सफर में मिला हमसफ़र S Sinha द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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सफर में मिला हमसफ़र

                                                                   सफर में मिला हमसफ़र 

पियाली को सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट पकड़नी थी  . उसे कोलकाता स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाना था . फिर  सिंगापुर होते हुए सैन फ्रांसिस्को , अमेरिका जाना था  .  उसकी टैक्सी कोलकाता के ट्रैफिक जैम में फंसी थी . एक तो कोलकाता में जैम आम बात थी उस पर उस दिन एक पोलिटिकल पार्टी की रैली थी , करैला नीम चढ़ा वाली बात . घबराहट से उसे  पसीना छूट रहा था . खैर किसी तरह वह चेक इन के अंतिम क्षणों में  चेक इन काउंटर पर पहुंचने में कामयाब हुई . 

चेक इन ऑफिशियल ने कहा “ जल्दी करें , अपना पासपोर्ट और टिकट दें . “ 

चेक इन की औपचारिकता पूरी कर ऑफिशियल ने उसे बोर्डिंग पास देते हुए कहा “ हमलोग चेक इन बंद करने जा रहे थे . फ्लाइट फुल है , आप आखिरी पैसेंजर हैं . जल्दी से सिक्योरिटी करा कर बोर्डिंग गेट पर पहुंचे . “ 

सिक्योरिटी पर भीड़  देख कर वह झुंझला उठी और मन ही मन बोली ‘ लगता है आजकल हवाई सफर भी  बहुत सस्ता  हो गया है  . “ 

फिर उसने सिक्योरिटी अफसर से रिक्वेस्ट कर जल्दी से अपना सिक्योरिटी क्लीयरेंस लिया और बोर्डिंग गेट की ओर दौड़ पड़ी  . उधर एयरलाइन्स अनाउंस कर रहा था “ दिस इज लास्ट कॉल फॉर सिंगापुर एयरलाइन्स उड़ान संख्या SQ 517 की पैसेंजर पियाली सेन . तत्काल  बोर्डिंग गेट पर रिपोर्ट करें , विमान उड़ान के लिए तैयार है  . “ 

पियाली ने कुछ दूर से ऊपर हाथ में बोर्डिंग पास लहराते हुए कहा “ कमिंग , कमिंग  .. “  बहरहाल पियाली को प्लेन  में अपनी सीट पर बैठने के बाद ही चैन से साँस लेने का मौका मिला  . लगभग चार घंटे की फ्लाइट के बाद पियाली सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट पर थी  . 

पियाली की अगली फ्लाइट सिंगापुर में  करीब तीन घंटे के बाद अमेरिका की फ्लाइट  SQ 032 थी  . उसे टर्मिनल भी चेंज करना था  . सिक्योरिटी चेक के बाद उसने मॉनिटर पर अपना बोर्डिंग गेट नम्बर देखा और वह आराम से चहलकदमी करते हुए गेट के निकट ही एक कुर्सी पर बैठ गयी  . अभी भी उसके पास करीब दो घंटे थे  . उसने पास के स्टॉल से एक कप कॉफ़ी खरीदी फिर बैग से एक नावेल  निकाल कर पढ़ना शुरू किया  . उसकी कॉफ़ी तो कब की खत्म हो गयी थी और उसे वहीँ बैठे बैठे नींद आ गयी  . करीब एक घंटे बाद जब किसी का सामान उसके पैर से टकराया तब उसकी नींद खुली  . उसने देखा बोर्डिंग शुरू हो गया था  और लोग कतार में खड़े थे  . वह जल्दी से उठ कर वाशरूम गयी और फिर आ कर बोर्डिंग लाइन में सबसे पीछे खड़ी हो गयी  . 

