प्यार का ज़हर - 56 Mehul Pasaya द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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प्यार का ज़हर - 56

राहुल : महेर तुम्हारी पढाई कैसी चल रही है.

महेर : हा भैया सब अच्छी तरह से चल रहा है. पढाई करना और भी बहुत कुछ.

राहुल : तो फ़ीर ठीक है. चलो मे चलता हू सोने. अब तुम भी जाओ और सो जाओ ठीक है.

महेर : हा ठीक है. आओ भी जाओ और आराम करो.

《 कुच देर बाद... 》

रितेश : वैसे रिहान भाई तुम यही रहोगे या घर जाओगे.

रिहान : नही भाई अब रेहन सेहन का काम यही करना पडेगा.

रितेश : ठीक है फ़ीर जैसी तुम्हारी मर्ज़ी तुम्हे जैसा करना हो करो.

रिहान : वैसे भी मेरे पास देवेन्दर भाई है. ना फ़ीर क्या फिक्र है.

देवेन्दर : हा रिहान भाई सही बोल रहे है. मे इनके पास रहूंगा इनको थोडा वक़्त भी बित जायेगा एक दो घंटा और क्या वैसे भी आज तो रात मे भी कोई काम नही है.

रितेश : ठीक है फ़ीर मे चलता हू. सुबह मे आऊंगा ठीक है. शुभ रात्रि सबको. और कुच भी हो तो मुझे फ़ोन करना ठीक है. मे आ जाऊंगा.

रिहान : इसकी जरुरत नही पड़ेगी. हम सब कुच संभाल लेंगे. आप बे फिक्र होकर जाईये.

《 यादव विलास 》

सुमित : यार मम्मी मुझे भाई की बहुत फिक्र हो रही है. उसने खाना भी खाया होगा या नही.

गायत्री : फिक्र मत करो. वो जिसके पास वो है. उसको मेने बात की है. तो उसने बताया की सब हो गया खाना वाना. और वो अब सोने की तैयारी भी कर रहे है. ऐसा बताया है.

सुमित : ठीक है फ़ीर चलो मे भी सोने जा रहा हू. और आप भी सो जाना मम्मी जितना भी काम बच्चा था वो अब हो गया है.

गायत्री : हा बेटा बस अब ये थोडी लाईट बंद कर दू कुछ जगहो की फ़ीर सोने जा रही हू.

《 जोशी विलास 》

दिव्या : सुनो राहुल आप भी बोलो ना हमारी शादी के लिए. हम कब तक अलग अलग कमरे मे रहेंगे. मेरे घर से तो कोई है ही नही बस इसी घर से ही सब होगा जो भी बात करनी होगी. वो सब ऐसा तो है नही की पहले मेरे घर बात करेंगे फिर यहा बात करेंगे फ़ीर शादी होगी.

राहुल : शांत बाबा शांत मेने सारि बात कर ली है. मे तुम्हे बताने वाला था. लेकिन सोचा की कल बताऊंगा. लेकिन तुम्हे अभी ये बात बोल्दी. तो अभी सुनो. मेने मम्मी पप्पा से बात की है. और उन्होने ये कहा की ठीक है. अगले हप्ते मे शादी करवा देंगे.

दिव्या : ठीक है फ़ीर वैसे भी कोई सवाल उठायेगा ये हम बरदास्त कर सकते है. लेकिन परिवार नही बरदास्त कर पायेगा.

राहुल : सही बात है.

दिव्या : खैर कोई बात नही. अब अपनी शादी मे ज्यादा वक़्त नही लगना चाहिए.

राहुल : हा मेने बात की है. एक बार और याद दिला दूंगा उन सबको ठीक है.

दिव्या : हा लेकिन जल्दी.

राहुल : अरे इतना वक़्त इंतज़ार किया है. कुछ वक़्त और सही.

दिव्या : हा शादी तो आराम से होगी तो चलेगी लेकिन हो सही ना.

राहुल : हा हो जायेगा ठीक है.

《 कुच देर बाद... 》

सरस : अरे दादी क्या कर रहे हो यहा पे बैठे बैठे.

संतोष : हा बेटा बस बैठे है. सब अपने अपने काम मे लगे है. तो क्या कर सकते है.

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