The Billionaire Werewolf's Obsession - 2 Sipra Mohanty द्वारा फिक्शन कहानी में हिंदी पीडीएफ

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The Billionaire Werewolf's Obsession - 2

स्वागत है दोस्तों एपिसोड 2 में! पिछले एपिसोड में हमने देखा कि आन्या मिस्टीरियस अरबपति विक्रांत सहगल के केबिन के बाहर खड़ी है, जिसने बिना जाने उसका नाम पुकारा है। अब देखते हैं जब आन्या उस केबिन के अंदर कदम रखेगी, तो उसके साथ क्या अजीब होने वाला है... दिल थाम कर बैठिए!

​एपिसोड 2: केबिन का रहस्य

​"अंदर आओ, आन्या..."

​वह भारी और मर्दाना आवाज़ आन्या के कानों में गूँज उठी। आन्या का हाथ केबिन के ठंडे हैंडल पर ही काँप कर रह गया। उसने एक गहरी साँस ली, अपने डर को छुपाया और भारी दरवाज़े को धकेल कर केबिन के अंदर दाखिल हो गई।

​केबिन उम्मीद से कहीं ज़्यादा बड़ा और आलीशान था। चारों तरफ महँगे काले पत्थरों और शीशे की बड़ी-बड़ी दीवारें थीं, जिनसे बाहर का पूरा शहर दिखाई दे रहा था। कमरा इतना ठंडा था कि आन्या के बदन में एक सिहरन दौड़ गई। लेकिन कमरे के बीचों-बीच, एक विशाल लेदर की कुर्सी पर जो शख्स बैठा था, उसकी पीठ आन्या की तरफ थी।

​"सर... मैं आन्या। मुझे आपकी कंपनी से जॉब का लेटर मिला था..." आन्या ने अपनी हथेलीयों को आपस में रगड़ते हुए कहा। वह अपनी घबराहट को रोकने की पूरी कोशिश कर रही थी।

​जैसे ही आन्या ने अपना नाम लिया, वह विशाल कुर्सी धीरे से घूमी। सामने विक्रांत सहगल बैठा था।

​सफेद कड़क शर्ट, ब्लैक ब्लेज़र और चेहरे पर एक ऐसा रौब जिसे देखकर कोई भी डर जाए। उसकी मज़बूत कद-काठी और उसका बेहद हैंडसम और कड़क चेहरा किसी मॉडल जैसा था, लेकिन उसके चेहरे पर एक अजीब सा सन्नाटा था। वह जितना सख्त और डरावना लग रहा था, उतना ही आकर्षक भी था। उसकी चौड़ी छाती, घने काले बाल और चेहरे का वो कड़क अंदाज़ किसी को भी अपनी तरफ खींच ले। उसकी आँखें बेहद गहरी थीं, जिनमें एक अजीब सी चमक थी। जैसे ही उसकी नज़र आन्या पर पड़ी, विक्रांत की आँखों में कुछ पल के लिए एक अजीब सा बदलाव आया, जिसे आन्या समझ नहीं पाई।

​विक्रांत अपनी कुर्सी से खड़ा हुआ। वह बहुत लंबा था। वह बिना कुछ बोले, बेहद धीमी और शांत चाल से आन्या की तरफ बढ़ने लगा। उसके चलने का तरीका ऐसा था मानो कोई शिकारी बिना आवाज़ किए आगे बढ़ रहा हो।

​वह तब तक आगे बढ़ता रहा जब तक कि दोनों के बीच सिर्फ कुछ ही दूरी नहीं रह गई। आन्या को उसके शरीर से उठती हुई अजीब सी गर्माहट महसूस हो रही थी। हवा में अचानक वही जंगल वाली गीली मिट्टी और बारिश की खुशबू फैल गई, जो आन्या को अक्सर अपने सपनों में महसूस होती थी।

​"तुम्हारी क्वालिफिकेशन (Qualification) इस पोस्ट के लिए पूरी नहीं है, आन्या," विक्रांत ने अपनी गहरी आवाज़ में कहा। उसकी आँखें आन्या के चेहरे पर टिकी थीं।

