ऑफ्टर लव - 11 Mr Rishi द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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ऑफ्टर लव - 11

अर्जुन कपूर अमीषा को गहरी निगाहों से देखे ही जा रहा होता है।अमीषा भी अर्जुन को देख रही थी पर उसके चेहरे पर किसी भी तरह का भाव नही होता है। अर्जन बिना देर किए ही अमीषा के करीब बढ़ता है और उसे अपने बाहों में भरने की कोशिश करता है की तभी अमीषा अर्जुन के साइन पर हाथ रखते हुए उसे रोकते हुए कहती है"देखो अर्जुन मेरी शादी हो चुकी है और मैं तुम्हारी फीलिंग समझती हू और अगर मैं तुम्हारे साथ ये सब करने के लिए शायद तैयार भी हो जाती अगर मेरी शादी न हुई होती।"...




अर्जन अमीषा के इतना कहते ही उसे अपने बाहों में भर लेता है और गहरी सांस भरते हुए कहता है"देखो अमीषा तुम मुझे अच्छी तरह से जानती हो की मैं जो एक बार सोच लेता हु बस वो किसी भी कीमत पर हासिल कर के ही मानता हु और रही बात तुम्हारे हसबैंड की तो उसकी चिंता तुम मत करो बस एक बार आज की रात मेरे साथ गुजर लो "....




इतना कहता है और अमीषा के चेहरे पर से बाल को साइड करते हुए उसके गर्दन को चूमता है, अर्जन के ऐसा करते ही अमीषा अपनी आंखें बन्द कर लेती है और गहरी सांस भरती है।अर्जुन अमीषा के गर्दन पर चूमते हुए उसे अपने बाहों में पूरी तरह से जकड़ लेता है ,अमीषा भी अर्जुन को अपनी बाहों में कस कर थाम लेती है अर्जुन का एक हाथ अमीषा के कमर और दूसरा इसके गर्दन पर और फिर बिना ही रुके अर्जुन अमीषा को लिप्स किस करता है।





अर्जन अमीषा के होंठों को अपने होंठों से मिलाकर उसे पूरी तरफ से चूमने लगता है। अब उन दोनो की फीलिंग आसमा छू रही थी,काफी देर तक वो एक दूसरे को चूमते ही रहे तभी अंदर से किसी की आने की आहट सुनाई देती है।पर वो दोनो एक दुसरे में इतना खो चुके होते है की उन्हें पता ही नही चलता की कोई आ रहा है।





तभी वहा एक आदमी आता है जो की फोन पर बात कर रहा होता है,वो इधर उधर घूम कर कॉल पर किसी से बात कर रहा होता है।पर अर्जनऔर अमीषा को ये सब करते हुए वो देखता उससे पहले अर्जुन अमीषा को अपने साथ अपने कार में लेकर चला जाता है।





थोड़ी देर बाद वो आदमी भी वहा से वापस अंदर चला जाता है, अर्जन और अमीषा कार में एक दूसरे को बस लगातार चूमे ही का थे। अर्जन अमीषा के ड्रेस को उसके कंधे से नीचे के तरफ कर देता है ,और उसके सीने को चूमने लगता है।अमीषा भी अर्जुन के शर्ट के बटन खोलती है,और अर्जुन को अपने बाहों में भर का सहलाने लगती है।देखते ही देखते उन दोनो के बॉडी से सारे कपड़े उतार चुके होते है।



अर्जुन अमीषा के सीने को बेतहसा चूमने लगता है,अमीषा अर्जुन के पीठ को कस कर पकड़ लेती है उसी बीच अमीषा के बड़े नाखून से अर्जुन के पीठ छिला जाता है।पर अर्जून अमीषा में इतना खो चुका होता है की उसे इस का अहसास नही होता।




