स्वागत है दोस्तों एपिसोड 7 में! पिछले एपिसोड में हमने देखा कि विक्रांत आन्या के प्यार में इस कदर पागल हो चुका है कि वह खिड़की से तब तक उसे देखता रहता है जब तक उसकी गाड़ी ओझल नहीं हो जाती। आन्या भी उसके इस खिंचाव को भूल नहीं पा रही है। अब देखते हैं कि रात के इस सुनसान रास्ते पर आन्या के साथ क्या होने वाला है... दिल थाम कर बैठिए!
एपिसोड 7: आधी रात का सन्नाटा और रहस्यमयी साया
रास्ता बिल्कुल सुनसान था और घने कोहरे की वजह से कुछ भी साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था। आन्या गाड़ी (Car) की खिड़की से बाहर देखते हुए बस विक्रांत की उन जलती हुई आँखों के बारे में सोच रही थी। तभी अचानक... ड्राइवर (Driver) ने पूरी ताकत से ब्रेक (Brakes) दबाया!
गाड़ी एक झटके के साथ चीखते हुए सड़क के बीचों-बीच रुक गई। आन्या का सिर अगली सीट (Seat) से टकराते-टकराते बचा।
"क्या हुआ, भैया? गाड़ी क्यों रोक दी?" आन्या ने घबराकर पूछा।
ड्राइवर (Driver) ने काँपती हुई आवाज़ में कहा, "मैम... सामने... सामने देखिए।"
आन्या ने जैसे ही सामने विंडस्क्रीन (Windscreen) के पार देखा, उसकी रीढ़ की हड्डी में एक ठंडी सिहरन दौड़ गई। सड़क के ठीक बीचों-बीच एक बहुत ही विशाल, डरावनी और रहस्यमयी परछाईं खड़ी थी। कोहरे के बीच से आन्या साफ़ देख सकती थी कि उस साये की आँखें अंधेरे में खून की तरह लाल चमक रही थीं। वह कोई इंसान नहीं था; उसकी बनावट किसी खूँखार भेड़िये जैसी थी!
"गाड़ी पीछे लो! भैया, प्लीज गाड़ी रिवर्स (Reverse) करो!" आन्या चिल्लाई।
ड्राइवर (Driver) ने काँपते हाथों से गियर (Gear) बदलने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले कि गाड़ी पीछे होती, वह भयानक साया पलक झपकते ही गायब हो गया। अगले ही पल, गाड़ी की छत पर एक ज़ोरदार धमाका हुआ, मानो किसी भारी चीज़ ने ऊपर छलांग लगाई हो! गाड़ी की छत अंदर की तरफ़ धंस गई। आन्या ने डर के मारे अपनी आँखें बंद कर लीं और चीख पड़ी।
तभी एक चमत्कार हुआ। अचानक दूर से एक और तेज़ हेडलाइट (Headlight) की रोशनी आई। एक जानी-पहचानी आलीशान कार (Car) बेहद तेज़ रफ़्तार में वहाँ आकर रुकी। दरवाज़ा खुला और उसमें से कोई और नहीं, बल्कि विक्रांत बाहर निकला। उसका चेहरा गुस्से से लाल था और उसकी आँखों में एक अजीब सा खूँखारपन था।
विक्रांत को देखते ही गाड़ी की छत पर मौजूद वह साया एक भयानक गुर्राहट के साथ जंगल की तरफ़ भाग गया।
विक्रांत ने दौड़कर आन्या की गाड़ी का दरवाज़ा खोला और आन्या को खींचकर सीधे अपने सीने से लगा लिया। विक्रांत का शरीर इस वक्त किसी भट्टी की तरह उबल रहा था और उसका दिल पागलखानों की तरह धड़क रहा था।
"तुम ठीक तो हो? तुम्हें कुछ हुआ तो नहीं?" विक्रांत की आवाज़ में एक अजीब सा डर और आन्या के लिए एक पागल कर देने वाली फिक्र थी। उसने आन्या के चेहरे को अपने दोनों हाथों में लिया, मानो वह यह यकीं करना चाहता हो कि उसकी आन्या सुरक्षित है। लेकिन आन्या हैरान थी... विक्रांत को कैसे पता चला कि वह यहाँ मुसीबत में है? और उसका शरीर अचानक इतना गर्म कैसे हो गया?
Ending Note:
दोस्तों, इस सुनसान सड़क पर आन्या पर हमला करने वाला वह रहस्यमयी साया आखिर कौन था? और विक्रांत ऐन वक़्त पर आन्या को बचाने वहाँ कैसे पहुँच गया? क्या विक्रांत के पास कोई ऐसी शक्ति है जिससे उसे आन्या के खतरे में होने का अहसास हो जाता है? क्या आन्या इस सच को जान पाएगी?
जानने के लिए पढ़ते रहिये: "द बिलियनयर वेयरवोल्फ्स ऑब्सेशन" (The Billionaire Werewolf's Obsession)
लेखक की बात:
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