प्लेन के अंदर जाने पर पियाली ने देखा कि उसकी विंडो सीट पर एक युवक पहले से ही बैठा था  . वह पियाली की उपस्थिति से बेखबर बाहर का नजारा देख रहा था  . जब पियाली ने कहा “ हे यू   “ तब उसका ध्यान टूटा  . पियाली ने कहा “ मिस्टर , आप मेरी सीट पर बैठे हैं  . “

“ सॉरी , मैं जानता हूँ , यह सीट मेरी नहीं है  . “ फिर कुछ पल उसे देखने के बाद वह बोला “ बस जब तक यह खाली थी मैं इस पर बैठ कर बाहर के दृश्यों का आनंद ले रहा था  . आइये आप अपनी सीट पर बैठें  . “   बोल कर  अपनी बड़ी बड़ी दाढ़ी खुजलाते हुए वह युवक पियाली की  विंडो सीट से उठ खड़ा हुआ 

पियाली अपनी सीट पर बैठ कर बाहर देखने लगी  . सच बाहर का नजारा दर्शनीय था  . आसमान में घने  श्याम श्वेत बादल छाए थे और हल्की बारिश हो रही थी  . बाहर ग्राउंड स्टाफ रेनकोट पहने अपना काम कर रहे थे  . इस बीच प्रति एक डेढ़ मिनट  बादलों को चीरता हुआ विशालकाय प्लेन या तो लैंड करता या टेक ऑफ करता  . पियाली ने महसूस किया कि वह युवक भी या तो इसी नजारे का आनंद ले रहा था या इसी बहाने वह अभी तक उसे देख रहा था  . 

तभी कप्तान ने अपना परिचय देते हुए अनाउंस किया कि सिंगापुर से सैन फ्रांसिस्को तक की उड़ान लगभग 15 घंटे की होगी   .  फिर एयर होस्टेस  ने सेफ्टी निर्देशों के बारे में डेमो की घोषणा कर दोनों का ध्यान खिड़की से अपनी तरफ मोड़ा  . इस  बीच प्लेन भी टैक्सी मोड में पीछे की तरफ चल कर रनवे पर आया और कंट्रोल टावर से  टेक ऑफ आर्डर की प्रतीक्षा में खड़ा था  . करीब 10 मिनट के बाद प्लेन ने टेक ऑफ किया और देखते देखते बादलों को चीरता हुआ नीले आकाश के नीचे अपने मार्ग पर उड़ान भरने लगा  . 

जब कुछ देर बाद एयर होस्टेस कुछ स्नैक्स ले कर आयी तब पहले पियाली ने अपना ट्रे टेबल खोला फिर उस युवक ने भी खोला  . जब होस्टेस ने पियाली से पूछा “ मैम , आप क्या पसंद करेंगी टी या कॉफ़ी ? “

“ कॉफ़ी विथ मिल्क एंड शुगर  . “ 

“ और सर , आप क्या पसंद करेंगे ? “ होस्टेस ने युवक से पूछा 

“ सेम , मिस वाली कॉफ़ी  . “  फिर उसने पियाली की तरफ देख कर कहा “ क्या हम पहले कभी मिल चुके हैं ? “

“ नेवर  . “  पियाली का संक्षिप्त उत्तर था 

दोनों  कॉफ़ी पीने के बाद अपने सामने के स्क्रीन पर इन फ्लाइट इंटरटेनमेंट देखने लगे  . करीब डेढ़ घंटे बाद एयरहोस्टेस फ़ूड ट्राली ले कर आयी  . दोनों को होस्टेस ने वेजिटेरियन फ़ूड ट्रे दिए और पहले पियाली पूछा “ ड्रिंक में आप क्या लेना पसंद करेंगी ? “ 

“ मैं डायट  कोला लूंगी  . “ 

सर , आप क्या ड्रिंक पसंद करेंगे ? “ होस्टेस ने युवक से पूछा 

“ मैं भी सेम , मिस वाली  . “ 

“ आप दोनों की पसंद काफी मिलती जुलती है  . “ बोलकर एयर होस्टेस मुस्कुराते हुए आगे निकल गयी 

इस बार पियाली ने युवक की तरफ देखा और युवक ने भी पियाली को देखा और वे दोनों भी मुस्कुरा पड़े  . तब तक एयर होस्टेस उनके लिए पेय ले कर आयी और पियाली से बोली “ यह रही  आपकी  ड्रिंक मिस सेन  . “  