अर्जुन अब धीरे धीरे सीने को चूमते हुए अमीषा के पेट को चुने लगता है,और उसके नाभी में किस करता है। अब वो दोनो पूरी तरह से अल्टीमेट होने के लिए तैयार हो चुके होते है।अर्जुन की कार एक स्मार्ट कार होती ही अर्जुन अपने कार के सीट्स को डाउन करता है जिससे अंदर सीट्स बेड में कन्वर्ट हो जाते है।



फिर अर्जुन अमीषा को उस पर अच्छे से लेटाता है।और फिर अपने बॉडी पर के बचे हुए कपड़े भी उतार फेंकता है।और अमीषा के पैरों को सहलाते हुए उसे चूमता है,और धीरे धीरे उसके कमर की ओर बढ़ता है।और फिर उसके सीने को चूमता है।सीने को चूमते हुए अमीषा के बाकी के कपड़े भी अर्जुन उतार फेंकता है। अब वो दोनो पूरी तरह से बीना कपड़ो के हो चुके होते है।





अर्जुन जैसे ही अमीषा के साथ अल्टीमेट होता है,अमीषा की चीख निकल जाती है"आ,, आह,," और अर्जुन को कस कर पकड़ लेती है।और दर्द से चीख कर कहती है"ओह,, अर्जुन,,, दर्द हो रहा है।"अमीषा के ये कहते ही अर्जुन मुस्कुरा देता है।और कंटिन्यू करते हुए अमीषा के होंथों को चूमने लगता है,अमीषा को बहुत दर्द होता है क्युकी उस का ये फर्स्ट टाइम होता है।





अब दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है की अमीषा के आंसू निकलने शुरू हो जाते है।पर अर्जून उसे चीखने का मौका तक नहीं दे रहा होता है।अर्जुन अमीषा के होंठो को पूरी तरह से अपने होंठों से माला देता है जिससे अमीषा चीखना तो चाहती थी पर चीख नही पा रही थी।



अमीषा अर्जुन को अपने ऊपर से हटाते हुए कहती है"प्लीज रुक जाओ अर्जुन अब और नही सह पाऊंगी।"...अमीषा के इतना कहते ही अर्जुन रुक जाता है।अमीषा उठने की कोशिश करती है पर उसका कमर दर्द से फट रहा होता है।जिससे उसे उठने में दिक्कत हो रही होती है।और वो सीट पर ही बेतहाशा लेट जाती है।और अपने कमर को सहलाते हुए कहती है"आउच,,, ओह नो,,, अर्जुन बहुत दर्द हो रहा है मुझसे उठा भी नही जा रहा हैं।"




अर्जुन समझ जाता है,की अमीषा का ये फर्स्ट टाइम है,और उसके चेहरे पर एक डेविल स्माइल आ जाती है। वो अमीषा के कमर के निचले हिस्से को सहलाते हुए कहता है"I know की ये सब तुम्हारे लिए फर्स्ट टाइम और एक बात बोलूं कुछ दर्द खास होते है और ये भी उन्ही में से एक है,अभी तुम्हे दर्द होगा पर थोड़ी देर बाद जो सुकून मिलेगा सच में वो सुकून कभी नही मिल पाएगा।"




अमीषा अर्जुन की बातों को बस सुन रही होती है,दर्द के वजह से वो ठीक से नही बोल पा रही थी तो हल्के से कहती है,"अब हमसे चलना चाहिए वरना कोई देख न ले और कही मुझे सब अंदर खोज रहे होंगे।"...


अर्जुन अमीषा के चेहरे पर हाथ फेरते हुए कहता है"मैं समझ सकता हू पर अगर अभी मैने तुम्हे इस हालत में जाने दिया तो फिर बहुत बड़ी प्रोब्लम हो सकती है क्योंकि तुम अभी उस स्टेज पर नही पहुंची हो की अच्छे से चल पाओ बस थोड़ी देर और रुक जाओ मैं सब ठीक कर दूंगा बस मुझ पर भरोसा रखो !ओके?"...इतना कह कर अर्जुन अमीषा के साथ फिर से अल्टीमेट होता है।


To be continued...