Sirf Tumhara
Part 9
मीटिंग का दिन आ गया था। रुद्र सुबह से ही टेंशन में था। उसने ब्लैक शर्ट पहनी, बाल सेट किए और अंश को देखा जो तैयार होकर खड़ा था। अंश ने सिंपल व्हाइट शर्ट और जींस पहनी थी, लेकिन उसकी आँखों में चिंता साफ़ दिख रही थी।
"रुद्र, प्लीज सावधानी से," अंश ने कहा और रुद्र के गले में बाहें डाल दीं।
रुद्र ने उसे कसकर गले लगाया। "तुम मेरे साथ हो तो कुछ नहीं हो सकता।" उसने अंश के होंठों पर हल्का किस किया और फिर गहरे में चला गया। अंश की साँस अटक गई। "तुम्हें देखकर सारी टेंशन भूल जाता हूँ।"
दोनों नीचे आए। विहान और कबीर भी तैयार थे। पूरा ग्रुप एक साथ मीटिंग पॉइंट पर जाने वाला था। देव और अरमान पहले से वहाँ पहुँच चुके थे।
मीटिंग हॉल शहर के एक बड़े होटल में थी। अंदर पहुँचते ही माहौल तनावपूर्ण लग रहा था। सिंहानिया ग्रुप के लोग पहले से बैठे थे। रुद्र के पिता श्री प्रताप सिंह भी वहाँ थे।
मीटिंग शुरू हुई। सिंहानिया के हेड ने पुरानी फाइलें निकालीं और धमकी भरे लहजे में बोले, "आपकी कंपनी की कुछ गलतियाँ हैं। अगर डील नहीं हुई तो लीगल एक्शन लेंगे।"
रुद्र ने शांत लेकिन दृढ़ स्वर में जवाब दिया। देव ने बीच में कुछ पॉइंट्स उठाए जो मददगार साबित हुए। अरमान चुपचाप सब देख रहा था, लेकिन उसकी नज़र देव की सुरक्षा पर थी।
अंश बाहर वेटिंग एरिया में कबीर, विहान, अयान और रेयांश के साथ था। विहान ने कहा, "जीजू संभाल लेंगे। चिंता मत करो अंश।"
कबीर ने विहान को देखा। "तुम हमेशा अंश की चिंता करते हो। मेरी चिंता कभी नहीं की।"
"तुम्हारी चिंता करने की ज़रूरत नहीं। तुम तो ख़ुद को संभाल नहीं पाते," विहान ने तंज मारा। लेकिन दोनों के बीच की बहस अब पहले जैसी नहीं लग रही थी।
अयान ने रेयांश को पास खींचा। "हम लोग बाहर घूम आएँ?" रेयांश ने हाँ कहा। उनकी शांत मौजूदगी पूरे ग्रुप को सुकून दे रही थी।
मीटिंग के बाद रुद्र बाहर आया। उसका चेहरा थका हुआ था लेकिन जीत का भाव था। "पहला राउंड हमारा रहा। लेकिन अभी खत्म नहीं हुआ।"
अंश ने दौड़कर रुद्र को गले लगा लिया। "तुम ठीक हो ना?"
"अब ठीक हूँ," रुद्र ने उसे और कसकर पकड़ा।
शाम को सब रुद्र के फार्महाउस पर गए। वहाँ पार्टी जैसा माहौल बन गया। देव और अरमान भी आए। देव ने अरमान को पास बिठाया और उसके कान में कुछ कहा। अरमान मुस्कुराया — उनकी केमिस्ट्री अब ग्रुप को पसंद आने लगी थी।
रुद्र ने अंश को अलग ले जाकर छत पर बिठाया। सूरज ढल रहा था। रुद्र ने अंश को गोद में बिठाया। "आज तुम बहुत ब्रेव थे।"
"तुम्हारे लिए," अंश ने कहा।
रुद्र ने उसके बालों को सहलाते हुए कहा, "तीन साल हो गए। हर दिन तुमसे ज़्यादा प्यार होता है।" उसने अंश को चूम लिया। किस लंबा, गहरा और भावुक था। अंश ने रुद्र की गर्दन में हाथ डाल दिए। दोनों देर तक एक-दूसरे में खोए रहे।
नीचे ग्रुप में मस्ती चल रही थी। कबीर और विहान फिर बहस कर रहे थे। "तुम हमेशा मेरे खिलाफ क्यों?" कबीर ने पूछा।
"क्योंकि तुम अच्छे लगते हो जब गुस्सा करते हो," विहान ने अनजाने में कह दिया। फिर दोनों शर्मा गए।
अयान और रेयांश एक कोने में बैठे थे। रेयांश ने अयान के कंधे पर सिर रखा। "सब अच्छा हो रहा है ना?"
"हाँ, क्योंकि हम साथ हैं," अयान ने प्यार से कहा।
देव ने अरमान से कहा, "ये लोग अच्छे हैं। हमारा साथ सही है।"
रात को रुद्र ने अंश को होल्ड किया। "कल से नॉर्मल दिन फिर शुरू होंगे।"
लेकिन सुबह एक नया झटका आया। अंश के कॉलेज लॉकर में एक थ्रेट नोट था — "रुद्र की कमज़ोरी... बहुत जल्दी खत्म होगी।"
अंश डर गया। उसने रुद्र को बताया। रुद्र गुस्से से आग हो गया। "अब मैं चुप नहीं रहूँगा।"
देव ने फोन पर कहा, "मैं मदद करूँगा।"
ग्रुप अब और मजबूत हो चुका था। लेकिन तूफान अभी बाकी था।
रुद्र ने अंश को चूमते हुए कहा, "हम जीतेंगे।"
To Be Continued...
Thankyou 🥰