‘  मिस सेन ‘ सुनकर युवक चौंका और बोला “ तुमियो सेन आमियो सेन   .  वाह क्या इत्तफ़ाक़ है ? हम दोनों के बीच बहुत कुछ कॉमन है  . “ 

“ क्या आप पहली बार अमेरिका जा रहे हैं ? “ पियाली ने पूछा 

“ बिल्कुल  नहीं , मैं वहीँ पैदा हुआ था  . मेरे पापा सैन फ्रांसिस्को में काम करते थे  . “ 

“ वाह , मैं भी कुछ वर्षों तक वहां रही हूँ  . “ 

उस समय बाहर का वातावरण खराब होने से टर्बुलेन्स था और  प्लेन कुछ हिचकोले खा रहा था  . पियाली  के कपड़ों  पर कुछ खाद्य पदार्थ गिर गया था , उसे बाथरूम जाना था  . बाहर वातावरण कुछ शांत हुआ तब उसने किनारे वाले पैसेंजर से कहा “ एक्सक्यूज़ मी , मुझे बाथरूम जाना है  . “ 

पियाली बाथरूम गयी  .  उसका फोन सीट पर ही रह गया था  . इस बीच उसके फोन पर किसी का व्हाट्सएप कॉल आया  . युवक का ध्यान पियाली के फोन पर गया  . उसने फोन तो नहीं उठाया पर कॉल के बाद लॉक स्क्रीन पर उसने अपने बचपन का फोटो एक लड़की के साथ देखा  . तब वह अचानक अतीत में खो गया  .  

वह सैन फ्रांसिस्को में रहता था  . उसके पापा   सैन फ्रांसिस्को के भारतीय वाणिज्य दूतावास में काम करते थे . वह  सैन फ्रांसिस्को के जिस एलिमेंट्री और मिडिल स्कूल में पढ़ता था यह लड़की भी उसके साथ ही थी  . उसने सोचा कि  यह तो पियाली सेन है  . उस समय पियाली बहुत मोटी थी  .  उसके मोटापे के चलते अक्सर वह ट्रॉल होती थी पर मैं हमेशा उसका बचाव करता था और उसके सपोर्ट में खड़ा रहता था   . पियाली देखने में सुंदर थी पर जरा मोटी    . अब तो यह बिल्कुल स्लिम होने से और भी सुंदर और स्मार्ट हो गयी है  . मिडिल स्कूल के बाद दोनों अलग अलग हो गए थे  .  पियाली किसी दूसरे हाई स्कूल में पढ़ने लगी थी  . उसके पापा का अपना बिजनेस था  . मेरे पापा का ट्रांसफर भारत के विदेश मंत्रालय में हो गया था  . 

कुछ देर बाद जब पियाली ने आकर कहा “ हेलो  मिस्टर , मुझे जाने के लिए रास्ता दीजिये प्लीज  . “ तब उसका ध्यान टूटा और उसने  “ ओह , सॉरी  . “ कहते हुए पियाली को अपनी सीट पर जाने के लिए उसने रास्ता दिया  . 

पियाली जब सीट पर बैठ गयी तब उसने कहा “ आपका एक व्हाट्सएप कॉल आया था  . “ 

“ आपने देखा क्या ? “ 

“ नो , पर कॉल के बाद स्क्रीन पर एक फोटो मैंने देखा  . उसमें एक लड़का आपके साथ था  . वह कौन था , आपका दोस्त या भाई ? “ 

“ वह  मिहिर सेन था  . हमदोनों  सैन फ्रांसिस्को के एलिमेंट्री और मिडिल स्कूल में एक साथ पढ़ा करते थे और अच्छे दोस्त थे  . “ 

“ अच्छा , तो आपका दोस्त  अभी कहाँ है ? “

“ वह इंडिया चला गया था  . कुछ दिनों तक संपर्क में था फिर संपर्क टूट गया  . अभी कहाँ है ,  मुझे ठीक से पता नहीं है  . “ 

तब युवक ने अपना बोर्डिंग पास पियाली को दिखाया जिस पर उसका नाम  अंग्रेजी में लिखा था - सेन , मिहिर 

