषत् / देवी अथर्वशीर्ष) अथर्ववेदीय शाक्त उपनिषदों में प्रसिद्ध है। इसमें देवी को केवल किसी एक रूप की देवता न मानकर ब्रह्मस्वरूपिणी, प्रकृति, पुर...

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कठरुद्रोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

कठरुद्रोपनिषद कठरुद्रोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध संन्यास-उपनिषद् है। उपलब्ध पाठ में आरम्भिक ब्रह्मविद्या-उपदेश के बाद सन्यासी के आचार और अन्ततः आत्म-ब्रह्मज्ञान का विवेचन है।...

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भावनोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

भावनोपनिषद भावनोपनिषद् अथवा श्रीचक्रोपनिषद् अथर्ववेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् के रूप में उपलब्ध है।॥ भावनोपनिषद् ॥मंगलाचरणस्वाविद्यापदतत्कार्यं श्रीचक्रोपरि भासुरम् ।बिन्दुरूपशिवाक...

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रुद्रहृदयो उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

रुद्रहृदयोपनिषद--रुद्रहृदयोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है और उपलब्ध पाठ में 52 मन्त्र/श्लोक हैं।॥ रुद्रहृदयोपनिषत् ॥मंगलाचरणयद्ब्रह्म रुद्रहृदयमहाविद्याप्रकाशितम्...

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गुरु गुड़ ही रहा चेला चीनी हो गया By Vandna Sharma

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योगकुण्डलिनी उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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श्री राम की पूरी जीवन कथा - भाग 2 By Banwari Lal

श्रीराम की पूरी जीवन-कथा भाग 2 — पुत्रेष्टि यज्ञ और श्रीराम के जन्म की अद्भुत कथाजय श्रीराम पिछले भाग में आपने जाना कि किस प्रकार अयोध्या के राजा दशरथ अपने वंश और राज्य के भविष्य क...

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बनने से मिटने तक By Vedanta Life Agyat Agyani

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गति स्वभाव है, लक्ष्य मन का भ्रम By Vedanta Life Agyat Agyani

Philosophy of Non-Finality / गति स्वभाव है, लक्ष्य मन का भ्रम वेदांत 2.0 — अंतिम स्वतंत्रता घोषणादेखो — पर मानना आवश्यक नहींजीवन, स्वतंत्रता और प्रत्यक्ष दर्शन का अदोगमैटिक दर्शन ल...

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रुद्राक्षोपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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गणपति उपनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

--(98)गणपति उपनिषद---यह उपनिषद के क्रम में 98 वेंस्थान पर आता है। गणपति उपनिषद्, जिसे सामान्यतः श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष या गणपति अथर्वशीर्ष कहा जाता है, गणपति को प्रत्यक्ष तत्त्व, आत्म...

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अमृत वाणी - संत वाणी - 39 By Nitya Oswal

“प्रभु भल कीन्ह मोहि सिख दीन्हीं। मरजादा पुनि तुम्हरी कीन्हीं॥ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी। सकल ताड़ना के अधिकारी॥” गहरे अर्थ की व्याख्या (भाषाई गहराई के साथ)यह पंक्ति भगवान श्रीराम के...

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पन्चब्रह्मोनिषद By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष और ईशान—का निरूपण किय...

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शतं इन्नु शरदो अन्ति देवा By GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

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