प्यार का ज़हर - 67 Mehul Pasaya द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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प्यार का ज़हर - 67

दिव्या : अरे रुको राहुल राहुल.

प्रणाली : अरे क्या हुआ बेटा इतना जोर क्यू चिल्ला रहे हो.

राहुल : घर के काम करने वाले लोग कहा मर गए सब के सब.

नरेश : जी छोटे मलिक कहिये क्या हुआ आप गुस्सा क्यू हो रहे हो.

राहुल : काका घर मे आप सबके रहते हुए. दिव्या खाना बनाने कैसे गई. अब उसने उसका हाथ जला लिया अब बताओ ऐसा क्यू हुआ. तन्ख्वाह कम लग रही है. क्या आप सबको बताओ महिने की कितनी बढाऊ. तब जकर आप ढंग से काम करोगे.

नरेश : माफ करो छोटे मलिक पर छोटी माल्किन को हमने कोई भी काम नही दिया कभी भी. ना आज ना कल.

दिव्या : हा काकू सही बोल रहे है. आप गुस्सा मत होइये शान्त हो जाओ. भगवान के लिये. अब से मे कुच नही करूंगी जैसा आप कहोगे वैसा ही मे करूंगी लेकिन ऐस्व सबको डाटों मत चलो वापस रुम मे.

प्रणाली : हे भगवान राहुल तुम्हारे इस गुस्से से साफ साफ पता चल रहा है. की तुम इस लड्की के लिये बेहद पागल हो. लेकिन थोडा ठीक रहो बेटा वो तुम्हारे साथ ही रह्ती है 24 घंटे. और ये हाथ ना इसका इस घर मे तो नही जला है. बेटा अब तुम ही बताओ ये तुम्हरा हाथ कहा और कैसे जला.

दिव्या : मम्मी दरअसल वो ना मे कल अपनी दोस्त के घर गई तो वहा मे अपनी दोस्त की थोडी मदद कर रही थी. तो वहा जल गया हाथ.

राहुल : इनकी दोस्त को फ़ोन लगाया जाये जल्दी.

नरेश : जी मलिक.

राहुल : कौन पूनम बोल रहे हो क्या.

पूनम : जी हा हम पूनम ही बोल रही हू बोलिये फोन कैसे किया.

राहुल : मे राहुल बोल रहा हू. और मे ये पुछ रहा हू आप से की आपको आपकी दोस्त से काम करवाने की क्या जरूरत पड गई. कुच पता भी है क्या उसने हाथ जला लिया है.

पूनम : हमे माफ करे राहुल जी दरअसल मेने उसको बहुत मना किया लेकिन वो नही मानी और मेरि मदद करने आ गई. और हाथ जला लिया. हम इसके लिये फिर्से माफी मांगते है.

राहुल : ठीक है इस बार जाने देते है. आगे से ऐसा नही होना चाहिये. और हा आज के बाद आपकी दोस्त जो है वो आपके घर कभी नही आयेगी. ठीक है. बात खतम.

पूनम : अरे पर सुनो तो राहुल सूनो.

"एक तरफ राहुल गुस्सा हो कर चला गया था और फिर कुच देर मे" राहुल और दिव्या के बिच मे, एक तीसरा इन्सान आया और उसका नाम है, पुलकित और अब ये लड़का ही इन दो प्यार करने वालो की जुदाई का करन बनेंगे"

"अब जैसे तैसे दिव्या ने राहुल को मनाया की मे आगे से कुच नही करूंगी जिससे आपको तकलीफ हो" और ऐसे बिना बताये कही नही जाऊंगी ठीक है" और फिर क्या था राहुल मान गया और फिर जैसे ही ये प्यार का सिलसिला मिटा उतने मे" पुलकित आया" और कहने लगा की"

आगे जान्ने के लिए पढते रहे प्यार का ज़हर और जुडे रहे मेरे साथ