​आन्या ने घबराकर अपनी आँखें उठाईं, "सर... अगर ऐसा है, तो मुझे यह जॉब ऑफर क्यों भेजा गया? मैंने तो कभी यहाँ अप्लाई भी नहीं किया था।"

​विक्रांत के होंठों पर एक रहस्यमयी, हल्की सी मुस्कान आ गई। वह आन्या के और करीब झुका। आन्या को ऐसा लगा जैसे विक्रांत उसे देख नहीं रहा, बल्कि कुछ महसूस करने की कोशिश कर रहा हो। विक्रांत ने बेहद धीमी आवाज़ में कहा, "सहगल इंडस्ट्रीज में कौन आएगा और कौन नहीं... यह सिर्फ मैं तय करता हूँ। और तुम्हारी हमें बहुत ज़रूरत है।"

​"ज़रूरत? पर किस काम के लिए सर?" आन्या ने थूक निगलते हुए पूछा।

​विक्रांत ने जवाब नहीं दिया। उसने टेबल पर रखा एक एग्रीमेंट पेपर (Agreement Paper) आन्या की तरफ बढ़ा दिया। "यह तुम्हारा कॉन्ट्रैक्ट (Contract) है। सैलरी (Salary) उतनी ही है जितनी तुम्हें ईमेल (Email) में मिली थी। लेकिन इसकी एक ही शर्त है... तुम अगले तीन साल तक यह जॉब (Job) छोड़ नहीं सकतीं। चाहे कुछ भी हो जाए।"

​आन्या ने काँपते हाथों से वह पेपर लिया। इतनी बड़ी रकम के सामने उसकी मजबूरी जीत गई। उसने बिना ज़्यादा सोचे पेन उठाया और साइन कर दिए।

​जैसे ही आन्या ने साइन किए, विक्रांत ने वह पेपर वापस ले लिया। उसके चेहरे पर एक अजीब सी जीत की चमक थी। उसने कहा, "कल सुबह ठीक आठ बजे तुम मेरे इसी केबिन में रिपोर्ट करोगी। देर मुझे पसंद नहीं है।"

​"जी सर," आन्या ने कहा और पीछे मुड़कर दरवाज़े की तरफ बढ़ने लगी। लेकिन जैसे ही उसने दरवाज़ा खोला और बाहर कदम रखने वाली थी, विक्रांत की आवाज़ फिर गूँजी।

​"आन्या..."

​आन्या ने पीछे मुड़कर देखा। विक्रांत अपनी बड़ी सी खिड़की के पास खड़ा था, जहाँ से बाहर घने बादल छा रहे थे।

​"अपना ध्यान रखना... आज रात बहुत तेज़ बारिश होने वाली है," विक्रांत ने खिड़की से बाहर देखते हुए कहा।

​आन्या हैरान रह गई। उसे अचानक अपने बचपन का वह सपना याद आ गया–जंगल की वही काली रात और तेज़ बारिश। वह बिना कुछ बोले तुरंत केबिन से बाहर निकल आई। उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि इस दफ्तर में आकर उसे इतनी अजीब सी बेचैनी क्यों हो रही है, और इस नए बॉस की आँखों में ऐसा क्या है जो उसका पीछा ही नहीं छोड़ रहा।

​​दोस्तों, आन्या ने बिना सोचे-समझे उस अजीब कॉन्ट्रैक्ट पर साइन तो कर दिए हैं! विक्रांत का बर्ताव बेहद रहस्यमयी है और वह आन्या के बारे में बहुत कुछ जानता है। क्या आन्या जान पाएगी कि इस नौकरी के पीछे विक्रांत का असली मकसद क्या है? क्यों विक्रांत ने उसे बारिश से बचने की सलाह दी?

जानने के लिए पढ़ते रहिये: "द बिलियनयर वेयरवोल्फ्स ऑब्सेशन"