पियाली लगभग चिल्ला उठी “ अरे मिहिर , तुमि ? “

“ हाँ , आमि मिहिर  . “  इसके बाद  दोनों ने बहुत देर तक हाथ मिलाये रखा था 

पियाली बोली “ तुम तो स्लिम हुआ करते थे  .  अब इतने मोटे हो गए हो और ये बड़ी बड़ी दाढ़ी और मूंछे , माय गॉड ! मैं तो तुम्हें पहचान नहीं सकी थी  . “ पियाली ने कहा 

“ और तुम  ठीक  मेरे विपरीत  . तुम मोटी से स्लिम हो गयी हो  . मुझे तुम्हें देख कर हल्का सा लगा था कि तुम पियाली हो सकती हो  . याद है इसलिए मैंने तुमसे शुरू में पूछा था कि क्या हम पहले मिल चुके हैं   . “

“ सॉरी यार , हमदोनों बहुत बदल चुके हैं  . एनीवे , इतने दिन कहाँ रहे और क्या किये ? “ 

मिहिर बोला “  मैंने वहीँ दिल्ली के IIT से कंप्यूटर साइंस कर कुछ साल तक एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहा था  . अब कंपनी ने मुझे सैन फ्रांसिस्को ऑफिस में ट्रांसफर कर दिया है  .और तुमने इतने दिनों तक क्या किया ? “ 

“ मैंने सैन फ्रांसिस्को से ही ग्रेजुएशन और MBA किया और वहीँ के एक कंपनी में काम कर रही हूँ  . एक रिश्तेदार के यहाँ शादी में कोलकाता गयी थी और अब वापस लौट रही हूँ  . मगर तुम कोलकाता क्यों गए थे ? “ 

“ कैसी बंगालिन हो ? एक बंगाली का कोलकाता से नाता कभी नहीं टूटता है  . मैं भी अपने दोस्त की शादी में वहां गया था  . “ 

पियाली बोली “ चलो अच्छा हुआ इतनी लम्बी फ्लाइट में दो दोस्त मिल गए  . अब सफर आसान हो जायेगा  . “ 

“ क्या तुम्हारी शादी हो चुकी है ?” 

“ नो , कोई जल्दी नहीं थी शादी की  . “  पियाली ने हँस कर कहा 

“ नाइस ,चाहो तो इस सफर के बाद हमदोनों हमसफ़र भी बन सकते हैं  . “ 

“ अभी भी मजाक अच्छा कर लेते हो  . “

“ मैं सीरियस हूँ  . पहले तुम्हें सिर्फ दोस्त की नजर से देखता था पर आज तुमसे मिलने के बाद दिल में कुछ कुछ होने लगा है  . मेरा ऑफर ओपन है , इट्स अपटू यू  . “

 पियाली ने शरमा कर कहा “ ओके , ऑफर  सोचने लायक है  . “ 

“ प्रॉपर  सैन फ्रांसिस्को में रहती हो या … ?”

“ नहीं , मैं बे एरिया , मिल्पिटस में रहती हूँ और तुम ? 

“ मैं भी बे एरिया में पर सैन होजे में रहता हूँ  .  “  मिहिर ने कहा 

“ गुड , हमारे बीच बहुत कुछ मैच करते हैं  . “ पियाली बोली 

“  एक्साक्ट्ली , इसीलिए मैंने कहा था कि  इस सफर के बाद हमसफ़र बन सकते हैं  .  फिर देर क्यों करनी है ?  चलो दोनों अगले वीक काउंटी ऑफिस में मैरिज लाइसेंस के लिए अप्लाई कर   देते हैं  . “ 

पियाली ने शर्मायी  नजरों से मिहिर को देखा और कहा “ इतनी जल्दी क्या है ? ‘

“ शुभ कार्य में देर अच्छा नहीं होता है  . है न ? “  मिहिर बोला 

पियाली ने सिर हिला कर अपनी सहमति बतायी और एक बार फिर शरमा के सिर झुका लिया  . 

 
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नोट - यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है